मैं और मेरे चाचा की लड़की

अक्षित
सब कैसे हो आप? सब को मेरी तरफ से नमस्ते। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है। यह कहानी मेरी एक सच्ची कहानी है, जिसे मैं आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूँ। मुझे आशा है कि आप सबको यह कहानी बहुत पसंद आएगी।
मेरा नाम अक्षित है (बदला हुआ नाम)। मेरी उम्र 22 साल है। मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूँ, मेरा लण्ड 8″ का है। मेरे लंड की सबसे ख़ास बात यह है कि उसकी अभी तक सील नहीं टूटी है। मुझे आशा है कि जल्दी ही इस कहानी के माध्यम से मेरे लंड की सील टूट जाएगी।
मेरे घर से थोड़ी दूरी पर मेरे चाचा जी का घर है। मेरे चाचा के घर में मेरा एक चचेरा भाई और उसकी एक बहन है। आप सब को बता दूँ कि मेरी चचेरी बहन का फिगर 32-34-36 है। उसका नाम शिविका (बदला हुआ नाम) है। उसे देख कर मेरा लंड एकदम तन जाता है और पैंट से बाहर निकलने को आ जाता है। उसका रंग एकदम साफ है।
मैं अपने चाचा के घर सिर्फ़ उसे ही देखने जाता हूँ और फिर देख कर बाथरूम में जाकर मुठ मार कर वापिस आ जाता हूँ। शिविका के चूचे बहुत ही मस्त है। जब वो घर में झाड़ू लगा रही होती है तो मैं उसके चूचे देखता रहता हूँ।
मेरे मन में हमेशा उसके साथ चुदाई करने की इच्छा रहती थी और मैं दिन भर उसके साथ चुदाई करने के प्लान बनाता रहता था। उससे कंप्यूटर चलाने का बहुत शौक था। हम बहुत बार साथ में कंप्यूटर चलाते थे।
आपको बता दूँ कि मैं एक कंप्यूटर इंजीनियर हूँ।
एक दिन में अपनी पेन-ड्राइव में ब्लू-फिल्म्स डाल कर ले गया।
मैंने शिविका के घर जाकर उससे जानबूझ कर कहा- मेरा कंप्यूटर खराब हो गया है और मुझे मेरे दोस्त की पेन ड्राइव से कुछ ज़रूरी डाटा कॉपी करना है।
तो उसने अपना कंप्यूटर ऑन किया, मैंने उससे कहा- मैं पानी पीकर आता हूँ, जब तक तुम कंप्यूटर ऑन करो।
जैसे ही मैं पानी पीकर आया तो मैंने देखा कि शिविका ने कंप्यूटर में पेन-ड्राइव खोली हुई थी और वो उसमें से ब्लू-फिल्म चला कर देख रही थी।
यह सब देख कर मेरा लंड तो पैंट से बाहर निकलने को हो गया।
मैंने कमरे मे जाकर सीधे उसके होंठ पर होंठ रख दिए और उससे पागलों की तरह चूमने लगा। पहले तो वो अपने होंठ मेरे होंठों से हटाने लगी, पर मैं ज़बरदस्ती उसके होंठ चूसे जा रहा था।
धीरे-धीरे वो भी गर्म होने लगी।
फिर मैं उसके बड़े-बड़े कटीले मम्मे ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा। मेरे हाथ लगते ही उसके स्तन एकदम सख़्त हो गए।
फिर मैंने धीरे से उसकी ब्रा में हाथ डाल कर उसके चूचुक दबा दिए, वो धीरे-धीरे ‘आह.. आह’ कर रही थी।
फिर मैं उसकी गर्दन को चूमने लगा, वो गर्म होती जा रही थी। मैंने धीरे से उसकी ब्रा निकाल दी और मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया, उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी।
फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा।
क्या चूत थी..! चूत पर एक भी बाल नहीं था।
उसकी गुलाबी चूत का पानी पीकर आनन्द आ गया।
उसकी चूत बिल्कुल सील बंद थी और मेरा लंड भी सील पैक था।
मैंने उससे अपना लण्ड चूसने को कहा तो उसने बिना मना किए मेरा लण्ड चूसना शुरू कर दिया।
क्या मज़ा आ रहा था.. उस समय मैं तो जन्नत में पहुँच गया था।
मैंने उससे अपना लण्ड धीरे-धीरे हिलाने को कहा और साथ ही साथ चूसने को। फिर हम 69 की पोज़िशन में आ गए। वो मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं उसकी चूत।
मैं उसकी चूत में साथ ही साथ ऊँगली भी डाल रहा था। वो जल्दी ही मेरे ही मुँह में झड़ गई, मैं उसका सारा नमकीन पानी पी गया। अब मैं भी झड़ने ही वाला था क्योंकि वो लण्ड को बड़े ही अच्छे तरह चूस रही थी।
उसने चूसने की रफ़्तार तेज कर दी और मैंने अपना सारा माल उसके मुँह में ही छोड़ दिया, वो मेरा सारा माल पी गई।
फिर थोड़ी देर हम बेड पर लेटे रहे, बिल्कुल एक दूसरे से चिपक कर।
वो मेरा लण्ड पकड़ रही थी और मैं उसकी चूत को मसल रहा था। फिर 10 मिनट के बाद हम एक-दूसरे के होंठों को लगातार 15 मिनट तक चूमते रहे। हम तो जैसे दोनों साँस लेना भूल गए थे। फिर एकदम से मेरी चाची यानी उसकी मम्मी की आवाज़ आई, तो हम दोनों ने एकदम से सारे कपड़े पहन लिए और मैं अपने घर आ गया।
बाद में अगले दिन मैंने उससे चोदने के लिए कहा, परन्तु उसने मना कर दिया और मेरे लण्ड की सील बंद ही रह गई।
आपका अपना अक्षित

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