औरत की वासना का परिणाम

(Aurat Ki Vasna Ka Parinam)

नमस्ते दोस्तो, कैसे है आप सब… मेरा नाम समीर है, मैं 25 साल का हूँ और काफी गोरा व दिखने में स्मार्ट और हैंडसम हूँ. मैं अन्तर्वासना का सबसे नया यूजर हूँ. यह मेरी पहली कहानी है तो अगर कोई गलती हो तो मुझे माफ़ कर दीजिएगा। उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी पढ़कर आपको यकीन हो जाएगा कि केवल मर्द ही नहीं बल्कि औरतों को भी सेक्स की उतनी ही प्यास और ज़रूरत होती है जितनी कि हमें होती है। सेक्स ना मिलने पर एक औरत किस हद तक जा सकती है आपको यह कहानी पढ़कर पता लगेगा। और हाँ यह बिल्कुल सत्य घटना पर आधारित कहानी है। मैंने इसमें कुछ भी झूठ नहीं लिखा है, सिर्फ़ किरदारों के नाम बदले हैं ताकि उनकी पहचान गोपनीय बनी रहे।
किसी औरत को सरेआम बदनाम करना मेरा उद्देश्य कभी नहीं होता क्यूंकि औरतों की वजह से यह दुनिया चल रही है वरना हम मर्द आज भी बस अपना लंड ही हिला हिला कर काम चला रहे होते। सेक्स का असली मज़ा तो एक औरत ही दे सकती है।
जय हो नारी शक्ति की।

चलिए आपका समय बिल्कुल भी ना नष्ट करते हुए सीधे कहानी शुरू करते हैं।
बात आज से 3 साल पहले की है। मेरी दिल्ली में नई नई जॉब लगी थी। उस समय मैं रोज़ाना जिम जाया करता और अपनी फिटनेस को लेकर काफी सीरियस था। ऑफिस से फ्री टाइम मिलने के बाद मैं लोगो को डाइट के सेशंस देता था और उनका वजन कम करवाया करता था।
यह काम करना मुझे बहुत अछा लगता था क्योंकि यह मेरा शौक था और इससे मेरे अच्छी साइड इन्कम भी हो जाया करती थी। कस्टमर भी बनने लगे थे क्योंकि मुझे इस फील्ड के काफी नॉलेज थी।

फिर एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे उसकी भाभी का वजन कम करवाने में मदद माँगी। मैंने हाँ कर दी लेकिन साथ ही कह भी दिया कि मैं भाभी से पैसे नहीं लूँगा.
पर मेरा दोस्त काफ़ी अमीर था, उसने खुद मुझसे बोला- ज़्यादा से ज़्यादा फीस चार्ज करना यार!
क्यूंकि उनको पैसे की कोई कमी नहीं थी पर उसने साफ कर दिया था कि रिज़ल्ट भी हर हाल में चाहिए था।
मैंने हाँ कर दी।

उसने अपनी भाभी को फ़ोन किया और फिर मेरी बात कराई। मैंने उन्हें अगले दिन मुझसे आकर मिलने को बोला।

अगले दिन वो मुझसे मिलने आई। उसकी भाभी का नाम सीमा (बदला हुआ नाम) था। सीमा ने लूस ब्लैक टॉप और ब्लू रंग की जीन्स पहनी थी। वो काफ़ी मॉडर्न और अमीर दिख रही थी। मंहगा फ़ोन… गले में सोने की चेन… उँगलियों में सोने की अँगूठियाँ… इंपोर्टेड परफ्यूम…
पर सीमा का वजन थोड़ा ज़्यादा था। वो काफ़ी गोरी थी… बिल्कुल दूध सी सफेद। सीमा 35 साल की उमर की होगी पर देखने में 30 साल की लग रही थी।

गौर करने वाली बात यह थी कि उसके बूब्स काफी बड़े थे, 36 इंच के होंगे ही। मुझे लगा कि उसके पति ने उसके बूब्स रोज़ाना दबा दबा कर इतने बड़े कर दिए थे या फिर बच्चा होने के बाद औरत के बूब्स का साइज़ बढ़ ही जाता है।
वो थी तो मेरे दोस्त की भाभी पर उसके बड़े बूब्स देखकर नीचे मेरे लंड में कुछ हलचल होने लगी थी। फिर भी मैंने खुद पर कंट्रोल रखा क्यूंकि मेरे एक गर्लफ्रेंड थी पुलकिता जिससे मैं बहुत ज़्यादा प्यार करता था और पुलकिता खुद काफ़ी खूबसूरत और सेक्सी थी।

तो अपना ध्यान उसके बूब्स से हटाकर मैंने काम की बात शुरू कर दी।
सीमा ने मुझे बताया कि इससे पहले भी उसने काफ़ी ट्रेनर रखे थे जो उससे काफ़ी पैसा तो ले गए पर उसका वजन टस से मस ना हुआ।

मैंने उसे आश्वासन दिया कि अबकी बार उसका वजन ज़रूर कम होगा और उसके सामने यह शर्त भी रखी कि मुझे पैसे रिज़ल्ट मिलने के बाद ही दे, उससे पहले नहीं। पर बदले में उससे यह
कसम ले ली कि उसे मेरे सब बातें माननी पड़ेंगी जो मैं बोलूँगा, जितना मैं बोलूँगा वो उतना ही खाएगी, पलट के सवाल जवाब नहीं करेगी।
वो खुशी खुशी मान गई।

मुझे उसका 10 किलो वजन कम करवाने के 30000 रूपए मिलने थे, वो भी काम हो जाने के बाद। पर मैं आश्वस्त थी कि काम हो ही जाएगा क्योंकि मैंने इससे पहले भी यह काम करा हुआ था। मैं जानता था कि मुझे उससे क्या करवाना था।
मैंने सीमा से 4 महीने का समय माँगा। सीमा को 6 महीने बाद उसकी बहन की शादी में बिल्कुल माल बनकर जाना था इसलिए वो वजन कम करने को इतना उतारू थी।

उसने मुझे बाद में यह चीज़ बताई थी कि सीमा का एक 8 साल का बच्चा था और उसके पति का बहुत बड़ा बिसनेस है जिसके सिलसिले में वो ज़्यादातर बाहर रहते थे। घर का काम करने को नौकर लगे थे और उसका बच्चा भी स्कूल जाता था इसीलिए सीमा खाली बैठे हर टाइम खाती रहती थी और इसीलिए उसका वजन बढ़ गया था क्योंकि उसके पास करने को कुछ नहीं होता था।
अपने बड़े हुए वजन की शर्मिंदगी की वजह से उसने किटी पार्टीस में भी जाना छोड़ दिया था।

धीरे धीरे 4 महीने बीत गये और सीमा का वजन भी कम होने लगा था। वो काफ़ी आलसी थी पर मैं बहुत स्ट्रिक्ट ट्रेनर था, मैं उसे हर खाने की चीज़ के फ़ायदे नुकसान विस्तार में समझाता था और वो मेरी बात मानने लगी थी।
काफ़ी अच्छी दोस्ती हो गई थी हमारी।

मेरे आने से सीमा का अकेलापन भी ख़त्म होने लगा था और वो अंदर से खुश रहने लगी थी। वो अपनी ज़िंदगी की हर बात मुझे बताती थी; उसका मन हल्का हो जाता था मुझसे बात करके।

उसके पति के पास उसके लिए टाइम नहीं था और अपने मोटापे की शर्म के मारे वो अपने दोस्तों सहेलियों से भी धीरे धीरे दूर होकर काफ़ी अकेली हो गई थी।

जब 4 महीने बीते तो सीमा का 12 किलो वजन कम हो चुका था। वो बहुत ज़्यादा खुश थी क्योंकि अब वो बहुत ज्यादा हॉट और सेक्सी हो गई थी। सच में वो किसी मॉडेल से कम नहीं लग रही थी।
मुझे तो खुद यकीन नहीं हुआ अपनी आँखों पर कि कोई इतना खूबसूरत भी हो सकता है। मोटापे ने उसकी असली सुंदरता छुपा रखी थी।

सीमा बिल्कुल ही बदल चुकी थी। फिर भी मेरा मन में उसे चोदने का नहीं था क्योंकि पुलकिता (अपनी गर्लफ्रेंड) के साथ जी भर के चुदाई करता था। जब मेरा पेट भरा था तो मुझे और चुदाई की ज़रूरत महसूस नहीं हुई।

खैर आख़िरी दिन उसने मेरे पैसे दिए और साथ ही साथ मुझे प्रोपोज़ भी कर दिया। मैं बिल्कुल हैरान हो गया क्योंकि मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी।
मैंने मना कर दिया क्योंकि वो शादीशुदा थी और मुझे यह सही नहीं लगा। मैंने उसे समझाया भी कि मेरी एक गर्लफ्रेंड भी है पर वो जैसे मानने को ही तैयार नहीं थी।

मैंने उसे आजीवन दोस्त रहने का वादा किया पर वो नहीं मानी और मेरी बाँहों में रोने लगी; उसने बताया कि उसके पति का उनकी सेक्रेटरी के साथ अफेयर है और वो सीमा को प्यार नहीं करते। मैंने फिर भी सीमा को मना कर दिया क्योंकि मैं पुलकिता को धोखा नहीं देना चाहता था।

सीमा चाहती थी कि मैं पुलकिता के साथ भी रहूँ और उसके साथ भी… पर मैं नहीं माना।
खैर अपनी दाल ना ग़लती देख उसने मेरी दोस्ती वाली बात मान ली और मुझे गले से लगा लिया। उसके बड़े बड़े बूब्स मेरे सीने में छू रहे थे जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया और उस वक़्त मदहोश होकर मैंने अपना लंड बाहर से ही उसकी चूत में रगड़ना शुरू कर दिया।

चुदाई की वासना हम दोनों पर ही सवार हो चली थी पर उसी पल मुझे पुलकिता का ख्याल आया और मैं सीमा को अपने से अलग कर वहाँ से चला गया। घर आकर मुझे 2 बार मुठ मारनी पड़ी तब जाकर मेरी ठरक शांत हुई।

फिर 1 महीने बाद उसका फोन आया कि काफ़ी अकेला महसूस कर रही है, उसका बेटा नानी के घर पर था और पति शहर के बाहर था; वो मुझसे मिलना चाहती है। उसने वादा किया कि वो बस बात करना चाहती है और अपना मन हल्का करना चाहती है।
मैं भी एक ज़िम्मेदार दोस्त की तरह शाम को ऑफिस के बाद उसके घर पहुँच गया।

काफी खूबसूरत लग रही थी वो मिनी स्कर्ट और छोटे से टॉप में… बिल्कुल मॉडेल जैसी।

मैंने ध्यान दिया कि उसने ब्रा नहीं पहनी हुई थी जिससे उसके निपल्स टॉप में से ही दिख रहे थे। फिर भी मैंने खुद पर काबू रखा और मिलते ही उसे हग किया।
फिर हम दोनो ने खाना खाया।

फिर हमने बातें की. उसने बताया कि उसने वापस किटी पार्टीस जॉइन कर ली थी और उसकी सारी सहेलियां हैरान थी कि उसने इतना वजन कैसे कम कर लिया और सीमा से मेरा मोबाइल नंबर माँग रही थी।
पर सीमा ने अपनी सखियों को मेरा नम्बर नहीं दिया।

बातों ही बातों में वो व्हिस्की के दो पेग बनाकर ले आई। मैं वैसे तो दारू और सिगरेट नहीं पीता क्योंकि इससे सेहत पर बुरा असर पड़ता है पर उसने काफी जोर दिया तो मैं उसे मना नहीं कर पाया, मैं बस चाहता था कि वो थोड़ी देर के लिए ही सही, पर खुश रहे।

दो पेग के बाद जब हम तीसरा पेग पी रहे थे तो मुझे नीचे मेरे लंड पर कुछ जलन सी होने लगी और दिमाग में चुदाई सवार होने लगी। अचानक से सीमा को नंगी कर चोदने का ख्याल मेरे दिमाग़ में आने लगे। मेरा सारा ध्यान सिर्फ़ सीमा के बूब्स पर ही था अब।
सीमा भी मेरी नज़रों को देखते हुए अपना टॉप उतार चुकी थी; उसने सच में अंदर ब्रा नहीं पहनी थी; उसके बूब्स बिल्कुल दूध जैसे गोरे थे और मेरे कल्पना से भी बड़े थे।

सामने बैठकर बात करते करते वो कब मेरी गोद में आकर बैठ गई मुझे पता ही नहीं चला; इतना नशा हो चुका था मुझे।
सीमा ने मेरे पहले 2 पेग में वियाग्रा के गोली मिला कर मुझे धोखे से पिला दी थी पर यह बात मुझे उसने सुबह बताई थी।

चार पेग के बाद हम दोनों बिलकुल नंगे हो चुके थे; उसने मेरे सारे कपड़े उतार फेंके थे, मुझे कुछ होश नहीं था। दारू और वियाग्रा के नशे ने मेरी सोचने समझने की शक्ति ख़त्म कर दी थी। वह मुझे किस करे जा रही थी और उसका एक हाथ मेरे पहले से ही खड़े हो चुके लंड को सहलाये जा रहा था।

मैं भी उसे किस करे ही जा रहा था और उसके 36 साइज़ के बूब्स काफ़ी ज़ोर ज़ोर से दबाए जा रहा था। उसके बूब्स काफ़ी ज़्यादा सख़्त थे। ऐसा लगता था कि उसके पति ने उसके बूब्स कभी
दबाए ही नहीं और वक़्त की कमी के चलते सीधे उसकी चूत में लंड डालकर उसे सीधा प्रेग्नेंट ही करा था बस।
सेक्स का असली मज़ा देने का वक़्त भी नही था शायद उस चूतिये के पास… वरना इतनी खूबसूरत लड़की कौन छोड़ता है।

सहलाते सहलाते ही एकाएक सीमा सोफे पर ही मेरे लंड पर चढ़कर ऊपर नीचे करने लगी और मुझे किस भी करती जा रही थी। मैं पागलों की तरह उसके 36 इंच के बूब्स चूसे और दूसरे हाथ से दबाए जा रहा था। कभी उसके बूब्स चूसता, कभी दबाता, कभी उसके निप्पल्स से खेलता।
मुझे इतना नशा चढ़ा हुआ था कि सब कुछ दिख तो रहा था पर मैं सीमा को रोक नहीं पा रहा था।

थोड़ी देर में मुझे एहसास हुआ कि मेरा स्पर्म उसकी चूत में ही निकल गया है। वीर्य का चूत में मिलन देखकर सीमा के मुखड़े पर सुकून दिख रहा था। शायद काफ़ी ज़्यादा वक़्त से प्यासी थी वो। वियाग्रा खाने की वजह से मेरा लंड अभी भी खड़ा था, वो मुझे हाथ पकड़ के अंदर बिस्तर पर ले गई; मुझे लिटा कर वो मेरे ऊपर चढ़ गई और फिर चुदाई शुरू कर दी।

उसकी मदहोश चीखों से पूरा घर गूँज रहा था। वह ऊपर नीचे कर कर के मेरा नाम लेकर चीखे जा रही थी। मुझे कुछ महसूस नहीं हो रहा था क्योंकि मैं काफ़ी ज़्यादा नशे में था, बस सुनाई दे रही तो सीमा की आह आह की चीखें!

काफ़ी देर तक वो मेरे उपर बैठकर मुझे ऐसे ही चोदती रही; मैं उस वक़्त उसके लिए बस एक डिल्डो की तरह ही था।
ऐ सी चल रहा था पर हम दोनों पसीने से भीगे हुए थे।

काफ़ी देर बाद भी जब मेरा वीर्य नहीं निकला तो वो थक गई और नीचे उतर कर बिस्तर पर बैठकर मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। मुझे अंदर ही अंदर काफ़ी आनन्द तो आ रहा था पर क्यूं आ रहा था यह मैं उस वक़्त समझ नहीं पा रहा था।
वो अपनी जीभ से मेरे लंड के टोपे को बार बार चाट रही थी।

जब उसकी थकान ख़त्म हो गई तो फिर वो मेरे उपर चढ़ कर मुझे चोदने लगी। मुझे खुद भी नहीं याद कि सीमा ने उस रात मुझे कितनी देर तक चोदा होगा; बस इतना ज़रूर समझ आ गया था कि वो काफ़ी ज़्यादा प्यासी थी और उसकी वासना मेरे अंदाज़े से काफ़ी ज़्यादा थी।
फिर जब मेरा स्पर्म दूसरी बार उसकी चूत में निकला तब जाकर वो रुकी और नंगी ऐसे ही मेरे ऊपर सो गई।

सुबह जब मुझे होश आया तो मैं स्तब्ध था; सीमा मेरे ऊपर नंगी सोई हुई थी।
जब मैंने उसे उठाया और पूछा कि क्या हुआ तो उसने बोला कि उसके ऊपर वासना का भूत सवार था. वो काफ़ी समय से नहीं चुदी थी और मुझे पहली बार देखकर ही उसे मुझसे प्यार हो गया था और मेरे साथ एक बार सेक्स करना ही था; मैंने मना किया तो वियाग्रा खिला के कर लिया।

उसने मुझसे माफ़ी मांगी कि मेरे मना करने पर भी उसने ऐसा किया पर तब तक काफी देर हो चुकी थी। मैं बहुत गुस्से में था। मैंने अपने कपड़े पहने और वहां से चल दिया। उससे दोस्ती तोड़ दी और उससे दोबारा कभी न मिलने को बोला।

कुछ दिन बाद जब मैंने यह बात अपनी गर्लफ्रेंड पुलकिता को बताई तो उसने मेरी बात का यकीन ही नहीं किया और मुझसे ब्रेकअप कर लिया। पुलकिता को बस यही लगता रहा कि मैं झूठ बोल रहा हूँ और मैंने अपनी वासना के चलते यह सब किया।

एक औरत की वासना के चक्कर में मुझे मेरे सच्चे प्यार से हाथ धोना पड़ा। एक रात के नशे ने दो पल में मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी।

सीमा आज भी मुझे फोन करके चुदाई के लिए बुलाती है पर मैं नहीं जाता क्योंकि वासना से ज्यादा जरूरी मेरे लिए सच्चा प्यार था जो मेरे हाथ से जा चुका था। मैंने पुलकिता को काफ़ी समझाने की कोशिश की कि मेरे ग़लती नहीं थी इसमें… पर वो नहीं मानी!
दोस्तो, औरत के दिमाग़ में क्या चलता है यह तो औरत ही जाने। मेरी ज़िंदगी तो बर्बाद हो चुकी थी।

काफ़ी ज़्यादा वक़्त लगा मुझे खुद को संभालने में इस हादसे के बाद क्योंकि मैं पुलकिता से सच्चा प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था।

सीमा ने मुझे कॉल करना कभी बंद नहीं किया। वो आज भी कभी कभी कॉल करती है। अब मुझे उस पर गुस्सा नहीं आता क्योंकि शायद मैं उसकी मजबूरी अब थोड़ा थोड़ा समझने लगा था। वासना के आगे हम सब एक ना एक दिन घुटने टेक ही देते हैं।

मैं आप सब दोस्तों को यही सलाह दूंगा कि औरत की वासना हम मर्दों की वासना से कई ज्यादा होती है और उसको पाने के लिए वो किसी भी हद तक जा सकती है।
इसलिए थोड़ा संभल कर रहे और हो सके तो जो औरत बोले वो मान ले क्योंकि आज नहीं तो कल वो अपनी बात मनवा कर ही मानेगी।

आपको मेरी चुदाई सेक्स स्टोरी कैसी लगी मुझे ज़रूर बताएगा। पहली बार है तो क्या गलत लिखा मैंने, प्लीज ईमेल ज़रूर करिएगा।
मेरी ईमेल आईडी है
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