चाची की बुर और गाण्ड

प्रेषक : किशोर
हैलो दोस्तो, मेरा नाम किशोर है, मैं राँची से हूँ। जिम करने की वजह से मेरा शरीर काफ़ी फिट और गठीला है। यह एक सच्ची घटना है, जो आज से तीन महीना पहले मेरे साथ हुई।
मैंने अपनी चाची की चुदाई की और उसकी गाण्ड भी मारी। मेरी उम्र 22 साल है और मेरी चाची की उम्र 35 साल होगी। मेरे घर में मैं मेरे माता-पिता और चाचा-चाची रहते हैं।
हुआ यह कि आज से तीन महीने पहले मेरे नानी के घर में किसी की शादी थी, तो मम्मी और पापा को जाना पड़ा, पर मेरे इम्तिहान होने की वजह से मैं नहीं जा पाया। ठीक उसी समय चाचा जी को अपने ऑफिस के काम से एक हफ्ते के लिए बाहर जाना पड़ा। मेरे घर में अब मैं और मेरी चाची ही रह गए थे।
मेरे इम्तिहान होने की वजह से मैं काफ़ी बिज़ी था और काफ़ी दिनों से मुठ्ठ भी नहीं मारी थी, चूंकि मेरा घर लगभग खाली था, तो मैं बाज़ार से कुछ ब्लू-फिल्म की सीडी ले आया था।
मैं अपने कमरे में अपना लैपटॉप पर ब्लू-फिल्म देखने लगा। मेरा लंड खड़ा हो गया। मुझे अपने आप पर कंट्रोल नहीं रहा। मैं अपना लंड हाथ में लेकर हिलाने लगा और मुझे मस्ती आने लगी। तभी चाची मेरे कमरे में आ गईं, मैं चाची को देख कर हड़बड़ा गया और तुरन्त लैपटॉप बंद लिया और अपना लंड पैन्ट के अंदर डाल लिया। पर यह अभी भी तंबू बनकर खड़ा था।
चाची मुझे इस हालत में देखकर थोड़ा शरमा गईं, वो मुझसे बोलीं- खाने में क्या बनाऊँ?
मैं बोला- जो भी आपको पसंद हो आप बना लीजिए।
चाची- ठीक है।
और वो चली गईं, मेरे दिमाग़ में ख्याल आया कि मुझे कोई बुर की ज़रूरत है, क्यूँ ना मैं चाची को ही चोद दूँ।
मैंने फिर से अपना लंड निकाला और सहलाने लगा, फिर चाची के नाम पर मुठ्ठ मारने लगा।
तभी फिर चाची अचानक मेरे कमरे में आ गईं और मैं अपने आप पर काबू नहीं कर पाया। उसके सामने ही लंड को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगा। चाची यह सब देख कर हक्की-बक्की रह गईं।
चाची बोलीं- किशोर ये क्या कर रहे हो?
मैं बोला- कुछ नहीं।
तब तक चाची ने मेरे सामने आकर मेरे लंड को पकड़ लिया।
वो बोलीं- अगर तुम्हें मुठ मारनी ही है, तो मुझे बोलना चाहिए था। मैं काफ़ी अच्छी मुठ मार सकती हूँ।
और वो मेरे लंड को हिलाने लगीं और पूछने लगीं- कभी किसी लड़की की फ़ुद्दी को चोदा है?
मैं- नहीं चाची ऐसा कोई मौका ही नहीं मिला।
चाची- फिर भी तेरा लंड काफ़ी बड़ा है तेरा चाचा से भी बड़ा।
मैं- आपको मेरा लंड पसंद है?
“हाँ..!”
वो लंड को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगीं और मैं मस्ती में आआआआ ईईईईईउउउ करने लगा।
फिर कुछ देर में मेरे लंड से ढेर सारा माल निकल गया और फर्श पर गिर गया।
मुझे काफ़ी सुकून मिला।
चाची बोलीं- तेरा तो काफ़ी ज़्यादा माल निकला… चल अब तू मेरा माल भी निकाल दे।
मेरे लिए तो यह बात जैसे सोने पे सुहागा हो गई!
मैं बोला- ठीक है।
फिर मैंने चाची को गोद में उठाया और बेड पर लिटा दिया।
वो बोलीं- ऐसे क्या करोगे?
मैं बोला- बस देखते जाओ आज मैं तुम्हें स्वर्ग की सैर कराऊँगा।
मैं भी उसके बगल में लेट गया और धीरे-धीरे उसके करीब जाकर उसे कस कर पकड़ लिया, उसके होंठों को चूमने लगा.. और चूसने लगा।
फिर मैंने अपना एक हाथ उसके चूची पर रख दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगा।
वो गर्म होने लगी, फिर मैंने उसकी साड़ी उतार दी, अब वो ब्लाउज और पेटीकोट में थी। मेरा लंड भी दोबारा खड़ा होने लगा।
मैंने उसका ब्लाउज और पेटीकोट भी उतार दिया और उसके चूचियों को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा।
दस मिनट ऐसे ही चुसवाने के बाद वो काफ़ी गरम हो चुकी थी।
चाची- अब चोद भी दो मेरे राजा..!
मैं- जरा रुक जा मेरी रानी… थोड़ा मज़ा तो लेने दे।
मैं खड़ा हो गया और उसके मुँह के सामने अपना लंड ले जाकर बोला- ले रानी, थोड़ा लॉलीपॉप चूस ले !
वो बोली- नहीं गंदा है।
मैं बोला- कुछ नहीं होगा.. चूस कर तो देख..!
फिर भी वो नहीं मानी तो मैंने उसका नाक को पकड़ कर दबा दिया जिससे वो सांस नहीं ले पा रही थी।
उसने मज़बूर होकर अपना मुँह खोला। जैसे ही उसका मुँह खुला, मैंने तुरंत अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और नाक छोड़ दी।
वो धीरे-धीरे मेरे लवड़े को चूसने लगी और मैं अपने एक हाथ उसकी पैन्टी के अंदर डाल कर उसकी बुर को सहलाने लगा। उसे मज़ा आने लगा, तो वो ज़ोर-ज़ोर से लंड को चूसने लगी।
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में दस मिनट तक मज़ा लेते रहे।
वो बोलीं अब और बर्दास्त नहीं होता मेरे राजा मेरी बुर में अपने यह मोटा लंड डाल कर जल्दी से चोद दे इस रंडी को..!
फिर मैं खड़ा हो गया और उसको पेट के बल पर लेटा दिया।
उसकी चूतड़ों के नीचे एक तकिया रख दिया और अपना 8″ का लंड उसकी बुर में डालने लगा, पर मेरा लंड उसकी बुर में नहीं जा रहा था।
थोड़ा कोशिश करने के बाद मेरा आधा लंड उसके बुर में घुस गया, वो चिल्लाने लगी- आआ ईईईईईई… धीरे धीरे डाल रे… मादरचोद… मार दिया रे साले..!
मैं- साली छिनाल रुक… तेरी माँ चोद दूँगा..!
फिर मैं अपने फाडू धक्के मारने लगा।
धीरे-धीरे उसे भी मज़ा आने लगा वो बोली- चोद मुझे और ज़ोर से चोद मुझे..!
वो नीचे से मेरा साथ देने लगी और मैं ऊपर से झटके दे रहा था। कुछ देर बाद मैंने स्पीड और तेज़ कर दी ओर पूरा कमरा हमारी आवाज़ से गूंज रहा था।
फिर मैं 15-20 मिनट तक लगातार चुदाई के बाद झड़ने वाला था, इतनी ठुकाई में चाची 3 बार झड़ चुकी थीं और मैं 10-12 झटकों के बाद उनकी बुर में ही झड़ गया..
फिर 5 मिनट बाद वो मेरा लंड को फिर से चूसने लगी, मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा।
दस मिनट के बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और मुझे उसकी गाण्ड मारना चाहता था, पर वो मना करने लगी, बोलीं- गाण्ड में मत डालो किशोर, बहुत दर्द होगा।
मैं- नहीं रानी, मैं तेरी गाण्ड धीरे-धीरे मारूँगा।
फिर वो राज़ी हो गई, मैं तेल लाया, थोड़ा सा तेल उसकी गाण्ड के छेद में लगाया और अपना थोड़ा अपने लंड पर लगाया।
फिर लंड उसके गाण्ड के छेद में लगाकर धक्का मारा तो सिर्फ़ सुपाड़ा अंदर चला गया।
वो चिल्लाने लगी- उई माँ.. निकालो… मेरी गाण्ड फट जाएगी..!
पर मैंने उसकी बात नहीं मानी.. दुबारा ज़ोर से धक्का मारा तो पूरा लंड उसकी गाण्ड में घुस गया और फिर ज़ोर-ज़ोर से शॉट लगाना शुरू कर दिया।
पाँच मिनट बाद वो भी पूरा साथ देने लगी बोली- मार अपनी चाची की गाण्ड, फाड़ दे..!
मैं- हाँ रंडी, तेरी गाण्ड को चोद-चोद कर गड्डा बना दूँगा।
चाची- आआ आआवआ आआ एयेए उ अयू स्स्स्स्सस्स मार… मार… ज़ोर से मेरी गाण्ड फाड़ दे… और ज़ोर से..!
लगभग 15 मिनट तक ऐसे ही गाण्ड मारता रहा, फिर मैं उसकी गाण्ड में ही झड़ गया।
पूरे दिन चाची की 3 बार और गाण्ड मारी। अगले दिन नहाते समय भी बाथरूम में चाची को चोदा। वो कभी फिर बताऊँगा।
मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।

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