अमेरिका में देसी भाभी की देसी चुदाई की चाहत-1

(America Me Desi Bhabhi Ki Desi Chudai Ki Chahat- Part 1)

This story is part of a series:

दोस्तो, आपने मेरी कहानियाँ पढ़ी और पसंद भी बहुत की हैं, बहुत से पाठकों की मेल्स भी मिली और मैंने उनका जवाब भी दिया है।
उनमें से ही एक पाठिका है नयना कपूर बनाम नोरा!

नोरा कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका में रहती है, उन्होंने अपनी कहानी इंग्लिश में लिख कर मुझे भेजी है और अनुरोध किया है कि मैं उसको हिंदी में लिख कर अन्तर्वासना पर पब्लिश करा दूँ।

यह कहानी उनकी खुद आप बीती है।

नयना आज से 15 साल पहले भारत से अमेरिका चली गई थी।

नयना कपूर यानि नोरा एक बहुत सुन्दर, रेशमी मुलायम त्वचा, दूध सा सफ़ेद रंग, बहुत मदमस्त चुदासी, बहुत अमीर 35 साल की उम्र वाली औरत है और अपनी एक रियल स्टेट की कंपनी चलाती है।

उनका कैलिफोर्निया में बहुत बड़ा घर है… समुन्दर के किनारे एक कॉटेज है.. दो कारें हैं।

उन्होंने अपने पति के किसी होमो मर्द के साथ भाग जाने के बाद बहुत से मर्दों के साथ सेक्स किया है पर वो अपनी सेक्स लाइफ से खुश नहीं थी।
पिछले तीन महीने से उनकी नज़र एक रवि राज पर थी।

रवि एक जवान लंबा सुन्दर मज़बूत बदन का पंजाबी युवक था जो छः महीने पहले ही इंडिया से आया था, उसके ऑफिस में काम कर रहा था… और नोरा के घर के पिछले भाग आउट हाउस में रहता था।

एक बात जो नोरा को रवि के साथ सम्बन्ध बनाने से रोक रही थी, वो थी रवि की कम उम्र.. रवि 26 साल का था, नोरा से 10 साल छोटा.. ऊपर से उसके पहले पति का दूर का रिश्तेदार भी था।

पर नोरा के दिल में रवि के लिए एक इच्छा थी.. मस्ती थी… गर्मी थी।

नोरा ने देखा था की रवि भी उसकी मस्त गर्म चुदासी गदराई जवानी को गर्म निगाहों से देखता था जिस में नोरा को बहुत अच्छा लगता था।

नोरा भी अपनी चिकनी-चिकनी गोरी-गोरी गदराई चुदासी जवानी खुल कर उसके सामने दिखती थी। कभी निकर और टी शर्ट में कभी छोटी सी स्कर्ट और टी शर्ट में।

उस दिन शुक्रवार था और वो दोनों अपने समुन्दर वाली कॉटेज पर गए थे। रात को उनके बीच कुछ बहुत अच्छा… बहुत मज़ेदार हुआ।

सुबह नोरा अपने कॉटेज में सफ़ेद सिल्क के स्लिप पहने, जिसके नीचे कुछ नहीं पहना था, खिड़की के सामने खड़ी सामने समुन्दर को देख कर सबसे मस्त मज़ेदार सेक्स के बारे में, जो रवि के साथ हुआ था, सोच रही थी।

उसके जिस्म में बहुत मधुर कम्पन महसूस कर रही थी। वो सिगरेट के साथ अपनी सुबह की कॉफी की चुस्की लेते हुए रवि के बारे में सोच रही थी कि उसे सीढ़ियों पर कदमों की आवाज़ सुनाई दी।

नोरा ने आलस से मुड़कर जवान सुन्दर ऊँचे कद के मज़बूत रवि, जो सिर्फ़ निक्कर में था… नंगे बदन को देखा तो उसके सेक्सी चेहरे पर मुस्कान आ गई- हेलो रवि, कैसे हो?

‘ओह हेल्लो भाभी… आप बहुत जल्दी उठ गई? मैं तो सोच रहा था कि आप बहुत देर तक सोएँगी। मैं बिल्कुल ठीक हूँ… आप कैसी हैं? ठीक से नींद आई?’ जवान हंसमुख रवि ने उसके पास आकर उसके हाथ से सिगरेट लेकर एक कश लिया और उसको वापिस दे दी और फिर उसका कॉफी का मग लेकर नोरा के मुस्कराते चेहरे, गहरी काली आँखों और बड़ी बड़ी बिना ब्रा की हिलती हुई दूधिया चूची की तरफ देखते हुए एक सिप लिया।

‘ओह यस… मैं तो बेसुध सोई… मुझे तो पता भी नहीं चला कि मैं कहाँ हूँ।’ नोरा ने रवि की गर्म सेक्सी निगाहों की तरफ देख कर कहा- मेरा ख्याल है जब मैं कोच पर सो गई थी तो तूने ही मेरे ऊपर कम्बल और तकिया सर के नीचे लगाया होगा।
नोरा ने उसको सिगरेट देते हुए कहा।

रवि का हाथ नोरा के अर्ध नग्न रेशमी चूतड़ को छू गया।

‘ओह यस… जब मैं उठा, देखा कि हम दोनों नंगे कोच पर सो रहे हैं.. आप कोच के बिल्कुल किनारे पर थी.. मैंने आपको अंदर खिसका कर आपके ऊपर कम्बल डाला और तकिया आपके सर के नीचे लगा दिया था।’

‘कल हम दोनों को बहुत नशा हो गया था… और आपने मुझे चोद दिया…’ रवि बदमाशी से मुस्करा कर नोरा की चूचियों को देख रहा था।
नोरा भी बहुत बिंदास और दबंग औरत थी पर जवान रवि की उससे नज़दीकी और उसके गर्म हाथ की उसके चूतड़ों पर मौजूदगी ने उसको शर्माने पर मज़बूर कर दिया।

‘ओह सच… मैंने ऐसा किया.. हाय, पर तू इतना मस्त सेक्सी लग रहा था कि मैं अपने आपको नहीं रोक सकी। तेरे स्विमिंग कोस्ट्यूम में बना तम्बू इतना मस्त कामुक लग रहा था, मुझे इतना लुभा रहा था कि मैं अपने आप को रोक ही नहीं सकी।

पिछली शाम को नोरा और रवि कॉटेज में आए थे और समुन्दर में खेल रहे थे। नोरा ने बिकिनी पहनी थी और रवि ने कसा हुआ निक्कर!
बारिश हो रही थी.. दोनों ना केवल बारिश का मजा ले रहे थे बल्कि साथ में एक दूसरे की मदमस्त चुदासी जवानी का भी मजा ले रहे थे।

नोरा की रेशमी मुलायम दूध सी सफ़ेद गदराई जवानी, लम्बी पतली नंगी कमर… चपटा कड़क पेट… गोल गोल चूची और मस्त चूतड़ देख कर रवि का खड़ा हो गया था।
नोरा एक मदमस्त चुदासी प्यासी औरत जो पहले ही रवि के साथ मस्ती के लिए बेताब थी, उसका खड़ा देख कर मचल गई।

दोनों कॉटेज में वापिस आकर डेक पर लेट कर दारू पीने लगे।
रवि ने उसकी तरफ करवट की तो उसका तम्बू नोरा की मखमली नंगी जांघों पर छूने लगा। वो गर्म और गीली हो गई और उसने अपना हाथ रवि की निक्कर के अंदर घुसा दिया और उसका खड़ा मोटा तगड़ा लिंग बाहर निकाल लिया।

‘ऊह.. माय… माय… क्या खम्बा है!’ नोरा ने हिला कर कहा।
वो पत्थर की तरह कड़क हो रहा था।

रवि ने भी उसकी ब्रा ऊपर खिसका दी और उसके खड़े निप्पल और चूची चूसने लगा।
नोरा के मुख से सिसकारी निकल गई- ओह.. गॉड.. चूस ले… उह्ह.. कम ऑन… खा.. ले.. काट डाल.. कस के दबा दे!
उसने अपनी पेंटी निकाली और रवि के ऊपर चढ़ गई। उसकी बिना बाल की दूध सी सफ़ेद योनि पूरी तरह गीली हो रही थी और वो खुद चुदास से भरी थी।

नोरा ने खुद रवि का कड़क मस्त मोटा तगड़ा लिंग पकड़ कर अपनी गीली रस से भरी योनि में घुसा लिया और धीरे से उसके ऊपर बैठ गई।

रवि ने उसके हिलते हुए चूचे पकड़ कर मसल डाले और दूसरे हाथ से उसके चूतड़ मसल रहा था। नोरा सिसकारी लेते हुए बड़बड़ा रही थी- ओह… माई गॉड… ओह माई गॉड… मैं तो जाने वाली हूँ… उफ़… सी…ई रवि.. यस मैन… मुझे चोदने दे!

वो अपने चूतड़ हिला कर मस्ती में मस्त लंड का मजा ले रही थी और करीब 5 मिनट तक करती रही और फिर जब झड़ने वाली थी तो तेजी से हिलने लगी और चिल्ला रही थी- ओह यस… ओह यस…
और झड़ कर रवि के ऊपर गिर गई, उसकी रूई सी मुलायम चूची उसके सीने में दब गई।

नोरा रवि को होठों पर चूम रही थी, रवि का मस्त मोटा तगड़ा लिंग नोरा की गीली रसीली झड़ी हुई योनि में घुसा था।

अब वो दोनों कल की उसी चुदाई की बातें कर रहे थे।

‘पर रवि तूने वो मेरे पहले झड़ने के बाद जो किया… उह्ह… बहुत मस्त और मज़ेदार था यार… उ…उ माई गॉड.. जिस तरह से तूने कुतिया की तरह पीछे से… हू…हू…कर के चोदा… वाह… वाह… मेरा तो दोबारा निकल गया था।’

‘सच में… वो तो बहुत जोरदार था। सच तो यह है रवि कि मैं सोच रही थी कि मैंने पहले तेरा चोदन क्यों नहीं किया.. जब तू हर समय मेरे साथ ऑफिस में.. या घर में था और मैं तेरे साथ चुदाई का मजा लेना चाहती थी.. और मुझे मालूम था कि तू भी मेरे साथ जवानी का मजा लेना चाहता है, हर समय मेरे मम्मों, जांघों और पीछे के माल को अपनी गर्म आँखों से घूरता रहता था।’

नोरा ने बदमाशी से मुस्करा कर रवि को साइड से अपनी बाहों में लेकर बड़ी सी नंगी चूत उसकी जांघों पर रगड़ दी और चूची उसकी बाज़ू पर दबा दी।

दोनों ने अपनी कॉफी और सिगरेट ख़त्म कर ली थी।

रवि ने नोरा की स्लिप ऊपर खिसका कर अपना हाथ उसके मस्त मखमली चूतड़ों पर लपेट लिया। नोरा ने खुद अपनी स्लिप की तनी कंधे से खिसक दी.. वो नीचे गिर गई।

नोरा अपनी चूची दोनों हाथ से ऊपर उठा कर रवि को दिखा रही थी, रवि समझ गया- ओह गॉड… भाभी आप कितनी सुन्दर हो!
उसने अपना मुँह उसकी चूची पर लगा दिया, चूम कर खड़े निप्पलों को होठों में पकड़ कर चूसने लगा और फिर पूरी चूची मुख में ले कर जोर से चूस रहा था।

उसका दूसरा हाथ नोरा की कमर, जांघों से फिसल कर उसकी बिना बाल की मोटी सी चूत पर पर पहुँच गया।

‘ओह माय गॉड रवि.. तेरा छूना.. चूमना… सब में जादू है.. कल जब तू मेरे मम्मे चूस रहा था.. मुझे मालूम था कि बस मैं झड़ जाऊँगी। और जब तू हू…हू… करके पीछे से कुतिया बना कर पेल रहा था, मम्मे दबा रहा था और मेरा दाना रगड़ रहा था तो मैं समझ गई थी तू मेरा दोबारा निकाल कर ही रहेगा। मेरी कोहनी और घुटने भी घिस गये थे।’

‘उह्ह्ह… यस… चूस… डाल जोर से… मेरा दाना मत छूना.. मैंने जल्दी से नहीं झड़ना है।’

रवि ने मुस्करा कर सर उठा कर उसकी तरफ प्रश्नवाचक मुद्रा से देखा तो नोरा बोली- ओह गॉड, रवि ऐसे मत देख.. मैं तेरा मस्त मोटा तगड़ा लंड अपने अंदर महसूस करना चाहती हूँ। पर उससे पहले तू मुझे बहुत ज्यादा गर्म और चुदासी कर दे… बात करना चाहती हूँ।

‘ओह भाभी कण्ट्रोल क्यों.. निकल जाने दे.. और मजा लूट.. तू इतनी सुन्दर है… मैं अपने हाथ काबू में नहीं रख सकता। तेरी मस्त गदराई गोरी गोरी चिकनी चिकनी… उम्म्ह… अहह… हय… याह…… सच भाभी.. तू इतनी मस्त और सेक्सी लग रही है।’ रवि ने उसके चूतड़ दबाते हुए चूची चूस डाली।

नोरा ने उसको होठों पर चूम कर उसका मुँह खोल अपनी जीभ अंदर डाल दी और अपना हाथ उसकी निक्कर में डाल उसका खड़ा लंड पकड़ कर दबा दिया- रवि, जब तू मुझे भाभी बुलाता है तो जिस्म में एक गुदगुदी सी होती है जैसे तू मेरा दाना छू रहा हो.. सच में देख ऐसे मत मुस्करा!
नोरा लंड बाहर निकाल हिलाने लगी और उसकी आंखों की मस्ती और गर्मी से बचने के लिए नीचे खड़े लंड को देखने लगी और बोली- मेरा मन बहुत गन्दी बातें जैसे हम इंडिया में पंजाब में करते हैं.. चूत… लंड… चुदाई… चोद… डाल… फाड़ दे। करने को कर रहा है।

उसकी बात सुन कर और शर्म देख कर रवि हंस रहा था- क्या भाभी, तुझे इस तरह शर्म करने की जरूरत नहीं है… उफ़… आप इतनी सुन्दर और सेक्सी लग रही हो।
रवि सामने आकर अपना खड़ा मोटा तगड़ा लंड का टॉप उसकी बड़ी सी चूत के मोटे मोटे होठों के बीच रगड़ने लगा।

नोरा ख़ुशी से मचलने लगी- हाई… सीई… उह्ह्ह… यस रवि… यस रगड़ दे जोर से… उफ़… मर… गई.. ऐसे तो बिना चुदाई के निकल जायगा मेरे चोदू राजा!
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उसको अपनी चूत पर लंड की गर्मी और उसका हाथ अपने चूतड़ों पर बहुत अच्छा लग रहा था- एक और काम मैं चाहती हूँ रवि कि तू मुझे रंडी की तरह इस्तेमाल करे। चूतड़ चूची कमर को खूब मसल डाल अपना हाथ जांघों के बीच डाल घुसा दे चूत में उंगलियाँ.. बस मस्त कर दे और फिर सबसे मस्त पोजीशन में चोद दे.. ऐसा कि मैं चिल्लाती रहूँ और तू चोदता रहे।

नोरा ने अपनी नज़र ऊपर उठा कर रवि के मुस्कराते सुन्दर चेहरे को देखा और उसे अपने हाथों में लेकर चूमने लगी- तू सोच रहा होगा कि मैं कैसी पागल दीवानी हूँ जो रंडी की तरह चुदना चाहती हूँ। पर राजा, तेरा अब यह गर्म छूना और कल की मस्त जोरदार चुदाई ने मेरे सारे सपनों को, चुदास को, इच्छाओं को जैसे पंख लगा दिए हैं और मैं वो सब पूरा करना चाहती हूँ।
नोरा ने अपनी रूई सी नर्म गोल गोल चूची को रवि के सीने पर रगड़ते हुए कहा।

‘ओह कम ऑन भाभी… इस सब के लिए और तुझे खुश करने के लिए मुझे इतना बेदर्द होने की जरूरत नहीं है। हम दोनों जब भी मौका मिले मस्त अपनी पसन्द की चुदाई का.. और जितना तू चाहे मजा ले सकते हैं, पर तू तो इतनी व्यस्त रहती है, तेरे चारों तरफ इतने लोग और नौकर रहते हैं और यह प्यार का खेल उन सबके सामने तो तू नहीं खेलना चाहेगी। यह हमारा अपना खेल है।’

रवि ने नोरा को पीछे खिसका कर कोच पर लिटा दिया, नोरा ने खुद अपनी जांघों को दूर तक फ़ैला दिया। रवि झट से अपनी निक्कर निकाल कर उनके बीच बैठ कर अपना पहले से ही गीला टोपा चूत पर रगड़ और भी गीला करके एक ही झटके में मस्त रसीली चुदासी चूत में अंदर तक पेल दिया।

नोरा मस्ती और चुदास से लहराने लगी और सिसकारियाँ ले रही थी- यस रवि… यस… घुसा… दे… सी… एईई… बहुत मस्त गर्म मोटा तगड़ा लंड है तेरा! मेरी चूत भी आग में जल रही है.. बहुत लप लप कर रही है इतनी गीली और रसीली… यस… मेरे… चोदू राजा यह हमारा पूरी तरह प्राइवेट प्यार की चुदाई की पार्टी है।

नोरा हंस कर रवि को चूम रही थी और अपने बड़े बड़े चूतड़ उठा कर धक्का मार रही थी। रवि का 7 इंच का लंड जड़ तक घुसा था।
रवि नोरा की हरकत पर हंस पड़ा- हाय भाभी, ऐसे नहीं.. अपनी जांघों को मेरी कमर ले लपेट ले और फिर मार धक्के! फिर आएगा लटकी हुई झूलती चुदाई का मजा!

रवि ने नोरा के दोनों हाथ से चूतड़ पकड़ थोड़ा ऊपर उठा जोरदार धक्का मार दिया। नोरा अकड़ गई और चिल्ला उठी- अह्ह्ह… अह्ह्ह… हाई… ओह… माय… गॉड… यह तो एकदम से पूरा अंदर तक घुस गया मेरे राजा.. क्या दमदार चोट मारी!

अब नोरा चुदाई का मजा लेते हुए रवि की गर्दन से लटकी और जांघों को उसकी कमर में लपेटे हुए अपने चूतड़ हिला रही थी और कड़क लंड को अपनी रस से भरी बड़ी सी खुली चूत में चला रही थी।

रवि को भी बदमाशी सूझी, अपने बदन से लटकी नोरा को वो ऐसे ही उठा कर खड़ा हो गया।

नोरा मस्ती में किलकारी मारने लगी- हाय… सी… ई… अब क्या कर रहा है?

‘अभी देख भाभी, क्या मजा देता हूँ! और रवि धीरे से चल कर डाइनिंग टेबल के पास आया और उस पर नोरा के चूतड़ टिका दिए।
उसने एक चूची मुँह में लेकर चूसते हुए काट लिया और हाथ से चूतड़ पर चपत लगा दी।

नोरा सिसकारिया लेकर आँखें बंद किए मस्ती में थी- ई… ई… उई… उई… मर गई… सी… हाई… हाई… खा गया जालिम चोदू! …उफ़… उफ़… मेरे राजा रगड़ डाला!
‘वाह रवि, बहुत मजा आ रहा है तेरी प्यार की बातों में.. और तेरा इस तरह मसल मसल कर तेरा इस मस्त लंड को अपनी चूत में दबा दबा कर इसकी सख्ती महसूस करने में!’

नोरा ने अपने चूतड़ हिलाने चाहे पर रवि ने कस के पकड़ रखा था- कम ऑन भाभी.. अभी तो और भी मजा आएगा.. मैं तुझे तेरे ये मस्त रेशमी दूधिया बड़े बड़े चूतड़ दिखाता हूँ… क्या मस्त सुन्दर और सेक्सी लग रहे हैं।

रवि ने फिर से उसको उठा कर कमरे के अंदर ले गया और साइड से शीशे के सामने खड़े हुए बोला- अब देख इनको भाभी.. ओह माय गॉड क्या सेक्सी मस्त सीन है.. बड़े हिलते हुए सफ़ेद रेशमी घड़े!

रवि ने चपत लगा दी, नोरा मस्ती और चुदास में तड़फ उठी- हाई… सी… ओह… गॉड, तूने तो मार मार कर इन चूतड़ों को लाल कर डाला… हां…हां… मेरे राजा बहुत सेक्सी लग रहे हैं।
नोरा थोड़ा ऊपर नीचे हो रही थी, उसकी चूचियाँ रवि के सीने पर रगड़ रही थी।

‘पर मेरे चोदू राजा, मैं तो अपनी खुली चूत तेरे मस्त खड़े मोठे तगड़े लंड के साथ कैसी लगती है, देखना चाहती थी! मैं अब झड़ने वाली हूँ तो बस जल्दी कर!’ नोरा मस्ती में हंस रही थी और ऊपर नीचे हो रही थी।

‘ओह… ओह… सच.. उसके लिए पहले यह ऊपर नीचे हिलना बंद करु.. उसके लिए मुझे अपना लंड तेरी रसीली बड़ी सी रसीली चुदासी चूत में पीछे से सांड के तरह घुसाना पड़ेगा… घोड़ी स्टाइल में.. ताकि तेरे घुटने फिर से ना घिस जायें।

रवि ने नोरा को नीचे खड़ा कर दिया, नोरा अपने आप घूम कर आगे झुक कर अपने हाथ ड्रेसिंग टेबल पर टिका कर घोड़ी बन गई और अपनी जांघों को फैला दिया और कमर मोड़ कर चूतड़ ऊपर उठा गीली गीली चमकती चूत पीछे धकेल दी- ले मेरे चोदू सांड.. घुसा दे अपना मस्त लंड जल्दी से!
उसने अपने हाथ से चूत के होठों को फैलाते हुए कहा।

‘ओह… यस… भाभी… यस अभी ले.. बस जरा अपनी सुन्दर मस्त चुदासी चूत को और चूतड़ों को अच्छी तरह देख लेने दे.. क्या सुन्दर मस्त लग रहे हैं।’

रवि ने अपना कड़क गीला लंड उसकी खुली चूत पर टिका दिया.. दोनों हाथ से उसकी लटकी चूची पकड़ धीरे से धक्का लगा दिया।
नोरा अकड़ कर आधी खड़ी हो गई और मोठे तगड़े लंड के घुसने से खुली अपनी गुलाबी गीली चमकती चूत देखने लगी और बदमाशी से मुस्करा रही थी।

‘वाह भाभी देख ले.. अब बदमाशी नहीं.. अब तो तेरी चूत में पूरा लंड घुसा है और चूत पूरी खुल गई है.. क्या सुन्दर और सेक्सी लग रही है। पर भाभी यह अभी तक इतनी सफ़ेद कैसे है जबकि इतनी चुद चुकी है?’ रवि ने धक्के मारते हुए कहा और उसका हाथ नोरा की पतली कमर और चपटे पेट पर फिसल रहा था।

‘ओह कम ऑन रवि.. मेरी चूत ज्यादा चुदी नहीं है… हां इसकी चुसाई बहुत हुई है… और मुझे जब जरुरत होती है मैं चूत में उंगली या डिलडो या वाइब्रेटर घुसा कर निकाल लेती हूँ। किसी मर्द में मेरी जैसी चुदासी दबंग बिंदास औरत की चूत मारने की हिम्मत ही नहीं होती।’

‘कम ऑन… अब तो मेरे राजा.. जोरदार… दमदार धक्के मार कर चूत फाड़ चुदाई कर के मेरा निकाल दे और तू भी अपना माल मेरी चूत में निकाल दे।’ नोरा ने खुद रवि को उसकी जांघों को पकड़ कर नज़दीक खींच लिया और अपने चूतड़ हिलाने लगी- ओह… यस… रवि… उस्स फ़क… मी राजा!

‘ओह… यस… ले अब असली चुदाई का मजा भाभी… ले!’ रवि ने पूरी रफ़्तार से धक्के मारने चालू कर दिए। उसका कड़क लंड चूत की जड़ में चोट कर रहा था और मज़बूत जांघें नोरा के चूतड़ों पर टकराने से चूतड़ धप धप कर रहे थे, रस से भरी चूत चप चप कर रही थी।
रवि चूची मसल रहा था और नोरा के मुँह से सिसकारियां निकल रही थी- ओह… यस… राजा… यस… फाड़… दे… चीर… दे.. रगड़ दे चुदासी चूत को और निकाल दे साली का पानी.. उह्ह्ह… यस… सी… अह्ह्ह… हां… हां घुसा दे पूरा अंदर तक… ई…सी… मेरा निकलने वाला है।

‘मेरी चुदासी घोड़ी… ले.. और ले… बस अब तो अपना भी होने वाला है.. कम ऑन.. अब तैयार हो जा… बाहर निकालूँ या अंदर?
‘ओह गॉड… रवि.. अंदर ही निकाल दे अपनी मस्त जवानी का रस.. यस रवि… यस.. मैं भी झड़ रही हूँ।’

नोरा ने अपना दाना रगड़ते हुए जांघों चूत को भींच लिया और चूतड़ों को झटका मारते हुए झड़ गई।
रवि ने भी नोरा को कस के पकड़ चूची मसलते हुए चूत की जड़ में पिचकारी मार दी और उसको चूम रहा था।

नोरा की आँखें बंद थी और उसके सुन्दर सेक्सी चेहरे पर बहुत मधुर मस्ती की मुस्कान थी, वो फुसफुसा कर बोली- वाह रवि… वाह! ऐसा होता है असली मस्त चुदाई का मजा!
वो उसकी तरफ घूम कर चूम रही थी।

‘सच में रवि, तूने तो असली मस्त चुदाई का असली मस्ती की ख़ुशी.. ज़िन्दगी का असली आनन्द दे दिया।’
वो रवि से लिपट गई- मुझे अब समझ में नहीं आ रहा कि तुझे अपने दिल की खुशी कैसे समझाऊँ और यह जो मैं कह रही हूँ मेरे दिल की बात है राजा!

‘मुझे मालूम है भाभी…’ रवि भी उसको चूम रहा था- यह सब तेरी आँखों में और चेहरे पर दिख रहा है। तेरा जिस्म और मस्त जवानी जिस मस्ती में झूम रहा रही है, तुझे कुछ करने की या कहने की जरुरत नहीं है। बस इसी तरह प्यार का मजा लेती रहना और अपनी मस्त गदराई चुदासी जवानी दिखती रहना… तो मुझे भी मजा आता रहेगा और हम दोनों इस मस्ती का साथ साथ मजा लेते रहेंगे।

‘ओह… हाय सच में… चल अब थोड़ा आराम कर लेते हैं.. हम दोनों इसी तरह नंगे लेट कर आराम करेंगे।’

दोनों बड़े से बेड पर नंगे लेट गए, रवि नोरा के पीछे था, दोनों इतनी मस्त जोरदार चुदाई के बाद थक कर खुश थे… काफी देर तक सोते रहे।

कहानी जारी रहेगी।
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