ननद को अपने पति से चुदवाया-2

(Nanad Ko Apne Pati Se Chudwaya Part-2)

कहानी का पहला भाग: ननद को अपने पति से चुदवाया-1
अब तक आपने इस चुदाई की कहानी में पढ़ा कि मेरी ननद मुझे अपने पति सागर के बड़े लंड से चुदते हुए देख रही थी. फिर वो बाथरूम में अपनी चुत में उंगली करने चली गई.
अब आगे..

अगले दिन भी सुबह चाय मीना को देने को कहा, इस बार सागर को बोला था कि तुमको उठना नहीं है.
मीना सागर के बेड के पास खड़े होकर सागर को आवाज़ दे रही थी, लेकिन सागर उठने का नाम नहीं ले रहा था.

मैं बाहर से सब चुपके से देख रही थी. फिर मीना ने हिम्मत करके चाय टेबल पर रखी और सागर के पास बेड पर बैठ गई. उसने डरते डरते सागर के लंड को हाथ लगाया, दो मिनट तक सहलाया. मीना का हाथ लगते ही सागर का लंड खड़ा होने लगा. तब मीना तुरन्त वहाँ से उठी. मैं भी जल्दी से किचन में आ गई.
मेरे पीछे मीना आई और मुझसे बोली- भाभी मैं नहाने जा रही हूँ.

सब फ्रेश होने के बाद नाश्ता करते वक़्त सागर ने मीना को बोला- दीदी, रात को नींद आई ना ठीक से?
मीना शर्मा कर नीचे देखने लगी. फिर मैं बोली- बिना पति के अकेले में कैसे नींद आएगी बेचारी को.. तुम मेरे बिना सो सकते हो क्या?

मेरी बात सुन के मीना और शर्मा गई. सागर ऑफिस चला गया. तब मीना ने मुझसे पूछा- भाभी, तुमने रात में मस्ती की या नहीं?
मैंने कहा- बिना मस्ती के तेरे भैया सोने देते हैं क्या मुझे? यह तो रोज का काम है.

मैंने टॉपिक चेंज कर दिया. मुझे मीना को और तड़पाना था. शनिवार था बच्चों का स्कूल नहीं था, तो रात को सागर आते वक़्त सबके लिए व्हिस्की लेकर आया था. बच्चों को जल्दी खाना खिला कर सुला दिया और हम सब पीने बैठ गए.
मीना बोली- भाभी मैं एक पैग से ज़्यादा नहीं लेती हूँ.
सागर बोला- दीदी, देखना आज हमारे साथ 3 पैग भी कम लगेंगे तुमको..

चियर्स करके हमने पीना शुरू किया. सबका पहला पैग जल्दी ख़त्म हो गया. दूसरा शुरू हुआ, अब हमको नाटक भी शुरू करना था.

मैं बोली- चलो आज एक गेम खेलते हैं. मैं कार्ड लेकर आती हूँ.
मैं ताश के पत्ते लेकर आई और मीना से बोली- मैं सबको एक एक कार्ड दूँगी. जिसका कार्ड बड़ा होगा, वो छोटे कार्ड वाले को हुकुम करेगा और जो चाहे वो करने को कहेगा.
उन दोनों ने हाँ कर दिया.

मैंने कार्ड बांटे, मुझे बड़ा कार्ड आया और सागर को छोटा कार्ड.
मैंने सागर से कहा- सागर जाओ और हमारे लिए ठंडा पानी और नमकीन ख़त्म हो गया है, वो किचन में से लेकर आओ.
सागर ने जैसा कहा, वैसा किया.

फिर कार्ड बांटे, इस बार मीना का कार्ड छोटा आया और मेरा बड़ा.
मैंने मीना से कहा- मीना अब तुम अपने हाथों से तुम्हारे भाई को शराब पिलाओगी.. तब तक, जब तक ग्लास ख़त्म नहीं होता.
मीना शरमाते हुए सागर के पास गई और ग्लास हाथ में लेकर सागर को पिलाने लगी. सागर का ग्लास पूरा भरा था.

मैंने मीना को बोला- ग्लास ख़त्म होने तक चाहो तो तुम सागर के पास बैठ कर पिला सकती हो.

और उसी वक़्त सागर ने मीना की कमर में हाथ डाल कर मीना को अपनी जाँघों पर बिठा लिया. अब मीना बहुत शरमाने लगी, सागर वैसे ही मीना की कमर पकड़ के पीने लगा.

ग्लास ख़त्म होने के बाद वापस से कार्ड बंटे, इस बार मेरा कार्ड छोटा आया और मीना का बड़ा.
मीना ने मुझे भी वैसा ही सागर की बाहों में जाकर पिलाने को कहा.

मैंने सागर के पास जाकर उसका पैग बनाया और उसकी गोदी में जाकर उसको पिलाने लगी. शराब पीते वक़्त अब सागर मीना के सामने मेरे दोनों मम्मे दबाने लगा. मीना भी देख कर गरम होने लगी.
फिर गेम शुरू हुआ. अब सब अच्छे नशे में आ गए थे. इस बार सागर का कार्ड छोटा आया और मेरा बड़ा.

मैंने सागर को कहा कि अब तुम पूरे नंगे होकर बैठो. सागर ने झट से अपने कपड़े निकाल दिए और खड़ा हो गया.

मीना सागर की ओर देखने लगी, सागर का 8 इंच का लंड तना हुआ था और सलामी दे रहा था. लंड देखकर मीना की तो धड़कन बढ़ गईं और आँखें फटी की फटी रह गईं. फिर कार्ड बंटे.. अब मेरा कार्ड छोटा आया और मीना का बड़ा.

अब मीना भी मस्ती में थी. मीना ने मुझे नंगी होने को कहा. मैं भी झट से नंगी हो गई.
अब सागर और मैं दोनों पूरे नंगे थे. इस बार वापस कार्ड बंटे. सागर का कार्ड छोटा आया और मेरा बड़ा.
मैंने सागर को कहा- सागर अब तुमको अपने हाथ से अपनी प्यारी बहन की नाइटी और ब्रा निकालनी है.
मीना ये सुन कर पानी पानी होने लगी और शर्मा के नज़रें झुका लीं. सागर मीना के पास पहुँचा और मीना को खड़ा करके उसकी नाइटी की लेस निकाली. फिर नीचे से दोनों हाथों से उसकी नाइटी उठा कर ऊपर करके निकाल दी.

अब मीना सिर्फ काले कलर की पेंटी और ब्रा में थी. फिर सागर ने मीना को अपनी और खींचा और अपने बदन पर उसका बदन लेकर पीछे हाथ डाल कर ब्रा का हुक निकालने लगा.

उस वक़्त देखा मैंने मीना पूरी गर्म हो चुकी थी और दोनों हाथों से सागर को कसके पकड़ा था, लेकिन उसी समय सागर ने मीना का ब्रा निकाल कर मीना को झट से अपने से दूर कर दिया.
मीना एकदम से होश में आ गई.

मैं सोचने लगी कि क्यों ना अब मेरा रियल मकसद पूरा कर लिया जाए. फिर सोचा इतनी जल्दी भी क्या है, ज़रा तड़पने तो दो.

मीना ने वापस से कार्ड बांटे, मेरा कार्ड छोटा आया और मीना का बड़ा. मीना मूड में आकर बोली- भाभी, अब तुम मेरे सामने भैया का लंड चूसोगी.
मैं झट से सागर के पास जाकर नीचे बैठ कर लंड चूसने लगी.
मीना और सागर एक दूसरे की नज़र में नज़र मिला कर नजारा देख रहे थे.

अब सब गर्म हो चुके थे. दस मिनट लंड चूसने के बाद वापस से गेम शुरू हुआ. इस बार मीना का कार्ड छोटा आया और सागर का बड़ा कार्ड आया.
सागर मीना को बोला- दीदी, अब तुम अपने हाथों से अपने भैया का लंड अपनी प्यारी भाभी की चुत में डालोगी.
ये बात सुन कर मीना शर्मा गई. मैंने मीना को बोला- मीना, ऑर्डर इज ऑर्डर.. चलो जल्दी.

फिर मीना सागर के पास गई, शरमाते हुए उसका लंड अपने हाथ में लिया और वैसे ही हाथ में लेकर दोनों मेरे पास आये.

पास आकर मीना मुझसे बोली- भाभी आप नीचे लेट जाओ.. भैया का लंड मुझे आपकी चुत में डालना है.

मैं नीचे ज़मीन पर चुत फैला कर लेट गई. सागर भी पोजीशन लेकर मेरे ऊपर चढ़ गया और मीना ने अपने हाथों में अपने भाई का लंड लेकर मेरी चुत पर रखा.
मैंने देखा भाई का लंड हाथ में लेकर मीना का पूरा बदन कांपने लगा था. सागर ने लंड चुत में डाला, मैं चिल्लाई.
तब सागर बोला- अब चोदते हुए ही कार्ड का लास्ट गेम खेल लो.

मैंने मीना को कार्ड बांटने को कहा. इस बार भी मीना का कार्ड छोटा आया और मेरा बड़ा.

मैंने मीना को कहा- हमारे सेक्स होने के बाद तुमको सजा दूँगी और हम वाइल्ड तरीके से सेक्स करने लगे.

सागर मुझे बहुत जोर जोर से चोदने लगा. मीना पास में ही खड़ी होकर हमारा सेक्स देख रही थी.

करीब 20 मिनट के बाद सागर का पानी निकला. सागर मेरे ऊपर से उठ कर बाजू में हो गया.

तब मैं मीना को बोली- मीना अब तुम सागर को बाथरूम ले जाओगी, अपने हाथों से सागर का लंड साफ करोगी और बाद में मेरी चुत भी.

मीना पहले से ही गर्म हुई थी, सागर के साथ बाथरूम में गई.

मैं भी पीछे से गई.. मग में पानी लेकर सागर का लंड साफ करने लगी. तब सागर भी ऊपर से मीना की पीठ पर हाथ फेरने लगा.
मैंने देखा मीना लंड साफ करते वक़्त अपना मुँह लंड के एकदम पास लेकर उसको सूँघ रही थी.
तभी मैं बोली- बस करो मीना अब मेरी चुत साफ करो.

सागर बाहर आ गया और मैं बाथरूम में बैठ गई. मीना ने मेरी चुत पर पानी डाल कर सारा सागर का पानी बाहर निकाला. मीना के हाथ में अब सागर का गाढ़ा वीर्य था. मैंने वो गाढ़ा पानी अपने हाथ में लिया और मीना के मुँह के पास लेकर उसको चाटने को कहा.

मीना अब मदहोश हो चुकी थी. उसने वो पानी चाट लिया, मैंने स्माइल किया और हम बाथरूम में से बाहर आ गए.
मैंने मीना की ओर देखा, तो वो पूरी गर्म हो गई थी.

मैंने सबको खाना खाने को कहा और हम सभी ने नंगे रह कर ही खाना खाया.
मैं बोली- चलो अब सो जाते हैं.
मैं और सागर बेडरूम में सोने को चले गए. मीना बाहर तड़पती रही. मुझे वही चाहिए था, मीना को तड़पाना था.

कल का लास्ट दिन था हमारे पास. कल किसी भी हालत में हमको हमारी योजना सफल करनी थी.

सुबह 8 बजे सब उठे, मैंने कहा- मीना, आज रविवार है, मैं बच्चों को मेरी सहेली के घर छोड़ कर आती हूँ. हम दोपहर में ड्रिंक्स करते हैं. सागर की भी छुट्टी है आज मीना ने झट से हाँ बोल दी. तैयार होने के बाद मैंने सागर को बेडरूम में जाकर सारा प्लान समझाया.

फिर बच्चों को तैयार करके बोली- मीना को मैं सहेली के घर बच्चों को छोड़ आती हूँ.. वहाँ और भी बच्चे हैं, उनके साथ खेलेंगे. यह 30 मिनट में आती हूँ तब तक आप लोग नाश्ता कर लो.
मैं चली गई.

अब तक तो सब प्लान के मुताबिक हो रहा था. बेडरूम में जाकर मैंने सागर को कह दिया था कि तुम सेक्स के लिए ज़रा भी पहल नहीं करना, तुम्हारी दीदी को ही पहल करने देना.

सहेली के यहाँ आकर मैंने बच्चों को छोड़ दिया और कहा कि 4 बजे तक खेलने देना, हम बाहर जा रहे हैं.
बच्चों को छोड़ कर मैं एक होटल में आ गई और वहाँ नाश्ता करने लगी. सुबह के करीब 11 बजे थे. मैंने मीना को कॉल किया और बोली- मुझे एक घंटा और लगेगा. फिर 11.30 को सागर का कॉल आया कि डियर मैं बाथरूम में से बोल रहा हूँ. हम बेडरूम में अब ड्रिंक्स करने वाले हैं. तुम पीछे के दरवाजे को खोल कर चुपके से अन्दर आ जाओ.

मैंने तुरंत ऑटो पकड़ी और घर आ गई. सागर को एक मिस्ड कॉल दिया ताकि सागर मीना को बेडरूम से निकलने ना दे. फिर दूसरे दरवाजे को खोला और अन्दर आ गई. बेडरूम का दरवाजा थोड़ा खुला था. मैंने देखा सागर तैयार था और 2 ग्लास में पैग भर रहा था.
मीना नीले कलर की साड़ी में थी और स्लीवलेस ब्लाउज, जो बहुत लो कट था. वो सागर के बिल्कुल पास में बेड पर बैठी थी. मैंने अलमारी में से कैमरा निकाला और वापस मीना को कॉल किया.

अब मैं धीमी आवाज़ में बोली- मैं सहेली की मम्मी को देखने अस्पताल में आई हूँ. मुझे आने में और दो घंटे लग जाएंगे, तब तक आप पीना शुरू कर दो. मैं बाद में ज्वाइन कर लूँगी.
मैंने फोन रख दिया और बेडरूम के पास आकर देखने लगी.

सागर बोला- किसका फोन था.
मीना बोली- भाभी का.
उनको और 2 घंटे लगने वाले हैं. हमको ड्रिंक्स शुरू करने को कहा.

सागर ने एक ग्लास मीना को दिया और एक खुद ने लिया और चियर्स किया. अब मैंने भी मेरा कैमरा चालू कर दिया और अन्दर का सब रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया. उन दोनों की बातें शुरू हो गईं

मीना- भैया रात में कार्ड के गेम में बहुत मज़ा आया ना..
सागर- हाँ दीदी, पल्लवी हमेशा ऐसी मस्ती करती रहती है. तुमको बुरा तो नहीं लगा ना दीदी.
मीना- नहीं भैया मैंने बहुत इन्जॉय किया, भैया एक बात पूछू आपसे, अगर आप बुरा ना माने तो?
सागर- अरे डरो नहीं, खुल के कुछ भी पूछो.

मीना- भैया आपका लंड सच में बहुत बड़ा है.
सागर- क्यों मेरे जीजू का बड़ा नहीं है क्या?
मीना- उनका नाम भी मत लो भैया.. मर्द कहने के लायक भी नहीं है वो.
तो सागर- क्यों दीदी, ऐसा क्यों कह रही हो मेरे जीजू के बारे में?
मीना- भैया उनका लंड छोटा है सिर्फ 4 इंच का और वीर्य भी 5 मिनट में ही निकल जाता है.
सागर- अरे ये तो बुरी बात है. फिर तुम संतुष्ट कैसे होती हो?
मीना- कहाँ होती हूँ भैया, ऐसे ही तड़पती रहती हूँ. सच में मेरी भाभी इस बारे में बड़ी नसीब वाली है, जिनको आप मिले.

सागर- दीदी बुरा ना मानो तो एक बात कहूँ तुमको?
मीना- बोलिए ना
सागर- तुम बाहर कोई ब्वॉयफ्रेंड क्यों नहीं रखती हो.. इसमें ग़लत भी कुछ नहीं है. आजकल ये सब चलता है.
मीना- सच कहूँ तो भैया मेरे पहले से 2 ब्वॉयफ्रेंड हैं, एक आपके जीजू का दोस्त है और एक हमारे बिल्डिंग का बिना शादीशुदा लड़का है.
सागर- फिर उनसे तो संतुष्ट होती हो ना तुम?
मीना- कहाँ भैया वो दोनों भी सेम उनके जैसे हैं.. छोटा लंड और कम समय में वीर्य निकाल देते हैं.
सागर- ओह, ये तो और भी बुरी बात है.

अब तक दोनों के एक एक पैग खत्म हो गए थे. सागर ने वापस दोनों गिलासों में दारू डाल दी.
मीना- भैया मुझे गर्मी लग रही है, मैं साड़ी निकाल दूँ अपनी?
सागर- व्हाई नॉट दीदी.. घर में वैसे भी कोई नहीं है.

फिर मीना ने अपनी साड़ी के साथ साथ पेटीकोट भी उतार दिया.

मीना अब ब्लाउज और पेंटी में आ गई थी. मीना की दोनों गोरी गोरी टांगें चमकने लगी थीं. मैं सब सीन शूट कर रही थी.

सागर नशे में आ गया था बोला- ब्लाउज भी उतार दो ना दीदी तो और आराम लगेगा.
मीना भी मूड में थी तो उसने झट से अपना ब्लाउज और ब्रा भी निकाल दिया. मीना अपने चूचों को हिला कर बोली- भैया, ये बताओ ना मेरे मम्मे बड़े हैं या भाभी के.

सागर करीब से मीना के दोनों मम्मे देखता है और बोला- दीदी तुम्हारे बड़े हैं. अब मीना सागर के एकदम पास में बैठ गई और सागर की पेन्ट पर हाथ रखकर लंड दबाने लगी.
सागर- दीदी ये क्या कर रही हो तुम?
मीना- भैया आज मुझे तुम्हारे लंड की सवारी करनी है.
सागर- पागल हो गई क्या मीना तुम.. हम सगे भाई बहन हैं और तुम ऐसा सोच रही हो?
मीना- कल जब मैंने तुम्हारे लंड का पानी चखा, तब से मैं पागल ही हो गई हूँ.
सागर- मेरे लंड का पानी? कब चखा?
मीना- जब भाभी की चुत साफ कर रही थी, तब भाभी ने वहाँ अपनी चुत से तुम्हारे लंड का पानी निकाल के मेरे मुँह में चाटने को दिया था.
सागर- तो ये पल्लवी की हरकत थी.. कुछ भी होने दो मीना, मैं यह सब नहीं करूँगा.

अब मीना पूरी तरह से पागल होकर सागर को चूमने लगी. सागर को बेड पर गिरा कर वो उसके ऊपर आकर उसको चूमने लगी और मुँह में मुँह डाल के चुम्बन करना शुरू कर दिया. कुछ मिनट के बाद सागर भी मीना को चूमने लगा.
अब दोनों नंगे हो गए, मीना सागर के लंड के पास आकर बोली- भैया, इतने बड़े लंड से चुदाई करने का आज मेरा सपना पूरा होने वाला है.
मीना ने अपने भाई का लंड मुँह में लेकर पागलों जैसे चूसना शुरू कर दिया. सागर भी बड़े प्यार से अपनी सग़ी बहन से लंड चुसवाता रहा.

कुछ देर बाद सागर ने मीना को नीचे लिटा दिया. उसकी चुत पर लंड रख कर जोर का धक्का मार दिया.
मीना चीख पड़ी- हाय.. मर गई.
सागर अपने मुँह से मीना का मुँह बंद करके उसे चोदने लगा और मैं दोनों भाई बहन की चुदाई अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर रही थी.

फिर पोजीशन चेंज करके सागर मीना को डॉगी स्टाइल में चोदने लगा.

अब सागर ने एक पट्टी लेकर मीना की आँखों पर बांध दी. मीना ने पूछा- ये क्या है?
सागर बोला- देखती जाओ.
उसन पट्टी कसके बाँध दी और मुझे अन्दर आने का इशारा किया. मैं धीरे से बेडरूम में अन्दर आ गई

अब सागर ने मीना को सीधा लेटा कर चोदना शुरू कर दिया. करीब आधे घंटे तक उनकी चुदाई चली. मैंने भी अब क्लोज़अप में सब सीन शूट कर लिए.

जैसे ही सागर का पानी छूटा, मैं बाहर आ गई. कैमरा बंद करके अलमारी में रख दिया और घर के बाहर चली गई.

फिर 20 मिनट बाहर टाइम पास करके मैंने मीना को कॉल किया- मैं 5 मिनट में पहुँच रही हूँ.

कुछ मिनट में मैंने घर जाकर डोर बेल बजाई. मीना ने दरवाजा खोला. अब मीना नाइटी में थी और नार्मल लग रही थी, जैसे कुछ हुआ ही नहीं.
फिर हम सब ड्रिंक्स करने बैठ गए. लेकिन मीना ने मुझे ज़रा भी शक होने नहीं दिया कि उसने अपने भाई के साथ सेक्स किया है.

मैं शाम को बच्चों को लेकर आई. हम सबने रात में खाना खाया उसके बाद सो गए.

तब सागर ने मुझसे कहा- डियर, तुम्हारे सोने के बाद मीना ने मुझे सेक्स करने के लिए बाहर बुलाया है.
मैं हंसने लगी- कोई बात नहीं इन्जॉय करो.. वैसे भी हमारा काम हो गया है. बेचारी को और एक बार खुश कर दो.

फिर मैं सोने का नाटक करने लगी और सागर बाहर चला गया. उसके 10 मिनट के बाद मैं भी बाहर आ गई तो मुझे हॉल में दोनों दिखाई नहीं दिए. मैं किचन में गई तो देखती हूँ कि किचन में दोनों नंगे हैं और मीना आँखें बंद करके सागर का लंड चूस रही है.

मैं वापस बेडरूम में आ गई और सो गई. देर रात में 2 बजे सागर बेडरूम आया और मुझसे बोला- आज 2 बार चोदा, उसको मज़ा आ गया.
मैं बोली- प्लान सक्सेसफुल होगा.
फिर हम दोनों सो गए.

अगले दिन मीना बच्चों को लेकर अपने घर चली गई क्योंकि जीजू आने वाले थे.
सागर ने रात में मुझसे पूछा- अब आगे क्या करना है?
मैंने कहा- अब तुम्हारे जीजू को ट्रैप करना है.
सागर बोला- वो कैसे? क्या तुम मेरे जीजू के साथ सेक्स करोगी?
मैं बोली- क्यों तुमने बहन के साथ किया तो मैं कुछ बोली क्या? वैसे भी मैं मज़े के लिए नहीं सो रही हूँ, तुम्हारे जीजू के साथ हमारा काम करने के लिए सो रही हूँ.

सागर चुप हो गया और मैं सोचने लगी है कि अब जीजू को कैसे फंसाऊं?

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