चूत गाण्ड चुदाई मौसी और उसकी भतीजी की

नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम जय है। यह मेरी पहली कहानी है। बात तब की है जब मैं बी.काम फाईनल का छात्र था।
मेरा परिवार शादी में शहर के बाहर गया हुआ था, मैं घर पर अकेला था।
शाम को सात बजे दरवाजे की घण्टी बजी, मैंने दरवाजा खोला तो मेरी अनीता मौसी और उनके साथ एक सुंदर लड़की थी।
पूछने पर उन्होंने बताया- यह मेरी भतीजी योगिता हैं, दो दिन बाद इसका कांपीटिशन एक्जाम है, इसलिये वह इसे यहाँ पर लेकर आई हैं। यहाँ पर पढ़ाई भी हो जायेगी और यह शहर भी देख लेगी।
मेरी मौसी की उम्र उस समय 35 साल के आसपास होगी, वे बहुत सुंदर और सुडौल शरीर की मालकिन हैं, आज भी बहुत सेक्सी लगती हैं।
उनके साथ ही उनकी भतीजी योगिता भी मस्त और बहुत सुंदर थी, बिल्कुल करीना कपूर की तरह लगती थी।
आज रात का खाना मौसी और योगिता ने मिलकर बनाया था और मैं तो उन दोनों के ख्यालों में खोया हुआ था। मैं किसी भी तरह उन्हें चोदना चाहता था।
रात को खाना खाने के बाद मैंने उनके सोने के लिये एक कमरे में एक ही बिस्तर पर व्यवस्था कर दी। वह कमरा बिल्कुल मेरे कमरे से लगा हुआ था।
मैं अपने कमरे में सोने के लिये चला गया लेकिन मुझे नींद कहाँ आनी थी, मैं कमरे से बाहर आ गया।
उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया था।
मैंने बाहर की सब लाईट्स बंद कर दी। अब केवल उनके कमरे की लाईट चालू थी। मैंने दरवाजे से उनके कमरे के अंदर झांका। अंदर मौसी और योगिता कपड़े बदल रही थी।
मैंने देखा कि मौसी ब्लाउज खोल रही हैं, उन्होंने पेटीकोट भी खोल दिया, अब वे केवल ब्रा और पेंटी में ही थी।
उनका बदन देखते ही बनता था, बिल्कुल दूध की तरह गौरी चिट्टी थी।
योगिता ने कपड़े बदल लिये थे, वह केवल नेकर और छोटी सी टीशर्ट में थी, बिल्कुल छोटी सी सेक्सी गुड़िया दिख रही थी।
मैंने गौर किया कि मौसी केवल ब्रा और पेंटी में थी तो योगिता उन्हें बहुत ध्यान से देख रही थी।
यह सब देखकर मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई।
मैं अपने कमरे में आ गया। मैंने अपने कमरे की खिड़की के छेद से देखना चालू किया। मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं बिल्कुल उनके पास आ गया हूँ क्योंकि यह खिड़की उनके ही कमरे से जुड़ी हुई थी।
मेरे कमरे में अंधेरा था और उनके कमरे की रोशनी छेद से आ रही थी।
मैंने देखा कि मौसी ब्रा और पेंटी में पलंग पर लेट गई, योगिता उनके बगल में लेटी थी। दोनों का एक दूसरे की तरफ मुंह था।
अचानक मौसी ने योगिता का सिर पकड़ा और उसे नरम होंठों पर अपने होंठ रखकर चूसने लगी, योगिता भी उनका साथ देने लगी। दोनों ने एक दूसरे को करीब 10 मिनट तक चूसा।
मौसी ने योगिता की टीशर्ट खोल दी, उसके बोबे साफ नजर आने लगे। दूध जैसे सफेद बोबे पर भूरे रंग के चुचूक थे।
मौसी ने बारी-बारी से दोनों चूची को चूसा और साथ ही साथ उसकी नेकर भी खोल दी।
योगिता की बिना झाट की चिकनी चूत देखकर मैं मस्त हो गया, मेरा दिल मेरे काबू में नहीं था।
योगिता ने भी मौसी की ब्रा खोली और उन्हें चूसने लगी। करीब 5 मिनट तक दोनों चूचियों को चूसने के बाद योगिता ने मौसी की पेंटी भी खोल दी।
अब दोनों पूरी तरह से नंगी हो गई, दोनों बहुत ही सेक्सी नजर आ रही थी।
दोनों ने फिर आपस में होंठ मिलाकर मजा लिया, उसके बाद मौसी सीधी लेट गई।
योगिता पेट के बल मौसी के ऊपर उनकी टांग की तरफ मुँह करके लेट गई। अब वे दोनों इस स्थिति में थी कि योगिता की चूत मौसी के मुँह पर और मौसी की चूत योगिता के मुंह में थी।
दोनों जीभ डाल डालकर एक दूसरे की चूत का रस चूसने लगी। यह देखकर तो मैं पागल सो हो गया था। मैंने इस दरम्यान अपने पूरे कपड़े धीरे-धीरे करके उतार दिये, अब मैं पूरी तरह नंगा हो चुका था।
अब मैं अपने को काबू में नहीं रख पा रहा था, मैंने वहीं से खिड़की धीरे से खोली और उनके पलंग के पास आकर खड़ा हो गया।
मेरा लंड 6 इंच का पूरी तरह तना हुआ अपने शवाब पर था।
वे दोनों अब भी एक दूसरे की चूत चूसने में मस्त थी। तभी योगिता की नजर मुझ पर पड़ी वह बैठी हो गई। वह पूरी तरह चौंक गई थी, मौसी भी बैठी हो गई।
मेरी भी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं।
मैंनें योगिता के होंठो पर होंठ रखकर लालीपोप की तरह चूसना चालू कर दिया।
कुछ देर तो वह मुझे हटाने की चेष्टा करती रही पर फिर वह मेरा साथ देने लगी।
मौसी यह देखकर बोली- क्या तुम दोनों अकेले गांड मरवाओगे, मैं भी तो साथ में हूँ…
यह सुनकर मैं चौका लेकिन खुश भी हो गया कि अब मैं दोनों की चूत-गांड मार सकता हूँ।
मैं मौसी को होंठों का रस चूसने लगा।
मौसी और योगिता दोनों ने मेरे लंड से खेलना चालू कर दिया। मैं मौसी के मोटे-मोटे बोबो का रस चूसने लगा। योगिता मेरे शरीर पर चुम्बन ले रही थी।
उसके बाद मैं मौसी की चूत में मुंह देकर चूसने लगा तो उनके मुंह से आहह…हहह… की आवाज आने लगी।
उसके बाद मैंने योगिता की चूत में मुँह दे दिया। योगिता के मुंह से भी सिसकारी छूटने लगी।
तभी मौसी ने अचानक मेरे लौड़े को हाथ में लिया और अपने मुंह में भरकर चूसने लगी। अब चीखने की बारी मेरी थी पर मौसी मेरे लंड को लालीपाप समझकर चूसे जा रही थी।
अब मैं पानी निकालने वाला था, मौसी ने मेरा पूरा पानी पी लिया।
यह देखकर योगिता बोली- यह तुमने क्या करा… अभी चूत में भी तो डालना बाकी है।
मौसी बोली- योगिता तू इसके लौड़े को चूस… अभी खड़ा हो जायेगा।
योगिता ने मेरे लौड़े को हाथ में लिया और मजे से चूसने लगी। मेरे लोड़े पर जो पानी था वह भी चूस गई। मेरे लोड़ा फिर से तन गया। मैंने योगिता को बिस्तर पर लिटाया और लंड को उसकी चूत पर रखकर एक धक्का दिया, आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और उसकी चीख निकल गई।
मैंने एक धक्का और दिया तो पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। मैं लोड़े को अंदर बाहर करता रहा और उसके होंठों से सिसकारियाँ निकलती रही।
15 मिनट बाद मेरा वीर्य उसकी चूत में छूट गया। योगिता को भी चुदवाने में मजा आ गया।
मौसी बोली- बहनचोद, अब मेरी भी गांड मारेगा या इसी गंडमरी के साथ चिपका रहेगा?
मैं बोला- मौसी आपकी गांड तो ऐसी मारूंगा कि सात जनम तक मुझसे ही चुदवाओगी। चल जल्दी से मेरे लोड़े को अपने मुंह में ले और चूसकर खड़ा कर दे।
मौसी बोली- अभी ले मेरे राजा।
मौसी लंड को चूसने लगी। कुछ देर बाद लंड फिर से खड़ा हो गया। मौसी को मैंने बिस्तर पर लिटाया और एक धक्के साथ उसकी चूत में लोड़े को डाल दिया। मौसी की चीख निकल रही थी।
मैं बोला- मौसी, इतनी बार चुदवा चुकी हो फिर भी आवाज कर रही हो?
मौसी बोली- हाँ रे, तेरा लोड़ा तो बहुत सख्त और मोटा हैं इसलिये आवाज निकल गई। चल जल्दी से चोद दे अपनी मौसी को।
मैं पूरे मन से मौसी को चोद रहा था। उन दोनों की चिकनी चूत में लंड डालकर जो आनंद मुझे प्राप्त हुआ मैं बता नहीं सकता।
मैं मौसी को चोदने में मस्त था और योगिता मेरे शरीर को हर जगह से चूस रही थी।
मैंने मौसी से पूछा- क्यों मौसी, मजा आ रहा है न?
मौसी बोली- बहुत मजा आ रहा है मेरे राजा। और तू मुझे मौसी मत बोल… अनीता मेरी जान बोल।
मैं यह सुनकर और जोश में आ गया, मैं मौसी से बोला- वाह अनीता, मेरी जान तू तो बहुत सेक्सी है, तुझे चोदकर तो मजा आ गया।
यह सुनकर मौसी फ़ूली नहीं समाई और उछल-उछलकर मेरा साथ देने लगी।
12-15 मिनट तक मैं मौसी को चोदता रहा। उसके बाद मैं वीर्य उसकी चूत में डाल ही रहा था कि योगिता ने मेरा लौड़ा मौसी की चूत से निकाला और अपने मुँह में लेकर चूसने लगी।
मैंने बाकी का सारा पानी उसके मुँह में उड़ेल दिया, वह मजे से उसे चूस गई।
अब हम तीनों थककर बिस्तर पर मजे से पड़े हुए थे।
मौसी बोली- क्यों राजा, मजा आया कि नहीं?
मैं बोला- मजा क्यों नहीं आयेगा अनीता डार्लिंग। तुम्हारे जैसी मस्त और सेक्सी लौंडी चैदने को मिल जाये तो समझो स्वर्ग जीत लिया।
पर अभी तो मुझे तुम दोनों की गांड में भी लंड डालकर चोदना है।
यह सुनकर योगिता और मौसी दोनों हंसने लगी। हम तीनों थक गये थे इसलिये नंगे ही सो गये।
सुबह मौसी की नींद जल्दी खुली तो उन्होनें हम दोनों को जगा दिया। फिर मैं उन दोनों की गांड को जमकर चोदा। दोनों पूरी तरह मस्त हो गई।
हम तीनों एक साथ ही नहाने गये और उसके बाद साथ बैठकर नाश्ता किया। हम तीनों के चेहरे खिले हुए थे और मंद मंद मुस्कान होंठों पर खेल रही थी।
हाँ तो दोस्तो, आपको कैसी लगी यह कहानी? मुझे मेरे पर ईमेल करके अपनी राय जरूर बताइएगा।
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पुरानी पी डी ऍफ़ कहानियों में से पुनर्प्रकाशित

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