बॉलीवुड अभिनेत्री की चुदाई

(Bollywood Heroine Ki Chudayi)

नमस्कार दोस्तो, कैसे हो आप सब? आप सब ने अन्तर्वासना पर बहुत ही गर्म कहानियाँ पढ़ी होंगी. कुछ कहानियाँ इनमें से कल्पना की गई होती हैं. मैंने सोचा कि मैं भी आपको आज एक शानदार कहानी कल्पना के रूप में पेश करूँ. बॉलीवुड की हिरोइन के लाखों दीवाने लंड उनकी चूचियों की दरार, उनकी गोल-गोल गांड और उनकी मखमली चूत के बारे में सोचकर मुट्ठ मारते रहते होंगे.
आप में से भी बहुत से लोगों ने हिन्दी फिल्मों की हिरोइन के किस सीन को देखकर ही मुट्ठ मार ली होगी. उनके सीन होते ही इतने जबरदस्त हैं कि लंड जब तक हाथ में रगड़ा न जाए उसको चैन नहीं आता. मगर क्या आपने सोचा कि यदि कोई आपकी पसंदीदा हिरोइऩ किसी दिन आपके सामने ऐसे लिबास में आ जाए, जिसमें से उसका मलाई बदन करीब से निहारा जा सके तो आप पर क्या गुजरेगी. जाहिर सी बात है कि आप खुद पर कंट्रोल नहीं रख पाएंगे. इसलिए आपकी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए मैं आपको आज एक ऐसी ही हिन्दी फिल्मों की हिरोइन की कहानी बताने जा रहा हूँ.

आपने एम.एम.एस. तो बहुत देखे होंगे मगर आज मैं आपको पूरी पिक्चर दिखाने की कोशिश करूंगा. जिस हिरोइन की मैं बात करने जा रहा हूँ वह क्रिकेट प्लेयर की गर्लफ्रेंड भी है. उसने तो पता नहीं उसके कितने मजे लिए होंगे मगर हम और आप तो कहानी के जरिए उसके पूरे मजे ले सकते हैं. इसलिए आपका ज्यादा समय न लेते हुए मैं आज की कहानी शुरू करता हूँ. आप भी अपने लंड को पकड़ कर रखिए, कहीं कहानी के बीच में ही आपका लंड आपका साथ न छोड़ दे.

हिन्दी फिल्मों की हिरोइनों की बात ही कुछ अलग होती है. उनको चोदने के लिए लंड हमेशा तैयार मालूम पड़ता है. मैं भी आज आपको अनुष्का वर्मा की चुदाई की कहानी सुनाना चाहता हूँ.
मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह कपोल कल्पित गर्म कहानी पसंद आएगी. मेरा नाम कवि पाठक है और मैं अभिनेत्री अनुष्का वर्मा की वेनिटी वैन का ड्राइवर हूँ. मुझे ज्वाइन किए हुए अभी दो महीने ही हुए थे. अनुष्का की स्माइल को देखकर तो अच्छे अच्छों के लंड मचल जाते हैं मैं तो फिर भी एक ड्राइवर था.

यह बात तब की है जब वह एन.एच-10 नामक फिल्म की शूटिंग कर रही थी. वह दिल की बहुत अच्छी है. उनका व्यवहार मेरे साथ भी काफी बढ़िया था. मुझे उनसे एक मोटी तनख्वाह मिलती थी. मुझे उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में काफी कुछ पता था.
मुझे ये भी पता था कि वह वैनिटी वैन में हीरो के साथ अपनी चूत भी चुदवाती थी. मैं अक्सर उनकी आवाज सुनकर मुट्ठ भी मारा करता था. वैन पर मेरे साथ एक गार्ड भी रहता था. गार्ड का काम यह देखना था कि कोई अंदर न आ पाए. अंदर क्या हो रहा है किसी को कुछ नहीं पता चलता था. एन.एच-10 की शूटिंग में एक दिन उनका बिकनी सीन शूट किया जाना था. उस दिन अनुष्का ने बिकनी पहनी हुई थी.

जब वह शूटिंग करके वैन में आई तो मैं अंदर का सामान ठीक कर रहा था. मुझे देखकर अनुष्का ने एक स्टॉल अपने ऊपर डाल लिया. मगर वह इतना छोटा था कि उसके चूचों की क्लीवेज साफ-साफ दिखाई दे रही थी. नीचे उसकी बिकनी में उसकी गोरी टांगें देखकर मेरे मुंह से लार टपकने लगी.

अनुष्का ने पूछा- क्या देख रहे हो? मैं अच्छी नहीं लग रही क्या?
मैंने कहा- आज तो आप कमाल लग रही हो मैडम.

उसकी चूत का फूलापन देखकर मेरे लंड ने मेरी पैंट में तंबू बना दिया था. मेरा तंबू मेरी पैंट में अब साफ-साफ देखा जा सकता था.

उसने पूछा- इससे पहले तुमने कभी किसी को बिकनी में देखा है क्या?
मैंने कहा- बस फिल्मों में ही देखा है मैडम.
अनुष्का बोली- तभी तो तुम्हारे लंड की हालत खराब हो रही है.
मैंने नीचे की तरफ देखा तो मेरा लंड मेरी पैंट में उछल रहा था.
मैंने कहा- सॉरी मैडम, मुझसे गलती हो गई. आप मुझे माफ कर दीजिए. आप मुझे मेरी इस हरकत पर नौकरी से मत निकालना. मैं आपसे रिक्वेस्ट कर रहा हूँ.
वह बोली- कोई बात नहीं, मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी. मगर उसके लिए तुम्हें मेरी एक बात माननी पड़ेगी.
मैंने कहा- मैं आपके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ मैडम मगर आप मुझे नौकरी से मत निकालना. नहीं तो मेरे बच्चे भूखे मर जाएंगे.
वह बोली- ठीक है, मगर अभी तुम गार्ड से कह दो कि कोई भी अंदर न आने पाए.

मैं गार्ड को बोलकर आ गया कि अंदर किसी को न आने दे. उसके बाद मैं अनुष्का के पास दोबारा आकर खड़ा हो गया. अब तक मेरा लंड वापस बैठने लगा था. मगर पूरी तरह से नहीं बैठा था. जब मैं अनुष्का के पास जाकर खड़ा हुआ तो मेरा लंड फिर से तन गया. मेरी पैंट में उछलने लगा.
मैंने अपनी शर्ट से उसको छिपाने की कोशिश की. मगर वह फिर भी तनकर दिखाई दे रहा था. उसके बाद अनुष्का उठ कर खड़ी हो गई. मैंने सोचा कि अब मैडम सच में गुस्सा हो गई है.
मैंने अपनी नजरें नीचे झुका लीं.
अगले ही पल अनुष्का मेरे पास आई और मेरी पैंट के ऊपर से मेरे खड़े लंड को छूकर हाथ फिराते हुए बोली- बहुत उछल रहा है ये. क्या बात है?

मैंने डर के मारे कुछ नहीं बोला और उसके बाद अनुष्का ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया. वह मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी. मेरा लंड पूरी तरह से तन कर अनुष्का के हाथ में भर गया.
मगर मैं डर के मारे कुछ नहीं बोल रहा था.

अनुष्का बोली- तुम्हारा यह औजार तो बहुत ही मस्त है. मैंने तो कभी ध्यान ही नहीं दिया कि मेरी वैनिटी वैन के ड्राइवर पास इतना लंबा, मोटा और तगड़ा औजार है.
उसके बाद अनुष्का ने मेरी पैंट की चेन खोल दी और मेरी पैंट की चेन के अंदर से हाथ डालकर मेरे कच्छे के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी. अब मेरी आंखें बंद होने लगी थीं. अनुष्का मैडम के हाथों की छुअन से मेरे लंड में बिजली सी दौड़ पड़ी और वह एकदम टाइट होकर किसी रॉड की तरह हो गया बिल्कुल सख्त.

उसके बाद अनुष्का ने मेरी पैंट को खोल दिया और मेरी पैंट नीचे गिर गई. मैं अब शर्ट और कच्छे में खड़ा था और मेरा लम्बा, मोटा लंड मेरे कच्छे में तना हुआ था.
उसके बाद अनुष्का ने मेरे कच्छे को भी उतार दिया और मुझे नीचे से पूरा नंगा कर दिया. मैंने अनुष्का की आंखों में देखा तो उसने मुझे आंख मार दी. मेरी नजर अनुष्का की छाती पर गई तो उसकी क्लीवेज देखकर मेरे लंड ने एक जोर का झटका दे दिया. उसके बाद अनुष्का ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और मेरे लंड के टोपे को पीछे खींचकर उसको सहलाने लगी.
मैं तो पागल सा हो गया. उसने मेरे टट्टों को छेड़ दिया और मैंने अनुष्का की कमर पर हाथ रख दिये. उसके मलाई जैसे मखमली कोमल बदन को छूकर तो ऐसा लगा कि यह स्वर्ग की कोई अप्सरा है.

अचानक से अनुष्का ने मेरे हाथ हटा दिए और मैंने सोचा कि जोश में आकर मैंने गलती कर दी. इतनी बड़ी हिरोइन को छू लेना बहुत ही गुस्ताखी भरा काम है. इसलिए मैडम गुस्सा हो गई है.
अगले ही पल अनुष्का अपने घुटनों पर बैठ गई और मेरे लंड को हाथ में लेकर अपने मुंह के सामने कर लिया और फिर एकदम से अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी. मैं तो उसके होंठों की चुम्मी से सांतवें आसमान पर पहुंच गया. मुझे लगा कि मैं तो 2 मिनट में ही झड़ जाऊंगा.

वह मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी और मैंने उसके सिर को पकड़ लिया और उसको लंड अच्छे तरीके से चुसवाने लगा. मेरा तो जैसे बहुत बड़ा सपना पूरा हो गया था. मैंने कई बार अनुष्का की कामुक आवाजें वैन में सुनी थी मगर आज तो मैं खुद अपने मुंह से कामुक आवाजें निकालने पर मजबूर हो गया. आह्ह्ह … वह मेरे लंड को जोर से चूस रही थी.
कुछ देर तक लंड चूसने के बाद वह बोली- तुम कुछ नहीं करोगे क्या?

उनका इतना कहने की देर थी कि मैंने उसको अपनी बांहों में उठा लिया और सोफे पर ले जाकर आराम से प्यार से लेटा दिया. उसके चूचे उसकी बिकनी से बाहर आने वाले थे. मैंने उसकी बिकनी के ऊपर से उसके चूचों को किस किया. फिर उसने मेरी शर्ट उतरवा दी और मैं पूरा का पूरा नंगा हो गया.
उसके बाद अनुष्का ने खुद ही अपनी बिकनी खोल दी और उसके दूध जैसे चूचे मेरे सामने खुलकर आ गये. उसके चूचे बिल्कुल तनकर खड़े हो गए लग रहे थे. उसके गुलाबी रंग के निप्पल उसके गोरे चूचों के बीच में बहुत ही सुंदर दिखाई दे रहे थे.

उसके बाद मैंने उसके चूचों को दबाना शुरू कर दिया. बहुत ही मुलायम और मस्त चूचे थे उसके. उसके बाद मैं धीरे-धीरे उसके चूचों को चूसने लगा और फिर उसके पेट पर किस करते हुए नीचे की तरफ आने लगा. मैंने कुछ देर तक उसकी नाभि में जीभ को घुसाकर उसको और ज्यादा उत्तेजित कर दिया. उसके बाद मैंने धीरे से मैंने उसकी पैंटी को किस कर दिया. उसकी फूली हुई चूत पैंटी के अंदर से ही उठी हुई दिख रही थी. अब मुझसे कंट्रोल करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो गया था.

मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया और उसकी चूत के दर्शन मुझे हो गए. जो चूत बड़े-बड़े अरबपतियों को नहीं देखने को मिलती वह चूत अब मेरे सामने नंगी थी. उसकी चूत बिल्कुल चिकनी थी. एकदम प्यारी सी. मैंने हल्के से उसकी चूत को किस किया. अनुष्का ने खुद ही अपनी टांगें फैला दीं और अपनी चूत को खोलकर मेरे सामने अच्छी तरीके से लेट गई. मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया.
धीरे-धीरे उसकी चूत में गर्मी आने लगी और उसके मुंह से कामुक सिसकारियाँ निकलने लगी. वह मेरे सामने पूरी की पूरी नंगी पड़ी थी और अपनी चूत को मेरी जीभ से चटवाने का मजा ले रही थी. मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अनुष्का वर्मा की चूत को देख पाऊंगा. मगर आज तो उसकी चूत को मैं अपने होंठों से चूस रहा था. मैंने जरूर कुछ अच्छे कर्म किए होंगे पिछले जन्म में जो उसकी चूत के दर्शन मुझे हुए.

हम दोनों पूरे नंगे थे और दोनों ही सेक्स की आग में जल रहे थे. अनुष्का की चूत से अब पानी टपकना शुरू हो गया था जिसका हर के एक कतरा मैं उसकी चूत से बाहर नहीं जाने देता था. जैसे ही उसकी चूत से रस बाहर आता मैं उसको अपने होंठों से चूसकर पी जाता था. ऐसा अमृत पीकर तो मैं अमर ही हो जाऊं.
मैंने उसकी चूत को अच्छी तरह से चूसना और चाटना जारी रखा और मैडम की आवाजें तेज होती जा रही थी.

वह बोली- आह्ह … बहुत मजा आ रहा है. जल्दी-जल्दी चूसो. इसमें बहुत दिन से खुजली हो रही थी. आह्ह … ओह्ह … चूसो मेरी चूत को मेरे ड्राइवर.
अनुष्का अपनी गांड को उठाकर अपनी चूत को मेरे होंठों पर धकेल रही थी. थोड़ी देर के बाद उसने अपनी चूत में मेरे सिर को दबा लिया और मेरी नाक भी उसकी चूत में जा घुसी. अगले ही पल उसकी चूत से कामरस का झरना सा बह गया. मैं उस झरने की एक-एक बूंद का रस पी गया.

उसके बाद अनुष्का ने मेरे लंड को दोबारा से मुंह में ले लिया और उसको तेजी के साथ चूसने लगी. 2 मिनट में ही मेरे लंड ने उसके मुंह में वीर्य छोड़ दिया. जिसको अनुष्का ने नीचे फर्श पर थूक दिया. उसने टिश्यू पेपर से अपने मुंह को साफ किया और अपने होंठों को पौंछ लिया.

इतनी देर में ही अनुष्का दोबारा से गर्म हो गई थी. उसने मुझे अपने ऊपर लेटा लिया और मेरी गांड को दबाने लगी. मेरा लंड उसकी चूत में जाकर टच होने लगा. धीरे-धीरे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. उसके बाद अनुष्का ने वैनिटी के ड्राअर से एक कंडोम का पैकेट निकाला.
उसने मेरे हाथ में कंडोम का पैकेट थमा दिया और बोली- पहन लो और तैयार हो जाओ मेरी सवारी करने के लिए.

मैंने जल्दी से कंडोम का पैकेट फाड़ कर एक कंडोम निकाला और अपने लंड पर पहन लिया. कंडोम पहनते ही मैडम ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरा लंड अपने हाथ से चूत पर सेट कर लिया. मैंने भी मैडम की इच्छा को भांप कर अपना लंड अनुष्का की चूत में धकेल दिया.
पल भर की देर किए बिना ही मैंने अनुष्का की चूत को चोदना शुरू कर दिया. उसकी टांगें फैल गई और वह चुदाई का मजा लेने लगी. मैं अनुष्का की चूत चोदने में लगा हुआ था.

उसके बाद अनुष्का ने मेरा लंड अपनी चूत से निकलवा दिया और अपनी गांड को उठाकर मेरे मुंह की तरफ कर दिया. मैंने उसकी पीठ को चूमते हुए उसकी चूतड़ों को दबाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे मैं नीचे की तरफ बढ़ रहा था और अनुष्का मेरे चूमने से अपनी गांड को और ऊपर उठाती जा रही थी.
मेरे होंठ उसकी गांड के छेद तक पहुंच गए और मैंने उसकी गांड को चाटना शुरू कर दिया.

वह बोली- गांड में डालने का इरादा है क्या?
मैंने कहा- जैसा आपका हुक्म मैडम, मैं तो आपका सेवक हूँ. आप जहाँ पर बोलोगी मैं वहाँ पर डाल दूंगा.
वह बोली- तो फिर रुके क्यों हो, डाल दो.
मैंने उसकी गांड की दरार को अपने हाथ से चौड़ी किया और अपना लंड उसकी गांड में धकेल दिया. उसके गोरे चूतड़ों ने मेरे लंड को निगल लिया. मैं तो सोच रहा था कि इसको दर्द होगा मगर यह तो आराम से पूरा लंड ले गई. लगता है इसका यार भी इसकी गांड को चोदता है. इसलिए इसको मेरा लंड लेने में परेशानी नहीं हो रही है.

मेरे धक्कों के साथ ही उसके मुंह से फिर से कामुक आवाजें निकलना शुरू हो गई. उसकी आवाजों से माहौल और ज्यादा गर्म होने लग गया. पहले से ज्यादा मदहोशी छा गई. मैं उसकी गांड को चोदते हुए आनंद ले रहा था.

उसके बाद वह फिर से सीधी हो गई और अपनी चूत को मेरे मुंह की तरफ कर दिया. मैं उसकी चूत को चाटने लगा तो उसने मेरे मुंह को अपनी चूत में दबा लिया और फिर दोबारा से मुझे नीचे लेटा दिया. अबकी बार उसने खुद ही अपनी चूत में लंड ले लिया और मेरे ऊपर लेट कर चूत को मेरे लंड पर धकेलने लगी. ऐसा लग रहा था कि वह मुझे चोद रही है. मैंने उसके चूचों को जोर से दबाना शुरू कर दिया.

कुछ ही देर के बाद उसका बदन अकड़ना शुरू हो गया. उसकी चूत से पानी निकल गया और साथ ही मेरा वीर्य भी निकल गया. हम दोनों एक साथ ही झड़ गए और शान्त होने लगे. हमारी सांसें अभी धीरे-धीरे धीमी हो रही थी तभी अनुष्का मैडम को कोई बुलाने आ गया.

मैडम ने जल्दी से अपनी चूत को टिश्यू पेपर से पोंछ लिया और मुझे आगे की तरफ ड्राइविंग सीट की तरफ धकेल दिया. उसने अपनी बिकनी पहनी और तभी गार्ड को अंदर आने के लिए कहा.
गार्ड के कहने पर टीम मेंबर अंदर आया और बोला- मैडम अगला सीन रेडी है.
अनुष्का बोली- आज की शूटिंग कैंसल. मेरी तबीयत ठीक नहीं है. मैं आराम करना चाहती हूँ.

उसने उस आदमी को वापस भेज दिया और दरवाजा फिर से बंद हो गया. फिर मैडम ने मुझे उनके बंगले पर छोड़ने के लिए कहा.
जब मैं वैन लेकर उनके बंगले पर पहुंचा तो मैडम ने मुझे भी अंदर आने के लिए कहा.
मैं अंदर गया तो उनका बंगला देखकर मेरी आंखें फटी रही गई. बंगला नहीं वह तो महल था.

मैडम मुझे अपने रूम में ले गई और जल्दी से मेरे कपड़े उतरवा दिये.
अनुष्का बोली- तुमने मेरी चूत तो चोद दी थी, मगर गांड की चुदाई अभी अधूरी ही रह गयी थी. मैडम ने जल्दी से अपना गाउन निकाल फेंका और मेरे सामने घोड़ी बनकर बेड पर झुक गई. मैंने जेब से दूसरा कंडोम निकाला और मैडम की गांड चुदाई शुरू कर दी. उसके बाद मैंने अनुष्का की गांड चोद-चोद कर उसको थका दिया. तीस मिनट की चुदाई के बाद अनुष्का मैडम की गांड को मैंने चोद-चोद कर उसकी ठुकाई कर डाली.

अनुष्का वर्मा की गांड फिल्मों में ज्यादा बड़ी दिखाई नहीं देती मगर वह मेरे मोटे लंड को आराम से खा गई. उसकी गांड मारकर मुझे इतना मजा आया कि मैं समझ गया कि हिरोइनों की गांड इतनी मस्त क्यों होती है.
मैडम मेरी सर्विस से बहुत खुश हो गया. अब मैडम ने मेरी तनख्वाह भी बढ़ा दी है. अनुष्का वर्मा की चूत चोद कर मैं तो धन्य हो गया. अब मुझे किसी और की चूत पसंद ही नहीं आती.

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी आप मुझे मेल के जरिए बताएँ. आप कहानी पर कमेंट्स भी कर सकते हैं.
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