मोसी की वासना जगा कर चुदाई

(Mosi Ki Vasna Jaga Kar Chudai)

मेरी मोसी का फिगर एकदम भरा हुआ और मादकता से भरपूर है कि कोई भी उन्हें देखे तो चोदना चाहेगा. एक बार मैं मोसी के घर गया तो मैंने मोसी की चुदाई कर डाली. कैसे?

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अनिकेत है. मेरी उम्र 20 साल की है. रंग सांवला है. मेरा लंड पांच इंच लम्बा और दो इंच मोटा है. मैं आपको आज मेरे जीवन की सच्ची घटना को एक गंदी कहानी के माध्यम से बताने जा रहा हूँ.

ये घटना मेरी और मेरी मोसी के बीच की है. मेरी मोसी का नाम विनया है. उनकी उम्र 36 साल की है. विनया मोसी का फिगर एकदम भरा हुआ और मादकता से इतना अधिक भरपूर है कि कोई भी उन्हें एक बार देखने से ही उनको चोदने का मन बना लेगा. मोसी का फिगर साइज 36-30-36 का है. उनके एक पुत्र और एक पुत्री है.

मुझे भी शादीशुदा औरतें चोदना बहुत पसंद हैं. मैं बहुत दिन से अपनी विनया मोसी को चोदना चाहता था. मैं जब भी उनके घर जाता, तब उनके बाथरूम में जरूर जाता. उधर उनकी पैंटी और ब्रा टंगी रहती थी. मैं मोसी की ब्रा और पेंटी को अपने लंड पर लपेट कर मुठ मारता था और उनकी मदमस्त जवानी को चोदने का ख्याल करते हुए उनकी ब्रा पेंटी पर अपना पानी छोड़ देता था.

ये बात उस दिन की है जब मैं अकेला ही मोसी के घर गया था. उस दिन मोसी घर पर अकेली ही थीं क्योंकि मेरे मौसाजी अपने बिजनेस के चलते बाहर गांव गए हुए थे.
उनका बड़ा लड़का दिल्ली में रह कर पढ़ाई करता था इसलिए वो भी घर में नहीं था.

मोसी की बेटी मामा के घर उनके गांव गई हुई थी. मोसी की बेटी भी बहुत हॉट है.

मैं मोसी के घर पहुंचा, तो मोसी मुझे देखकर बहुत खुश हो गईं. उन्होंने मेरे पास आकर मुझे अपने गले से लगा लिया और मेरे माथे पर किस किया.

जब मोसी ने मुझे अपने करीब करते हुए मुझे चूमा, तो मुझे उनके मम्मों के निप्पलों चुभने लगे. मुझे मोसी के दूध बहुत भारी लगे. मोसी को किस करते हुए तो यूं समझो मानो मैंने आसमान छू लिया था.

उन्होंने मुझे बड़े प्यार से बिठाया और मुझसे गपशप करने लगीं. कुछ देर में मोसी मेरे लिए चाय बना लाईं और हम दोनों काफी देर तक बातें करते रहे.
इसके बाद मोसी ने मुझसे आराम करने को कहा. वे शाम का खाना बनाने के लिए किचन में चली गईं.

कुछ देर बाद रात के खाने का समय हो गया. मोसी ने मुझे खाना खाने के लिए बुलाया और हम दोनों ने खाना खाया.
खाने के बाद मोसी ने मेरे सोने की कहते हुए बोला- चल तू मेरे साथ मेरे कमरे में बेड पर ही सो जा. आज मैं भी अकेली बोर महसूस कर रही हूँ.
यह सुनकर तो मुझे अपना सपना सच होने वाला लगने लगा.

मैं झट मान गया और मोसी के कमरे में अन्दर आ गया. मोसी बेड पर लेट गईं, मैं उनके बाजू में लेट गया.

मेरे मन में तो मोसी को चोदने का बहुत दिनों से विचार था ही, मैं मुठ मारते समय हमेशा यही सोचता रहता था कि मोसी की चूत का मजा कब मिलेगा.

एक ही बिस्तर पर लेट कर मैं मोसी के साथ गपशप करने लगा. इस वक्त मोसी एकदम बिंदास लेटी हुई थीं, उनकी गहरे गले की मैक्सी से उनकी चूचियों का पूरा नजारा दिख रहा था. उनके मस्त और रसीले मम्मे मुझे उत्तेजित कर रहे थे. मैं उनके मम्मों को बड़ी हसरत से देख रहा था.

उन्होंने इस वक्त जो मैक्सी पहनी हुई थी, उसके गहरे गले के कारण मोसी के चूचे ऊपर को निकल आए थे. उनके मम्मों की दूधिया रंगत मुझे बड़ी दिलकश लग रही थी. मैंने ध्यान से देखा कि मोसी भी मुझे दूध दिखा कर रिझा रही थीं.

कुछ देर बाद मोसी सो गईं. इस समय मोसी मेरी तरफ पीठ करके सो गई थीं. मैं मोसी की पीछे पड़ा लंड हिला रहा था.

जब लंड ने आन्दोलन करना शुरू कर दिया, तो मैंने हिम्मत करते हुए सोच ही लिया कि आज ही मोसी को चोदने का मौका है, मौक़ा हाथ से नहीं जाने देना चाहिए.

इसलिये मैं जरा सा मोसी की तरफ सरक गया. हालांकि मुझे इस वक्त बहुत डर लग रहा, फिर भी मैं साहस करता हुआ आगे बढ़ गया. अब मैंने अपना खड़ा लंड मोसी की गांड की दरार पर टिका दिया. एक पल के लिए मैं ठहर गया और मोसी की गांड से लंड को टच कराने लगा. मेरा लंड गांड मिलने की उम्मीद में फुदकने लगा और झटका मारने लगा.

मैं अपने लंड को मोसी की गांड के छेद पर फिराता रहा. चूंकि मोसी ने एक मैक्सी पहनी हुई थी, उस वजह लंड एकदम से उनके छेद पर टिका हुआ था. मुझे इस समय मोसी बहुत हॉट माल लग रही थीं.

कुछ देर मैं इतजार करता रहा कि मोसी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया तो नहीं होती है. जब कुछ नहीं हुआ, तो मेरी हिम्मत बढ़ी. इसके बाद मैंने अपना एक हाथ मोसी के आगे की तरफ ले जाकर उनके मम्मों पर डाल दिया और यूं ही एक दूध पकड़ कर लेटा लेटा मम्मे की गोलाई का जायजा लेता रहा.

मोसी शायद गहरी नींद में थीं, तो मैंने धीरे से मोसी के दूध को दबा कर देखा … रुका, फिर दबाया. जब कुछ नहीं हुआ, तो मैं मोसी के पूरे दूध को अपनी हथेली में भर कर सहलाने लगा.
अब मोसी की एक हल्की सी कामुक आवाज निकली- आह … ह …
मैं रुक गया.

कुछ पल बाद मैंने फिर से दूध को मसला, तो मोसी भी मजा लेते हुए सिसकारने लगीं. मैं समझ गया कि मोसी भी चुदने के मूड में हैं. मैं मोसी के कान के पास उनको किस करने लगा.
मोसी ने अबकी से कुछ ज्यादा ही मस्त आवाज निकाली- आह … आह … उंह..

मोसी की चुदासी सी आवाज निकली, तो मैंने उनके एक दूध के निप्पल को दबा दिया.

वो ‘इस्स …’ करते हुए जाग गईं और मेरी तरफ घूम गईं. उनके घूमते ही मैं डर गया और आंख बंद करके यूं ही थम गया. तभी मैंने महसूस किया कि मोसी मेरे लंड को सहलाने लगी थीं. मैं अभी कुछ करने का सोचता, तब तक मोसी मेरे होंठों को किस करने लगीं.

अब मैं भी उनके होंठों को चूमने लगा. मेरी मोसी के होंठ एकदम रसीले अलूचा जैसे लाल और बहुत मीठे थे.
मैंने उनके मुँह में जीभ डाल दी और वे मेरी जीभ को चूसते हुए मेरे लंड को मसलने लगीं.

मैंने अब देर करना उचित नहीं समझा बस झट से उठा और अपनी शर्ट उतारने लगा. तभी उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरी शर्ट को निकालने लगीं.
मोसी मुझे चूमने लगीं. मोसी ने कुछ ही देर में मेरी चड्डी छोड़ कर मेरे सब कपड़े निकाल दिए.

अब मैं उठकर उनके पैर चूमने लगा. मैंने पहले मोसी का अंगूठा चूसा, फिर धीरे धीरे ऊपर को आने लगा.

इस वक्त हम दोनों में कोई बात नहीं हो रही थी, बस वासना का समन्दर अपनी हिलोरें ले रहा था. आज मेरी विनया मोसी मेरी अंकशायनी बनी हुई थीं और मैं उनका नया ठोकू बन कर उनकी चुत फाड़ने के लिए उतावला बना हुआ था.

मेरी कामुक हरकतों से वो गजब का तड़पने लगीं और अपने हाथों की मुट्ठियों से बेड की चादर खींचने लगीं. मोसी सेक्स का मजा लेने में लगी हुई थीं.

मैंने उनकी मैक्सी हौले से ऊपर करके उनकी घुंडियों को चूमने लगा, तो तब वो पागलों के जैसे तड़पने लगी थीं.

मैं नीचे को आ गया और मोसी की चिकनी जांघों को चूमने लगा. लगातार ऊपर को आते हुए मैंने उनकी पैंटी पर अपने होंठ रख दिए. एक पल के लिए मोसी की थिरकन और सिहरन ने मुझे उनकी चूत को खा लेने के लिए उतावला कर दिया. मैं पेंटी के ऊपर से ही मोसी की चूत को रगड़ने लगा.

वो गर्मागर्म आहें भरते हुए कहने लगीं- आह अनिकेत प्लीज … मेरी चुत की प्यास बुझा दो.
मैं उन्हें औऱ तड़पाने लगा और पैंटी के ऊपर से चूत को चाटने लगा, तो वो पागल सी हो गईं.

मैं मोसी के ऊपर चढ़ कर उनके पेट को किस करते हुए अपने होंठों को उनकी नाभि से स्पर्श कराने लगा. मोसी के पेट की हरकत मुझे उत्तेजित किए जा रही थी. मैं मोसी की नाभि पर होंठों से किस करने लगा … तो वो एकदम से तड़प उठीं. मैं और ऊपर हो गया और उनके बारी बारी से उनके दोनों मम्मों की टोंटियों को अपने होंठों से दबा कर चूसने और मींजने लगा. मैंने मोसी की चूचियों को चूस चूस कर एकदम लाल कर दिया और मैक्सी को निकाल दिया.

अब मेरे सामने मेरी मोसी सिर्फ काली ब्रा और काली पैंटी में चुदने के लिए तड़प रही थीं. वे मुझसे मेरे लंड को लेने के लिए बेहद उतावली हो उठी थीं.

जब मैंने उनकी इस तड़फ को और भी बढ़ाने का प्रयास किया, तो मोसी से सहन नहीं हुआ और वो मुझे पलटते हुए मेरे ऊपर चढ़ गईं. मोसी मेरी छाती को किस करते हुए नीचे जाने लगीं. जैसे जैसे वो मेरे लंड की तरफ होती जा रही थीं, वैसे वैसे मेरी सांसें तेज होने लगीं.

अब मैंने उठ कर उन्हें अपनी गोद में ले लिया और पीछे से उनकी ब्रा के हुक को खोल दिया. आह मेरे सामने उनके मस्त दूध एकदम से उछलने लगे … मोसी के दूध इतने ठोस और बड़े थे, मानो दो मालदा आम हों. मैं तो मम्मे देख कर पागल ही हो गया.

अब वो बोलीं- क्या सिर्फ देखता ही रहेगा या आगे भी बढ़ेगा.
मैं उनके मम्मों को चूसने लगा और मम्मों का दूध निकालने की कोशिश करने लगा. मोसी मस्त हो गई थीं और वो मेरे सर पर हाथ फेरते हुए मुझे अपने दूध पिला रही थीं.

मोसी मुझसे बोलीं- तुम्हारे मौसा मुझे कभी इतना प्यार नहीं करते … सच में तुमने मुझे खुश कर दिया.
मैं चित लेट गया, मोसी मेरे पेट को चूमते हुए मेरी नाभि को चाटने लगीं. मैं उनकी गर्म सांसों और जीभ की नरमी से बहुत ज्यादा पागल सा हो गया था. मोसी मेरी नाभि को अपनी जीभ से बहुत ही प्यार से चाटती रहीं. मुझे सच में बहुत मजा आ रहा था.

उसके बाद वो मेरी चड्डी के ऊपर से ही मेरे लंड को चूसने लगीं. अब तक तो मेरी चड्डी बहुत ज्यादा गीली हो चुकी थी.

उन्होंने मेरी रस से तर हो चुकी चड्डी को भी बड़े स्वाद लेते हुए चाटा. कुछ पल बाद मोसी ने मेरी चड्डी निकाल दी और मेरा लंड हाथ में पकड़ लिया. अब तक मेरा लंड लंबा बेलन सा बन गया था.

मोसी लंड को देखते हुए बोलीं- अनी, तुम्हारा लंड तो तुम्हारे मौसा जी से भी बड़ा है … मुझे तो इससे चुदवाने से बहुत मजा आएगा.
उन्होंने मुझे खड़ा किया और मेरा लंड चूसने लगीं. जब मोसी मेरा लंड चूस रही थीं, तब मुझे मानो जन्नत का सुख मिल रहा था.

वो करीब दस मिनट तक लंड चूसती रहीं. तभी मुझे लगा कि मेरा पानी निकलने को हो रहा है, तो मैंने उनसे कहा.
इस पर मोसी लंड चूसते हुए ही हाथ के इशारे से बोलीं- आने दो … मेरे मुँह में छोड़ दो.
मैंने रस छोड़ दिया, तो उन्होंने लंडरस पी लिया … चूसते हुए मेरा पूरा लंड साफ कर दिया.

मैं रस निकलने से शिथिल हो गया था, लेकिन विनया मोसी ने लगातार लंड को चूसा था, इससे मैं फिर से चार्ज हो गया था.

अब मैंने उन्हें नीचे किया और उनकी पैंटी के ऊपर से चूत चाटने लगा.

वो आहें भरने लगीं- उम्म्ह … अहह … हय … ओह …

मोसी की चुदासी आवाजें निकलने लगीं, तो मैंने उनकी पैंटी निकाल फेंकी. अब मेरे सामने मोसी की शेव की हुई गीली गीली सी चूत थी. मोसी की सफाचट चुत देख कर मैं किसी पागल कुत्ते की तरह उस पर टूट पड़ा और चुत चूसने लगा.

मैंने करीब दस मिनट तक चुत को चाटा … जिसके बाद मोसी ने पानी छोड़ दिया. मैंने मोसी की चुत का नमकीन अमृत पूरा पी लिया और उनकी चूत को चाट कर साफ कर दिया. उन्हें अपनी चुत चटवाने में बहुत मजा आ गया था.

कुछ पल बाद हम दोनों आगे बढ़ने के लिए फिर से तैयार हो गए थे. मैं उठ कर खड़ा हुआ और उन्हें नीचे लेटा कर उनकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया. इससे उनकी चूत एकदम से ऊपर आ गई. फिर मैं नीचे बैठ कर उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा, तो वो एक तड़पती मछली की तरह तड़पने लगीं और कहने लगीं कि अब ज्यादा भी मत तड़पाओ ना … बस अपना लंड पेल दो. जब से तू आया है … तभी से चुदवाने की आग लगी है, मैंने तेरे लिए ही चुत की झांटें साफ़ की हैं.

मैंने उनकी चूत में अपनी उंगली डाली, तो वो हल्के से चिल्ला उठीं और मजा लेने लगीं. मैं कुछ देर तक अपनी मोसी की चुत को उंगली से ही चोदता रहा.

वो फिर से कुछ ही मिनट में झड़ गईं. मैं मोसी की चुत का पूरा पानी पी गया.

अब उन्होंने कहा- मुझे बहुत मत तड़पाओ … जल्दी चुदाई शुरू करो.

मैं अपना लंड उनकी चुत पर फेरने लगा, उनकी चुत के छेद पर रगड़ने लगा, तो उन्हें और मुझे बहुत मजा आने लगा. पर वो चुदास से तड़प रही थीं, तो मैंने मेरा 5 इंच का मोटा लंड मोसी की चुत के अन्दर एक झटके में ही घुसा दिया.
लंड घुसते ही वो बहुत जोर से चीख पड़ीं. शायद मौसा जी अपना लंड ज्यादा अन्दर नहीं डाल पाते थे.

मैंने अपना आधा लंड अन्दर कर दिया था. फिर मोसी दर्द से तड़फने लगीं, तो मैंने लंड को वैसे ही रोके रखा और उन्हें किस करने लगा. मैंने उनके मम्मों को चूसने लगा, तब कुछ पल बाद मोसी शांत हो गईं.

मैंने फिर से अपना बाक़ी का लंड एक झटके में अन्दर घुसाया, तो वो फिर से ज़ोर से चिल्ला दीं. उनके शांत होने के बाद मैं लंड को हल्के से अन्दर बाहर करने लगा. अब धीरे धीरे उन्हें भी मजा आने लगा.

फिर मैंने अपनी स्पीड को बढ़ाया, तो उन्होंने भी नीचे से ऊपर होना शुरू कर दिया. उस दौरान भी वो एक बार झड़ चुकी थीं, पर मैं अब तक नहीं झड़ा था.

उस वक्त पूरी रूम में हमारे चुदाई की आवाज गूँज रही थी.
वो ‘आह … उह … ओह … आह …’ करके आवाज निकालती रहीं और मैं भी ‘आह … आह …’ करके उनको पेलता रहा.

कोई दस मिनट बाद मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ, तब मैंने उनसे पूछा- मोसी में पानी छोड़ने वाला हूँ … क्या करूँ?
उन्होंने गांड उठाते हुए कहा- अन्दर ही छोड़ो.

मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और पूरा गर्म गर्म पानी उनकी चुत में छोड़ दिया. वो भी मेरे साथ ही झड़ गईं.

मैं और वो शांत होकर एक दूसरे से लिपटे पड़े रहे.

फिर मैंने उनसे चूमते हुए कहा- मैं आपकी गांड मारना चाहता हूँ.

वो पहले तो तैयार नहीं हुई, फिर मेरी कोशिशों के बाद मान गईं.

मोसी ने मेरा लंड फिर से चूस कर खड़ा किया. मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में खड़ा किया. और मैंने अपने खड़े लंड को उनकी गांड के छेद पर रख कर अन्दर डाल दिया.

मेरा लंड अभी एक इंच ही अन्दर गया होगा कि उन्हें बहुत तकलीफ होने लगी. मैंने वहां रखी तेल की शीशी को उठा कर अपने लंड पर टपका दिया. तेल सरकता हुआ गांड की दीवारों से लग गया … जिससे मोसी को रहत मिल गई.

मैंने फिर से जोर लगाया और अपने लंड अन्दर डाला … अब उन्हें तकलीफ नहीं हुई. मेरा लंड भी बड़े आराम से अन्दर घुस गया. फिर मैं धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.

उन्हें भी मजा आने लगा और वो आवाज निकालने लगीं- आह फ़ास्ट …
मैंने भी अपनी स्पीड को बढ़ा दिया.

उस वक्त पूरे रूम में सिर्फ ‘पच पच . … पच …’ की आवाजें आ रही थीं. हम दोनों गांड चुदाई का मजा ले रहे थे.

करीब 20 मिनट बाद मैं झड़ गया और पूरा पानी उनकी गांड में ही छोड़ दिया.

इसके बाद मोसी ने कहा- अब हम दोनों 69 में होकर मजा लेंगे. मैं तुम्हारा लंड चूसती हूँ और तुम मेरी चुत चाटना.
मैं तैयार हो गया. वो मेरे ऊपर चढ़ कर मेरा लंड चूसने लगीं औऱ मैं उनकी चुत चाटने लगा.

करीब 15 मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए. मोसी ने मेरा पानी पी लिया, मैंने भी उनका पानी पी लिया.

वो बोलीं कि आज तक ऐसा मजा मुझे कभी नहीं आया था.

मोसी ने प्यार से मुझे किस किया और मेरे बगल में नंगी ही सो गईं. मैं भी उन्हें अपनी बांहों में ले कर सो गया.

हमारा ये चुदाई का खेल चार घंटे तक चला था, जिसमे वो 5 बार झड़ गई थीं. मैं भी 3 बार झड़ा था. वो रात मेरे लिए बहुत खूबसूरत रात बन गई थी.

फिर सुबह जागने के बाद मोसी मेरे पहले जाग चुकी थीं. वे नहाने चली गई थीं. जब मेरी आंख खुली, तो मोसी नहा कर बाहर आ रही थीं. उन्होंने अपने बाल धोये थे, तो वो बहुत हॉट लग रही थीं.

मैंने उन्हें फिर से एक किस किया और में नहाने घुस गया. उसके बाद हम दोनों ने मौसा के आने तक चुदाई का खेल खेला.

आज भी हम दोनों मिलते हैं और मौका मिलते ही हम दोनों सेक्स का मजा कर लेते हैं.

मेरी मोसी की चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज़ कमेंट्स करना ना भूलें.
धन्यवाद दोस्तो!
लेखक के आग्रह पर इमेल आईडी नहीं दिया जा रहा है.

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