कहा तो आपने !

मेरा नाम आदित्य कश्यप है और मेरी उम्र 19 साल की है। मैं देहरादून में रहता हूँ। आज मैं अपनी जीवन की पहली कहानी आप लोगों को बताने जा रहा हूँ। वैसे तो मैंने बहुत बार कोशिश की कि मैं भी अपनी कहानी अन्तर्वासना पर भेजूँ लेकिन कभी हिम्मत नहीं हुई। लेकिन मेरे कुछ दोस्तों ने जब जोर दिया तो मैंने कोशिश की।

मैं बी.कॉम में दूसरे साल का छात्र हूँ। मैं एक कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में कंप्यूटर सीखने के लिए जाता था तो वहाँ पर काफी सारी लड़कियाँ और लड़के आते थे कंप्यूटर सीखने के लिए लेकिन उसमें मुझे एक लड़की अच्छी लगती थी जिसका नाम फ़िज़ा (बदला हुआ नाम) है, मैं उसका असली नाम नहीं बता सकता क्योंकि मैं उससे बहुत ज्यादा प्यार करता था और मैं यह जानना चाहता था कि वो भी मुझसे प्यार करती है या नहीं !

इसके बाद हम दोनों ने ऑरकुट पर अकाउंट बनाया और दोनों आपस में चैटिंग करने लगे। धीरे धीरे मैं उससे थोड़ा बहुत फ्लर्ट भी करने लगा। वो कुछ नहीं बोलती थी, इसी का फायदा उठा कर मैंने उसे एक बार “आई लव यू” टाइप करके भेज दिया तो वो थोड़ा नाराज हो गई और मेरे पास आकर मुझे बोलने लगी- यह क्या लिखा है?

मैंने कहा- मैं तो मजाक कर रहा था !

तो इस पर उसने कहा- मजाक में ही सही, कहा तो आपने !

मैं तो बहुत खुश हुआ, उसने मेरे दिल की बात जो बोल दी थी।

फिर मैंने उसको वहीं पर आई लव यू कहा तो उसने भी आई लव यू कहा।

बस फिर हम दोनों की तो प्रणय-कथा आरम्भ हो गई।

वैसे वो अट्ठारह साल की एक प्यारी लड़की है जिसे देख कर कोई भी मस्त हो जाये और उसे पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाये। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। बस बात इतनी थी कि मैं भी उसे पसंद करता था और वो मुझे ! इसलिए ज्यादा कुछ करना नहीं पड़ा।

एक बार जब इंस्टिट्यूट में हम दोनों अकेले थे तो मैंने उससे चुम्बन के लिए कहा तो वो बोली- कल ही तो तुमने मुझे प्यार का इज़हार किया और आज तुम चुम्बन मांग रहे हो?

तो मैंने कहा- जब प्यार किया तो डरना क्या?

फिर मैंने उसे सीधा चूम लिया तो उसे थोड़ा गुस्सा आया और वो अपना बैग उठा कर चली गई।

मैंने सोचा, यार, एक तो लड़की मिली थी और वो भी चली गई।

फिर उसने अगले दो दिन तक मुझसे बात नहीं की तो मैंने उसे फ़ोन किया और सॉरी बोला। वो कुछ नहीं बोली, मैं सॉरी बोलता रहा और बाद में मैंने उसे बोला- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ ! अगर तुमने मुझे माफ़ न किया तो मैं मर जाऊँगा।

इस पर वो बोली- अगर ऐसी बात दोबारा की तो मैं कभी भी तुमसे बात नहीं करूँगी !

मैंने फिर से सॉरी कहा तो वो मान गई। मैंने उसे इंस्टिट्यूट आने के लिए कहा तो वो अगले दिन जब आई तो मैंने उसे फिर सॉरी कहा।

वो बोली- सॉरी ही बोलते रहोगे या कुछ करोगे भी?

मैं समझ नहीं पाया, मैंने कहा- मतलब?

तो उसने भी बदले में एक मधुर सी चुम्मी की और अंदर चली गई।

कुछ दिनों तक हमारे बीच ऐसे की चुम्मियों का सिलसिला चलता रहा।

एक बार उसने मुझे अपने घर आने के लिए कहा तो मैंने कहा- घर पर कोई कुछ बोलेगा तो मैं क्या बोलूँगा?

तो वो बोली- तुम तो लड़कियों से भी ज्यादा डरते हो?

मैंने कहा- मैं डरता नहीं हूँ यार ! बस ऐसे ही अच्छा नहीं लगता है।

तो उसने कहा- अगर तुम न आये तो मैं तुमसे बात नहीं करूँगी।

मैंने कहा- ठीक है यार ! आ जाऊँगा ! बताओ कब आना है?

फिर उसने अपने घर का पता दिया और क्लास के बाद चली गई।

अगले दिन हमारी छुट्टी थी, उसका फ़ोन आया तो बोली- तुम आ रहे हो या नहीं?

मैं बोला- बस एक घंटे में आ रहा हूँ !

वो बोली- ठीक है, मैं इन्तज़ार कर रही हूँ।

मैं अच्छे से तैयार होकर जब उसके घर में पहुँचा तो उसने दरवाजा खोला और अंदर आने के लिए कहा।

जब मैं अन्दर गया तो वहाँ पर मुझे उसके सिवा कोई और नजर नहीं आया। मैंने पूछा- घर में कोई नहीं है क्या?

तो बोली- मम्मी और पापा बाहर गए हैं, दो-तीन घंटे में आयेंगे।

मैंने कहा- ठीक है !

फिर उसने मेरे लिए कॉफ़ी बनाई और हम दोनों ने साथ बैठ कर कॉफ़ी पी। कुछ समय बाद वो मुझे अपना घर दिखाने लगी और अपने कमरे में ले जाकर बोली- यह मेरा कमरा है !

मैंने कहा- बहुत अच्छा है !

मैं उसके बिस्तर पर बैठ गया और वो भी बैठ गई। मैंने अपने मन में सोचा कि जब घर में कोई नहीं है, इसीलिए इसने मुझे बुलाया है, अच्छा मौका है चौका मारने का !

फिर वो उठी और बाहर जाने लगी।

मैंने उसे पीछे से पकड़ा और बोला- मुझे छोड़ कर कहाँ जा रही हो?

और मैं उसे चूमने लगा।

वो बोली- कोई आ जायेगा !

चुम्बन से वो थोड़ी गर्म होने लगी तो वो भी मेरा साथ देने लगी। हमें चुम्बन करते करते 15-20 मिनट हो गए। मेरा यह पहली बार था किसी लड़की के साथ तो मैं इसी दौरान झड़ चुका था और वो भी !

बाद में मैं धीरे धीरे उसके कपड़े उतारने लगा। उसने गुलाबी रंग की ब्रा पहन रखी थी जिसमें उसके स्तन बहुत ही मस्त लग रहे थे। मैंने उसके स्तनों को धीरे से दबाया तो उसने अपने हाथ से मेरा हाथ हटा दिया और बोली- अभी नहीं !

मैंने कहा- अभी नहीं तो कभी नहीं !

वो मना करने लगी। मैं भी मान गया लेकिन बाद में मुझे मेरे दोस्त की बात याद आई कि लड़की की ना में ही हाँ होती है।

और मैंने उसे छोड़ा नहीं। मैं उसे चूमते-चूमते उसके स्तन दबाने लगा और वो कुछ अजीब सी आवाजें निकाल रही थी- आह आ उह्ह !

मैं उसकी आवाज सुन कर और गर्म हो गया। फिर मैंने उसकी चोली हटा कर उसके चूचों को चूसना शुरु किया तो वो बोली- पहले दरवाजा तो बंद कर दूँ !

मैंने कहा- मैं करता हूँ !

मैं गया और दरवाजा बंद करके आया।

हम एक दूसरे को चूमने लगे और उसने भी मेरी टीशर्ट उतार दी। अब वो भी गर्म हो चुकी थी।

मैंने धीरे से उसकी पैंट उतार दी और उसकी गुलाबी पैंटी मुझे दिखने लगी। उसे देख कर तो मैं पागल सा हो गया और मेरा 6″ का लौड़ा तन कर 7″ का हो गया।

वो बोली- तुम भी अपनी पैंट उतारो ना !

मैंने बोला- तुम ही उतार दो ना !

तो उसने एकदम ही मेरी पैंट उतार दी और मेरा लौड़ा देख कर बोली- इतना बड़ा? मुझे बहुत दर्द होगा !

मैंने कहा- कुछ नहीं होता ! पहले थोड़ा दर्द होगा पर बाद में खूब मजा आएगा।

पर वो मना करने लगी।

लेकिन मैं कहां सुनने वाला था, मैंने उसकी पैंटी उतार कर उसकी लाल चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा तो उसे मजा आने लगा।

दस मिनट के बाद उसने पानी छोड़ दिया। क्या मस्त स्वाद था उसका !

फिर मैंने अपना लौड़ा उसे चूसने को कहा तो पहले तो वो मना करने लगी लेकिन बाद में मान गई और धीरे धीरी मेरे सुपारे को चूसने लगी।

दोस्तो, मैं बता नहीं सकता कि कितना मजा आ रहा था !

क्योंकि पहली बार किसी ने मेरा लौड़ चूसा था। उसके कुछ देर बाद मैं भी झड़ गया, वो भी मेरा सारा रस पी गई। बाद में कुछ देर बिस्तर पर पड़े रहने के बाद मेरा फिर से खड़ा हो गया और मैंने पास में ही पड़ी वेसलिन उठाई और ढेर सी निकाल कर अपने लौड़े और उसकी चूत पर लगाई।

उसकी टाँगें चौड़ी करने बाद मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर रखा और धीरे से एक धक्का मारा तो मेरा सुपारा उसकी चूत में अंदर चला गया।

वो इतनी जोर से चिल्लाई कि मेरी तो गाण्ड फट गई, मैंने तुरंत उसका मुँह बंद किया और कहा- यार, अभी तो सुपारा ही गया है, और पूरा लण्ड बाकी है !

वो बोली- प्लीज़, बाहर निकालो ! मुझे बहुत दर्द हो रहा है !

मैंने कहा- कुछ नहीं होता है, बस थोड़ा ही होगा ! बाद में बहुत मजा आएगा।

मैंने उसे किसी तरह मनाया और कुछ देर तक उसके बदन और होंठों को चूमता रहा और फिर मैंने और धक्का मारा तो मेरा आधा लण्ड अन्दर चला गया और वो चिल्लाने की कोशिश करने लगी लेकिन चिल्ला नहीं पाई। मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर दबा रखे थे।

जब मैंने लण्ड बाहर निकाला तो उसकी चूत से खून निकल रहा था। मैंने उसे नहीं बताया और अपना काम करता रहा। फिर एक धक्का मारा तो मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में चला गया और उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे। उसकी शक्ल से लग रहा था कि वो बोल रही हो- मुझे छोड़ दो ! मुझे बहुत दर्द हो रहा है !

लेकिन मैं धक्के मारने लगा। कुछ देर बाद उसे भी मजा आने लगा और वो भी शान्त हो गई और मजे लेने लगी। हमारी चुदाई काफ़ी लम्बी चली।

उसके बाद जब मैंने उसे छोड़ा तो वो मुझे धीरे धीरे मारने लगी और बोली- तुम बहुत गंदे हो !

मैंने कहा- जानू, लव में सब कुछ सहना पड़ता है !

वो बोली- सच में ?

मैंने कहा- हां जान !

और उसके बाद हम दोनों बाथरूम में गए और फ्रेश होकर वापस आये। फिर हमने एक और कॉफ़ी पी और उसके बाद थोड़ी देर बैठने के बाद मैंने उसे कहा- मैं चलता हूँ !

वो बाली- आदित्य, अभी मत जाओ ना !

मैंने कहा- जानू बिना बताये घर से आया हूँ फिर कभी आऊँगा ना !

और उसके बाद जब भी हमें मौका मिलता, हम सेक्स कर लेते !

दोस्तो, उसकी शादी तय हो गई है, मुझे बहुत बुरा लग रहा है लेकिन हम कुछ कर भी नहीं सकते हैं क्योंकि मैं हिन्दू हूँ और वो मुस्लिम !

लेकिन मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ और उसे भगाने के लिए भी तैयार हूँ ! आप बताएँ दोस्तो कि मैं क्या करूँ?

मैं उसकी बिना जी नहीं सकता हूँ !

दोस्तो, मुझे अपनी राय जरूर बताना !

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