किरायेदार भाभी की कामुकता

(Kirayedar Bhabhi Ki Kamukta)

दोस्तो, कैसे हो आप सब, उम्मीद है कि आप सब खैरियत से हैं. मैं विक्की चंडीगढ़ से एक बार फिर से आपके पास हाजिर हूँ. आप सब मेरे बारे में जानते हैं, जो नहीं जानते, उन्हें बता देता हूँ. मैं 6 फुट का स्मार्ट गबरू जवान हूँ. आप जानते हैं. जब सिटी स्मार्ट हो, तो वहां के लोग भी स्मार्ट ही होते हैं. मैं पढ़ाई के साथ कैब भी चला रहा हूँ और कॉलब्वॉय भी बन चुका हूं. मुझे लिखने गाने का शौक है. मैं जीवन के बहुत मजे ले रहा हूँ.

आपने मेरा पहला सच तो पढ़ा होगा अगर नहीं, तो मेरी अन्तर्वासना हिंदी कहानी
दिल्ली की चूत चंडीगढ़ का लंड
पढ़ लीजियेगा.

दिल्ली वाली जवान लड़की निशा के साथ मुझे हमारी किरायेदार भाभी ने नग्न अवस्था में देख लिया था और मैं उन्हें ये बात किसी से ना कहने के लिए उनके पास गया. उन्होंने इस बात को छुपाने के लिए एक शर्त रखी और मैं उनकी शर्त पूछ ही रहा था, तभी निशा का कॉल आ गया. उसने बताया कि उसकी सहेली आ गई है. उसने मुझे फिर से आई लव यू बोला और किस करके बाद में बात करते हैं, कहकर फोन कट कर दिया.

मैं फिर भाभी के पास पहुंचा तो भाभी ने मुझे बैठने को कहा, पर डर के मारे मेरी तो जान निकलने वाली थी. भाभी इस बात को जान गई थीं. वह मेरे लिए पानी लाईं और मेरे पास बैठ गईं.

भाभी पूछने लगीं कि वो लड़की कौन है. सब सच बताना.. वर्ना तुम्हारी मम्मी को बता दूँगी कि तुम उनके पीछे से घर पर क्या क्या करते हो.
मैं फिर से डर गया और उन्हें बताने लगा कि वो निशा है, दिल्ली से है.
भाभी बोलीं- कब से चल रहा है यह सब?
मैंने बताया कि ये कल ही मिली थी उसकी बुकिंग आई थी और रात 11-30 बजे उसे 17 सैक्टर छोड़ कर घर आ रहा था तो उसका दोबारा फोन आया कि उसने खाना नहीं खाया था और होटल में 11 बजे के बाद डिनर नहीं देते हैं.. तो मैं उसे डिनर के लिए घर ले आया.

भाभी बोलीं- घर लाने की क्या जरूरत थी? और भी बहुत जगह हैं, जहां पूरी रात खाना मिलता है. नुक्कड़ ढाबे या एन एफ एस पे भी ले जा सकता था.. या तेरा पहले से प्लान था?
मैंने भाभी से कहा- ऐसा कुछ करने का नहीं सोचा था, वो तो पता नहीं कब हो गया.
मैं भाभी के पैर पकड़ के बैठ गया- प्लीज मॉम को मत बताना भाभी!

भाभी ने मुझे सोफे पर बिठाया और कहा- अगर तुम चाहते हो कि मैं तुम्हारे इस राज को राज ही रखूँ तो तुमको मेरा एक काम करना होगा.
मैंने कहा- आप जो कहेंगी, मैं करूंगा भाभी!
भाभी ने फिर से कन्फर्म किया- देख लो, बाद में अपने वादे से पलट न जाना?

मैं इस समय डरा हुआ था, सो घिघयाने लगा- भाभी, मैं वो सब करूँगा जो आप मुझसे कहेंगी.. मेरा वादा है.
भाभी ने कहा- ठीक है … तो जो उस निशा के साथ किया था, वही सब मेरे साथ करना होगा.
मैंने अचकचा कर भाभी की तरफ देखा और फिर मुंडी न में हिलाते हुए कहा- नहीं भाभी.. मैं ये नहीं कर सकता.

तो भाभी गुस्सा हो गईं और बोलीं कि उस निशा को एक दिन में मिलकर ही इतने मजे दे दिये.. मैं 6 महीने से तेरे घर पर हूं, मुझे मजे क्यों नहीं दे सकता? मैं तो जब भी तुम्हें देखती हूँ मेरा दिल करता है कि तुम्हें खा जाऊं.

मैं अभी भी असमंस में था. मुझे लग रहा था कि शायद भाभी मुझे और भी ज्यादा फंसाने के मूड में हैं.
भाभी झुक कर अपने दूध दिखाते हुए कहने लगीं- डरो मत.. मैं आपकी मम्मी को नहीं बताऊंगी.. बस तू मुझे खुश कर दे.
अब भाभी की जुबान में मिठास घुल गई थी और उनकी आवाज चुदासी सी हो गई थी.

हम दोनों को यूं ही बातें करते करते 10-30 से 11-30 हो गए थे.

दो बजे भाभी के बच्चे स्कूल से वापस आते हैं. मैंने सब बातों पर गौर किया और मन पक्का कर लिया कि आज इनकी चुत को भी चोद लेने में कोई हर्ज नहीं है. मैं कमरे में चारों तरफ चोर निगाह से देखा कि कहीं कोई कैमरा तो नहीं लगा है.. और भाभी की चूत चोदने के लिए मन पक्का कर लिया.

मुझे ढीला पड़ते देख कर भाभी खड़ी हुईं और मुझे खड़ा करके किस करने लगीं. आज भाभी 32 की होकर भी 22 की लग रही थीं. उनके 34 के मम्मे और 36 के चूतड़ मुझे और गर्म कर रहे थे.
मैंने भाभी की लोवर और टॉप में हाथ डाला तो पता चला कि भाभी ने ब्रा पैटी नहीं पहनी थी.
मैंने भाभी से कहा- आप तो पूरी तैयारी में हैं.
भाभी ने बताया- मैं तो सुबह ही तुम्हारे साथ चुदाई करने के लिए गयी थी, पर तुम पहले ही किसी के साथ नंगे पड़े थे.

मैंने भाभी को गोद में उठाया और बेडरूम में ले जाकर नंगी कर दिया और उनके चूचों पर किस करने लगा. अब भाभी पागलों की तरह मुझे चूमने लगीं और मेरे कपड़े निकालने लगीं.

जब उन्होंने मेरा खड़ा लंड देखा, तो उनके चेहरे पर एक अलग ही खुशी झलक आई थी. उन्होंने मुझे बेड पे लिटाया और 69 की पोजीशन में आ गईं.
मैंने देखा कि भाभी ने चूत की दिवाली मना रखी थी.. क्या मस्त फूली हुई सफाचट चुत सामने थी. मैंने पूछा तो भाभी ने बताया कि सुबह ही तेरे लिए साफ की है.

मैं मस्त हो कर भाभी की चुत के मजे ले रहा था और जीभ को नुकीली करके भाभी की चूत को टंग-फक करना यानि जीभ से चोदना चालू कर दिया.

भाभी पहले से ही चुदासी थीं, सो वे मेरे सामने ज्यादा देर टिक ना पाईं और उन्होंने अपनी चूत से भलभला कर पानी छोड़ दिया. कुछ पल के लिए भाभी शिथिल हो गईं उनकी आँखें तृप्ति के नशे से बंद हो गईं. मैं उनकी चूत को लगातार चाटता ही रहा जिससे एक बार फिर से भाभी गरमा गईं.

अब भाभी मेरे ऊपर बैठने लगीं और मेरा लंड अपनी चुत में खा लिया. जैसे ही मेरा लंड भाभी की चूत के अन्दर गया, वो एकदम से ही खड़ी हो गईं.
मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो भाभी बोलीं- दर्द हो रहा है.. इतना बड़ा लंड एक बार में लेना मुश्किल है.
मैंने हंस दिया- कोशिश करने वालों की हार नहीं होती.. धीरे धीरे ले लो.

वो फिर से मेरे लंड पर आहिस्ता आहिस्ता बैठने लगीं और किसी तरह उन्होंने मेरा पूरा लंड अन्दर ले लिया. भाभी दर्द से कराहते हुए लंड पर बैठी रहीं. उनको दर्द हो रहा था, इसलिए वे 5 मिनट तक हिली ही नहीं. इस दौरान मैं उनके मम्मों को सहलाता रहा.

उनको इससे मजा आना शुरू हुआ, तो भाभी मेरे लंड पर हल्का हल्का जर्क देने लगी. मैंने भी नीचे से पुश करना शुरू किया, तो खेल चालू हो गया. हम दोनों की चुदाई एक्सप्रेस अपनी गति पर दौड़ने लगी.

भाभी 15 मिनट तक मेरे लौड़े की सवारी करती रहीं और मैं उनकी चूचियों को दबा दबा कर पीता रहा. भाभी इतनी देर में दूसरी बार पानी छोड़ चुकी थीं.

पानी निकला तो वे मेरे ऊपर लेटकर मुझे किस करने लगीं. अब बारी थी मेरी उनकी चुदाई करने की, मैं भाभी के ऊपर आया और उनकी चुदाई में लग गया. मैं पूरी स्पीड से भाभी की चुत में धक्के लगाने लगा. मेरे हर धक्के के साथ भाभी की चीख निकलती थी, वो ऐसे रिएक्ट कर रही थीं, जैसे पहली बार चुदाई करवा रही हों. दस मिनट धकापेल चुदाई के बाद अब मेरा भी छूटने वाला था.

मैंने भाभी से पूछा तो वो कहने लगीं- अन्दर ही निकाल दो, मैंने ऑपरेशन करवा रखा है.

मैंने 10-12 और जोर के धक्के लगाये और भाभी को जोर से हग कर लिया. जैसे ही मेरा वीर्य भाभी की चुत में गिरा, भाभी ने मुझे कस के हग कर लिया. मैं अंतिम धक्के लगाता रहा. भाभी भी मेरे साथ तीसरी बार झड़ चुकी थीं.

हम दोनों 10 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे. तभी मेरा फोन बजा, मैंने टाईम देखा तो 1-40 हो गए थे.

मैंने फोन पिक किया तो निशा का फोन था. उसने मुझे मिलने को बोला और आई पिल लेकर आने को कहा क्योंकि मैंने तीनों बार उसके अन्दर पानी छोड़ा था.
मैंने उसको एक घंटे का टाइम दिया और भाभी के ऊपर से उठ गया.

मैं कपड़े पहन कर नीचे जाने लगा, तो भाभी ने मुझे किस किया और थैंक्यू बोला.

मैं नीचे आकर नहाकर तैयार होकर निकल गया. रास्ते में केमिस्ट से आईपिल ली और निशा को कॉल कर दिया कि होटल के बाहर आ जाओ. मैं पहुंचा तो निशा एक खूबसूरत लड़की के साथ बाहर आ रही थी. निशा आगे बैठी और दूसरी लड़की पिछली सीट पर बैठ गई. निशा ने बताया कि यह मेरी फ्रेंड दिव्या है.

मैंने उसको हैलो बोला.
निशा ने उससे कहा कि ये विक्की जी हैं, मेरा लव.. ये जितना अच्छा गाते हैं उतना ही अच्छा लिखते भी हैं.
इसके बाद हम लोग होटल अरोमा में गए और लंच किया. उन्होंने बताया कि वो 4 बजे वापस जा रही हैं.
तभी मैंने दिव्या से छुपाकर निशा को दवा दे दी और होटल से उनका सामान पिक करके बस स्टैंड पर आ गये. उनके बस में बैठाने के बाद मैं घर पहुंचा तो 4-25 हो गए थे.

मैंने भाभी को बोला कि मैं सो रहा हूँ, मुझे 8 बजे उठा देना.

मैं नीचे आकर फोन को साइलेंट करके सो गया और थकान के कारण मुझे जल्द ही नींद आ गई. रात को भाभी ने मुझे किस करके उठाया. जब मैंने टाइम देखा तो 10 बज रहे थे.
मैंने भाभी को कहा कि मैंने आपको 8 बजे उठाने को कहा था, तो भाभी मेरे ऊपर लेट गईं.
मैंने उन्हें उठाया और कहा- ये क्या कर रही हो.. आपके पति आ सकते हैं.
तो भाभी बोली- वो जींद गए हैं.
मैंने पूछा- और बच्चे?
तो भाभी बोलीं- वो सो गए हैं और सुबह से पहले नहीं उठने वाले हैं.

फिर मैं उठकर फ्रेश हुआ तो भाभी ने मुझे अपने हाथों से खाना खिलाया और उस रात मैंने भाभी को सुबह 4 बजे तक 3 बार हर ऐंगल में चोदा.

भाभी चुदाई से तृप्त होकर ऊपर चली गईं और मैं भी सो गया.

सुबह 9 बजे भाभी ने दूध लेकर किचन में रखा और फिर से चुदाई करवाई. उसके बाद हम साथ साथ नहाये और मैं कॉलेज चला गया.

आप सबको मेरी अन्तर्वासना हिंदी कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताना, मुझे ईमेल करें.
[email protected]