जून 2017 की लोकप्रिय कहानियाँ

(Best and Popular Hindi Sex Stories Published In June 2017)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

प्रिय अन्तर्वासना पाठको
जून 2017 में प्रकाशित हिंदी सेक्स स्टोरीज में से पाठकों की पसंद की पांच सेक्स कहानियाँ आपके समक्ष प्रस्तुत हैं…

जमींदार का कर्ज ना चुका पाने का दण्ड चूत चुदाई-1

कहानी शुरू होती है पंजाब के जमींदार बलविंदर सिंह की हवेली से, यहाँ उसका परिवार, जिसमें खुद बलविंदर सिंह, उसकी पत्नी मनप्रीत कौर और 5 साल का बेटा गुरप्रीत सिंह रहते हैं।

भगवान का दिया सब कुछ है उनके घर में, लेकिन वो कहते है न कि ज्यादा पैसा भी मती मार देता है और उल्टे सीधे शौक डाल देता है।
ऐसा ही जमींदार बलविंदर सिंह के साथ हुआ… चाहे जमींदार साब शादीशुदा है लेकिन आज भी कच्ची कलियाँ मसलने में ज्यादा विश्वास रखते हैं।

उन्होंने हवेली में घर का काम करने के लिए एक गरीब घर की औरत सुनीता रखी हुई है जो बेहद खूबसूरत सुडौल ज़िस्म की मालकिन है। उसे देखकर कोई भी अंदाज़ा नहीं लगा सकता कि वो बेहद गरीब घर की बहू है। उसकी उम्र यही कोई 28 साल के लगभग होगी। उसके परिवार में उसकी सास, उसका पति, वो खुद और 3 साल के बच्चे को मिलाकर 4 मैम्बर हैं।

रोज़गार के नाम पर उसका पति राजेंद्र छोटी सी सब्ज़ी की रेहड़ी लगाता है, और गली गली जाकर सब्ज़ी बेचता है। घर का गुज़ारा और अच्छी तरह से हो, इस लिए सुनीता अपने 3 साल के बेटे को अपनी सास को सौंप कर, खुद जमींदार के घर पर काम करती है।
जमींदार पहले दिन से ही उसे भूखी नज़रों से देखता है जिसका सुनीता को भी पता है लेकिन गरीब होने के कारण मज़बूरी है कि उनकी दासी बनकर उनके घर का काम करना पड़ता है।
वो तो जमींदार का बस नहीं चलता, नहीं तो उसे कब का कच्ची कली की भांति मसल कर फेंक चुका होता। वो रोज़ाना उसके सुडौल बदन को हवस भरी नज़रों से देख कर स्कीम बनाता कि कैसे इसको इसी की बातों में घेर कर इसकी जवानी को भोगा जाये।

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बलम छोटा लंड मोटा-1

बात तब की है जब मेरी शादी हुई थी।

शादी के बाद जब मैं अपने ससुराल पहुंची, तो मुझे ड्राइंग रूम में बैठाया गया, मेरे पति भी मेरे पास ही बैठे थे, सब रिश्तेदार वगैरह हमारे आस पास जमा थे, सब मुझे ही घूर रहे थे, मुझे बड़ी झेंप से महसूस हो रही थी कि क्या यार सब कैसे घूरने लगे हैं। मगर और भी रसमे चल रही थी, सो मैं बैठी रही।
इतने में एक नव युवा लड़के को मेरे पास बैठाया गया।
एक औरत बोली- लो बहू रानी, ये तुम्हारा सबसे छोटा देवर है।

मैंने उसको देख कर स्माइल पास की, वो भी मुस्कुराया, तभी वो औरत फिर से बोली- अरे शरमाता क्या है, तेरी भाभी है, माँ जैसी, गोद में बैठ जा इसकी!
थोड़ी सी हिचक के बाद वो लड़का उठा और मेरी गोद में बैठ गया।

एक तो मैं पहले से परेशान थी, ऊपर से ये बोझ मेरी गोद में धर दिया गया, और वो लड़का भी आराम से मेरी जांघों पे चढ़ कर बैठ गया।
मगर थोड़ी देर बाद मैंने उसे उतार दिया, और वो सामने जा कर बैठ गया, मगर सामने बैठ कर भी वो मुझे एक टक घूरे जा रहा था। मैंने एक दो बार उसे इशारे से मना भी किया, मगर उसने तो अपनी निगाह मुझसे हटाई ही नहीं।

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पेंटर ने मेरी चूत को रंग दिया-1

हमने अपना बंगलो पेंट करने का फैसला लिया. पेंटर जब घर देखने और रेट तय करने आया तभी मुझे उसकी नज़र ठीक नहीं लगी. सेक्सी कहानी पढ़ कर मजा लें.

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इश्क के हमाम में सब नंगे

मैं अपनी पड़ोसन को चोदने के लिए होटल में बुलाता था. एक बार हम चुदाई करके निकले तो एक पड़ोसन लड़की अपने यार के साथ चुदाई करके निकली और हमारा सामना हो गया.

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जब सास हो ऐसी मतवाली तो लंड का आलम क्या होगा

मेरी शादी की शॉपिंग में मदद के लिए मैं अपनी होने वाली ससुराल गया. मैं सीधे सास के कमरे में चला गया. कहानी पढ़ कर जानें कि वहां मैंने क्या देखा और क्या हुआ.

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