ममेरी बहन और उसकी सहेली-1

(Mameri Bahan Aur Uski Saheli-1)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

मेरा नाम मेरा नाम शिमत है, दिल्ली का रहने वाला, 21 साल का हूँ। वैसे आजकल मैं हरियाणा के सोनीपत जिले में रहता हूँ।

आज मैं आप लोगों को अपनी कहानी ममेरी बहन के संग के आगे सुनाने जा रहा हूँ, उम्मीद है कि आप लोगों को पसंद आएगी।

वैसे दीदी को कई बार चोद चुका हूँ, पर बार बार चोदने का दिल करता रहता है, मन करता है कि बस चोदता रहूँ !

जब मैं मामा के घर छुट्टियों में दोबारा गया तो मालूम पड़ा कि दीदी के रिश्ते वाले आये हैं। मुझे लगा कि अब तो दीदी चली जाएगी और अब मैं किस के साथ सेक्स करूँगा ! मेरा तो मन ही उदास हो गया और मैं जाकर छत पर बैठ गया।

कुछ देर बाद दीदी आई और बोली- अभी तो मेरी रिश्ते की बात चल रही है, शादी थोड़ी न हुई है, तू इतना उदास क्यों हो गया?

मैं बोला- दीदी, आज नहीं तो कल आप चली आओगी तो मेरा मन कैसे लगेगा? मैं यहाँ तो सिर्फ आप के लिए आता हूँ, अगर आप ही चली जाओगी तो मैं यहाँ आकर क्या करूँगा?

दीदी बोली- तब की तब देखेंगे, अभी क्यों उदास हो गया? अभी तू अपना मूड ठीक कर ! मैं तेरे लिए जूस लेकर आती हूँ।

मैं बोला- ठीक है !

फिर दीदी जूस लेकर आई और कहा- ले जूस पी ले !

मैं जूस पी रहा था कि दीदी बोली- अगर मैं चली गई तो तू किसके साथ मजे करेगा? तेरी तो कोई गर्ल फ्रेंड भी नहीं है !
मैं बोला- दीदी, इसीलिए तो मैं उदास था !

इतने में दीदी की सहेली प्रिया वहाँ आ गई और दीदी को बोली- क्या हाल हैं? आजकल तो शादी की बातें हो रही हैं?
दीदी बोली- बस कुछ नहीं ! ऐसे ही चल रहा है !
फिर प्रिया बोली- यह कौन है?
दीदी बोली- मेरा कजन है शिमत ! अभी सोनीपत में रहता है।

प्रिया बोली- हाय शिमत ! कैसे हो?
मैं बोला- ठीक हूँ।
प्रिया बोली- तू उदास क्यों लग रहा है?
दीदी बोली- मेरी शादी को लेकर पेरशान है।
प्रिया बोली- क्या बात है? अपनी दीदी से इतना प्यार करता है?
मैं बोला- प्यार तो इतना करता हूँ कि बस क्या बताऊँ !

दीदी हंस पड़ी।
फिर प्रिया बोली- क्या हुआ?
दीदी बोली- कुछ नहीं !

प्रिया को कुछ शक सा हुआ पर कुछ नहीं बोली। फिर वो दोनों मार्केट की तरफ चले गईं। वापिस आकर दीदी ने बताया- प्रिया बार-बार पूछ रही थी कि मैं क्यों हंसी थी।
मैंने कहा- तूने क्या बताया?

दीदी बोली- वो जिद कर रही थी तो मैंने सब कुछ बता दिया कि हमारे बीच में क्या चल रहा है।
मैंने कहा- दीदी, वो क्या सोचेगी?
दीदी बोली- सोचने दे उसको ! तू अपना समय क्यों खराब कर रहा है? चल जल्दी से कुछ कर ले ! नहीं तो मम्मी आ जाएगी !
मैंने कहा- क्यों नहीं !

फिर हमने क्या मज़े किए, मैंने झट से दीदी के स्तन पकड़ लिए और दबाने लगा।
दीदी बोली- जोर से दबा ! मज़े आ रहे हैं !

मैंने दीदी के होंठों को चूमा और अपने हाथ दीदी की सलवार में डाल दिए। क्या चूत है यार दीदी की ! इतनी बार मारने के बाद भी क्या मज़ेदार चूत है यार ! मैंने तो दीदी की चूत का सारा पानी पी लिया। क्या स्वाद था यार !
फिर मैंने दीदी के चूतड़ चाटे।
क्या स्वाद है यार !

मैं बोला- दीदी, शादी के बाद मुझे यह सब करने दोगी क्या?
दीदी बोली- बिल्कुल ! सब कुछ करना ! जो दिल में आये वो सब कुछ कर लेना ! पर अभी तो मुझे चोद दे !

मैंने दीदी की चूत में डाल दिया अपना लण्ड और थोड़ी देर बाद हम दोनों का काम तमाम हो गया।
हम शान्त होकर आराम से बैठ गए और दीदी घर का काम करने में लग गई। मैं छत पर चला गया।
फिर दीदी भी काम खत्म करके छत पर आ गई।

हम छत पर बैठे थे, दीदी बोली- मैं प्रिया को कुछ बताना नहीं चाहती थी पर उसने इतना जोर दिया कि मुझे बताना पड़ा !
मैं बोला- कोई बात नहीं ! जो होगा, देखा जायेगा !
और हम जाकर अपने अपने कमरे में सो गए।
क्रमशः
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