विक्की कुमार 0099

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कुछ रोचक चुटकुले

On 2015-02-02 Category: हास्य रस- चुटकुले Tags:

मर्दों और चूहों में एक समानता तो है कि दोनों ही पूरी जिन्दगी नए नए छेद ढूंढते रहते हैं! और जब भी कोई नया छेद उन्हें मिल जाता है तो दोनों ही उसे बड़ा कर देते हैं, चूहे खोद खोद कर और मर्द चोद चोद कर… *** एक काले अफ्रीकी ने एक गोरी से शादी […]

वीर्यदान महादान-6

विक्की कुमार जब मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो गया तो सोचा कि उसकी चूत मारूँगा पर इस बार नीता उल्टी लेट गई व एक तेल की शीशी को मुझे पकड़ाते हुए कहा- इसे मेरी गाण्ड के छेद में लगाओ। मैंने तब से पहले कभी गाण्ड नहीं मारी थी… अजी गाण्ड तो छोड़ो मैं तो शालिनी […]

वीर्यदान महादान-5

विक्की कुमार पूरे नाश्ते के दौरान हम तीनों दुनिया जहान की, राजनीति की बातें करते रहे। वे दोनों बातचीत में एक्सपर्ट थे, किसी भी विषय पर बात करने को तैयार। पर दोनों उस विषय पर बात नहीं कर रहे थे जिसके लिये हम आये थे। मेरा मन नहीं लग रहा था कि साले टाईम खराब […]

वीर्यदान महादान-4

विक्की कुमार हम दोनों उठे, शावर लिया व कपड़े पहन कर बाहर होटल के गार्डन रेस्टोरेंट में आ गये। कामना ने गहरे रंग के गॉगल्ज़ पहन लिए थे व सिर पर दुपट्टा भी डाल दिया था। अब हम गार्डन के एक कोने में बैठ गये कि किसी की हम पर नजर आसानी से ना पड़ […]

वीर्यदान महादान-3

विक्की कुमार जैसे ही कामना मेरी बाहों में आई तब मुझे आभास हुआ कि हम दोनों के मध्य दो विशाल पहाड़ टकरा रहे हों, अहा ! तो ये कामना के वक्ष थे जो शोले से दहक रहे थे, ऐसा लग रहा था जैसे उनमें से आग की लपटें निकल रही थी, जो मेरे बदन को […]

वीर्यदान महादान-2

मैं अपने लण्ड की आग ज्यों ज्यों मैं दबाता तो फिर यह त्यों त्यों और भड़कती। मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं कैसे इस आग को बुझाऊँ। इसी तरह समय गुजरता गया। फिर एक दिन मैं इन्टरनेट पर अपना ऑफ़िस का काम कर रहा था कि अचानक एक वेब साईट […]

वीर्यदान महादान-1

मित्रो, मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक व लेखक हूँ, चूत-लण्ड के किस्से सुनकर लोगों की तरह मैं भी अपना मन बहला लेता हूँ। पर इस बार मेरी इच्छा जागृत हुई कि मुझे भी अपनी आत्मकथा आप लोगों को सुनानी चाहिये क्योंकि ज्ञानीजन कहते हैं कि खुशियाँ बांटने से बढ़ती हैं, इसी प्रकार वीर्य भी बांटने […]

पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-5

On 2011-07-25 Category: चुदाई की कहानी Tags:

प्रेषक : विक्की कुमार अब मुझे योगा की क्लास लेते हुए चौथा दिन था कि क्रिस्टीना की एक महिला दोस्त ने मुझसे पूछा- हमने हिन्दुस्तान के कामशास्त्र के बारे में बहुत सुना है, क्या तुम इसके बारे में कुछ जानते हो? इसका जवाब मैं देता, उसके पहले ही क्रिस्टीना ने हंसते हुए बताया कि कैसे […]

पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-4

On 2011-07-24 Category: चुदाई की कहानी Tags:

प्रेषक : विक्की कुमार पांच मिनट सुस्ता कर कर घड़ी देखी तो पता चला कि साढ़े पाँच बज चुके हैं, हमें सात बजे तक हेल्थ क्लब पहुँचना है, क्योंकि वहाँ सभी मेरा योगा सिखाने के लिये इन्तजार कर रहे होंगे। हम दोनों जल्दी से बाथरूम में घुसे, शावर साथ में लिया व तैयार होकर क्लब […]

पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-3

प्रेषक : विक्की कुमार जैसा कि हमने तय किया था, वो दिन हमारा बिना कपड़ों के ही निकला, पूरे दिन हम या तो कुछ ना कुछ बना कर खाते रहे या फिर बिस्तर पर कुश्ती लड़ना शुरु कर देते। बीच-बीच में जब भी मेरा वीर्य छुट जाता व मैं ठंडा पड़ जाता तो क्रिस्टीना कोई […]

पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-2

On 2011-07-22 Category: चुदाई की कहानी Tags:

प्रेषक : विक्की कुमार आज हम दोनों का मन भरा नहीं था। जैसे ही चुदाई का एक दौर पूरा होता, तो कुछ देर बाद थकान मिटाने के बाद जैसे ही नार्मल होते, क्रिस्टीना मेरे लिंग महाराज को सहला कर अपने मुँह में लेती, वह फिर खड़ा हो जाता, इसके बाद हम फिर शुरु हो जाते। […]

पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-1

मेरे प्यारे मित्रो एवं सहेलियों, एक लम्बे अंतराल के बाद आप लोगों से मिलना हो रहा है, आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार। मेरा नाम विक्की है व इससे पूर्व आप अन्तर्वासना.कॉम पर आपने मेरी दो आप-बीती कहानियाँ “हवाई जहाज में चुदाई” और इस्तान्बुल में शिप पर चुदाई बहुत सराही। उस समय मैंने आपसे वादा […]

इस्तान्बुल में शिप पर चुदाई-3

प्रेषक : विक्की कुमार अब क्रिस्टीना भी कुछ अपने मुँह में लेना चाहती थी। वह थोड़ी देर बाद वह नीचे खिसक गई और मेरा लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। फिर कुछ देर बाद मैंने भी पलटी खाते हुए 69 की पोजीशन बनाते हुए, उसकी पेंटी निकाल दी और उसकी रसीली मुलायम झांटदार चूत का […]

इस्तान्बुल में शिप पर चुदाई-2

प्रेषक : विक्की कुमार अभी तो क्रूज़ पर डांस व डिनर खत्म होने में करीब दो घंटे बाकी थे, और हमारा स्टीमर तो किनारे से बहुत दूर निकल आया था। यहाँ तो यह हालत थी कि हम दोनों ही बेकाबू होने लग गये। अब लगा कि क्रूज़ पर डिनर के लिये आने का निर्णय बहुत […]

इस्तान्बुल में शिप पर चुदाई-1

On 2007-11-21 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : विक्की कुमार मैं परम आदरणीय गुरुजी का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मेरी आत्मकथा के अंश “हवाई जहाज में चुदाई” को अपनी जग प्रसिद्ध वेबसाईट अंतर्वासना डॉट कॉम में जगह दी। फिर मैं अपने प्रिय पाठकों का भी बहुत शुक्रगुजार हूँ कि आप सभी ने मुझे बेहद सराहा। मुझे सैंकड़ों प्रशंसकों के ईमेल प्राप्त हुए, […]

हवाई जहाज में चुदाई-2

On 2007-10-04 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : विक्की कुमार अब मैं खुश था कि एक विदेशन सुन्दरी मेरी गोद में लेटी हुई है। अब उसका सिर मेरे लण्ड पर टिका हुआ था तो मुझे ऐसा लग रहा था कि उसकी हालत ठीक वैसी ही होगी जैसे की महाभारत युद्ध में बाणों की शैया पर लेटे हुए भीष्म की हुई होगी। […]

हवाई जहाज में चुदाई-1

प्रेषक : विक्की कुमार अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्ते ! हर व्यक्ति की जिन्दगी में कुछ ऐसे हसीन पल आते हैं, जिन्हें याद कर वह प्रसन्नता का अनुभव करता है। ऐसा ही एक खुशनुमा अनुभव मैं आपके साथ बांटना चाहता हूँ। मैं एक कम्पनी के अन्तर्राष्ट्रीय विभाग में मार्केटिंग का कार्य […]

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