चाची को करवाई लंड की सवारी

(Chachi Ko Karwayi Lund Ki Sawari)


दोस्तो, मैं दीपक फिर से लेकर आया हूँ अपनी एक और नई कहानी. सबसे पहले मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहूँगा कि आपने मेरी पिछली सच्ची कहानी
चचेरी भाबी के बाद किरायेदार भाबी चोदी
को बहुत पसंद किया. अब मैं अगली कहानी आपके सामने पेश कर रहा हूँ मगर उससे पहले आपको अपने बारे में संक्षिप्त परिचय दे देता हूँ.

मेरा नाम दीपक है और प्यार से घर में मुझे देव बुलाते हैं. मैं तीस साल का हूँ और दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी हाइट 5 फीट और 4 इंच है. मेरे लंड का साइज भी नॉर्मल 6 इंच का है.

आज जो घटना मैं बताने जा रहा हूँ वह आज से एक साल पहले की है. हमारे घर से तीन गली छोड़कर मेरे चाचा-चाची का मकान है. वैसे तो मेरे तीन चाचा हैं और तीनों ही शादीशुदा हैं. मगर सबसे छोटे वाले चाचा थोड़े गे टाइप हैं. आप समझ ही गये होंगे कि मैं क्या कहना चाहता हूँ. इसी बात का फायदा मुझे हुआ. लगभग एक साल पहले छोटे चाचा की शादी हुई थी. मैं भी शादी में गया हुआ था. शादी में पहली बार मैंने चाची को देखा. मैं चाची को देखता ही रह गया. उनका नाम सुजाता है. उनका फीगर भी देखने लायक है.

उनके चूचे कुछ ज्यादा ही बड़े हैं. मेरा मतलब है कि उनके चूचे उनके शरीर के हिसाब से ज्यादा बड़े हैं. मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि देखने वाले की नजर सबसे पहले उनके चूचों पर जरूर पड़ेगी. उनकी गांड भी पॉर्न स्टार की तरह उठी हुई है. नयी शादी हुई थी इसलिए चाची से कम ही बात हो पाती थी. मगर एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि उसके बाद चाची को लेकर मेरा नजरिया ही बदल गया.

बात मेरे जन्मदिन की है. मेरी माँ ने कहा कि सुजाता चाची के घर जाकर भी मैं उनको जन्मदिन की पार्टी के लिए इन्विटेशन देने जाऊं. मैंने एक टी-शर्ट और ढीली सी लोअर पहन ली. मैं चाची के घर के लिए निकल पड़ा.

मगर जल्दी-जल्दी में मैं अपनी लोअर की चेन को बंद करना भूल गया. मैं बिना इस बात पर ध्यान दिये ही चाची के घर पर जा पहुंचा.
जैसा मैंने पहले बताया था कि मेरे चाचा थोड़े समलैंगिक किस्म के व्यक्ति हैं. उस समय वो ड्यूटी पर गये हुए थे. जब मैं चाची के घर पहुंचा तो वह एक लम्बी सी मैक्सी में बैठी हुई कपड़े धो रही थी. उनके घुटने से दबे होने के कारण उनके चूचे लगभग बाहर ही आने को हो रहे थे.

मुझे घर पर आया देख कर चाची उठी और पानी का ग्लास भर कर ले आयी. पानी देने के बाद वह जब वापस जाने लगी तो चाची की गांड की दरार में उनकी मैक्सी फंस गई और जिससे उनकी गांड उभर कर मुझे साफ-साफ दिखाई देने लगी. उनकी गोल सेक्सी गांड को देख कर मेरे लंड में हलचल सी होने लगी.
वापस आने के बाद चाची ने मुझे कॉफी के लिए पूछा तो मैंने मना कर दिया. उसके बाद चाची फिर से कपड़े धोने में व्यस्त हो गई. जैसे ही वो नीचे बैठी उनके चूचे फिर से बाहर निकल कर आने को हो गये.

उनके मोटे चूचों को देख कर मेरे लंड में फिर से हलचल होने लगी. मैं वहीं चाची के सामने बैठ गया. मगर मेरा ध्यान अभी जिप पर नहीं गया था. मेरे बैठने के कारण मेरा जिप वाला भाग थोड़ा सा फैल गया. जिसके कारण मेरे लंड का उभार भी साफ दिखने लगा था. मैं चाची के स्तन देखने में खोया हुआ था.

अचानक चाची की नजर मुझ पर पड़ी और उन्होंने मुझे उनके चूचों को घूरते हुए देख लिया. मेरा ध्यान अभी भी चाची के चूचों पर ही अटका हुआ था. जब ऐसा दो-तीन बार हो चुका तो चाची मुझसे पूछने लगी- देव, तुम्हारा ध्यान कहाँ है?
मैं- कुछ नहीं चाची, बस ऐसे ही!
मैंने हड़बड़ाहट में जवाब दिया.

चाची- मैं सब जानती हूं कि तेरा ध्यान किधर है, मुझसे छिपाने की कोशिश मत कर.
मैं अनजान बनते हुए- चाची, मेरा ध्यान तो कहीं भी नहीं है. आप ये क्या कह रही हैं?
चाची- अच्छा! तो फिर तुम्हारा ये टीवी टॉवर कैसे खड़ा हुआ है?
चाची ने मेरे लंड की तरफ नजरों से इशारा करते हुए कहा.
मैं- सॉरी चाची, मैं जल्दी-जल्दी में चेन बंद करना भूल गया.

चाची- अच्छा हुआ कि तुम यह काला अंडरवियर पहनना नहीं भूले, नहीं तो तुम्हारा ये काला नाग आज निकल कर बाहर ही आ जाता.
चाची ने हँसते हुए कहा.
मैं- नहीं, चाची इतना भी काला नहीं है मेरा लंड. आपकी तरह गोरा है ये!
चाची- बेशर्म, अपनी चाची के सामने ऐसे ‘लंड’ बोलते हुए शर्म नहीं आती तुम्हें?
मैं- चाची, अगर लंड को लंड नहीं कहूँगा तो फिर और क्या कहूँगा?

चाची- तू तो बहुत ही बेशर्म और कमीना है. मैं सब जानती हूँ कि तेरी नजर कहाँ थी और तेरा ये औजार कैसे खड़ा हुआ था. आने दे तेरे चाचा को, मैं उनको तेरी सारी बात बता दूंगी आज.

चाची के मुंह से ये शब्द सुन कर मेरी गांड फट कर हाथ में आ गई. मेरा लंड जो कुछ देर पहले तक तना हुआ था अब वो एकदम से सिकुड़ते हुए चूहा बन गया. मैं चाची पैरों में गिर पड़ा.
मैंने कहा- सॉरी चाची, मैं आगे से ऐसा बिल्कुल नहीं कहूंगा. मगर आप चाचा को कुछ मत बताना प्लीज.
मैंने चाची के पैरों में लेटते हुए रोने का नाटक करना शुरू कर दिया.

चाची ये सब देख कर हँसने लगी. जब मैंने ऊपर देखा तो वह अपने मुंह पर हाथ रख कर हँस रही थी.
चाची- कितना फट्टू है ये … हा-हा-हा, हाय राम!
कहते हुए चाची जोर-जोर से हँसने लगी.

मैं चाची को देख कर हैरान हो गया. मगर साथ ही यह समझ भी गया कि चाची मेरे साथ मजे ले रही है. मैं जान गया था कि चाची अब चाचा को कुछ नहीं बताएगी. बस मेरे साथ मजे लेने में लगी हुई है. अब मेरे अंदर कुछ हिम्मत सी आ गई और मैं सोचने लगा कि बस अब चाची को अपनी बातों में फंसाना है किसी तरह भी. इसलिए मैं थोड़ा सा भावुक हो गया.
मैंने कहा- चाची, आपने तो मेरी फाड़ ही दी थी आज. इससे पहले मुझे इतना डर कभी नहीं लगा. प्लीज आप चाचा को कुछ मत बताना, नहीं तो मेरा यहां आना-जाना ही बंद हो जायेगा.
चाची- हां जानती हूँ, मैं तेरे चाचा को कुछ नहीं बताऊंगी.

इतना कहते ही मैंने चाची को गले से लगा लिया और चाची को थैंक्स कहते हुए कहा- चाची, आपने आज मेरी जान बचा ली.
चाची बोली- बस कर, अगर किसी ने हमें ऐसे एक दूसरे के गले लगे हुए देख लिया मेरी भी फट कर हाथ में आ जायेगी.
इस बात पर हम दोनों ही हँसने लगे और सिचुएशन नॉर्मल हो गई. उसके बाद हम दोनों सामान्य रूप से बात करने लगे.

चाची बोली- अच्छा देव, तुम अपनी गर्लफ्रेंड को भी ऐसे ही घूरते हो क्या?
मैंने चाची को मस्का लगाते हुए कहा- चाची उसके तो इतने हैं ही नहीं, आपके तो बहुत ब… मैं बीच में ही कहते कहते रूक गया.
चाची बोली- कोई बात नहीं देव, हम दोनों दोस्तों की तरह खुल कर बात कर सकते हैं.
चाची के मुंह से इतना सुन कर मेरा रास्ता अब साफ हो गया था. मैंने सोच लिया था कि अब मैं चाची को आराम से गर्म करने की कोशिश कर सकता हूँ.

चाची- तो बताओ, तुम अपनी गर्लफ्रेंड को भी ऐसे ही घूरते हो क्या?
मैं- नहीं चाची, उसके बूब्स तो हैं ही नहीं. आपके तो बहुत बड़े-बड़े बूब्स हैं. इतने मोटे बूब्स मैंने किसी औरत के नहीं देखे हैं.
चाची- अच्छा, तभी तो तुम्हारी नजर मेरी चूचियों से हट नहीं रही है.
मैं- हाँ चाची, मैंने इतनी बड़ी चूचियाँ और इतनी बड़ी गांड शायद ही कभी देखी हो.

चाची- तो तुम्हें मैक्सी में भी मेरी गांड का अंदाजा हो गया?
मैं- जब आप पानी देकर किचन में गई तो आपकी गांड में मैक्सी घुसी हुई थी. उसी वक्त मुझे आपकी गांड की शेप दिखाई दी. उस शेप को देख कर मुझे आपकी गांड का अंदाजा हो गया था.
चाची- तो फिर तुमको मेरी गांड में घुसे हुए कपड़े को निकालना तो चाहिए था न? मैं तो तुम्हारे हथियार को देख कर ही समझ गई थी कि ये क्यों खड़ा है. अब भी देखो कैसे तना हुआ है.
मैं- सॉरी चाची!

मैं पैर से लंड को नीचे दबाते हुए बैठ गया.
चाची- तुम रहने दो, इसे मैं ही सही करती हूँ.
इतना कहकर चाची ने लोअर के ऊपर से मेरे लंड को पकड़ लिया.

चाची- यह तो लोहे की रॉड की तरह हो गया है. बिल्कुल सख्त है और कितना बड़ा भी है. काफी मोटा है तुम्हारा देव!
चाची ने झट से मेरी लोअर को नीचे कर दिया और मेरा तना हुआ लंड चाची के होंठों के ठीक सामने था. लंड को देख कर चाची का मुंह खुला का खुला रह गया.
मैंने चाची की तरफ लंड को हिलाते हुए कहा- क्या हुआ चाची?
वो बोली- देव, तुम्हारा ये लंड तो किसी की भी चूत का भोसड़ा बना देगा.
मैं- क्या मेरा लंड चाचा से भी बड़ा है?
चाची- तुम्हारे, चाचा का भी कोई लंड है? लंड तो तुम्हारा है. कैसे झेल पाऊंगी मैं इतने बड़े लंड को, यह तो मेरी फाड़ कर रख देगा.

मैंने अपने लंड को चाची के होंठों के और करीब कर दिया और चाची ने लपक कर मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और जोर से चूसने लगी. मुझे ऐसा लग रहा था कि चाची मेरे लंड की प्यासी है. उसकी चुसाई इतनी तेज थी कि ऐसा लगा कि मेरे लंड को खा ही जाएगी.

पांच मिनट तक चूसने के बाद चाची ने मेरे सारे कपड़े उतरवाकर मुझे नंगा कर दिया. मैंने भी चाची की मैक्सी को उतार कर चाची को नंगी कर दिया.
नंगी होते ही चाची की छोटी सी चूत मुझे दिखाई दी. उनकी प्यारी सी चूत को देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया.

मैंने चाची को बेड पर लेटा कर हम दोनों को 69 की पोजीशन में कर दिया. मेरा लंड चाची के मुंह में था और ऊपर की तरफ मैंने चाची की गांड को अपने हाथों से फैला कर उनकी चूत को मुंह में भरने की कोशिश शुरू कर दी.
चाची की चूत को चूसते बहुत मजा आने लगा. कुछ ही देर में चाची की चूत ने रस छोड़ना शुरू कर दिया. पूरी चूत गीली हो गई जिसको मैंने चाट कर साफ कर दिया. चाची मेरे लंड को चूसने में इतनी व्यस्त थी कि उसको अपने मुंह से बाहर निकालने का नाम ही नहीं ले रही थी.

इसी बीच में मैंने चाची की चूत को चाटते हुए उनकी गांड में अपनी उंगली डाल दी. चाची बड़े ही आराम से अपना भोसड़ा चटवाने लगी. उन्होंने मेरे लंड को चूस चूस कर लाल कर दिया.
मैं- चाची, आप तो बहुत ही मस्त तरीके से लंड की चुसाई करती हो. इतनी शिद्दत से तो मेरी गर्लफ्रेंड ने भी कभी मेरे लंड को नहीं चूसा.
चाची- अब तुमसे क्या छिपाऊं देव, तुम्हारे चाचा का लंड एक तो बहुत ही छोटा है. अगर उसको मुंह में न लूँ तो वह खड़ा ही नहीं होता. मैं चूस-चूस कर उनके लंड को खड़ा करती हूं तब जाकर हमारे बीच में सेक्स होता है. मगर फिर भी मैं प्यासी रह जाती हूं. वो ज्यादा देर तक कर नहीं पाते.

आज जब मैंने तुम्हारी लोअर के ऊपर से तुम्हारे लंड के उभार को देखा था तो मुझे तुम्हारे साइज का अंदाजा हो गया था. मैं भी खुद को नहीं रोक पा रही थी.
मैं- चाची, आप हो ही इतनी सेक्सी कि आपको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया.
यह कहते हुए मैंने चाची को बेड पर सीधी लेटा दिया और उनकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया ताकि लंड अच्छी तरह से उनकी चूत में अंदर तक जा सके.

उसके बाद मैंने धीरे से चाची की चूत पर अपने लंड को रगड़ा और चाची की चूत पर अपने लंड को सटा दिया. थोड़ा सा दबाव दिया और टोपा अंदर जाने ही लगा था कि चाची चिहुंक गई. मगर मैं रुका नहीं और मैंने जोर लगाते हुए आधा लंड चाची की चूत में घुसा दिया.
चाची दर्द से कराह उठी और बोली- देव, उम्म्ह… अहह… हय… याह… दर्द हो रहा है. बाहर निकालो इसे.

मैं- चाची, अभी तो आधा ही घुसा है.
चाची- बाहर निकालो, बर्दाश्त नहीं हो रहा.
मगर मैंने चाची की बात न सुनते हुए फिर से जोर का धक्का मारा और पूरा लंड चाची की चूत में उतार दिया.

चाची की चीख निकल गई. मैंने चाची के मुंह पर हाथ रख दिया ताकि उनकी आवाज घर के बाहर न जा सके.
कुछ देर के बाद मैंने चाची की चूत में धक्के देने शुरू किये और मेरा लंड चाची की चूत की गहराइयों को मापने लगा. आह्ह … बहुत मजा आ रहा था दोस्तो, ऐसा लग रहा था कि जैसे इससे बड़ा मजा किसी चीज में नहीं हो सकता. चाची की टाइट छोटी सी चूत में मेरा लंड फंसा हुआ था.

धीरे-धीरे चाची का दर्द कम होने लगा तो चाची को भी मजा आने लगा. मैं भी चुदाई का आनंद लेते हुए चाची की चूचियों को पीने लगा.

मैंने कहा- चाची, आपका भोसड़ा चोदते हुए बहुत मजा आ रहा है. मन कर रहा है आपकी चूत में लंड को इसी तरह फंसा कर रखूं.
चाची बोली- आह्ह … हरामखोर, ये चूत थी, तुम्हारा लंड इसको भोसड़ा बना रहा है. अगर तुमने ऐसे ही मेरी चूत की चुदाई की तो ये भोसड़ा बन ही जायेगी.
मैं- चाची, इसे तो मैं भोसड़ा बना कर ही रहूंगा.

इतना कहकर मैंने चाची की दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख लिया और जोर से चाची की चूत की चुदाई करने लगा. चाची की प्यारी सी चूत मजा देकर मुझे पागल बना रही थी. मन कर रहा था दिन रात चोदता रहूँ इसकी चूत को.
उसके बाद मैंने लंड को चाची की चूत से बाहर निकाल लिया.
मैं नीचे लेट गया और मैंने चाची को अपने लंड के ऊपर बिठा लिया. चाची भी बिना देर किये लंड को चूत में लेते हुए उस पर बैठ गई. चाची ने अपनी बड़ी सी गांड को मेरे लंड पर बैठ कर फैला दिया और मैंने नीचे से चाची की चूत में धक्के देना शुरू कर दिया.

बदले में चाची भी मेरे लंड की सवारी करती हुई मेरे लंड पर कूदने लगी. मेरे लंड पर उछल-कूद करती हुई चाची किसी पॉर्न स्टार की तरह लग रही थी. कुछ ही देर की इस धमाकेदार चुदाई के दौरान चाची मेरे लंड पर ही झड़ गई. मेरा लंड चाची की चूत के रस में लथपथ हो गया. उसके कुछ पल बाद ही मेरे लंड ने भी चाची की चूत में वीर्य निकाल दिया.

जब दोनों शांत हो गये तो चाची ने उठ कर मेरे लंड से वीर्य को साफ कर दिया.
चाची बोली- देव, तुमने तो आज मुझे खुश कर दिया. ऐसी खुशी मुझे आज तक तुम्हारे चाचा से कभी नहीं मिली. तुम मेरा साथ कभी मत छोड़ना.

उसके बाद जब कभी भी मौका मिलता है मैं और मेरी सेक्सी चाची चुदाई के खूब मजे लेते हैं.

दोस्तो, मेरी यह कहानी आपको कैसी लगी इसके बारे में मुझे मेल करके जरूर बताना.
मेरी मेल आईडी है- [email protected]

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