समलिंगी, गाण्डू, लौण्डेबाजी गे सेक्स की कहानियाँ

दो मर्दों के बीच गाण्ड मारने-मराने वाले समलिंगी, गाण्डू, लौण्डेबाजी गे सेक्स की कहानियाँ हिंदी में
Do mardon ke beech Gand Marne Maraane Ki Gay sex kahaniyaan Hindi mein
Gay sex Stories in hindi based on Sex between two males anal sex

बरसात में मेरी ज़बरदस्त गांड चुदाई

तेज़ बारिश थी.. मैं बिल्कुल भीग चुका था कि तभी मेरी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। मैं एक घर के बरामदे में रुक गया। तभी अन्दर से एक लड़का मुझे अन्दर बुला कर ले गया।

नौकरी की तलाश में जिगोलो बना और चूत मिली

मैं नेट पर जॉब सर्च कर रहा था। मैंने ‘स्पर्म डोनेट’ वाली जॉब देखी। उनसे बात की, वो सेक्स की प्यासी औरतों के लिए जिगोलो भेजते थे। मेरी पहली ग्राहक के साथ चूत चुदाई पढ़ें।

चाची के भाई ने गांड मारी और मरवाई

चाची के साथ मैं उनके मायके गया तो उनके भाई के साथ सोया। हम बातें कर रहे थे कि सेक्स की बात आ गई। तब पहले मामा ने मुझसे अपनी गांड मरवाई और फ़िर मेरी गांड मारी।

फोटोग्राफर ने गांड मारना सिखाया HOT!

गाँव में भाई की शादी में गया तो वहाँ फ़ोटोग्राफ़र के साथ सोना पड़ा। मैं मूत रहा था तो वो मेरा लंड देखकर मुस्कुराने लगा। यह गांडू सेक्स स्टोरी पढ़ कर मज़ा लें।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-39

पांचों मर्द एक दूसरे के लंड को मुंह में लेकर चूस रहे थे जैसे हम औरतें उनके लंड को चूसती हैं। हम सभी औरतें वहीं बैठ कर उन सभी के इस खेल को देखने का आनन्द ले रही थी।

बॉयज होस्टल में गांड पहली बार चोदी

लड़कों के हॉस्टल में मेरे साथ रह रहे एक लड़के ने मेरा लंड हाथ में ले लिया। वो मुझे बातों में फंसाने लगा, मैं ना कहता रहा.. पर फिर भी वो मेरा लंड मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगा!

फ़ुटबॉल कोच ने मेरी गांड मारी

मैं दिखने में बहुत ही क्यूट था एकदम फेयर कलर था। मैं एक ऐसा लड़का था.. जिसके ऊपर किसी भी लौंडेबाज की नज़र पड़े तो उसका लंड तड़प कर रह जाए।

पहला प्यार.. पहला लंड-3

लंड काफी स्वस्थ लग रहा था.. बिल्कुल सीधा और सख्त था.. मैंने फूले हुए सुपाड़े की चमड़ी पीछे की ओर खींचकर उसके मस्त गुलाबी सुपारे के दर्शन किए.. जिसमें से मदमस्त महक आ रही थी।

पहला प्यार.. पहला लण्ड-2

उसने साइड से लगभग मुझे बांहों में ही भर लिया था और उसका मुँह और होंठ भी मेरे मुँह के काफी करीब थे। उसके मुँह की गर्म भाप मेरे होंठों को छू रही थी.. क्योंकि दिसंबर की ठंड थी..

पहला प्यार.. पहला लंड-1

जब मैं पढ़ता था और मुझे सेक्स, प्यार, लंड, चूत और गांड के बारे में कुछ ज्यादा पता नहीं था और ना ही मुझे कुछ समझ आता था। तब से मुझे मेरी कक्षा का एक लड़का अच्छा लगता था।

नए लड़कों से गांड मारने मराने की दोस्ती-2

अब तक आपने पढ़ा.. मैं शशि की गांड मार चुका था। अब मेरे पीछे सर खड़े थे उनका मन भी मेरी गांड मारने का दिख रहा था। अब आगे… सर का एक हाथ मेरे कन्धे पर था.. दूसरे हाथ से वे कभी-कभी मेरे चूतड़ सहला देते.. कभी मेरे गालों पर हाथ फेर देते। ऐसा वे […]

नए लड़कों से गांड मारने मराने की दोस्ती-1

उसका अंडरवियर झटके से खोल दिया, उसकी पीठ मेरी तरफ थी। मैंने उसे दीवार से टिका दिया। उसके गोरे-गोरे गोल चूतड़ मेरे आगे थे, जो मुझे ललचा रहे थे।

टीचर ने मेरी गांड मारी

स्कूल में मैं सेक्सी लड़का था सब मुझे चिकना बुलाते थे. मैं कम्प्यूटर टीचर से पढ़ने उनके घर गया तो उनके लैपटॉप पर गे वीडियो थी. टीचर ने कैसे मेरी गांड मारी!

लंड चुसवाने का सपना हकीकत में बदला

मैं ट्रेन में चढ़ा.. थोड़ी सी जगह मिलते ही मुझे जोर की नींद आ गई। मैंने एक सपना देखा कि मैं स्वर्ग के देवता इंद्र के साथ उनके विमान पर सफर कर रहा हूँ।

गांडू की महालंड से भेंट-3

मैंने अंडरवियर का नाड़ा खोला और खटिया पर औंधा गांड ऊपर करके लेट गया। आज बहुत दिल धड़क रहा था, मुझे वह लंड चोद रहा था.. जिससे मरवा कर लौंडे इतराते हैं।

गांडू की महालंड से भेंट-2

मैं भाई साहब से शिकायत करूँगा, वे शहर भर के लौडों की गांड मारते हैं.. इस घर में कई नमकीन चिकनों की नथ उजारी गई और उन्हीं के भतीजे की कोई और गांड मार दे।

गांडू की महालंड से भेंट-1

गांड मराने का शौक एक ऐसा शौक है कि इसकी जब आदत पड़ जाती है तो बिना गांड मराए चैन नहीं आता। गांड कुलबुलाती रहती है.. एक कीड़ा सा काटता है..

महाकुम्भ में महालंड-3

हम लोग गाड़ी मैं ही बैठे हुए सोच रहे थे कि अब जगह का जुगाड़ कैसे किया जाये.. हम लोग पेड़ों के झुरमुट में गए। वहां पर क्या हुआ, इस हिंदी सेक्स कहानी में पढ़िए।

महाकुम्भ में महालंड-2

मर्द बिना कपड़ों के, वो भी हज़ारों और एक से बढ़कर एक, वो भी चड्डी में नहाते हुए, हज़ारो लंड और मैं फिर भी प्यासा! लंड को मैं अपने होंटों से भी छू चुका था लेकिन अभी तक मुझे लंड मिला नहीं था।

महाकुम्भ में महालंड-1

पानी में काफी भीड़ होती थी और किसी को ज्यादा ध्यान नहीं होता था, सब लोग चड्डी में ही होते थे, मैं उनके लंड के उभार को देखता जिसमें गीली हो चुकी चड्डी में लंड का शेप साफ दिखाई देता था।

सबसे ऊपर जाएँ