वन्द्या

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कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-16

मैं अति उत्तेजना में गाली देकर बोली- साले कुत्ते.. भैन के लौड़े.. और अन्दर डाल लौड़ा मादरचोद.. और जोर से चोद.. आह.. मैं मरी जा रही हूं.. मेरी चूत की धज्जियां उड़ा दे.. मैं तेरी डार्लिंग वन्द्या हूं.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-15

मैं मदहोश हो चुकी थी. मैंने अपना मुँह खोल दिया तो अपनी जीभ को मेरी जीभ से जोड़ दिया. वो मेरी जीभ अपने होंठों से चूसने लगा. साथ ही वो नीचे चूत में कस कस के लंड के धक्के मारने लगा.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-14

मैं उस समय बिल्कुल मदहोश थी, बोली- तीनों एक साथ डाल दो.. मुझसे नहीं रहा जा रहा.. मैं तुम तीनों का लंड एक साथ ले लूंगी.. तुम बिल्कुल चिंता नहीं करो. मुझे जल्दी चोदना शुरू करो.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-13

मुझे थोड़ी खुशी हुई कि चूत की खुजली मिटाने वाले मिल गए. इस वक्त मैं बिना लंड के रह ही नहीं पा रही थी. क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले ही मुझे अधूरा चोद के छोड़ दिया गया था.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-12

शादी के मदप में मैं लहंगे के नीचे बिना पैंटी के हो गई. अब भी निहाल मेरे लहंगे में घुसा हुआ था. उसने पहले मेरी पीछे गांड को थोड़ा सा फैलाया और जीभ से चाटने लगा.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-11

मम्मी ने मुझे जगाया पर मम्मी मुझसे नजरें नहीं मिला पा रही थीं, ना मुझसे बात कर पा रही थीं. मुझे भी संकोच लग रहा था. आखिर रात में मैंने मम्मी को चुदवाते जो देखा था.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-10

ड्राईवर मेरी चूत से खेल रहा था. वो लगातार चूत में अपनी उंगली अन्दर बाहर कर रहा था. मैं बहुत उत्तेजित हो गई, बोली- आह ... तुम बहुत गंदे हो ... ये क्या कर दिया.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-9

वे दोनों मेरे बिस्तर में थे और मेरी स्कर्ट ऊपर कर चुके थे. मैं बीच में लेटी थी.. और मेरे अगल बगल में वो दोनों लेटे हुए थे.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-8

अंकल ने पैसे लेकर मुझे अनजान लड़कों के हवाले कर दिया था चुदने के लिए. इस वक्त मैं उनके सामने नंगी पड़ी थी. वे चारों भी नंगे खड़े थे और एक मुझे चोदने के लिए मेरे ऊपर चढ़ गया.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-7

अंकल ने मुझे दो लड़कों के साथ भेज दिया. दोनों ने मेरी चुदाई की तैयारी शुरू कर दी थी और अपने दो दोस्तों को भी मेरी नंगी चूत की फोटो भेज कर बुला लिया था.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-6

चार लंड एक के बाद एक मेरी चूत में घुस कर निकल चुके थे लेकिन मैं प्यासी थी. मैं इन्तजार में थी कि कोई जानदार लंड मिले जो लगातार मेरी चूत चोद कर मुझे एक बार ठंडी कर दे.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-5

कार में मुझे तीन अंकल ने अधूरा चोद कर छोड़ दिया था. बाद में मैं मॉल में गई तो बिना पेंटी की मेरी चूत ने फर्श पर रस टपका दिया, उसे दो लड़कों ने देख लिया. फिर क्या हुआ?

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-4

कार ढाबे पर रुकी थी, सब लोग उतर गए थे. कार में दूसरे वाले ठाकुर अंकल मुझे नंगी कर चुके थे. इसके बाद अंकल ने मेरे साथ क्या क्या किया? पढ़ें और मजा लें!

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-3

मैं अपनी मम्मी और अंकल लोग के साथ कार में मानकपुर जा रही थी. रास्ते में चाय के लिए रुके तो मैं और एक अंकल कार में रुक गए बाक़ी सब उतर गए. फिर कार में क्या हुआ?

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-2

मेरे दादा की उम्र के अंकल मुझे कार में चोद रहे थे और उनके दोस्त पास बैठे मुझे देख कर लंड मसल रहे थे. मेरी चूत में आग लगी थी तो मैं बेशर्म हो चुकी थी.

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-1

मैं मौसी की बेटी की शादी में गयी थी पन्द्रह दिन के लिए. उन दिनों में कई मर्दों ने मेरी चुदाई की. इस भाग में पढ़ें कि मैं अपनर दादा की उम्र के आदमी से चलती कार में कैसे चुदी.

मेरी कमसिन जवानी की आग-12

उन 15 दिनों में हर रोज मेरी चुदाई हुई. वे दिन आज भी मैं याद करती हूं तो रोमांचित हो जाती हूं. मैंने वहीं पहली बार अपनी मम्मी को दो अंकलों से चुदते देखा था.

मेरी कमसिन जवानी की आग-11

मेरा मौसेरा भाई इतनी तेजी से अपना लंड मेरी चूत में डाल रहा था कि 5 मिनट में ही उसने मेरी चूत को और मुझे बेहाल कर दिया. मुझे कुछ होश नहीं था.. मैं हवश और चुदाई में मदहोश हो गई.

मेरी कमसिन जवानी की आग-10

मैं तेरी मम्मी की कल परसों अपने किसी दोस्त से चुदाई करवा दूंगा. तू ठीक उसी समय एकदम से सामने आ जाना और अपनी मम्मी को चुदते हुए देख लेना. फिर तेरी मम्मी कुछ नहीं कह सकेगी.

मेरी कमसिन जवानी की आग-9

अब तू कुछ भी यार.. बस इतना ज़ोर से कर कि मैं बिल्कुल बेहोश हो जाऊं.. मेरी प्यास बुझा हरामी मादरचोदो कुत्तों.. साले तुम तीन तीन मर्द लगे हो और मैं तड़प रही हूं.. तीनों छक्के हो क्या भड़वे साले..

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