रैगिंग ने रंडी बना दिया-98

(Ragging Ne Randi Bana Diya- Part 98)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि टीना ने अपनी पहली चुदाई की कहानी में बताया कि उसकी चुत की सील उसके पापा के दोस्त ने कैसे तोड़ी थी.
अब आगे…

फ्लॉरा- उह… गॉड ऐसी चुदाई… यार मेरी चुत तो गीली हो रही है… मजा आ गया तेरी चुदाई की कहानी सुन कर!
सुमन- हालत तो मेरी भी खराब है… दीदी मगर मुझे पूरी कहानी सुनाओ ना… उसके बाद क्या हुआ?
टीना- अरे होना क्या था… फिर अंकल ने 3 बार मेरी चुत का भुर्ता बनाया. उसके बाद उन्होंने मुझे साफ साफ बता दिया कि मेरी माँ को कुछ पता नहीं है. अंकल ने मुझे उल्लू बना का चोद दिया था. बस फिर इस ज़बरदस्त चुदाई के बाद में उनकी दीवानी हो गई थी.

फ्लॉरा- वाउ यार सो नाइस, फिर क्या हुआ… चुदाई रुक गई या उसके बाद भी तुम्हें अपनी चुत में अंकल का लंड लेने का मौका मिला?
टीना- अरे मिलता कैसे नहीं… अंकल ने माँ को काम में इतना उलझा दिया कि वो ज़्यादा बाहर ही रहने लगीं और अंकल मेरे साथ रासलीला करते रहते थे. आगे और पीछे मेरी ऐसी ठुकाई करते… क्या बताऊं यार.
फ्लॉरा- वाह यार, वैसे अब वो कहाँ हैं?
टीना- क्यों तुझे भी चुदवाना है क्या उनसे हा हा हा.
फ्लॉरा- अरे नहीं ऐसे ही पूछ रही हूँ.
टीना- एक साल तक मेरी चुत को मजा देकर उनका दिल भर गया तो वो कहीं और मुँह मारने लगे और ऐसे ही एक दिन ज़्यादा चुत लेने से उनका हार्ट फेल हो गया और वो भगवान को प्यारे हो गए.
सुमन- ओह भगवान ये बहुत बुरा हुआ.
टीना- बुरा तो हमारे साथ हुआ. वो थे तब तक काम संभाल लेते थे. उनके बाद सब चौपट हो गया और माँ भी बीमार रहने लगीं. खैर… इसके बाद का बाकी तो तुम दोनों जानती ही हो.
सुमन- फ्लॉरा दी, अब आपकी बारी, आपके साथ कब और कैसे हुआ वो भी मुझे बताओ ना.

फ्लॉरा ने अपने भाई के साथ जो हुआ सारी कहानी सुना दी, बाकी अपने पापा के साथ की घटना नहीं बताई. अब फ्लॉरा की कहानी तो आपको पता ही है तो आगे का हाल देखते हैं.

टीना- वाउ यार, फ्लॉरा लॉलीपॉप के चक्कर में चुद गई. मजा आ गया कसम से… देख तेरी कहानी सुनकर पूरी पेंटी गीली हो गई.
फ्लॉरा- हाल तो मेरा भी ऐसा ही है. लगता है हमें खेल शुरू करना पड़ेगा. मगर सुमन तुमने अपनी कहानी नहीं बताई.
सुमन- मेरी ऐसी कोई कहानी नहीं है दीदी, बस कुछ दिनों से पापा के लिए परेशान हूँ.
फ्लॉरा- अरे वो क्या चक्कर है, मुझे भी तो बता कि तू क्यों मुझे अपने बाप से चुदवाने के पीछे पड़ी है?

टीना ने सुमन की कहानी बताई कि कैसे उसके पापा कंट्रोल किए हुए हैं. उसके बाद सुमन ने इन दिनों की कुछ बातें बताईं, जो उसने पापा के साथ की थीं… जिसे सुनकर फ्लॉरा की आँखों में चमक आ गई.

फ्लॉरा- उह… वाउ सुमन सच में तुम्हारे पापा का लंड इतना मोटा और बड़ा है जैसे किसी घोड़े का होता है.
सुमन- हाँ दीदी बहुत बड़ा है, मैंने छुपकर देखा भी है.
फ्लॉरा- यार मेरी बड़ी तमन्ना है किसी बड़ी उम्र के आदमी के साथ सेक्स करने की, जिसका ऐसा तगड़ा लंड हो.
टीना- गुड… इसका मतलब तू सुमन के पापा से चुदवाने को राज़ी है!
फ्लॉरा- अरे 100% राज़ी हूँ यार… क्या तुम दोनों को कोई शक है क्या?

सुमन- ये तो अच्छी बात है. मगर पापा नहीं माने तो?
फ्लॉरा- पागल जब हमने अतुल को अपने जाल में फँसा लिया तो तेरे पापा तो प्यासे हैं. उनको मनाना कौन सा बड़ा काम है. अपने खरबूजों की ज़रा सी झलक दिखा दूँगी ना… देखना कैसे उनका लंड लुंगी फाड़ कर बाहर आने को बेताब हो जाएगा हा हा हा.
टीना- बात तो सही है यार, इससे तेरी प्राब्लम भी खत्म हो जाएगी और फ्लॉरा की तमन्ना भी पूरी हो जाएगी.

फ्लॉरा- यार वो जब होगा तब की तब देखेंगे, अभी जो चुत में आग लगी है उसका हम क्या करें?
टीना- करना क्या है कपड़े निकालो और शुरू हो जाओ एक-दूसरे की चुत को चाटो.
सुमन- नहीं दीदी, मुझे अब घर जाना होगा. पापा के लिए खाना भी बनाना है क्योंकि माँ भी नहीं हैं, वो मामा जी के यहाँ गई हुई हैं.
टीना- अरे ये अचानक कैसे जाना हुआ और तूने तो बताया था कि वो मामा से नाराज़ हैं?

सुमन ने पूरी बात बताई तब टीना को बात समझ आई. सुमन ने अपनी मजबूरी बता दी और वहाँ से निकल गई, उसके जाने के बाद टीना और फ्लॉरा ने एक-दूसरे को शांत किया. फिर फ्लॉरा भी अपने घर चली गई.

सुमन घर आई और पापा को वहाँ देख कर चौंक गई.
सुमन- पापा, आप यहीं हो… आज आप दुकान नहीं गए?
पापा- गया था मेरी जान… मगर मन नहीं लगा तो वापिस आ गया और सोचा कॉलेज से आकर तू क्या बनाएगी क्या खाएगी, इसलिए आते वक़्त बाहर से खाना भी लेकर आ गया. मगर तू घर आने में इतनी लेट क्यों हो गई?
सुमन- वो पापा, मैं अपनी फ्रेंड्स के साथ उसके घर चली गई थी. मुझे पता होता आप यहीं हो तो मैं सीधे यहीं आती ना.

पापा- चल जाने दे, अब तो आ गई ना तू अब जल्दी से कपड़े चेंज कर ले. फिर साथ में खाना खाते हैं. उसके बाद हमें बहुत काम भी करने हैं.
सुमन- कौन से काम पापा… ज़रा आप मुझे भी तो बताओ?
पापा- सब बताऊंगा… पहले खाना तो खालो.

सुमन समझ गई कि जो भी काम है, वो मजेदार ही होगा और वैसे भी टीना और फ्लॉरा की कहानी सुनकर उसकी चुत गीली हो गई थी. अब उसको भी ठंडा करने की जरूरत थी. यही सोच कर सुमन अपने कमरे में गई और सिर्फ़ नाइटी पहन कर बाहर आ गई.

दोनों ने साथ में खाना खाया उसके बाद गुलशन जी ने एक छोटा पैकेट सुमन को दिखाते हुए कहा- ये है वो काम.
सुमन- ये क्या है पापा दिखाओ तो?
‘खुद ही देख लो.’

जब सुमन ने पैकेट खोला, तो उसमें रेजर थे. कुछ लेडीज के और कुछ नॉर्मल, जो मर्दों के काम आते हैं.

सुमन- ये क्या पापा आप ये रेजर क्यों लेके आए हो… इनसे क्या करोगे?
पापा- मेरी जान, इस वाले से मेरी झांटें साफ होंगी और ये सॉफ्ट वाले से तेरी झांटें साफ होंगी… समझी तू!
सुमन- लेकिन इसकी क्या जरूरत थी मेरे पास तो बाल साफ़ करने वाली क्रीम है ना… मैं तो उसी से कर लेती.
पापा- नहीं मेरी बेटी क्रीम से वो चिकनाई नहीं आती, जो इससे आएगी समझी और वैसे भी तुझे डरने की जरूरत नहीं है. मैं खुद अपने हाथों से तेरी चुत को साफ करूँगा. आज उसके बाद तू मेरे लंड को साफ करना बहुत मजा आएगा.

सुमन- ये तो अपने बहुत मस्त आइडिया लगाया है मगर आपसे एक बात कहूँ, आप बुरा तो नहीं मानोगे ना!
पापा- अरे तेरी किसी बात का मुझे बुरा नहीं लगता, बोल क्या बात है?
सुमन- पापा वो मेरी फ्रेंड्स है ना… वो आपसे करने को रेडी हो गई है. अब जब वो मान गई है तो मेरे साथ करना जरूरी नहीं है ना… और वैसे भी मैंने आपके साथ जो भी किया उसकी असली वजह यही थी कि आप संतुष्ट हो जाओ बस.
पापा- सुमन तुम बात को समझ क्यों नहीं रही. मैंने तुम्हें समझाया तो था कि हम दोनों करेंगे तो घर की बात घर में रहेगी. वैसे भी तुम इस लंड और चुत के खेल में इतना आगे आ गई हो, अब तुम्हें भी लंड की जरूरत है. नहीं तो तुम भी मेरी तरह असंतुष्ट घूमती रहोगी समझी.

सुमन- आपकी बात सही है पापा मगर मेरी फ्रेंड्स को तो सब पता है. अब घर की बात बाहर चली गई है. प्लीज़ मान जाओ ना… उसका भी बहुत दिल है बड़े लंड से चुदाई करने का… इसी लिए मैं बोल रही हूँ.
पापा- इसका मतलब हमारे बारे में तुमने उनको सब कुछ बता दिया?
सुमन- नहीं पापा मैंने उतना ही बताया, जितना जरूरी था… बाकी कुछ नहीं.
पापा- तुम मुझे ठीक से बताओ क्या क्या बताया… फिर मैं कुछ सोचता हूँ.

सुमन ने टीना और फ्लॉरा को जो आधी बात बताई वो पापा को बता दी मगर लेस्बीयन वाली बात उसने पापा से छुपा ली.

पापा- अच्छा तो ये बात है. अब अगर मैं तेरी फ्रेंड्स को नहीं चोदूँगा तो उनको शक होगा, यही कहना चाहती है ना तू?
सुमन- हाँ पापा मैं यही आपको समझाने की कोशिश कर रही हूँ.
पापा- मेरी भोली सुमन तू डरती क्यों है. आज तेरी मस्त चुदाई कर दूँ, उसके बाद तेरी फ्रेंड्स की भी चुत चोद दूँगा. उनको शक भी नहीं होगा और तुझे भी मजा मिल जाएगा.
सुमन- ये तो मैंने सोचा ही नहीं था, पापा और उनको हमारे बारे में कुछ पता भी नहीं लगेगा है ना.

पापा- हाँ मेरी जान, और तेरा डर भी दूर हो जाएगा. फिर तेरी फ्रेंड्स तो एक बार चुदेगी और हम तो रोज मजा कर सकते हैं. जब तक तेरी माँ नहीं आ जातीं तब तक खुलकर चुत लंड का खेल करेंगे और उसके आने के बाद छुपकर चुदाई हो जाएगी. क्यों कैसा लगा तुझे मेरा आइडिया?
सुमन- आइडिया तो मस्त है पापा, मगर सच कहूँ आपका बहुत बड़ा है, इसे देख कर ही मुझे डर लग रहा है.
पापा- पागल, मैं तेरा बाप हूँ तुझे तकलीफ़ थोड़े दे सकता हूँ. तू देखना कितने आराम से करूँगा, तुझे कम से कम तकलीफ़ होगी. चल अब देर मत कर साथ में बाथरूम जाएंगे और वहाँ अपनी झांटों की सफ़ाई करेंगे समझी.
सुमन- ठीक है मेरे प्यारे पापा चलो, आप नहीं मानने वाले.

दोनों बाप और बेटी बाथरूम में चले गए और वहाँ नंगे हो गए.

सुमन- अब क्या करना है पापा, क्या आप पहले मेरे बाल साफ करोगे?
पापा- हाँ मेरी जान… पहले तेरे जिस्म के सारे बाल साफ करूँगा, उसके बाद तू मेरे करना… मजा आएगा.
सुमन- लेकिन आप ऐसे कैसे करोगे… यहाँ तो बैठने की कोई जगह भी नहीं है.

गुलशन जी ने सुमन को कमोड पे बिठा दिया और उसकी टांगें फैला दीं- अब समझ आया कैसे होगी ये झांटें साफ… अब बस चुपचाप बैठी रहना… मैं आराम से साफ कर दूँगा.
सुमन- पापा आराम से करना… कहीं कट ना जाए, नहीं तो खून निकल आएगा.
पापा- अरे ऐसे कैसे कट जाएगा और खून निकलने में अभी टाइम है मेरी जान… जब तेरी सील टूटेगी ना तब ज़रूर निकलेगा.
सुमन- पापा आप डराओ मत प्लीज़… नहीं तो मैं यहाँ से भाग जाऊंगी.
पापा- अरे मजाक कर रहा हूँ मेरी जान… चल अब चुप बैठ पहले अच्छे से साबुन लगाने दे, उसके बाद मैं तेरी चुत को चिकना बना दूँगा.

गुलशन जी ने चुत पे साबुन लगाया, उसके बाद धीरे-धीरे वो रेजर से चुत को चमकाने में लग गए.

सुमन- आह… सस्स… पापा, आपका हाथ लगते ही चुत में आग लग गई ओफ्फ… लगता है, जैसे अन्दर कोई लावा उफान रहा हो… आह… प्लीज़ जल्दी से साफ करके इसको शांत कर दो, नहीं तो ये ऐसे ही सुलगती रहेगी.
पापा- कर दूँगा मेरी रानी… बस आज की बात है. कल से इसमें कोई लावा नहीं फूटेगा क्योंकि मैं अपना लंड इसमें हर वक़्त डाले रहूँगा ताकि इसको सुकून मिलता रहे.
सुमन- सच्ची पूरा दिन डाले रहोगे… ऐसे तो मुझे पूरा दिन ऐसे नंगी रहना पड़ेगा.
पापा- अच्छा है ना, हम दोनों के अलावा कोई है भी नहीं… तो कपड़े किस लिए पहनने हैं.

दोनों बाप-बेटी बहुत देर तक बातें करते रहे और साथ साथ गुलशन जी ने सुमन के सारे बाल साफ कर दिए. फिर जब चुत को पानी से साफ किया तो उसका निखार देखने लायक था. गुलशन जी ने उसपर एक जोरदार किस भी कर दिया, जिससे सुमन सिहर गई.

सुमन- इसस्स पापा प्लीज़ चूस दो ना… आज इसमें बहुत आग लगी हुई है.
पापा- नहीं मेरी जान ऐसे नहीं पहले तू मेरी झांटें साफ कर, फिर कमरे में जाकर आराम से तेरी चुत को चाटूँगा.
सुमन- नहीं पापा आप खुद कर लो… मुझे ये रेजर चलाना नहीं आता. कहीं आपको लग गई तो मुसीबत आ जाएगी.
पापा- कुछ नहीं होगा ये तेरे पापा का लंड फौलाद से बना है. इतनी आसानी से नहीं कटेगा, चल मैं तुझे बताता हूँ वैसे करना है.

गुलशन जी के बताने पर सुमन ने लंड पे अच्छे से साबुन लगाया, फिर धीरे-धीरे उसको साफ करने लग गई.

ये साफ सफ़ाई का प्रोग्राम चलते चलते दोनों एकदम गर्म हो गए थे. फिर दोनों ने साथ में शावर लिया और नंगे ही बाहर आ गए और सुमन बिस्तर पर चुत फैला कर ऐसे लेट गई जैसे अभी चुदने को रेडी हो.

सुमन- पापा, अब साफ सफ़ाई का प्रोग्राम खत्म हो गया ना… अब तो मेरी चुत की आग शांत कर दो प्लीज़!
पापा- ठीक है मेरी जान तेरा इतना ही मन है, तो कर देता हूँ. नहीं तो मैंने सोचा था कि आज रात तेरी चुत को लंड से ही अच्छी तरह से शांत करूँगा.
सुमन- नहीं पापा रात को मुझे पता है आप मेरी हालत बिगाड़ने वाले हो. उस टाइम कोई मजा नहीं आने वाला. इसी लिए बोल रही हूँ कि मुझे अभी मजा दे दो. फिर रात को तो बस दर्द ही होना है.
पापा- नहीं मेरी जान ऐसे सीधे ही थोड़े तेरी चुत में लंड घुसा दूँगा. पहले तुझे अच्छी तरह मजा दूँगा, उसके बाद पूरी रात तेरी जमकर चुदाई करूँगा.
सुमन- ऐसी बात है तो फिर मुझे सोने दो… तभी तो मैं रात को जाग पाऊंगी.

गुलशन जी समझ गए कि सुमन सही बोल रही है और उनको भी थोड़ा रेस्ट कर लेना चाहिए क्योंकि रात में उनको अपनी बेटी की जवानी का मजा जो लूटना है. गुलशन जी का मन था कि वो सुमन के साथ लिपट कर सोएं मगर कुछ सोचकर वो दूसरे कमरे में चले गए और सो गए.

दोस्तो, बस कुछ घंटों की देरी है उसके बाद सुमन भी चुदाई का मजा ले लेगी और आपका इंतजार भी खत्म हो जाएगा. अब रात होने में अभी देर है तो थोड़ा सा मैं आपको अलग लेकर चलती हूँ.

अनिता कुछ सामान लेने मार्केट जाती है वहाँ उसका सामना संजय से हो जाता है.
संजय- अनिता, तुम यहाँ क्या कर रही हो? उस जानवर ने तुम्हारा क्या हाल बना दिया है, तुम कितनी कमजोर लग रही हो?

दोस्तो आप सब समझ ही गए होंगे कि अनिता ही वो लड़की है जो संजय की गर्लफ्रेंड थी, जिसका बदला वो सुमन को रंडी बना कर लेना चाहता है. मगर ये आधा सच आप लोगों को पता है, पूरा सच ये नहीं है. तो चलो ये भी जान लो आप मगर आज नहीं अगले पार्ट में पूरा खुलासा करूँगी.

साथियो, आपको मेरी सेक्स स्टोरी कैसी लग रही है, कमेंट्स करें.
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कहानी जारी है.

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