गाँव में चाची की देसी चूत की चुदाई की

(Village Chachi Ki Desi Chut Ki Chudai)

इस देसी सेक्स कहानी के पहले भाग
सील पैक देसी लड़की को खण्डहर में चोदा
में अपने पढ़ा कि मैं अपने गाँव गया हुआ था, वहां मुझे मेरी हमउम्र एक देसी लड़की मिली, मैंने उसकी कामवासना जगा कर उसे चुत चुदाई के लिए तैयार किया, फिर गाँव के पास के किले के खंडहरों में उसे ले जा कर चोदा.
चुदाई के बाद हमने जल्दी से कपड़े पहन लिए.. क्योंकि सूरज ढलने लगा था और हम दोनों को घर पहुँचना था तो हम उस किले से जल्दी से बाहर निकल आए.

रास्ते में कंचन बोली कि वो ये चुदाई हमेशा याद रखेगी.
हम अपने अपने घर पर चले गए.

घर पर पहुंचते ही चाची ने शक की निगाहों से मुझे देखा और पूछा- कहां गए थे महाशय… तुम्हारे चाचा ने तुम्हें पूरे गांव में ढूंढ लिया लेकिन तुम कहीं नहीं मिले?
मैंने पूछा- चाचा मुझे क्यों ढूंढ रहे थे?
चाची ने कहा- उन्हें कोई जरूरी काम था.
मुझे लगा कि पक्का किसी ने हमें किले पर देख तो नहीं लिया और चाचा को बता दिया. मैं काफी डर गया था.

चाची ने मेरे गाल पर हाथ फेर कर पूछा- तुम इतना क्यों डर रहे हो. कोई बात है तो मुझे बता दो?
चाची ने बड़े दोस्ताना भाव से पूछा तभी मुझे लगा कि ये चाची ही मेरी मदद कर सकती हैं. तब मैंने कंचन के साथ पहली बार नंगे होकर चूत लंड चूसने के लेकर खंडहरों में चूत चुदाई तक की सारी बातें चाची को विस्तार से बता दीं.
कुंवारी कंचन की चुत चुदाई की बातें सुनते ही चाची सर पे हाथ रख कर नीचे बैठ गईं.

लेकिन चाची कुछ बोलती, कि तभी चाचा आ गए और मुझसे पूछा- तुम इतनी देर तक किधर थे?
मैं शान्त था.. तभी चाचा ने दूसरी बात करते हुए चाची से कहा कि वे खेत के किसी जरूरी काम से शहर जा रहे हैं.

उनकी बात बदलते देख कर मेरी जान में जान आई. मैंने चाचा से झूठ कह दिया कि कंचन और मैं अपने खेत देखने गए थे.
चाचा ने कहा- ठीक है घर पर बता कर जाया करो. अब मैं कल ही आ पाऊंगा, तुम अपनी चाची का ख्याल रखना और आज अपनी चाची के पास ही सो जाना.
थोड़ी देर बाद चाचा चले गए.

चाचा के जाने के बाद अब चाची ने कहा- बच्चू… अगर ये बातें मैं आपके चाचा जी को बता दूँ तो जानते हो क्या होगा?
मैंने चाची से कहा- प्लीज़ आप ये बात किसी से नहीं कहना… मैंने आप पर भरोसा करके आपको ये सारी बातें बताई हैं.
इस पर चाची ने कहा- एक शर्त पर नहीं कहूँगी. तुमको मेरी हर बात माननी पड़ेगी, मेरे हर काम करने पड़ेंगे.

मैं मान गया, आखिर गलती मेरी ही थी. जल्दबाजी में या जोश में आकर मैंने अपने और कंचन के बीच हुआ सब कुछ चाची को बता दिया था.

फिर चाची ने कंचन के लिए कहा कि आने दे उस चुड़ैल को, बताती हूँ उसे कल…
यह कह कर चाची अन्दर चली गईं.

फिर थोड़ी देर बाद हमने खाना खाया और चाची ने बिस्तर लगा दिया. मैंने ऊपर जाकर दादाजी को बताया कि मैं आज अपनी चाची के साथ ही सोऊंगा.
यह कह कर मैं नीचे आ गया.

चाची बर्तन साफ कर रही थीं. मैं बिस्तर पर लेट कर जल्दी से सोने का ड्रामा करने लगा ताकि चाची मुझे और बातें न सुनाएं. अब मैं चाची से नजर नहीं मिला सकता था.

फिर कुछ देर में सारा काम निबटा कर चाची भी आकर मेरे बाजू में लेट कर सो गईं.

करीब आधी रात के समय मुझे कुछ महसूस हुआ कि कोई मेरे लंड को सहला रहा था. मेरी नींद खुल गई थी. मैंने देखा चाची लंड से खेल रही थीं.
मैंने चाची से कहा- चाची, ये आप क्या कर रही हो?
चाची ने कहा- साले अंजान मत बन… चल उठ और मेरे पैर दबा.
मैंने कहा- चाची यार मुझे बहुत नींद आ रही है.. मुझे सोना है.

चाची ने कहा- तुम मेरी सारी बात मानने वाले थे… फिर भी मैं तुम्हें कुछ मजा ही दूंगी.
मैंने कहा- आप मुझे कुछ मत दो, सिर्फ ये बात किसी को मत बताना.

मैं झट से चाची के पैर दबाने लगा.. इसके बाद उन्होंने ऊपर हाथ दबाने को कहा तो मैंने उनके हाथ दबाए.
फिर चाची ने कहा- अब मेरी चुचियों की बारी है.
उनकी बात सुनकर मैं थोड़ा हड़बड़ा गया.

चाची ने कहा- मुझे पता है साले कि तूने क्या क्या कांड किए हैं. इसलिए शरमा मत और शुरू हो जा.
मैं भी समझ गया कि चाची की चुत चुदने के लिए मचल रही है तो मैं भी सारी शर्म छोड़ कर लग गया.
मैंने चाची का पल्लू हटाया और सीधे ब्लाउज़ और ब्रा को निकाल फेंका.

जब मैं ये सब कर चुका तो चाची बोलीं- ऊपर से ही दबानी थीं.
मैंने मन ही मन सोचा कि ये साली चाची भी चतुराई दिखा रही है. लेकिन मैंने कहा- चाची, ऊपर से आपको मज़ा नहीं आता.
चाची बस मुस्कुरा दीं.

मैंने चाची की चुचियां देखीं, क्या गोरी और बड़ी बड़ी थीं. मैं तो चाची के मम्मों को देख कर पागल ही हो गया था.
मैंने उनकी चुचियों को दबाते हुए कहा- चाचा इन्हें दबाते है या नहीं?
चाची ने कहा- तुम्हारे चाचा खेत से थक कर आते हैं. खाना खाने के बाद सीधा सो जाते है. मन हुआ तो चुदाई भी ऐसी करते हैं कि लंड निकालते ही सीधा मेरी चुत में डालने के बाद फटाफट चुदाई करके सो जाते हैं. ये काम वो करते ही नहीं है. इतने से मैं भी संतुष्ट हो जाती थी. खैर अब ये बातें छोड़ो अब तुम्हारे मेहनत के फल की बारी मिलने वाली है.

मैं चूचियां चूसने में लग गया.
चाची ने कहा- जा पहले तेल की शीशी उठा ला!
मैं झट से तेल लेकर आया तो बोलीं- अब जल्दी अपने लंड को बाहर निकाल.
मैंने झट से लंड निकाल लिया.

चाची लंड देखते ही बोलीं- ला इधर… तेरे लंड की मालिश कर देती हूं.
मैंने लंड चाची के हाथ में दे दिया.
फिर चाची बोलीं- तुम्हारा लंड तो अभी से ही तेरे चाचा के लंड बराबर है. बड़ा होगा तो कितना बड़ा हो जाएगा.
चाची से लंड की मालिश करवाते वक्त मुझे बहुत मजा आ रहा था.

चाची बोलीं कि ये हमेशा मैं तुम्हारे चाचा साथ करना चाहती थी लेकिन उन्हें वक़्त नहीं मिलता था. ये तो तुम्हारी ही किस्मत में था.
मैंने चाची को अपने मोबाइल से वो सेक्स वीडियो दिखाई. तो चाची ने कहा कि ये लोग तो अलग अलग पोज़ में सेक्स कर रहे हैं.
मैंने कहा- हां आपको देखने में मजा आ रहा है?
चाची ने कहा- हाँ मस्त है, लेकिन तुम्हारे पास एक ही है?
मैंने कहा- हां अभी एक ही है, लेकिन मैं और भी ला सकता हूँ, पर उसके लिए मोबाइल रिचार्ज करना होगा.
चाची ने कहा- सुबह मुझसे पैसे लेकर कर लेना. अब तुम ये वीडियो दिखाना बंद करो और मेरी वासना शांत करो.. या तुम भी अपने चाचा की तरह ही छोड़ दोगे.

मैंने आव देखा न ताव सीधा चाची की साड़ी उतार फेंकी. चाची की चुत भी गीली हो गई थी. मैंने पैंटी उतारकर अपनी जीभ सीधी चुत में घुसा दी. चाची मादक सिसकारियां लेने लगीं. लेकिन चाची की चुत के ऊपर उगे हुए बालों से थोड़ी परेशानी हो रही थी. मैंने भी ठान लिया था कि चाची को सर से लेकर पांव तक पूरा मज़ा दूंगा.

चाची को मैंने अपनी जीभ से ही एक बार झड़वा दिया.
चाची बोलीं- अरे चूत से यूं ही खेलोगे या ऊपर भी आओगे.
मैंने चाची से कहा- मेरा लंड मुँह में लेना चाहोगी?
चाची ने कहा- जो कुछ करना या करवाना है, करो.. मैं आज तुम्हारी हूँ.

मैंने अपने लंड को चाची के मुँह में घुसा दिया और चाची को चूसने को बोला. चाची पहली बार कोई लंड चूस रही थी तो उनको आ नहीं रहा था, तो वो जोर से चूस रही थीं जिससे मेरे लंड पर उनके दाँत लग रहे थे.
फिर मैंने कहा- चाची, थोड़ा हल्के से चूसो, जैसे किसी कुल्फ़ी को चूसते हैं.

चाची समझ गईं और लंड को कुल्फी समझ कर चूसने लगीं.
कुछ देर बाद मैं चाची से बोला- चाची, मैं झड़ने वाला हूँ.
उन्होंने मेरे लंड का सारा माल अपनी चुचियों पर गिरवा लिया.

अब मैं शिथिल हो गया था. जब तक मेरा लंड खड़ा होता, मैंने चाची को किस करना शुरू किया.

क्या रसीले होंठ थे चाची के.. वाह मन तो कर रहा था कि इन्हें चूसता ही रहूँ. लेकिन चाची को संतुष्ट भी करना था. फिर मेरा लंड खड़ा होते ही मैंने चाची से पूछा कि कंडोम है?
चाची ने कहा- हां अलमारी में है, ले लो.

फिर मैंने फट से कंडोम पहना और इसके बाद मैंने चाची को बिस्तर पर लिटाया और उनकी टाँगें ऊपर करके फिर से शुरू हो गया, चाची की चुत में अपना लंड पेल दिया.
चाची की चुत अभी भी काफी कसी हुई थी. लेकिन मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर कुछ देर बाद मैं बिस्तर पर लेट गया और चाची को मेरे लंड पर बिठा कर उठक-बैठक करने को कहा.
कुछ देर बाद चाची बोली- यार कंडोम से मजा नहीं आ रहा, इसे उतार कर चोद मुझे!
मैंने लंड से कंडोम निकाल कर लंड चाची के मुँह में लगा दिया और उसे फिर से गीला किया.

अब मैंने चाची को घोड़ी बनाकर लंड सीधा चाची की चूत में घुसेड़ डाला. पहली बार में आधा लंड ही चाची की चूत में गया, दूसरा जोर से धक्का देकर पूरा लंड चूत में घुसेड़ दिया.
चाची की दर्द से चीख़ निकल गई. चाची ने कहा- अरे थोड़ा धीरे से कर.. साले क्या फाड़ देगा.

कुछ देर चाची की चूत चोदने के बाद मैंने चाची की चुत से लंड निकाल कर उनकी गांड के छेद पर लगाया. मुझे लगा कि चाची मुझे गांड मारने से रोकेंगी लेकिन चाची ने कहा- गांड में घुसाने से पहले थोड़ा तेल लगा ले नहीं तो मेरी फट जायेगी.
मतलब कि चाची पहले भी गांड मरवा चुकी थी.

मैंने तेल की शीशी से थोड़ा तेल चाची की गांड में लगाया और उंगली डाल कर तेल को अंदर तक पहुंचाया. फिर थोड़ा तेल अपने लंड पर लगाया और चाची की गांड में लंड घुसाने लगा. यह मेरा भी पहली बार था. मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि क्या होगा.

जैसे ही मेरे लंड का सुपारा चाची की गांड में घुसा, चाची की चीख निकल गई और साथ ही मेरी भी. चाची की कसी गांड से मेरे लंड की खाल खिंच गई थी और मुझे तेज दर्द हुआ.
मैंने गांड से लंड निकाल कर चाची की चुत में पेल दिया. चूत की गर्माहट से मेरे लंड को कुछ आराम मिला. कुछ पल तो मैं बिना हिले डुले लंड डाले चाची की पीठ पर गिरा रहा.
चाची मेरा मजाक बनाते हुई बोली- मार ली चाची की गांड? चल हट मेरे ऊपर से!

चाची सीधी होकर बिस्तर पर लेट गई और मुझे अपने ऊपर लेते हुए अपनी चुत में मेरा लंड घुसवा लिया. अब मैं चाची की चुत की चुदाई करता हुआ उनकी चुचियों के साथ खेल रहा था. कुछ देर बाद मैं झड़ने वाला था.

मैंने चाची को बताया तो बोली- कर दे अंदर ही… बच्चा ठहर गया तो भी खून तो घर का ही रहेगा!
मैं थोड़े झटके मार कर चाची की चूत में झड़ गया.
और हम दोनों चाची भतीजा नंगे ही सो गए.

फिर चाची ने सुबह उठ कर मुझे कपड़े पहनाये और नहाने चली गईं.

दोपहर को चाचा भी घर आ गए. मैं शाम को कंचन को चोदने के लिए अपने कमरे में ले गया. अब चाची की तरफ से भी हरी झंडी थी.
अब बस उस मौके का इन्तजार है, जब चाची और कंचन दोनों को एक ही बिस्तर पर चोद सकूँगा.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी रियल देसी सेक्स स्टोरी, इसके बारे में कमेंट जरूर करें.
धन्यवाद.
[email protected]

इस कहानी को पीडीएफ PDF फ़ाइल में डाउनलोड कीजिए! गाँव में चाची की देसी चूत की चुदाई की