विधवा मौसी की चुत की चुदाई का मजा

(Vidhwa Mausi Ki Chut Ki Chudai Ka Maja)

मेरा नाम अमर है, मैं एम सी ए कर रहा हूँ। मैं दसवीं में था जब मैंने पहली बार मूठ मारी थी। पर किसी लड़की की चुदाई का मौका कभी नहीं मिला था।
और मेरा इंतजार ख़त्म किया मेरी मौसी कांता ने! मेरी मौसी कांता अपनी शादी के आठ साल बाद ही विधवा हो गई थी। उसकी चुची नॉर्मल 32″, पतला शरीर…

मौसा जी की मौत के बाद मैं अकसर मौसी को गौर से देखने लगा… उनके बारे में सोच सोच कर कई बार मैंने मूठ भी मारी पर कभी ये नहीं सोचा था कि मौसी की चुत मुझे मिलेगी।

मेरी बड़ी मौसी लड़की की शादी थी.. मम्मी के बीमार होने की वजह से ना मम्मी गये ना पापा.. पर मौसी के साथ मुझे भेज दिया।

ट्रेन में मैंने कई बार मौसी को छूने की कोशिश की पर डर के मारे कुछ ना कर सका।

मौसी के घर बहुत रिश्तेदार आए हुए थे। रात को जिसको जहाँ जगह मिली, वहीं सोने की तैयारी करने लगा। मैंने भी कमरे के एक नुक्कड़ में रज़ाई ली और जगह रोक ली।

रात को दस बजे कांता मौसी उसी कमरे में आई, बोली- मैं कहाँ सोऊँ?
मैंने मौसी को आवाज़ लगाई, कहा- मौसी यहाँ आ जाओ, मेरे पास एक बंदे की जगह है।
मौसी बोली- ठीक है, मैं अभी आती हूँ।

थोड़ी देर में मौसी आ गई.. उन्होंने पाजामा और टी शर्ट पहन रखी थी जिसमें मौसी और ज़्यादा सेक्सी लग रही थी। मैंने अंदाज़ा लगाया कि शायद मौसी ने नीचे ब्रा नहीं पहनी है।

मौसी मेरे साथ आ कर लेट गई। हम दोनों ने एक दूसरे की तरफ कमर कर रखी थी।

सब सो रहे थे पर मेरी आँखों से नींद गायब थी। मेरे कूल्हे मौसी के नर्म नर्म कूल्हों से भिड़ रहे थे, मेरे लंड में हलचल होने लगी थी। मैंने लंड को अपने पाजामे में हाथ से हिलाना शुरू कर दिया, दिल कर रहा था कि मौसी को सीधा करूँ और उनकी चुत में लंड डाल दूं।पर डर भी रहा था।

मैंने करवट ली और अपना लंड मौसी की गांड से भिड़ाना शुरू कर दिया। मुझसे कंट्रोल करना मुश्किल हो गया और मैंने ज़ोर से लंड को धक्का मारा।
तभी मौसी ने करवट ली और मुझसे कहा- ये क्या कर रहे हो? ये ग़लत है।
मैं- मौसी आपका भी तो मन करता होगा?
मौसी- नहीं, मैं ये नहीं कर सकती।

मुझे लगा कि मौसी मान जाएगी बस थोड़ी हिम्मत और करनी पड़ेगी।
मैंने मौसी की टी शर्ट में हाथ डाल कर उनकी चुची को पकड़ लिया और कहा- किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।

जैसा मैंने सोचा था, मौसी ने ब्रा नहीं पहनी थी और मैं उनकी चुची को मसलने लगा। मौसी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा- कोई उठ जाएगा।
मैंने कहा- सब कुछ चुपचाप होगा।
और मैंने मौसी के होंठों को अपने होंठों में दबा लिया।

मैं उनकी चुची को दबाते दबाते उनके होंठ चूस रहा था, उनका विरोध ख़त्म हो चुका था और वो भी मस्त हो कर मेरे होंठ चूसने लगी। मैंने उनकी टीशर्ट को ऊपर उठा दिया और जिंदगी में पहली बार नंगी चुची अपने सामने देखी। मैं उन पर टूट पड़ा और उनकी चुची को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा।
मैंने उनकी एक चुची के निप्पल को मुँह में भर लिया और जी भर कर दूध पीने लगा।
तभी मौसी बोली- आराम से कर… और चुची ही पीता रहेगा या कुछ और भी करेगा?

इतना सुनते ही मैंने अपना एक हाथ मौसी के पजामे में डाल दिया और उनकी चुत को छुआ। मौसी के मुँह से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ निकल गई। और मैंने भी जिंदगी में पहली बार चुत छूने का मजा लिया।
पर मैं अभी भी उनकी चुची को चूस रहा था।

मेरा लंड पूरा अकड़ चुका था, मैंने मौसी का हाथ पकड़ा और अपने पजामे के अंदर डाल दिया। मौसी ने मेरे लंड को हाथ लगाया और हाथ बाहर निकाल लिया।
मैंने धीरे से कहा- मौसी… लंड को हिलाओ ना?
मौसी- नहीं, मैं लंड नहीं पकड़ूँगी।
उनके मुँह से लंड सुन कर लंड और अकड़ गया।

मैंने भी ज़ोर नहीं दिया लंड पकड़वाने के लिए!
मैंने मौसी की चुत में उंगली डाल दी… मौसी छटपटा उठी और उसने मेरे हाथ पर हाथ रख कर मेरी उंगली को और अंदर करने की कोशिश करने लगी… मैंने मौसी की चुत में एक उंगली और डाल दी। मौसी उछलने लगी… मौसी ने खुद ही अब मेरे पाजामे में हाथ डाल दिया और लंड पकड़ लिया… और धीरे से कहा- अमर मेरी चुत की आग ठण्डी कर दे।

मैंने मौसी से कहा- मैं चुत चाटना चाहता हूँ!
पर मौसी ने मना कर दिया और कहा- फिर कभी चाट लेना, अब बस इसमें इसको डाल दे…
उन्होंने मेरा लंड पकड़ते हुए कहा।

मैंने मौसी के पजामे को नीचे किया और उनके ऊपर आ गया। पर मेरे लिए यह पहली बार था तो अंधेरे में लंड चुत में डालने में दिक्कत हो रही थी।
तभी मौसी ने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चुत पर रखा और कहा- अब मार धक्का!
मैंने एक धक्का मारा और मेरा लंड मौसी की चुत की गहराई में चला गया।

मैंने मौसी की एक चुची को मुँह में ले लिया और एक को हाथ से दबाने लगा.. मेरा लंड मौसी की चुत में मजा ले रहा था… मैंने चुची चूसते हुए ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए… मौसी भी धीरे धीरे आहह आहह कर रही थी और कमर उचका उचका कर लंड को अंदर ले रही थी।

मेरी जिंदगी में यह पहला मौका था चुत की चुदाई का… थोड़ी ही देर में मुझे लगा कि मेरा लंड पानी छोड़ने वाला है, मैंने मौसी को कहा- मेरा निकलने वाला है!
मौसी ने कहा- चुत में मत छुटाना..

मैंने लंड बाहर निकाल लिया और मौसी के हाथ में पकड़ा दिया। मौसी लंड को पकड़ कर अपनी चुत से रगड़ने लगी.. और मेरे लंड ने उनकी चुत पर उल्टी कर दी।
मैंने ज़ोर से मौसी की चुची को दबा दिया… मेरे लंड ने बहुत सारा पानी बाहर निकाला।

मैं मौसी की बगल में लेट गया.. मौसी ने धीरे से कहा- तुम्हारा तो हो गया, मेरा क्या?
मैंने इतना सुनते ही उनकी चुची को पकड़ा और उनकी चुत पर पड़े पानी से अपनी उंगली को गीला कर के उनकी चुत में डाल दिया और तेज तेज उंगली को चलाने लगा।

पाँच मिनट बाद ही मौसी ने मुझे कस कर पकड़ लिया और उनकी चुत ने पानी छोड़ दिया। मैंने अपने हाथ को उनके पजामे से साफ किया।
हम दोनों अब शांत हो चुके थे। मौसी ने अपने कपड़े ठीक किए और मेरी तरफ़ करवट ले कर लेट गई। मैंने मौसी की टीशर्ट को उठा कर उनकी चुची को मुँह में भर लिया और चुची चूसते चूसते मुझे नींद आ गई।

उसके बाद मैंने मौसी को बहुत बार चोदा है.. आज भी मौका मिलता है तो मैं मौसी को चोद देता हूँ।

एक बार मैंने मौसी की मदद से अपनी चचेरी बहन को चोदा। उसकी कहानी भी लिखूंगा।
अपने कमेन्ट्स जरूर लिखिए।
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