सगी मौसी की चुदाई

(Sagi Mausi Ki Chut Chudai)

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज मैं अपनी पहली चुदाई की कहानी आप सबको बताने जा रहा हूँ पर कहानी शुरू करने से पहले मैं अपना परिचय कराता हूँ।

मेरा नाम मनोज है, मेरा घर रायगढ़ में है पर मैं रायबरेली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 19 वर्ष है, मैं 12वीं कक्षा का छात्र हूँ। मैं हृष्टपुष्ट नौजवान हूँ। मम्मी पापा के अलावा मेरा एक छोटा भाई है और एक छोटी बहन है, हम सब साथ ही रहते हैं।
जवानी आने की वजह से मैं अक्सर मूठ मारता हूँ, जिसके कारण मेरा लंड काफी बड़ा हो गया है।

अब मैं कहानी पर आता हूँ। एक बार मेरे घर में मेरी मौसी रहने के लिए आई थी। वो जवान और बेहद खूबसूरत थीं, उनकी शादी नहीं हुई है और उनकी गदराई हुई जवानी देख कर मेरा लाँड़ आसमान को छूने लगता था। उनका शरीर बेहद सेक्सी था। कोमल बदन, उभरे स्तन, गोल चूतड़ मेरे होश उड़ा देते थे। वो मुझसे बहुत फ्रैंक थी, तो कई बार मैं उनके काफी करीब चला जाता और उनके मम्मे मेरी छाती से टकरा जाते जिससे मेरा लाँड़ 90 डिग्री खड़ा हो जाता।

मेरा मन कई दिनों से उन्हें चोदने का कर रहा था, मौसी भी मुझे कई इशारे कर चुकी थी पर माँ पापा के घर में होने के कारण मेरे अरमान दिल में ही रह जाते, कुछ नहीं कर पाता था।

एक दिन किसी कारण मेरे माता पिता को बाहर जाना पड़ा वो अगले दिन शाम को आने वाले थे। उस दिन मैंने ठान ली कि आज तो मौसी की चूत में अपना लोड़ा डाल के ही रहूँगा। और शायद मौसी को भी यही चाहिए था इसलिए उस दिन वो काफी खुश थीं।

रात के करीब दस बजे होंगे कि हम सब खा पीकर सोने को तैयार थे। माँ पापा के ना होने के कारण मौसी, मैं, और मेरे भाई बहन एक ही कमरे में सोने वाले थे। कमरे में दो बेड थे एक में मेरी बहन और मौसी थे और एक में मैं और मेरा भाई थे। सभी सो गए थे पर मैं बेताबी के कारण नहीं सो पा रहा था और मेरा लौड़ा खड़ा हो गया था जिसे मैंने अपने हाथों से पकड़ रखा था।

कि तभी मुझे मौसी करवट लेती दिखाई दीं, मैं समझ गया कि वो भी मुझसे चुदना चाहती हैं इसलिए जागी हुई हैं। ऐसे ही बेचैनी में समय बीतता गया और रात गहरी होती गई।

करीब एक बजे मैं खुद को रोक नहीं पाया और मौसी के करीब जाकर बैठ गया। मेरी बहन दूसरी तरफ करवट ले कर सोई हुई थी। खिड़की से कमरे में थोड़ी सी रोशनी आ रही थी और उसमें मौसी का गोरा, कोमल बदन मेरी जान ले रहा था। मैं खुद को रोक नहीं पाया और झट से अपना चेहरा उनके चेहरे के पास ले गया। वो नींद में थी या नाटक कर रही थी पर उनकी आँखें बंद थी। मैंने झट से अपने होंठ उनके होठों पर रख दिये और चूमने लगा।
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तुरंत ही वो जाग गई और मुझे देख कर चौंक गई पर मेरे होंठ उनके होठों पर होने के कारण कुछ बोल नहीं पाईं। थोड़ी देर मैं उनके होंठ इसी तरह चूमता और चूसता रहा। मौसी अब मेरा साथ देने लगी थीं और मेरे होठों को चूस रहीं थी। मैं फिर उन्हें चूमना छोड़ कर उन्हें उठने का इशारा किया तो वो उठ कर बैठ गईं। मैं झट से उनका हाथ पकड़ा और दरवाजे की तरफ ले गया।

उन्होंने विरोध नहीं किया और फिर मैंने दरवाजा धीर से खोला और उन्हें बाहर निकाला, फिर मैंने उस कमरे को बाहर से बंद कर दिया। मैंने मौसी का हाथ पकड़ कर उन्हें मम्मी-पापा के कमरे में ले गया, वो चुपचाप मेरे साथ आ गईं।

कमरे में पहुँचते ही वो बेड पर बैठ गई और मैंने दरवाजा बंद कर दिया। फिर मैं उनकी ओर गया और उनके होठों को चूमने लगा। उन्होंने भी मेरा साथ दिया। होठों को चूमते हुए मैं उनके मम्मों तक कब पहुँच गया, पता ही नहीं चला। मैंने उनका कुर्ता उतार दिया, उन्होंने सफ़ेद ब्रा पहन रखी थी, मैंने उनकी ब्रा भी उतार दी। उनके विशाल सख्त मम्मे देख कर मैं खुद को रोक नहीं पाया और उन पर टूट पड़ा।

मैं एक चुचूक को मुँह में लेकर चूस रहा था और दूसरे को अपने हाथों से मसल रहा था। वो सिसकारियाँ भरने लगी और मेरे सर को अपनी छाती में दबाने लगी। उनके मुँह से अहाहह अहहहह जैसे शब्द मुझे पागल कर रहे थे।

उनकी चूची पर से मेरा हाथ हट गया और एक चूची चूसते हुए मैंने एक हाथ उनकी सलवार में डाल दिया और उनकी चड्डी के अंदर पने हाथ से उनकी चूत का मुआयना करने लगा। उनकी योनि पर हल्की झांटें थी जिनके बीच से रास्ता ढूंढती हुई मेरी उँगलियाँ उनकी बुर की फाकों तक पहुँच गई और मैं एक उंगली उनकी बुर में डालकर अंदर बाहर करने लगा।

उनके वक्ष से मुँह हटा कर मैंने उनके मुँह में अपनी जीभ डाल दी। वो मेरी जीभ चूसने लगी और ऊँहह ऊँहह की आवाज निकालने लगीं। कुछ ही देर बाद मैंने अपने उँगलियों पर कुछ गीला महसूस किया, उन्होंने पानी छोड़ दिया था।

कुछ देर बाद उनका हाथ मेरे लोअर के अंदर चला गया और वो मेरे लौड़े को सहलाने लगी इससे मेरा लाँड़ विकराल रूप धारण कर चुका था।
उन्होंने कहा- तेरा लण्ड बहुत बड़ा है?

यह सुन कर मैं और ज़ोर ज़ोर से अपनी अंगुलियाँ उनकी बुर में डालने लगा। वो पूरी तरह मस्त हो चुकी थी और मेरे कपड़े उतारने लगीं

और मैंने भी उनकी सलवार और चड्डी उतार दी। थोड़ी ही देर में हम दोनों नंगे हो गए और मैं उठकर उनके ऊपर लेट गया। वो ऊँहह कर के रह गई। फ़िर मैंने उनके चुचों को ज़ोर से मसला और उनके पूरे बदन को चूमने लगा।

अब हम दोनों पूरी तरह मस्त हो चुके थे, वो भी खुद को रोक नहीं पाई और मुझे पागलों की तरह चूमने लगी। मैंने उन्हें ऊपर से नीचे तक चूमा और फिर मौसीइ मेरा लण्ड अपनी चूत पर रगड़ने लगी, मैं समझ गया कि अब ये चुदासी हो चुकी हैं, मैंने अपने लण्ड का सुपारा उनकी बुर पर लगाया और धीरे धीरे अंदर धकेलने लगा पर मेरा लण्ड अंदर नहीं जा रहा था और मौसी दर्द से सिसकारियाँ भरने लगी।

तब मैंने ज़ोर से धक्का दिया और मेरा आधा लण्ड अंदर चला गया, मैंने दोबारा धक्का दिया और मेरा लण्ड पूरा अंदर चला गया। फिर मैं धीरे धीरे अंदर बाहर करके चोदने लगा। उनके मुँह से ऊँहह ऊँहह की आवाज आ रही थी। यह मेरी पहली चुदाई थी तो मुझे पहली बार किसी को चोदने में बड़ा मजा आ रहा था।

धीरे धीरे मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और मेरी मौसी भी आनन्द से ज़ोर से चीखने लगी। मौसी की चुदाई काफ़ी देर करने के बाद मैं झड़ने लगा और थोड़ी ही देर में मैंने अपने सारा माल उमौसी की चूत में ही गिरा दिया।
हम दोनों साथ में ही झड़े और मैं उनके ऊपर ही लेटा रह गया।

थोड़ी देर बाद हम दोनों साथ ही बाथरूम गए और पेशाब किया। मौसी जब पेशाब कर रही थी तो उनके मूतने से शर्र-शर्र की उत्तेजक आवाज आ रही थी।

फिर कमरे में आकर मौसी जी ने फ़िर से मुझे चूमना शुरू किया, मैं उनके ऊपर चढ़ गया और उनके मम्मे चूसने लगा। थोड़ी देर मम्मे चूसने के बाद वो उठ गई और मेरे लंड को अपने मुख में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने और चाटने लगी। मुझे मजा आ रहा था और मैं उनके बाल पकड़ कर उनका सर आगे पीछे करने लगा।

थोड़ी ही देर में मेरा लिन्ग फिर से खड़ा हो गया और फिर मैंने उन्हें घोड़ी बनने को कहा तो वो झट से बिस्तर पर घोड़ी बन गई। मैंने अपने बड़ा सा लण्ड उनकी चूत में टिकाया और अंदर बाहर करने लगा। वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ भरने लगी। फिर मैंने अलग अलग तरह से मौसी की चुदाई की।
उस रात मैंने उन्हें तीन बार चोदा। फिर हम दोनों आपस में गुंथ कर साथ ही सो गए।

सुबह जल्दी उठकर हम दोनों फ्रेश हुए। मौसी ने मेरे पास आकर कान में कहा- क्यों? रात को मजा आया ना?
मैंने भी जवाब में सर हिलाया।

ऐसे ही जब भी मौका मिलता, मैं मौसी की चुदाई करके सेक्स का मजा लेता। फिर वो चली गईं पर मैं अब सेक्स का दीवाना हो चुका था और मैंने कई लड़कियों को चोदा। उनकी कहानी मैं आपको फिर कभी सुनाऊँगा…

और हाँ- चोदते रहो! चोदते रहो…!!!
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