गे सेक्स स्टोरी

गे सेक्स स्टोरी, दो मर्दों के बीच गांड मारने-मराने वाले समलिंगी, गाण्डू, लौण्डेबाजी गे सेक्स की कहानियाँ हिंदी में
Do mardon ke beech Gand Marne Maraane Ki Gay sex kahaniyaan Hindi mein
Gay sex Stories in hindi based on Sex between two males anal sex

दिल मिले और गांड चूत सब चुदी-2

मैंने अपने रूममेट से गांड मरवायी. उसने मेरी मम्मी को भी चोद दिया. अब उसका भाई आने वाला था, वो मेरी गांड अपने भाई के हवाले करने वाला था. क्या मैं इसके लिए मान गयी/गया?

दिल मिले और गांड चूत सब चुदी-1

यह कहानी है एक गांडू क्रॉस ड्रेसर की ... वो है तो लड़का पर ... तब भी दिल से लड़की था. इस गन्दी कहानी में कैसे उसने अपने रूममेट से अपनी गांड मरवायी.

मुझे मिला गांड मरवाने का शौकीन लड़का

मेरी कॉलोनी के बाहर पान की दुकान पर एक लड़का रोज़ खड़ा होकर सिगरेट पीते हुए मुझे बहुत प्यार से ताड़ता है. मुझे वो समलैंगिक लगा. मैंने पान वाले से उसके बारे में पूछा तो ...

एक लड़के को देखा तो ऐसा लगा-3

जिस लड़के से मेरी बात फेसबुक पर हुई थी, उसका लंड तो मैंने चूस लिया था लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी. क्या था वहां का सच? कहानी में पढ़कर जानें.

एक लड़के को देखा तो ऐसा लगा-2

शराब के सुरूर में इन्सान को कुछ पल का मज़ा तो आ जाता है मगर यह सुरूर कई बार हमसे क्या-क्या करवा डालता है ... पढ़ें मेरी कहानी में.

एक लड़के को देखा तो ऐसा लगा … -1

मैं लड़कों में रूचि रखता हूँ और एक लड़के के साथ ही अपनी जिंदगी बिताना चाहता हूँ. भारतीय समाज में ऐसा संभव नहीं है इसलिए मैंने कामेच्छा पूर्ति के लिए दूसरा रास्ता अपना लिया.

देहाती मामा के साथ मेरे अरमान-2

मामा के लंड की तलब ने मुझे पागल सा कर दिया था और कई साल के इंतज़ार के बाद मैं उनसे अपने दिल की बात कह पाया था. अब मामा भी अपने लंड की मस्त चुसाई करवाना चाहते थे.

देहाती मामा के साथ मेरे अरमान-1

मैं गाँव में रहने वाले अपने एक मामा को बहुत पसंद करता था, उन्हें, उनके लंड को छूना, पकड़ना चाहता था. मैंने बहुत कोशिश की और एक दिन मैंने मामा को बोल दिया.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-8

अंकल ने पैसे लेकर मुझे अनजान लड़कों के हवाले कर दिया था चुदने के लिए. इस वक्त मैं उनके सामने नंगी पड़ी थी. वे चारों भी नंगे खड़े थे और एक मुझे चोदने के लिए मेरे ऊपर चढ़ गया.

वह अविस्मरणीय, पूजनीय लंड

सर्दी की एक रात मैं इंदौर में थी. मैं अपने पिछले छेद के लिए किसी मर्द की तलाश कर रही थी. दूध की एक मशहूर दूकान पर काम करने वाला आदमी मुझे उपयुक्त लगा. मैंने उसे कसी पटाया?

कॉलेज में मिला टीचर का बड़ा लंड

मैं बाइसेक्सुअल हूँ. मैं अपना लंड और गांड को हमेशा शेव करके साफ़ रखता हूँ. मेरे कॉलेज के एक टीचर के साथ मेरे गांडू वाले सम्बन्ध कैसे बने, पढ़ें इस कहानी में!

वह खतरनाक शाम

वह खतरनाक शाम ... उस दिन गांड मरवाने का एक नया तरीका भी देखने को मिला था. बाद में मेरी इच्छा हुई थी कि खतरनाक शाम का वह विलेन मेरी गांड फिर से मारे!

बन गयी सत्यम की दुल्हन

उन्होंने समझाया कि मैं दो जिन्दगी जियूं. जब मैं उनके साथ रहूँ तो उनकी बीवी बनकर ... और जब मैं कमरे पर रहूँ या कॉलेज में रहूँ तो विद्यार्थी बनकर रहूँ. सेक्स भी करूं और पढ़ूं भी.

शिक्षक ने गांड चुदाई का सुख लेना सिखाया

मुझे गे सेक्स के बारे में कुछ पता नहीं था लेकिन मेरे एक टीचर की नजर मेरे ऊपर रहती थी. कभी मेरे गाल पकड़ लेते, कभी मेरी गांड पर हाथ मार देते, कभी मेरी जांघों पर हाथ मार देते.

पेंटर बाबू: आई लव यू-2

मैंने उसके लम्बे लौड़े को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. मेरा प्लान था कि मैं उसको चूस चूस कर ही झाड़ दूंगा और मेरी गांड उसके मूसल से बच जायेगी! लेकिन...

पेंटर बाबू: आई लव यू-1

मैं 40 साल का हूँ, उस दिन सब काम से फ्री होकर मैं अपने बिस्तर में नंगा उल्टा पड़ा अन्तर्वासना पर गर्मागर्म कहानी पढ़ते हुए बिस्तर को ही चोद रहा था. तो मेरे साथ क्या हुआ?

पड़ोसी के भतीजे की गांड मारी

मुझे गांड मारने का शौक है. एक दिन मुझे पड़ोस में एक चिकना लड़का दिखा, वो हमारे पड़ोसी अंकल के घर आया हुआ था. मैं अंकल के पास गया तो उस लड़के से परिचय हुआ. बात कैसे बनी, पढ़ें मेरी कहानी में!

एक कुंवारी एक कुंवारा-3

उसने मुझे जबरदस्ती बेड पर लेटाते हुए मेरे चूतड़ों के बीच में लंड लगाकर मुझे नीचे दबा लिया। मैं निकलना चाहता था लेकिन वो नहीं रुका और उसने फिर से वही धक्का मारा...

एक कुंवारी एक कुंवारा-1

समलैंगिकों को कानूनी मान्यता मिलने पर बहुत-बहुत बधाई। यह कहानी तब की है जब मैं पढ़ रहा था और मुझे लड़के अच्छे लगने लगे थे लेकिन मेरी गांड कोरी थी. एक जाट लड़का मुझे अच्छा लगा.

गोरे लड़के ने गांड मरवाई

मन में उमड़ते जज्बात, घुटन और सेक्स की पूरी ना कर सकने वाली चाहत का नतीजा होती हैं कहानियाँ. हमारे सामाजिक और पारिवारिक जीवन को ठेस पहुँचाए बिना खुद को तृप्त करने का जरिया मात्र होती हैं कहानियाँ.

Scroll To Top