भाभी संग प्यार भरी चुदाई

(Bhabhi Sang Pyar Bhari Chudai)

हैलो फ्रेंड्स, मैं अमन कपूर… मैं नॉएडा की एक मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करता हूँ. मैं बहुत स्मार्ट दिखता हूँ, बहुत सभ्यता से विनम्रता से बोलने वाला बन्दा हूँ. अन्तर्वासना पर पहली बार अपनी कहानी लेकर आया हूँ. यह कहानी मेरी और सोनिया भाभी की चुदाई की कहानी है. सोनिया भाभी हमारे पड़ोस में रहती हैं. उनका कातिलाना फिगर 36-30-36 का है… भाभी जब ठुमक कर चलती हैं तो पापा कसम क्या माल लगती हैं… बस पूछो ही मत!

सोनिया भाभी हमारे साथ वाले घर में रहती हैं. उनके घर में वो, भैया मतलब उनके पति और उनका 2 साल का एक लड़का रहता है. भैया हमारे दूर के रिश्ते में आते हैं. तो उनके घर आना जाना लगा रहता है. मैं और भाभी बहुत बातें करते हैं और मुझे उनसे बातें करना बहुत अच्छा लगता था.
फिर ऐसे ही कुछ ही दिनों में हम अच्छे दोस्त बन गए और हर तरह की बातें करने लगे थे.

धीरे धीरे मेरा उनमें इंटरेस्ट बढ़ने लगा और मेरे मन में उन्हें प्यार करने की इच्छा जागने लगी.

एक दिन जब मैं उनके घर गया तो वो अपने बच्चे को दूध पिला रही थीं, मुझे देख कर उन्होंने दुपट्टे से अपना स्तन छुपा लिया और मुझे बैठने के लिए बोला.
मैं बैठ गया, उन्होंने मुझसे पूछा- चाय लोगे या कॉफ़ी या फिर आप भी दूध पियोगे?
भाभी ये कह कर अश्लीलता से हंसने लगीं.
लेकिन भाभी की नंगी चुची देख मेरी घंटी बज गई
मैं पहले 2 मिनट तक तो चुप रहा और स्माइल करता रहा फिर मेरे मुँह से भी निकल गया- पिलाना है तो दूध ही पिला दो.
यह सुनकर भाभी फिर जोर जोर से हंसने लगीं.

मैं उन्हें देखता ही रह गया, हंसते हुए वो क़यामत लग रही थीं. वो अभी नहा कर ही बाहर निकली थीं, उनके बाल भी गीले थे… उस वजह से ऊपर से उनका सूट भी गीला हो चुका था. देखते ही देखते उन्होंने अपना दुपट्टा हटा लिया और उनका बूब मुझे दिखने लगा.

उनका बेबी सो चुका था, उन्होंने मुझसे बोला- ये तो सो गया, तुमको पीना है तो आ जाओ.
यह सुनकर मेरे आंखों में स्माइल आ गई और मैंने पूछा- सच्ची?
वो बोलीं- मुच्ची!

उन्होंने अपने बेबी को एक तरफ लिटाते हुए एक फ्लाइंग किस मेरी तरफ़ उड़ा दी. मैं मंत्रमुग्ध होकर उनकी आंखों में डूबा हुआ उनकी तरफ बढ़ता चला गया.

उनके करीब हुआ तो भाभी ने मेरे गालों पे हाथ फिराया और मुझे खींचते हुए अपनी गोदी में लिटा लिया. देखते ही देखते मैंने उनके पिंक निप्पल को चूमना शुरू कर दिया था. भाभी बड़े प्यार से मेरे बालों पर हाथ चलाते हुए अपना दूध मुझे चुसाने लगी थीं.

पता ही नहीं चला कि कब हम दोनों पर कामवासना सवार हो गई… मैं उनके गोरे गोरे मम्मों को दबाने लगा था और एक एक करके दोनों मम्मों के गुलाबी निपल्स को चूसने और काटने लग गया था.
जब भी मैं उनके चूचुकों को काटता तो वो मेरे बालों को कस कर पकड़ लेतीं.

कुछ ही देर मैं भाभी के मम्मों का मीठा दूध मेरे गले को तर करने लगा, मैं दबा दबा कर भाभी के मम्मों का रस निचोड़ने में लगा हुआ था.

भाभी की मादक आहें और कामुक कराहें मेरे लंड को खड़ा किए जा रही थीं. मेरा लंड मेरी पैन्ट में फूल गया था. मैंने उनकी आँखों में देखते हुए लंड की तरफ इशारा किया तो भाभी ने मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया और वे मेरी पैन्ट के ऊपर से ही मेरे लंड को मसलने लगीं.

कुछ ही देर में मेरा लंड अकड़ गया और उसका पैन्ट में रुक पाना दूभर सा लगने लगा. भाभी ने मेरी जीन्स का बटन खोल दिया और अपना हाथ मेरी जीन्स के अन्दर डाल कर मेरे अंडरवियर में हाथ डाल दिया. मेरा 6 इंच का गोरा पप्पू एकदम तन चुका था. भाभी का हाथ मेरे लंड पर लगते ही लंड ने मानो लोहे की रॉड का रूप धर लिया था.

भाभी मेरे लंड को पकड़ कर खेल रही थीं. हम दोनों दूसरी ही दुनिया में थे.

इधर मैं भाभी की चूचियां का अमृत पीने में मस्त था, उधर उन्होंने अपनी कमीज़ उतार दी थी. इसके बाद मुझे पता ही नहीं चला कि कब उन्होंने मेरी शर्ट के सारे बटनों को खोल दिया. मैं तो उनका दूध पीने में डूबा हुआ था.

फिर भाभी ने बड़े प्यार से मेरे गालों पर हाथ रख के मेरा चेहरा सीधा किया और रुई से भी कोमल अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए. भाभी अपने होंठों से मुझे पागलों की तरह चाटने लगीं.

धीरे धीरे मैंने उन्हें नॉर्मल किया और अपनी जीभ उनके मुँह में डाल कर उन्हें चूसने लगा. अब मैंने अपनी जीभ से उनकी जीभ पकड़ ली. इसी तरह हम करीब दस मिनट तक एक दूसरे को चूमते रहे. जब हम दोनों ने होश संभाला तो वो ऊपर से बिल्कुल नंगी हो चुकी थीं और मेरी शर्ट खुली हुई थी और पैन्ट भी बस उतरने को थी.

उन्होंने पिंक कलर की लैगिंग्स पहनी हुई थी. हम दोनों सीधे हुए और उन्होंने मेरी बनियान और पैन्ट भी उतार दी, शर्ट मैंने खुद उतार दी थी. मैं उनके पेट पर चूमने लगा था.

वो बेड पर सीधी लेट गईं, उन्होंने पूरी तरह से खुद को मेरे हवाले कर दिया था. मैंने उनके पेट पर, नाभि पर बहुत चूमा. वो पागल सी हो गई थीं. मैंने धीरे धीरे उनकी लैगिंग्स उतार कर घुटनों के नीचे तक कर दी, भाभी ने एक मल्टी कलर पैंटी पहनी हुई थी, जिस पर पिंक कलर के लिप्स बने हुए थे. वो देख कर तो जैसे मेरे दिमाग़ में एक शरारत सूझी और मैं उनकी पैंटी पर बने हुए हर एक होंठ को अपने होंठों से चूमने लगा.

भाभी की पैन्टी के ऊपर से चुत को स्पर्श करना भाभी को अतिरेक उत्तेजना की नदी में बहाने का काम करने लगा.

हम दोनों की काम वासना बढ़ती ही गई और मैंने भाभी की पैंटी उतार कर उनकी चिकनी सी चुत पर अपनी जीभ लगा दी. भाभी की चुत की गंध मेरे लिए एक नई महक थी. पहले तो मुझे बड़ा अजीब सा लगा, एक बार तो मैं छोड़कर खड़ा होने लगा था.

फिर भाभी ने मेरे सिर को अपने हाथ से पकड़ कर वापिस अपनी जांघों के बीच में खींच लिया और नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर अपनी चुत को मेरे होंठों से लगाते हुए कहने लगीं- प्लीज़ चूसो ना… आज तक तुम्हारे भैया ने नहीं चूसा… मैं चुत चुसवाने के लिए तड़प रही हूँ… ये सब करवाने के लिए मरी जा रही हूँ.

मैंने उनकी आँखों में देखा. इस वक्त वो मुझे वात्सायन की कोई काम वासना के विरह से पीड़ित… प्रणय की भीख मांगती हुई एक नायिका सी लगीं. मैंने भी उनकी चाह को पूरा सम्मान दिया और अपने होंठ फिर से उनकी चुत पर धर दिए. मुझे बड़ा अजीब लग रहा था, लेकिन मैंने पूरी हिम्मत करके उन्हें पूरी तरह से चूम कर, चाट कर और चूस कर चरम सीमा तक पहुंचा दिया.

भाभी अचानक से भलभला कर झड़ने लगीं और उन्होंने मेरे सर को अपनी जाँघों की कैची जैसी पकड़ से दबोच रखा था. मैं भी वासना के नशे में मदमस्त हो चुका था, सो भाभी की चुत के रस को चाटता गया और चूत के रस की आखिरी बूंद तक चाटता रहा.

अब भाभी झड़ने के कारण थक चुकी थीं. वे मुझे छोड़ कर दूसरी तरफ करवट बदल कर लंबी लंबी साँस ले रही थीं.

मैंने पूछा- आप ठीक तो हो भाभी?
उन्होंने उठ कर मुझे अपने सीने से लगा लिया और बोलीं- अमन, मेरे हनी, तुमने मुझे आज बहुत खुश किया है… मैं अब तुम्हारी ही हूँ.

भाभी ने मुझे काफ़ी देर तक टाईटली हग किए रखा और इतना कसे हुए थीं, ऐसा लग रहा था… जैसे वो मुझमें समाने की कोशिश कर रही हों.

फिर 5 मिनट बाद वो बोलीं- मुझे प्यास लगी है.

मैं उठकर पानी लेने गया. मैंने खुद भी पानी पिया और अपनी जान को भी पिलाया. इसके बाद मैं भाभी के बगल में लेट गया और एसी फुल कूल कर दिया.

थोड़ी ही देर में फिर से मेरा मूड बनने लगा. मैंने देखा तो भाभी मेरी छाती पे सिर रखे हुए आँखें बंद करके सो सी चुकी थीं. मैं खड़ा हुआ और उन्हें नीचे लिटा कर उनके ऊपर चढ़ गया. उनके माथे से लेकर पैरों तक उनके शरीर के हर एक पार्ट को बड़े रोमाँटिक तरीके से चूमा, भाभी बस कसमसाए जा रही थीं.

मैं उनके होंठों को चूमने लगा. हम दोनों एकदम नंगे एक दूसरे से लिपटे हुए प्यार की नदी में गोते लगा रहे थे. मेरा पप्पू खड़ा हो चुका था, उनकी चुत भी लपलपा रही थी. मैंने भाभी की चूत पर लंड के सुपारे को रगड़ रहा था… लेकिन मैं जानबूझ कर उनकी चुत में लंड डालना नहीं चाहता था. इस तरह उन्हें परेशान करने में मुझे मज़ा आ रहा था.

मैं अपने खड़े लंड को उनकी चुत पर लगा कर फिर से दूर कर लेता था. यह देखकर उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने अपने हाथ से पकड़ कर मेरे लंड को अपनी चुत के मुँह पर लगाया और नीचे से कमर उठा कर खुद ही अपनी चुत में लंड अन्दर डलवा लिया.

मैंने भी उनकी इच्छा का सम्मान किया और पूरा लंड भाभी की चुत में पेल दिया. लंड लेते ही भाभी के मुँह से बहुत बड़ी उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह… अया… निकली, जैसे उन्हें बहुत मजा आया हो.

फिर मैंने भी ज़्यादा ना तड़पाते हुए अपना काम शुरू कर दिया. मैंने जल्दी जल्दी दो तीन झटके मारे और लंड को चुत में ठीक से सैट कर दिया. अब नीचे लंड अपना काम कर रहा था और ऊपर मैं उनके गुलाबी होंठों को चूस रहा था.

उन्होंने अपनी टांगों से मेरी कमर को जकड़ लिया था और नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर मेरे लंड के हरेक धक्के का पूरी तरह से जवाब दे रही थीं. कुछ ही देर में लंड ने चुत को रोने पर मजबूर कर दिया और जंग जीत ली. लेकिन चुत की कामना पर खुद लंड ने भी अपना पानी गिरा दिया और मैं भाभी के लिपट कर ढीला पड़ गया. दोनों एक साथ स्खलन तक पहुँचे और एक दूसरे से लिपट कर ही कब आँख लग गई, पता ही नहीं चला.

इसी तरह करीबन 15 मिनट तक चले इस चुदाई के मजे को मैं कभी नहीं भूल पाया. फिर जब आँख खुली तो शाम के 5 बज रहे थे. फिर से एक बार हम दोनों ने प्यार किया और ये वाला दौर तकरीबन 20 मिनट तक चला. इसके बाद मैं अपने घर आ गया.

फिर भाभी का मैसेज आया- आई लव यू अमन…
मैंने भी रिप्लाई कर दिया- लव यू भाभी…

आज उस घटना को 2 महीने हो गए हैं, अब तो हफ्ते में 1 या 2 बार हम दोनों को चुदाई का चान्स मिल ही जाता है. हर बार हम अलग अलग तरीके से चुदाई का खेल खेलते हैं. मेरी जान की कल्पनाएँ और फंतासियां, जो भैया पूरी नहीं कर पाए, वो मुझसे बता कर पूरी करने को कहती हैं… और मैं अपनी भाभी को चोद कर उनकी कामनाओं को पूरा कर देता हूँ.

मेरी अपनी फंतासियां भी बहुत सारी हैं, मैं उन्हें भी पूरा करने में लगा हुआ हूँ.
मजा आ रहा है जिन्दगी का…

आपको मेरी यह गन्दी सेक्स स्टोरी कैसी लगी, मुझे मेल करके बताएं.
[email protected]

What did you think of this story??

Comments

Scroll To Top