मामा की लड़की की चुदाई-3

मेरी प्यारी चुदासी औरतें और तमाम चूतवालियों आपको सन्जु का प्यार। आशा करता हूं कि अभी तक की कहानी जो हकीकत है आप सबको पसन्द आयी होगी और तमाम चूतें रस से लबालब भर गयी होंगी। मैं हमेसा तैयार हूं किसी भी चूत को मारने के लिये। मेरा तो दिल करता है जैसे सभी खेलों का विश्वकप होता है वैसे ही लंड चूत के खेल का भिउ विश्वकप होना चाहिये। अब आपको आगे की कहानी बताता हूं।

शीला, पाठकों गलती से भाग-२ में इसका नाम शालु लिख दिया है आप नाम को छोड़िए और घटना का आनन्द लीजिये, कि जबरदस्त चुदाई के बाद हम दोनो पस्त होकर सो गये। शीला बोली “राजा तूने आज इस चूत का खूब मजा लिया और मुझको भी मजा दिया। सचमुच इतनी जबरदस्त चुदाई मेरी आज तक नहीं हुई थी। मेरी तो पूरी चूत दर्द कर रही है। हरामी, हमेशा मुझको चोदते रहना।” मैं बोला “रन्डी अभी तो तेरी गाँड तो बाकी है, मैं तो तेरी गाँड भी मारुंगा तब शान्ती मिलेगी।” शीला “न रे मादरचोद तेरे इतने मोटे लंड से मैं अपनी गाँड नहीं फड़वाउंगी। तू तो मेरी जान ले लेगा।”

मैने कहा “रानी बड़े प्यार से तेरी गाँड मारुंगा, तू चिंता मत कर तुझे बड़ा मजा आयेगा, मैं जैसा बोलता हूं वैसा कर। जा देख चाची के किचन में कोई मोटा लकड़ी का चिकना डंडा है।” चाची के किचन में दाल को मथने वाली मथानी मिली जिसका हैंडल चिकना और मोटा था। किचन में तेल की शीशी भी मिल गयी।

दोनो को लाने के बाद मैने शीला से कहा “रानी जरा अपनी गाँड तो दिखाओ उसका रास्ता जरा साफ़ कर दूं ताकि मेरा लंड असानी से उसमें घुस सके।” मैने उसकी साड़ी उठाकर उसको उल्टा सुला दिया, उसके ब्लाउज़ के बटन खोलकर उसके दोनो मम्मो को बे-रहमी से मसलने लगा, वो चिल्लाने लगी “अरे सुअर कितनी जोर से मसल रहा है, जरा धीरे धीरे मसल ताकि मुझको भी मजा आये। इसको छोड़ मादरचोद अपना लंड मेरे मुँह में दे ताकि उसको चूस के खड़ा तो करूं तभी तो तू मेरी इस कोमल गाँड को मार पायेगा।

मैने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया वो सचमुच एक कुतिया की तरह चभर चभर मेरे लंड को चूसने लगी और बोली “बहनचोद, तेरा लंड अभी कितना शांत है और खड़ा होता है तो खतरनाक हो जाता है।” लंड धीरे धीरे अपने असली रूप में आने लगा। मैने उसको उल्ता सुला कर कुतिया के पोज में कर दिया। उसकी गाँड का छेद दिखने लगा था।

मैने उसकी गाँड के छेद पर थूक लगाया और अपनी जीभ से उसकी गाँड को कुत्ते की तरह चाटने लगा और अपनी जीभ को उसकी गाँड में घुसाने लगा। अपनी एक उंगली उसकी गाँड में धीरे धीरे डाला और अंदर बाहर करने लगा। शीला “राजा तेरी उंगली से तो मजा आ रहा है जरा जोर जोर से डाल।” मैने उसकी गाँड पर ढेर सारा तेल डाला और उसको अपनी उंगली से उसकी गाँड के अंदर डाल दिया। फिर दाल मथानी के हैंडल पर तेल लगाया और उसको शीला की गाँड पे रखा और दबाया, वो सरकता हुआ उसकी गाँड में घुसने लगा और वो बोल पड़ी “अरे हरामी के बच्चे आराम से घुसा” धीरे धीरे हैंडल उसकी गाँड में घुस गया और मैं उसको अंदर बाहर करने लगा। शीला को भी मजा आने लगा “अरे राजा बड़ा मजा आ रहा है जरा जोर जोर से डाल, हाय रे मादरचोद, नहीं पता था कि गाँड में भी इतना मजा आता है। राजा मेरी गाँड का भी छेद मेरी चूत की तरह कर दे और इसको भी अपने खम्भे से चोद।” मैं हैंडल को गोल गोल घुमाने लगा ताकि उसकी गाँड ढंग से खुल जाये और मेरे लंड का रास्ता साफ़ हो जाये।

उसके बाद मैने अपने लंड पे ढेर सारा तेल लगाया और उसकी गाँड के छेद पर रख कर एक जोर का झटका मारा, शीला चीख पड़ी “अरे हर्रर्राम्ममीइ मादरचोद, सुअर मार डाला रे, अहह … र्रर्रर्रर्रीईईए माअद्ददाअर्ररछहूओद्दद्द ने मेरी गाँड फाड़ दी रे। हराम का चोदा रे रुक जा रे साला धीरे धीरे डाल रे हाय रे मेरी गाँड।” मैने फिर धीरे धीरे दबाना सुरु किया और १० मिनट की मेहनत के बाद मेरा लंड उसकी गाँड मेँ ठस गया था। मैने धीरे धीरे अंदर बाहर करना चालु किया, शीला का दर्द भी कम हो गया था। मैने स्पीड बढ़ाना चालू किया और अब शीला रंडी को भी मजा आ रहा था। पूछा “क्यों रंडी अब मजा आ रहा है न, छिनाल आज मैं तेरी गाँड फाड़ के रहूँगा, साली एक नम्बर की चुदक्कड है तू, तेरा सारा परिवार छिनाल है। हरामजादी तुझे बता दूं तेरी दोनो बड़ी बहनें भी मेरे लंड की आशिक है और मैं उनको भी जम के चोदता हूं, समझी। तेरी माँ को भी मैने एक बार चोदा हाय रे रंडी। तेरी माँ तो तेरे से बड़ी छिनाल है साली का भोसड़ा इतना बड़ा है कि उसमें दो लंड घुस जाये।”

मेरा लंड तूफान मेल की तरह शीला की गाँड में उसको चोद रहा था और शीला तो जैसे पागल हो गयी थी “जियो मेरे राजा आज तुमने मुझको नया आनन्द दिया है, बहुत मजा आ रहा है दिल करता है इस लंड को अपनी गाँड से निकालू ही नहीं। आहा रे मेरे राजा, जोर से मार आह्हह मार मार मार जोर जोर से मार और जोर से मार रे मादरचोद हाय रे अरे पूरा लंड घुसा दे रे मादरचोद। शाबाश मेरे राजा ये चूत और गाँड तुम्हारी हुई जब चाहे जितना चाहे मारना। तू तो बड़ा हरामी है रे तूने तो मेरे पूरे परिवार को चोद दिया है। अगली बार तू मुझको और मेरी माँ को एक साथ चोदना, नई और पुरानी चूत दोनो का मजा एक साथ लेना।”

मैं पागलों की तरह उसकी गाँड में अपना लंड पेले जा रहा था और २० मिनट बाद मेरे लंड ने अपना सारा माल उसकी गाँड में गिरा दिया और शांत हो गया। शीला ने माल से सने लंड को कुतिया की तरह साफ़ कर दिया चाट चाट कर। शीला “चल मेरे राजा तूने बहुत मजा दिया और मैं याद रखुंगी तेरी इस चुदाई को। समय समय पर लंड का आनंद देते रहना।”

इस प्रकार शीला की एक चुदाई खत्म हुई, मैने अनगिनत बार उसकी चूत मारी है और आज भी उसकी चूत मारता हूं। दोस्तों अगली बार मैं अपने मामी की चुदाई की असली दास्तान ले कर आपके सामने आउंगा।

What did you think of this story??

Comments

Scroll To Top