मामी की चूत चुदाई का आनन्द-2

(Mami Ki Choot Chudai Ka Anand-2)

नमस्ते दोस्तो, मैं किरण एक बार फिर से अपनी पिछली सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर आया हूँ. दरअसल यह कहानी मेरे एक दोस्त की है जिसे मैं अपनी शैली में उसकी जुबां से बयाँ कर रहा हूँ।

मेरी पिछली कहानी
मामी की चूत चुदाई का आनन्द
पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। सबसे पहले तो मैं अन्तर्वासना का शुक्रिया अदा करता हूँ जिन्होंने मेरी कहानी को आपके सामने पेश किया और उसे एक अच्छा शीर्षक भी दिया।

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैंने किस तरह मामी जी को अपने लंड के दर्शन करा कर उनकी चूत चुदाई की।
उस रात को मामी जी की दो बार चुदाई की, वो पूरी तरह से संतुष्ट हो गई थी।

सुबह जब मैं उठा तो देखा मामी जी तैयार हो कर किचन में खाना बना रही थी। मैं भी फटाफट तैयार हो गया और किचन में गया, मामी अब भी वहीं थी और रोटियां सेंक रही थी।

मैं धीरे से रसोई में गया और पीछे से मामी जी को कस कर अपनी बांहों में भर लिया और उनके गले को पीछे से चूमने लगा और उनके कान में धीरे से कहा- रोटियां सेंक रही हो, चलो मैं भी सेकता हूँ आपकी चूत को!
इस पर मामी जी ने कहा- कल रात को दो बार सेक चुके हो… मन नहीं भरा क्या?
मैं- मन तो संतुष्ट हो गया है पर जी करता है कि आप को चोदता ही रहूं और बस चोदता ही रहूं!
मामी जी- मैं भी तुमसे चुदाई करने के लिए बेताब हूँ राहुल! कल रात को जो तुमने मुझे मजा दिया वो तुम्हारे मामा जी ने कभी नहीं दिया और ना ही दे सकते हैं। तुमने मुझे तन का असली सुख दिया।

मैं अब मामी जी को उठा कर कमरे मे ले गया, वहां बेड पर लेटा दिया और मैं उनके ऊपर आ गया। मामी जी ने अपनी आँखें बंद कर ली। मैंने उनके होठों पर अपने होठ रख दिए, अपने होठों में उनके होंठ दबा कर मसलने और चूसने लगा।
मामी के होंठों को चूसते हुए ही मैं दूसरे हाथ से उनके स्तनों को भी सहलाने लगा, उनकी साँसें तेज हो गई।

होठों को चूमते मसलते मैं उनकी गर्दन पर चुम्बन करते हुए बड़े बड़े स्तनों के पास आ गया, मैंने उनके ब्लाउज के सभी हुक खोल दिए और उनका ब्लाउज उतार दिया। मामी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी जिसके चलते उनके बड़े बड़े स्तन आजाद हो गए।
उन बड़े बड़े स्तनों को देख कर मैं जोश में आ गया और उन पर टूट पड़ा और उन्हें जोर से दबाने लगा, मैंने मामी के एक स्तन को अपने मुंह में लेकर धीरे धीरे से चूसना शुरू कर दिया, इस तरह बारी बारी से मामी के स्तनों को चूसने लगा। एक एक स्तन को जी भर के चूसा, निपल्स की भी जोर शोर से चुसाई करता रहा। मामी जी भी अपने हाथों से मेरे सर को अपने मम्मों पे दबा रही थीं। उनके के मुँह से ‘आह्हह आह्हह..’ की आवाज निकल रही थी। वो पूरी गर्म हो चुकी थीं।

मामी जी के स्तनों को चूसते वक्त मेरा लंड सख्त हो गया था जो कि मामी जी को चुभ रहा था। मामी जी को जब वह महसूस हुआ तो मुझे कहने लगी- अरे राहुल, तुम्हारा लंड तो सख्त हो रहा है चलो ऐसे में मैं इसकी चुसाई कर देती हूं और तुम मेरी चूत की चुसाई करना।
मैंने कहा- यह तो सोने पे सुहागा है.
और मैंने अपने कपड़े उतार दिये, फ़िर मैंने मामी जी की साड़ी खोली, पेटिकोट भी उतार दिया।

अब मैं मामी के ऊपर आ गया और हम 69 की पोजिशन आ गए यानि कि मेरे सामने मामी की चूत थी और उनके मुंह के सामने मेरा लंड जो कि अब भी अंडरवीयर था।

मैंने मामी की पेंटी नीचे से थोड़ा सरका कर निकाल दी, अब वो पूरी तरह नंग थीं। मैंने धीरे से अपनी एक अंगुली उसकी योनि में डाली और धीरे धीरे से अंदर बाहर करने लगा, फिर अपने होठों से उनकी चूत की चुसाई करना शुरू कर दिया।
मामी जी की साँसें जोर जोर से चलने लगी, उनकी योनि कामरस से भीगी हुई थी।

उसी वक्त मामी जी ने अपने आप को संभाला और मेर अंडरवीयर को जोर से निकाल दिया इसी के साथ मेरा लंबा मोटा लंड नाग की तरह फनफनाता हुआ मामी जी के मुंह के सामने आ गया।
उसे देख कर मामी जी का मुंह एकदम से खुल गया- अरे रे… अभी भी इतना भयंकर दिख रहा है तो चुसाई के बाद क्या होगा!
यह कहते हुए लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी।

इस तरह से हम दोनों एक दूसरे की चुसाई करते रहे।

कुछ देर बाद मामी जी ने कहा- अब रहा नहीं जाता राहुल, जल्दी से चुदाई कर दे मेरी चूत की!
मैं सीधा हो कर मामी के टांगों की बीच में आ गया, उनकी टांगों को चौड़ी करके चूत के मुंह पर लंड को सेट कर एक जोरदार झटका लगाया, आधे से ज्यादा लंड चूत के आर-पार हो गया, इसी के साथ मामी जी की जोरदार चीख निकल गई- आआआ… उऊऊ उफ फफ्फ़… सस्स्स्स्सीईई…

मैं थोड़ी देर रुका और फिर से एक और धक्का लगाया, मेरा लंड अब पूरी तरह चूत में घुस गया, मामी जी जोर जोर से सिसकारियां दे रही थीं। अब मैंने धीरे धीरे धक्के लगाना शुरू कर दिया, मामी को मज़ा आने लगा वो मुझसे कहने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओर जोर से… जोर जोर से चोदो मुझे राहुल!

मैंने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी, मामी भी अपनी कमर को, अपने चूतड़ों को उछाल उछल कर चुद रही थी।
इस तरह करीब पांच मिनट के बाद चुदाई करते हुए अचानक उनकी सासें भी जोर जोर से चलने लगी, इसी बीच मामी ने मुझे कस कर पकड़ लिया और चिल्लाई- आआआ हुउऊ सस्सीईई…
करते करते अपना गर्म गर्म पानी छोड़ दिया।

लेकिन मैं जोर जोर से धक्के लगाता रहा।

कुछ देर के बाद मैंने मामी जी को कहा- अब हमें पोजीशन बदल लेना चाहिए!
फिर मैंने मामी को उल्टा लिटाया और उनके कमर के नीचे तकिया रख दिया जिससे मामी की गांड ऊपर की ओर उठ गई, उसके बाद उनकी दोनों टाँगें खुली कर दी।

उसके बाद अपने दोनों हाथों से मामी जी के चूतड़ों को पकड़ कर फैला दिया जिससे मामी की चूत खुल गयी. फिर मैंने अपने एक हाथ से अपने लंड को पकड़ कर मामी जी की चूत के छेद पर टिका दिया और उनकी कमर पकड़ कर ज़ोरदार धक्का लगाया, मेरा आधे से ज्यादा लंड घुस गया, उनकी हल्की सी सिसकारी निकल गई।

मामी जी की चूत बहुत ही गीली थी, कल रात की और इतनी देर से हो रही चुदाई के कारण चौड़ी हो गई थी। मैंने एक और जोर से धक्का लगाया, मेरा लण्ड अब पूरी तरह से चूत के अंदर समा गया. फिर मैंने फिर से धीरे धीरे धक्के लगाना शुरू कर दिए।
अब उनको भी मजा आ रहा था, वो अपना कमर उछाल उछाल कर मुझसे चुदवा रही थी.

मैंने उसे और जोर से चोदना शुरू कर दिया, अब मामी जी भी मुझे कह रही थीं- और जोर से चोदो… वाह क्या लंड है क्या चुदाई करते हो… आज से पहले ज़िन्दगी में ऐसी मज़ा कभी नहीं आया! मैं धक्के पर धक्के दे रहा था और वो भी उछल उछल कर मेरा साथ दे रही थी। मैं जोर जोर से अपना लंड उनकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा और कुछ ही पलों में मामी जी फिर एक बार झड़ गई।

मैंने मामी की चुदाई जारी रखी और स्पीड बढ़ा दी। करीब दस मिनट के बाद जब मेरे झड़ने का टाईम आया तो मैंने मामी से पूछा- कहां निकालूं मामी?
मामी ने कहा- अंदर ही निकाल दे!
फिर मैंने जोर जोर से मामी की चूत में ही पिचकारियां छोड़ी और मामी जी की चूत मेरे वीर्य से भर गई। सारा वीर्य चूत से बहने लगा!

मामी जी ने कहा- राहुल, तुमने मुझे फिर एक बार आज जन्नत का मजा दिया।
कुछ समय तक हम दोनों वैसे ही पड़े रहे फिर एक दूसरे को बाथरूम में जाकर साफ किया और फिर बेड पर लेट कर बातें करने लगे।

उसके बाद क्या हुआ… यह मैं अपनी गली कहानी में बताऊँगा।

दोस्तो, मेरी मामी की चुदाई कहानी कैसी लगी, यह जरूर बताएं।
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