मियां बीवी की चुदाई की मस्त बातें और चूत चुदाई की कहानी-3

(Miya Biwi Ki Chudai Ki Mast Baaten Aur Choot Chudai Ki Kahani- Part 3)

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अब तक आपने पढ़ा..
कमल गीता को अपने पुराने फ्लैट में लाकर चोदने लगा था और साथ ही वो सरला भाभी के साथ चुदाई की तस्वीरें भी गीता को दिखा रहा था- क्यों रानी मज़ा आया न फोटो में.. और इस चुदाई में?
‘हां मेरे राजा घुसा दे। बहुत मज़ा आ रहा है। तेरा लंड फोटो में भी मोटा है और सरला भाभी की मस्त चुदाई की फोटो देख कर तेरा लंड मस्त मोटा-तगड़ा हो गया है.. राजा!’
‘तेरी चूत भी रानी चुदाई की फोटो देख कर खूब पुच-पुच कर रही है।’

कमल धीरे धीरे धक्के मार रहा था और उसकी चूचियों को दबा रहा था, वो दोनों चूत चुदाई के साथ फोटो भी देख रहे थे।

गीता मस्ती में सिसकार रही थी- उई.. उई.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… हां राजा.. हां लगा दे हां.. मार.. दे.. धक्के घुसा दे पूरा। हां राजा.. आज तो भाभी की मस्त गोरी-गोरी चिकनी-चिकनी जवानी की और चुदाई की फोटो देख कर बहुत मज़ा आ रहा है.. हां.. राजा.. हां जल्दी करो ना। मेरा निकलने वाला है।

‘ले ना मेरी रानी.. ले, मुझे भी भाभी की चुदाई याद करके बहुत जोश चढ़ रहा है जान, उह्ह्ह.. यस.. रानी… ले मेरा भी निकलने वाला है।’ कमल ने रफ़्तार तेज़ करते हुए कहा।
‘हां राजा.. हां सच.. में..’

थोड़ी देर में गीता झटके मार कर चूत को भींच कर झड़ गई और फिर कमल ने भी उसकी चूत में पिचकारी मार दी, गीता ने अपनी गर्दन मोड़ कर उसको चूम लिया।

कमल ने कंप्यूटर बंद कर दिया- अभी तो और बहुत फोटो हैं, हम उनको फिर कभी देखने आ सकते है।
गीता और कमल बाहर खाना खाकर घर वापिस आ गए, दोनों बहुत खुश थे।

गीता कमल से सरला भाभी के बारे में बहुत से सवाल पूछ रही थी- क्यों राजा.. तूने भाभी को पटाया था या भाभी ने तुझे?
‘ओह.. गीता.. हां.. भाभी ने मुझे पटाया था। उसको अपनी गोरी-गोरी चिकनी-चिकनी जवानी दिखाने में बहुत मजा आता था और मुझे उसे देखने में! हम बहुत अच्छे दोस्त थे, वो 32 की थी, मैं 25 का… और एक छोटी सी नौकरी करता था।’

घर वापिस आने के बाद कमल और गीता नंगे बिस्तर पर लेटे हुए थे। कमल उसको कहानी बता रहा था कि कैसे सरला भाभी ने उसको पटाया था और उसको मस्त चुदाई करना सिखाया था। कैसे औरत को खुश करने वाला मजा देना है। कैसे उसके साथ मजा लेना है। यह सब भाभी ने ही सिखाया है।

कमल.. और सुन्दर सेक्सी गोरी चिकनी मस्त हंसमुख प्यारी शादीशुदा 32 साल की सरला आमने-सामने के फ्लैट में रहते थे और अच्छे दोस्त थे। शाम को जब वो ऑफिस से वापिस आता था तो सरला उसको चाय के लिए अपने घर बुला लेती थी।

उसकी साड़ी बहुत नीची.. गहरा ब्लाउज ऊपर चढ़ जाता और सरला की लंबी नंगी कमर और चपटा पेट और गहरी नाभि! उफ़.. बहुत सेक्सी दिखते थे।

जब वो दोनों चाय के लिए कोने की कुर्सी पर बैठते थे सरला भाभी का पल्लू कंधे से खिसक कर गिर जाता और उसकी ब्लाउज में तनी हुई 36 साइज की गोरी-गोरी चिकनी-चिकनी चूचियां बहुत मस्त लगती थीं।
सरला भाभी को कमल की गर्म-गर्म आँखें अपनी मस्त जवानी पर महसूस करके बहुत अच्छा लगता था। कमल को बहुत मजा आता था और उसका 7 इंच का लंड पजामे में टाइट हो जाता था।

दोनों को मालूम था कि क्या हो रहा है।

जब कमल अपने फ्लैट में वापिस आता, तो उसको मुठ मारनी पड़ती थी और सरला भी चूत में उंगली करती थी।

एक दिन सरला भाभी ने उसको फोन किया- क्यों बे कमल सड़का मार रहा है?
‘हाय राम भाभी तुझे कैसे मालूम? लगता है तू भी तो उंगली कर रही है?’
‘हां और नहीं तो क्या… तेरी गर्म-गर्म निगाहों से बहुत गर्म हूँ, खूब गीली-गीली हो रही है, अह्ह्ह.. सी.. हाय कमल बहुत मजा आ रहा है, तेरा क्या हाल है?’

‘खूब जोर से तन कर खड़ा है और हाथ में पकड़ कर बहुत मज़ा आ रहा है। तेरी सुन्दर गोरी-गोरी गीली-गीली निगाहों के सामने घूम रही है।’

कमल और सरला भाभी दोनों इस तरह बातें करके मजा लेते थे। कभी-कभी सरला भाभी उसको दिन में ऑफिस में भी अपनी उंगली घुसाने के समय फोन करती थीं।
दोनों को इसमें बहुत मजा आता था।

यह कुछ दिन चलता रहा, उसके बाद सरला भाभी और भी ज्यादा खुल कर बात करने लगीं। जब उसका पति बाबू भाई शहर के बाहर होता.. तो उस दिन वो ब्रा भी नहीं पहनती थी।
उस दिन दोनों ज्यादा देर साथ में बैठते.. जब तक दोनों अपना संयम न खो देते।

फिर कमल अपने फ्लैट में वापिस आकर फोन पर बातें करके भाभी से मजा लेता।

एक दिन सरला भाभी ने उसे फोन किया- क्यों कमल अभी तक चाय के लिए नहीं आया.. ‘चाय’ उबल रही है।
ये दोअर्थी बात करते हुए वो हँस रही थी।

‘ओह.. हां.. भाभी अभी आ रहा हूँ, मैं उबलती ‘चाय’ के लिए तैयार हूँ। क्या तुम भी तैयार हो?’
‘हां कमल.. मैं तो उससे भी ज्यादा तैयार हूँ, तेरा इंतज़ार कर रही हूँ।’

जब कमल भाभी के फ्लैट में आया और वो दोनों चाय के लिए बैठे तो सरला भाभी बोलीं- देख कमल अब यह देखना दिखाना, बातचीत बहुत हो गई यार.. अब तो मुझे सीधा काम चाहिए.. पूरा अन्दर तक!
सरला भाभी मेज़ पर आगे झुक कर अपनी ब्रा के बिना गोल-गोल गोरी चूचियों को दिखा रही थीं और साड़ी भी इतनी नीची बाँधी थी कि उनकी झांटें तक दिख रही थीं।

‘क्या भाभी.. क्या यह सब जो चल रहा है तू उससे खुश नहीं है? तू दिखाती है और मेरी गर्म निगाहों से पिघल जाती है। तुझे देख कर मैं सच में बहुत अकड़ जाता हूँ भाभी.. बहुत मज़ा आता है। हम दोनों अपना-अपना मजा लेते हैं। फिर यह पूरा सब कुछ क्यों.. अगर भरत भाई को पता चलेगा तो तुझे ज्यादा समस्या होगी, मुझे इतनी नहीं।’

कमल मुस्कराते हुए सरला के ब्लाउज में खड़ी घुंडियां और चूचियों को देख रहा था जो कि करीब-करीब बाहर निकल रही थीं।

‘ओह कमल.. तू कैसी बात करता है यार.. उसे कैसे पता चलेगा। हम दोनों पिछले एक साल से अच्छे दोस्त हैं। उसको कुछ पता नहीं है कि मेरा क्या हाल है। वो खुश रहता है। जब तक वो मेरी गांड में घुसा सकता है। उसके लिए मैं भी थोड़ी सी एक्टिंग करके उसको खुश कर देती हूँ। फिर मैं क्यों न अपना भी मजा लूँ।’
‘हाय राम भाभी, तू सच में ‘कुछ’ लेगी?’

कमल बहुत खुश था.. पर वो डर भी रहा था।
वो सरला की चूची कमर छूना चाहता था… उनसे खेलना चाहता था… उसके होंठों को चूमना चाहता था।

‘और नहीं तो क्या? और अगर तू नहीं देगा, तो मैं तेरा जबर चोदन कर दूँगी।’ सरला भाभी हँस कर बोलीं और कमल को खींच कर खड़ा कर दिया।

कमल का लंड खड़ा था, पजामे में टेन्ट बना हुआ था, सरला ने कमल के खड़े लंड को पजामे के ऊपर से पकड़ लिया और कमल का हाथ अपनी चूचियों पर रख कर बोलीं- इसको धीरे-धीरे दबा ना.. बहुत मजा आएगा। मुझे मालूम है तू भी इनको दबाना चाहता है..
सरला भाभी ने उसका लंड हिलाते हुए कहा।

‘आह्ह.. भाभी..’
‘वाह कमल.. तेरा लंड तो बहुत गर्म और मस्त है यार.. क्या तगड़ा हो रहा है।’
‘हाय राम भाभी.. मत कर ना.. नहीं तो ऐसे ही निकल जाएगा।’
कमल ने हल्के से सरला भाभी की चूचियों को दबा दिया- वाह भाभी.. तेरी चूचियां तो बहुत मस्त रुई सी मुलायम प्यारी-प्यारी हैं।

दोनों चाय की चुस्की लेते हुए इस नए खेल का मजा ले रहे थे।

‘ऐसे कैसे निकल जाएगा कमल, अब तो मेरी चूत में ही घुस कर ही निकलेगा। देख अगर असली प्यार का मजा लेना है ना.. तो यह शर्म-वर्म नहीं चलेगी। तू कुछ भी कर ले.. जो तेरे दिल में हो और साथ में खूब खुल कर गन्दी बात कर ना। यह मुझे बहुत पसंद है और मैं ऐसा ही चाहती हूँ।’
यह सरला का चुदाई के लिए पहला पाठ था।

‘हाय भाभी तेरी चूचियां बहुत मज़ेदार हैं।’ कमल ने थोड़ा जोर से एक चूचे को दबाते हुए निप्पल मसल दिया।
सरला सिसिया उठी- आह्ह.. हां.. सी…ई उह्ह्ह हां कमल हां.. दबा दे राजा!

सरला भाभी ने अपना ब्लाउज खोल दिया और चूचियों को आज़ाद कर दिया। कमल मस्ती में सरला भाभी की चूचियों को दबाने लगा और निप्पलों को गोल-गोल घुमा कर मींज रहा था।

भाभी सिसिया रही थीं- सी.. उई.. उई.. जरा आराम से कमल..
सरला भाभी ने कमल का पजामा नीचे खींच दिया, कमल का लम्बा और गोरा लंड उछल कर बाहर आ गया।
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सरला भाभी ने झट से लंड को हाथ में थाम लिया ‘वाह कमल.. वाह.. क्या मस्त सुन्दर गोरा-गोरा मोटा-तगड़ा लंड है यार। पर इसमें चूत में घुसा कर चोदने का भी दम है कि नहीं?
‘वो तो तुझे खुद पता करना पड़ेगा भाभी। तू बहुत अनुभवी है और तू मेरा लंड पूरा लेने का सोच भी रही है।’

कमल मुस्कराते हुए आगे झुक कर सरला भाभी की नंगी चूचियों को चूम कर एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा।

सरला भाभी मस्ती में सिसिया उठी- हां.. कमल.. हां… चूस ले..
उन्होंने चूची चुसवाते हुए ही कमल का लंड दबा दिया- क्या मस्त लंड है.. लगता है काफी दम है!

फिर कुछ ही पलों में दोनों ने अपनी चाय खत्म कर ली थी और मग मेज पर रख दिए थे। अब कमल ने सरला भाभी को पकड़ कर अपने सामने खड़ा करके उनकी कमर.. पेट और नाभि पर चूमते हुए एक हाथ से भाभी की चूचियों को दबाए जा रहा था और दूसरे से चूतड़ को मसल रहा था।

कहानी में मजा आ रहा है ना.. बस जल्दी से मुझे अपने मेल लिखो ना।
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कहानी जारी है।