वो हसीन शाम

प्रेषक : ओ पी झाकड़

हेल्लो दोस्तो ! मेरा नाम प्रकाश है। मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैं शादीशुदा आदमी हूँ। मेरी उमर ३० साल की हैं, २ बच्चे हैं। बच्चे होने के बाद से ही मेरी बीवी की सेक्स में दिलचस्पी कम हो गई थी, इस लिये मुझे बाहर लड़कियों से दोस्ती करनी पड़ी। २ साल पहले तक मेरा सिर्फ मेरी बीवी के साथ ही शारीरिक संबंध था लेकिन अब मेरी एक गर्लफ्रेंड भी बन गई है।

यह एक सच्ची कहानी है। इस कहानी को प्रकाशित करने की पीछे मेरा इरादा उन महिलाओं को सावधान करना हैं जो अपने पति को बच्चे होने के बाद वो सुख नहीं दी पाती और वो लोग अपने जरूरतों के लिये दूसरे रास्ते अपनाने को मजबूर हो जाते हैं। मैं भी उन्हीं में से एक हूँ।

एक बार मैं ६ बजे शाम को अपने ऑफिस से अपनी कार मैं घर आ रहा था, तभी एक लड़की ने मुझे लिफ्ट के लिए हाथ दिया। वो काफी सुंदर थी, ३४-२४-३४ उसका साइज़ होगा, कद भी पांच फ़ुट सात इंच होगा, काफी आकर्षक थी। मैं अपने आप को रोक नहीं सका और उसको लिफ्ट दे दी।

उसने अपना नाम पूजा बताया। वो भी गुड़गांव के एक कॉल सेण्टर में जॉब करती थी। बातों ही बातों में हम बहुत घुल मिल गए। ऐसा लगता था जैसे हमारी बहुत पुरानी दोस्ती हो ! उसने मुझे बताया कि उसका उसके पति से तलाक हो चुका हैं और वो अब अकेली ही रहती है। उसका एक बच्चा भी है जो बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता है।

मैंने उससे कहा- मेरा और उसका ऑफिस टाइम एक ही है तो क्यों न वो मेरे साथ ही मेरी कार में चला करे। बस में बहुत भीड़ होती है।

उसने भी मुझे हाँ कह दिया। अब हम दोनों एक साथ ही आने जाने लगे, कभी अगर मैं लेट होता तो उसको फ़ोन कर देता, वो लेट होती तो मुझे फ़ोन कर देती।

एक दिन बारिश हो रही थी, वो रास्ते में मेरा इन्तजार कर रही थी, वो पूरी भीगी हुई थी। जैसे ही मैंने उसको देखा- मुझे एकदम करंट सा लग गया। वो बहुत ही सुंदर लग रही थी और शायद उसने भी मेरी नजरों को समझ लिया। वो कार में आ गई। वो बहुत घबराई सी लग रही थी, मेरी भी हालत ख़राब होती जा रही थी मेरा मन कर रहा था कि उसको पकड़ कर जोरदार किस कर लूँ लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी। मैं चुपचाप कार चलाने लगा। १० मिनट तक हम चुपचाप बैठे रहे, फिर वो बोली- क्या बात है, आप इतने चुप क्यों हो आज?

मैंने कहा- ऐसा तो कुछ नहीं, सब ठीक है। आज आप कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही हो ! इसलिये मेरी बोलती बंद हो गई !

और वो भी हस पड़ी, बोली- अच्छा ! इसका मतलब मैं और दिन सेक्सी नहीं लगती ?

मैंने गाड़ी रोक दी और उसके हाथों को अपने हाथों में लेकर कहा- मैंने तुम्हारी जैसी सेक्सी लड़की कभी नहीं देखी !

उसकी सांसें बहुत तेज हो गई थी, वो एकदम मेरे से लिपट गई और किस करने लगी। मैंने भी रास्ते के बीच में ही उसको किस करना शुरू कर दिया। वो भी एकदम हॉट हो गई थी। तभी पीछे गाड़ियों का जाम लग गया और उनके हॉर्न की आवाज से हम दोनों एकदम अलग हो गए। मैंने गाड़ी साइड में लगा ली। बारिश और काले शीशे होने की वजह से किसी को दिखाई नहीं दे रहा था कि अंदर क्या हो रहा है।

हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे। मैंने उसको टॉप उतार दिया और उसके स्तन चूसने लगा। वो भी मस्त हो कर मुझे अपने वक्ष की तरफ़ दबाने लगी। मैंने सीट सपाट कर दी और वो उस पर लेट गई। मैंने उसकी जींस भी उतार दी, गुलाबी चड्डी भी उतार दी।

मैं भी बिलकुल नंगा हो गया और उसको चूमने लगा। तभी वो बोली- कंडोम हैं?

मैंने कहा- यार ! मैं गाडी में कंडोम सेल तो नहीं करता !

तो बोली- फिर कुछ नहीं करेंगे !

मैंने कहा- रुको ! मैं अभी खरीद कर लाता हूँ !

मैंने कपड़े पहने और थोड़ी दूर पर ही एक मेडिकल स्टोर था, मैं वहाँ से एक पैकेट कंडोम लेकर आया। मेरे कपड़े भी भीग गए थे और मैंने कपड़े उतारे और उसको फिर चूमने लगा। मैंने उसकी चूत में अपनी ऊँगली करनी शुरू कर दी। वो भी एकदम गीली हो गई और पूरा मजा देने लगी और बोली- प्लीज़ ! मुझसे रुका नहीं जा रहा ! आप अंदर डाल दो !

मैंने भी ज्यादा देर करना उचित नहीं समझा और कंडोम लगा कर अपना लोड़ा उसकी गरम गरम चूत के अंदर डाल दिया और उसको जमकर चोदने लगा। वो भी चूतड़ उठा उठा कर चुदने लगी।

लगभग २० मिनट तक चोदने कई बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए।

उस दिन के बाद हमने कई बार सेक्स किया। ओरल सेक्स भी किया। मैंने उसकी गांड भी मारी।

अब हम दोनों एक दूसरे की यौन-आकांशाओं को पूरा करते हैं और मस्त होकर अपनी जवानी का मजा ले रहे हैं।

यह एकदम सच्ची आपबीती है जो मैंने आज आपको बताई है।

अगर पाठक अपने कोई विचार मुझे ई-मेल करना चाहें तो कर सकते हैं। मैं आपकी मेल का जवाब भी दूंगा !

मेरा ईमेल है

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