मामी की चूचियां दबाकर चुदाई

(Mami Ki Chuchiya Dabakar Chudai Ki Kahani)

दोस्तो, मैं आपको अपनी सच्ची सेक्स स्टोरी बताने जा रहा हूँ. ये घटना मेरी मामी के और मेरे साथ घटित हुई थी. मेरी मामी बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी माल हैं. मुझे उनको देखकर चोदने का मन करता था, पर मैं कुछ नहीं कर पाता था. मामी की उम्र 32 साल की थी. उनका मादक फिगर 32-28-30 का है. मामी और मेरी खूब जमती थी. हमारी कभी कभी सेक्स की बात भी हो जाती थी.

ये बात उन दिनों की है, जब मैं वाराणसी में रहकर बी.टेक. की तैयार कर रहा था. मैं एक दिन मामा के घर गया, तो मामी देख कर मुस्कुराईं और बोलीं- तुम्हें तो हमारी याद ही नहीं आती?
मैं बोला- मामी आप कैसी बात कर रही हो, मैं सच में आप लोगों को बहुत मिस करता हूँ.

जिस वक्त मैं मामी के घर गया था, उस वक्त मामा काम पर गए हुए थे. मामी के तीनों बच्चे भी स्कूल गए हुए थे. मेरी नानी दूसरे कमरे में थीं. वे दवा खा कर सो रही थीं. मतलब मामी उस वक्त अकेली थीं. चूंकि दोपहर का समय था, तो वे भी वो सो रही थीं.

मैं उनके करीब जाकर मज़ाक में बोला- मामी, आजकल बहुत सो रही हो. क्या बात है? लगता है मामा ध्यान नहीं दे रहे हैं.
तब वो हंसने लगीं.. और बोलीं- मामा का तो मेरी तरफ ध्यान ही नहीं रहता. तुम भी तो मेरी खोज खबर लेने अब आए हो.
मैं हंस कर कहा- डियर मामी.. खोजते खोजते ही तो आपकी खबर लेने आया हूँ.
मामी हंसने लगीं और उन्होंने मुझे बिठा कर चाय नाश्ते का पूछा.

मैंने उनसे कहा- अभी बैठिए, बाद में आपका सब खा लूँगा.
मामी आँख दबा कर बोलीं- मेरा क्या सब खा लोगे?
मैंने भी आँख दबा दी और कहा- नाश्ता.
मामी- किधर वाला नाश्ता?
मैंने कहा- गर्म वाला जिधर से भी मिलेगा, सब खा लूँगा.
हम दोनों हंसने लगे.

मामी मेरे करीब बैठ गईं. मामी बोलीं- मोबाइल में कोई नई मूवी हो, तो चलो उसे देखा जाए.
मैंने कहा- मामी मेरे मोबाइल में इंग्लिश मूवी है, आपके देखने लायक नहीं है.
मामी- दिखाओ तो ऐसा क्या है इसमें?
मैंने फिल्म चला कर मामी को दिखा दी. वो सन्नी लियोनि की सेक्स मूवी थी.

उसे देखकर मामी ने मेरी तरफ़ देखा और मुस्कुरा कर कहा- तू बहुत बिगड़ गया है.
मैंने कहा- मामी, हम आपसे कम बिगड़े हैं.
इसी तरह हम दोनों के बीच चुहलबाजी चलती रही. कुछ देर के लिए हम दोनों अलग अलग सो गए.

उस दिन रात को मामा खाने के बाद अपने दोस्त की शादी में शहर से बाहर चले गए. उन्हें दूसरे दिन वापस आना था. नानी और बच्चे अपने कमरों में सोने चले गए. मामी के बच्चे भी उस रात को खाने के बाद जल्दी ही सो गए थे.

मैं और मामी टीवी देख रहे थे. तभी लाइट चली गई. मामी बोलीं- जाओ तुम भी सामने वाले कमरे में सो जाओ, काफी रात हो गई है.
मैंने कहा- नहीं, आज मैं आपके साथ सोऊंगा. रात में मुझे अकेले सोने में डर लगता है. इतने दिन बाद आपसे से मिला हूँ, प्लीज़ इधर ही सोने दो न.
मामी मान गईं और मज़ाक करते हुए बोलीं- देखो मुझे परेशान मत करना.
मैंने कहा- मेरी कोशिश रहेगी कि आपको जरा सी भी परेशानी न हो.
मामी बोलीं- इसका क्या मतलब हुआ?
मैंने कहा- मतलब आपने यही तो कहा न कि परेशान मत करना.
मामी- हां.
मैं- तो मैंने यही तो कहा है कि मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि आपको परेशानी न हो.

मामी समझ तो गई थीं. लेकिन वे बस हंस कर रह गयी. उसके बाद हम दोनों सो गए.

मेरी रात में 2 बजे नींद खुली तो मुझे बहुत जोर से प्यास लगी थी. मैंने मामी को आवाज देके पानी माँगा. वो अब तक जाग रही थीं. पानी पीने के बाद मैंने उनको पीछे से कसकर पकड़ लिया और कहा- मामी अब नींद नहीं आ रही है.
मामी- क्यों क्या हुआ?
मैं- ना जाने क्यों.

मैं मामी के दूसरी तरफ़ हाथ करके उनके पेट पर उंगली फेर रहा था. इससे उनको मज़ा आ रहा था. मामी शरारत भरी आवाज़ में बोलीं- तुम्हारा मामा भी ऐसी ही करते हैं.
मैंने कहा- मामी, मैं मामा से बहुत आगे हूँ.
मामी- कितना आगे हो?

मैं मामी की चूचियों को धीरे धीरे दबाने लगा. वो कुछ नहीं बोल रही थीं. इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने पूरी हथेली से उनके एक बूब को जोर से दबा दिया. आह की आवाज निकालते हुए मामी एकदम उछल गईं.
मामी बोलीं- बाबू, धीरे करो.

उनकी इस बात से मुझे समझ आ गया कि आज मामी भी चुदना चाहती हैं. उनकी बात सुनकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था. मामी की गांड मेरे लंड के सामने थी. मैंने झट से मामी की साड़ी के ऊपर से ही अपनी पैन्ट में से ही लंड को रगड़ने लगा. साथ ही दोनों हाथों से मामी के मम्मों को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा था. मैं मामी की चूचियों को इतनी जोर से मसल रहा था कि उनकी चूचियां एक की दो हो गई थीं.

फिर धीरे धीरे मैंने उनके ब्लाउज को और साड़ी को निकालते हुए अपने कपड़े भी निकाल दिए. अब हम दोनों अपने अंदरूनी कपड़ों में रह गए थे. मैं मामी के ऊपर लेट कर उनके रसीले होंठों को अपने होंठों के बीच में दबा कर जोरों से चूसने लगा. मामी के होंठ चूसने के साथ ही मैं अपने 6.7 इंच लम्बे लंड को उनकी पेंटी के ऊपर रगड़ रहा था. साथ ही मैं अपने हाथों से उनके तने हुए मम्मों को दबाकर जोर मसल रहा था. कभी कभी मैं उनके होंठ चूसना छोड़ कर उनके निप्पल को चूसने लगता था.

मामी की मदभरी आवाजें अब धीरे धीरे तेज़ होने लगी थीं. कमरे में उनकी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाजें आने लगी थीं. वो एकदम गरमा गई थीं. फिर मैं अपनी एक उंगली को उनकी फूली हुई चूत में डाल कर चोदने लगा.
मेरी एक उंगली मामी की चूत में क्या गई, वो तो एकदम से कामुक आवाजें लेते हुए जोर से ‘अओउउ.. अह.. आहह उहह..’ चिल्लाने लगी थीं.

इसके बाद मैंने 69 में होकर अपना लंड मामी को थमा दिया और मैं उनकी रसभरी चूत को चाटने लगा. वो इतनी अधिक मस्त हो चुकी थीं कि उनकी ज़ोर जोर से निकलती हुई आहें और कराहें ‘आआह.. आआह.. पुच्छ ओउउ..’ कम ही नहीं हो रही थीं. करीब 5 मिनट तक लंड चूत की चुसाई का मंजार चलता रहा.

मामी पूरी तरह से गर्म तो हो ही गई थीं, वे बोलीं- जल्दी लंड डाल कर मुझे चोद दे कमीने.. अब बर्दाश्त नहीं होता.

इसके बाद मैं मामी के ऊपर आ गया और अपने लंड को उनकी चूत की फांकों में रख कर चुदाई के लिए तैयारी करने लगा. मामी की चूत कई दिन से नहीं चुदी थी, सो वे जल्द से जल्द लंड को निगलना चाह रही थीं. ऊपर से मैं उनको सताता हुआ लंड को चूत के ऊपर रगड़ने लगा. वो मुझे अपने अन्दर खींचते हुए ज़ोर ज़ोर से ‘आअहह उहह ऊऊओ..’ की चुदासी आवाजें लेने लगीं.

मामी मेरी छाती पर मुक्का मारने के साथ कहने लगीं- जल्दी चोद कर मेरी बुर फाड़ दे साले … क्यों तड़फा रहा है कमीने.
मैंने उनकी चूत में लंड लगाते हुए एक जोरदार शॉट दे मारा. मामी चिल्लाने लगीं- ऊ मर गई.. साले कमीने सांड.. धीर पेल भोसड़ी के.. ओउउह.. मर गई रे!

मेरा लंड पूरी तरह मामी की चूत की जड़ तक चला गया था. मैं बिना मामी की चिल्लपौं सुने, उनको ज़ोर ज़ोर से चोदे जा रहा था.मैंने मामी जी बिना रुके सटासट लगभग 15 मिनट तक बेरहमी से चोदा. मामी की चूत ने इस बीच पानी भी छोड़ दिया था. लेकिन जब मैं झड़ा तो मेरा पानी और मामी की चूत का रस एक साथ निकला. हम दोनों ही एक साथ झड़ गए.

माल निकल जाने के बाद हम दोनों ही एकदम से शिथिल हो गए थे और बस कुछ ऐसा लगा कि हम दोनों की दम निकल गई हो. हम दोनों बेजान से एक दूसरे के ऊपर निढाल होकर गिर गए.

कुछ समय तक यूं ही आराम करने के बाद मैंने मामी से कहा- मामी, आपकी चूत को चोदने का जो मजा आया है, वो वास्तव में गजब का मजा था.
मामी हंसने लगीं.

मैंने मामी को चूमते हुए कहा- मामी कभी गांड मरवाई है आपने?
ये सुनकर मामी एकदम से कहने लगीं- नहीं.. क्या अब तू मेरी गांड भी मारना चाहता है?
मैंने कहा- हां.. प्लीज़ मामी एक बार ट्राय करो न … आपको खूब मजा आएगा.
वो बोलीं- मैंने अब तक कभी भी गांड नहीं मरवाई है.

कुछ देर तक मामी को मनाने के बाद मैं अपने हाथ से गांड के छेद को सहलाने लगा. उनकी गांड में मैंने एक उंगली डाल दी. वो एकदम से उचक कर ‘आअहह उहह ऊऊओ..’ की आवाज़ करने लगीं.
मैंने बिना देर किए मामी जी डॉगी स्टाइल में करके उनकी गांड पर अपने लंड का सुपारा धर दिया और मामी की गांड के फूल जैसे छेद को लंड की नोक से टहोकने लगा, रगड़ने लगा. मामी जी ‘आआह.. आआआ.. उहह ऊऊओ..’ की आवाजें निकालने लगीं. मैंने धीरे से अपने लंड को मामी की गांड में पेल दिया.

लंड गांड में घुसते ही मामी पागलों सी चिल्लाने लगीं- आह मर गई रे.. बहुत दर्द हो रहा है.
मैंने उनकी बात को अनसुनी करते हुए धीरे धीरे लंड को अन्दर किया. क्या कसी हुई गांड थी मामी की, मुझे अपना लंड टूटता सा लगा. लेकिन गांड में लंड पेलने में मुझे मजा बहुत आ रहा था. सो बस धीरे धीरे लंड को अन्दर तक ठूंस दिया. पहली बार गांड खुल रही थी, तो दर्द होना तो वाजिब था. खैर कुछ देर की पीड़ा के बाद मामी मज़े लेने लगीं.

बस अब मजे का दौर शुरू हो गया था. मामी जी ‘आआअह.. ऊहह.. करते हुए और तेज़ गांड चोदो की आवाज निकालने लगी थीं.
मैं मामी की गांड को 10 मिनट तक मारता रहा. इसके बाद मैंने अपने लंड का सारा पानी मामी की गांड में ही छोड़ दिया.

उस रात को मैंने मामी संग 4 बार सेक्स किया.. जिसमें एक बार उनकी गांड मारने का खेल भी शामिल था.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी सच्ची कहानी, मुझे मेल करके बताएं. मेरा ईमेल एड्रेस नीचे लिखा है.
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