बुआ की बेटी को चोदा

प्रेषक : निर्मल शर्मा

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मेरा नाम निर्मल, जयपुर का रहने वाला हूँ, उम्र तीस साल है, मेरी लम्बाई 5 फुट 11 इंच है और मैं काफी खूबसूरत लगता हूँ। मैं काफी समय से अन्तर्वासना पर मेरे साथियों की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। शायद वो सभी कहानियाँ मुझे सच्ची लगी क्योंकि जिन्दगी में ऐसा हो जाता है कि हम जिन्दगी के किसी न किसी मोड़ पर अपने ही आसपास के लोगों के साथ सम्बन्ध बना बैठते हैं।

दोस्तो, मेरे साथ जिन्दगी में सेक्स को लेकर बड़ी ही रोचक घटनाएँ घटित हुई हैं, जो मैं अन्तर्वासना के माध्यम से आपके बीच में लाना चाहता हूँ।

यह घटना करीब एक साल पहले की है, जब मैं अपनी बुआ के ससुर के देहांत पर उनके घर गया हुआ था, उनका घर कोटा में है, मैं वहाँ दो दिन रुका था। मेरी बुआ एक हाउसवाइफ हैं और फूफा एक फैक्ट्री में काम करते हैं, मेरी बुआ की एक लड़की और एक लड़का हैं और कोटा में उनके दो घर हैं, जिस घर में उनके ससुर जी का देहांत हुआ था, मेरी बुआ को और फूफा जी को रात को वहीं सोना था क्योंकि अगले ही दिन मृत्युभोज था। उनके दूसरे घर पर उस रात कोई नहीं था तो फूफाजी ने मुझ से बोला- यहाँ मेहमान काफी हैं, तू दूसरे घर चला जा और आराम कर !

मैंने कहा- ठीक है।

उन्होंने अपनी लड़की और मेरी एक दूसरी बुआ के लड़के को भी साथ कर दिया, मेरी बुआ का वो लड़का काफी छोटा है, वो 14-15 साल का होगा, और लड़की करीब 20 साल की, उसका नाम रीना है, उससे काफी घुलामिला होने के कारण वो मुझसे काफी नजदीक हो जाती है। हम तीनों बुआ के दूसरे घर पर आ गए।

रात को मैं लैपटॉप पर काम कर रहा था और मेरे लैपटॉप में मेरे बड़े भाई की शादी की वीडियो पड़ी हुई थी। हम तीनों एक ही बेड पर बैठ कर बातें कर रहे थे। बातें करते करते छोटे भाई को नींद आ गई।

रीना ने बोला- भैया, मुझे शादी की सीडी दिखाओ।

मैंने उसको वो दिखाना चालू किया, आवाज़ काफी तेज़ होने के कारण छोटा भाई परेशान हो रहा था, मैंने कहा- चल अपन दूसरे कमरे में जाकर देखते हैं।

वो मान गई और हम दूसरे कमरे में चले गए, इस दूसरे कमरे में भी डबल बेड लगा हुआ था।

बुआ की लड़की मैनेजमेंट का कोर्स कर रही है, उसकी बदन 34-30-36 का होगा, वो बड़ी ही खूबसूरत है।

कई बार बातों बातों में मेरी कोहनी उसके वक्ष पर छू जाती थी पर वो भी कुछ नहीं बोली और न ही उसने अपने उभारों को मेरी कोहनी के पास से हटाया। धीरे धीरे मैं गर्म होने लगा, मेरा लंड जो अब मेरी चड्डी में ही 7 इंच का हो चुका था, उसको अब चूत का इंतज़ार था। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

वैसे तो मैं शादीशुदा हूँ लेकिन मैंने अपनी जिन्दगी मे कई लड़कियों और भाभियों के साथ सेक्स किया है और पक्का अनुभवी हूँ।

मैंने धीरे धीरे सोने का नाटक चालू किया और रीना को बोला- अब तू देख, मेरे को नींद आ रही है !

मैंने बत्ती बुझाई और उसके पास ही सो गया। कुछ मिनट के बाद मैंने अपना हाथ उसके वक्ष पर रख दिया और धीरे धीरे दबाना चालू किया। उसने मेरा बिल्कुल भी विरोध नहीं किया, उसकी सांसें थोड़ी तेज होने लगी थी, मैं समझ गया कि लोहा गर्म हो रहा है, साथ ही इस चीज़ का भी डर लग रहा था कि वो सीलपैक थी, कहीं कुछ गड़बड़ हो गई तो मारे जायेंगे।

लेकिन जब लौड़ा खड़ा होता है तो कुछ भी होश नहीं रहता !

थोड़ी देर बाद उसने लैपटॉप बंद कर दिया और मेरे पास ही सो गई। सोने के बाद मैंने अपनी हरकत को चालू रखा, उसको भी मजा आ रहा था, शायद वो भी आज मुझसे चुदाई का आनन्द लेना चाहती थी, उसके चूचे काफी सख्त थे लेकिन मजेदार थे। उसने टॉप और पजामा पहना हुआ था और मैंने पजामा और बनियान।

मैंने अपना हाथ उसके टॉप में घुसा दिया और उसके उरोजों को दबाने लगा। वो करवट लेकर एक झटके से मेरे होंठों पर होंठ रख कर चूमने लगी !

अब क्या था, अब तो रात हमारी थी !

उसने बोला- आज से आप मेरे भाई नहीं हो, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और तुम्हारे साथ मजे करना चाहती हूँ।

फिर क्या था मैंने उसके टॉप का उतार दिया, उसके 34 इन्च चूची को अपने मुँह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगा। उसने भी मेरे पजामे में हाथ डाल कर मेरे लौड़े का जायजा लेना चाहा। पर लौड़ा हाथ में आते ही वो डर गई और उसने बोला- इतना बड़ा?

मैंने कहा- बड़े में ही तो मजा है मेरी जान !

और मैं उसको चूमने लगा। मैंने अपना एक हाथ उसके पजामे में डालना चाहा लेकिन उसने मुझे डालने नहीं दिया, उसने बोला- यह मत करो प्लीज !

मैंने कहा- चल ठीक है !

लेकिन चुदाई का भूत जब सवार हो जाये तो पजामा फट भी सकता है !

थोड़ी देर मैंने उसको और गर्म किया, आखिर मैंने उसका पजामा खोल ही डाला और पेंटी के अन्दर हाथ दे दिया !

हाय ! क्या भोंसड़ी थी इसकी ! एकदम कच्ची !

मैंने उसमें अपनी एक उंगली डाली, जैसे ही डाली, उसने मुझे कस कर पकड़ लिया। मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया और अपना पजामा और बनियान भी उतार दिया।

उसकी पेंटी को उतार कर मैंने उसकी फ़ुद्दी को चाटना शुरु किया तो वो मदमस्त हो गई ! मुझे भी कुंवारी चूत को चाटने में काफी मजा आ रहा था, उसका स्वाद मजेदार था।

जब मैं उसकी चूत में जीभ फिराता तो वो मेरे बाल पकड़ कर मुझे और जोर लगाने को उकसाती, वो पूरी तरह से चुदने के लिए तैयार हो चुकी थी और मैं भी अब ज्यादा देर तक नहीं रुक सकता था।उसकी चूत में से काफी यौवन रस निकल रहा था।

मैंने उसकी टांगों को चौड़ा किया और अपने लंड को उसको चूत के मुँह पर लगा दिया। मुझे पता था कि उसे दर्द होगा लेकिन मैं इसके लिए तैयार था। मैंने झटका दिया और आधा लंड उसकी चूत में घुसा दिया।

उसने हिच्च करके आवाज़ निकाली और मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर लगा दिए, अगले ही झटके में मैंने पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया।उसको ख़ास दर्द नहीं हुआ, उसकी चूत काफी कसी थी और मैंने धीरे धीरे झटके देना चालू कर दिया। मैंने उसके बूब्स को जोर जोर से काटना शुरु कर दिया। वो भी पूरा मजा ले रही थी और अपनी गांड उचका उचका कर मेरा साथ दे रही थी।

15-20 झटकों के बाद मैंने एक तकिया उसके चूतड़ों के नीचे लगा दिया और फिर से लंड पेलना चालू किया !

क्या कसी हुई चूत थी, चूत में गर्मी काफी थी, 20-22 झटकों के बाद हम दोनों अकड़ने लगे और मुझे लगा कि अब मेरे पानी निकलने वाला है, शायद वो भी एक बार झड़ चुकी थी लेकिन किसी घायल शेरनी की तरह मुझे छोड़ने का नाम नहीं ले रही थी।

मैंने थोडा अपनी स्पीड को कम किया और उसको ही चूतड़ उचकाने दिए।

5-7 झटकों के साथ वो झड़ गई और मैंने अपना पूरा पानी उसकी नई चूत के अन्दर छोड़ दिया।

दोस्तो, यह मेरी सच्ची कहानी है ! उसके बाद मैंने रात को एक बार फिर उसके साथ सेक्स किया। उसके बाद वो जयपुर आई और 7-8 दिन जयपुर मेरे घर पर रुकी, मैंने उसको खूब चोदा।

एक बार तो उसको गर्भ भी ठहर गया था लेकिन शुक्र है कि समय रहते मैंने उसको दवाई लाकर दे दी और उसको मासिक आ गई।

दोस्तो, मेरी कहानी पर अपनी राय मुझे मेल करें।

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