शालिनी

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एक कुंवारे लड़के के साथ-6

कहानी का पहला भाग : एक कुंवारे लड़के के साथ-1 कहानी का पाँचवाँ भाग : एक कुंवारे लड़के के साथ-5 कुछ देर बाद हम दोनों ने अपने अपने चेहरे साफ़ किये और दोनों लड़कों के साथ सोफे पर बैठ गईं। रचना ने सब के गिलास भर दिये और पीते पिलाते हम चारों में फिर से […]

एक कुंवारे लड़के के साथ-5

कहानी का चौथा भाग : एक कुंवारे लड़के के साथ-4 अब आगे : एक बार मनीष ने मुझे फोन करके मिलने की इच्छा की। मैंने उसे शाम को मिलने के लिये जगह बता दी। शाम को कोई 07.00 बजे मनीष आया तो उसके साथ एक लड़का और भी था। मनीष ने परिचय करवाते हुए बताया- […]

लड़के या खिलौने

On 2011-07-09 Category: चुदाई की कहानी Tags:

लेखिका : शालिनी जब से हमारे पुराने प्रबंधक कुट्टी सर नौकरी छोड़ कर गए थे, नए प्रबंधक के साथ बैठकों में और काम में कार्यालय के सब लोग व्यस्त थे। रोज़ का एक जैसा ही कार्यक्रम बन गया था कार्यालय से थक कर घर आ कर खाना खाना और सो जाना। कोई दो महीने के […]

नव वर्ष की पूर्व संध्या-2

On 2011-06-04 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषिका : शालिनी कोई आधे घण्टे तक उसके लंड को चूसने के बाद उसके लंड से मेरे मुँह में वीर्य की पिचकारी निकली जो सीधी हलक से मेरे अंदर उतर गई। मैंने उसका लंड अपने मुँह बाहर निकाला और जोर जोर से हिला कर उसके वीर्य को अपने मुँह पर गिराने लगी। दलवीर मुझे खड़ा […]

नव वर्ष की पूर्व संध्या-1

On 2011-06-03 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषिका : शालिनी नए साल की पूर्व संध्या पर मैं अकेली ही थी क्योंकि रचना पिछली रात को ही अपने माता पिता के पास चली गई थी। मैंने अपने दो-तीन दोस्तों को फोन किया ताकि कुछ मज़ा कर सकूँ परन्तु सब का पहले से ही कुछ ना कुछ प्रोग्राम बना हुआ था। तब मैंने सुनील […]

रचना का खेल

कुट्टी सर के साथ मस्ती करके दिल्ली से वापिस आने के चार पाँच महीने बाद मैं एक घर में पेईंग गैस्ट रहने लगी थी तो वहाँ मेरी हमउम्र लड़की रचना मेरे साथ मेरे कमरे में मेरे साथ थी। रचना बनारस से था और वह भी एक दफ़्तर में काम करती थी, वो मेरी अच्छी सहेली […]

कुट्टी सर के साथ यादगार पल-2

On 2010-12-15 Category: ऑफिस सेक्स Tags:

लेखिका : शालिनी मैंने लंड चूसने की गति बढ़ा दी और अब लंड अपने मुँह में डाल कर अपने सिर को जोर जोर से ऊपर नीचे करने लगी। तभी कुट्टी सर ने अपना लंड बाहर खींचना चाहा पर मैंने उसे नहीं छोड़ा सिर्फ मुँह से बाहर निकाल कर जोर जोर से हिलाने लगी और उनके […]

कुट्टी सर के साथ यादगार पल-1

On 2010-12-14 Category: ऑफिस सेक्स Tags:

लेखिका : शालिनी मेरे ऑफिस के प्रबंधक एक दक्षिण भारतीय सज्जन थे। हम सब लोग उन्हें कुट्टी सर कह कर बुलाते थे। ऊँचा लंबा कद, चौड़े कंधे, बलिष्ठ शरीर और बहुत ही पढ़े लिखे कुल मिला कर कुट्टी सर एक शानदार व्यक्तित्व के मालिक थे। कुट्टी सर रोज़ सूट पहन कर आते थे पर कभी […]

क्रिसमस पार्टी

On 2010-07-17 Category: चुदाई की कहानी Tags:

लेखिका : शालिनी मैं और पूजा क्रिसमस के दिन घर पर ही थे। पूजा ने एक छोटी सी पार्टी का इंतज़ाम किया था इसलिए शाम को हम दोनों कुछ खरीदारी करने बाजार गए। उसने पाँच दोस्तों को बुलाया था जिनमें दो लड़कियाँ और तीन लड़के थे। हम सब लोग खाने पीने के साथ लगभग हर […]

मेरी सहकर्मी वंशिका

प्रेषिका : शालिनी मेरे ऑफिस की जन संपर्क अधिकारी का नाम वंशिका है। चूँकि हम दोनों हमउम्र हैं इसलिये एक दूसरे से कई प्रकार के मजाक भी कर लेती थीं। उसने बहुत बार मुझे अपने घर चलने को कहा और एक दिन मैं ऑफिस के बाद उसके घर चली गई। उसके माता-पिता ने मेरा बहुत […]

डिल्डो वाली पूजा-2

प्रेषिका : शालिनी “पूजा अब तो तूने मेरी गाण्ड भी मार ली, अब तो अपना लण्ड बाहर निकाल ले !” मैंने पूजा को कहा। “हाँ बस अभी निकाल रही हूँ !” कहते हुए पूजा ने अपनी गति बढ़ा दी और अब जोर जोर से डिल्डो मेरी गाण्ड के अंदर-बाहर करने लगी। दो-तीन मिनट के बाद […]

डिल्डो वाली पूजा-1

प्रेषिका : शालिनी रोज की तरह उस रात भी मैं और पूजा खाना खाकर बेडरूम में टेलिविज़न देख रही थीं। मैंने देखा कि पूजा मेरे साथ कुछ ज्यादा ही चिपक रही थी। कभी मेरे गालों को सहलाती, कभी चूम लेती, मेरे मम्मों को हल्के हाथों से सहला रही थी। “पूजा आज क्या बात है? क्या […]

थोड़ा दर्द तो होगा ही

अब मेरी कुंवारी गाण्ड के लिया दर्द सहना बहुत कठिन हो गया था क्योंकि मैं जानती थी कि उसका लण्ड मेरी गाण्ड के लिये मोटा है और मैं उसको सहन नहीं कर पाऊँगी।

एक कुंवारे लड़के के साथ-4

On 2009-01-21 Category: पहली बार चुदाई Tags:

कहानी का पिछला भाग : एक कुंवारे लड़के के साथ-3 मैं अपने पूरे जोर से उसके लण्ड की सवारी कर रही थी और एक बार फिर मुझे अपने चरम सीमा पर पहुँचने का अंदाजा हो गया था। ‘ओह मनीष, मैं झड़ने वाली हूँ !’ मैं जोर से चिल्लाई और अपनी चरम सीमा पर पहुँच गई। […]

एक कुंवारे लड़के के साथ-3

कहानी का दूसरा भाग : एक कुंवारे लड़के के साथ-2 जब उसका लण्ड पूरी तरह से बैठ गया तो मैंने मनीष को अपने ऊपर लिटा लिया और उसकी गर्म सांसों का स्पर्श महसूस करने लगी। हम दोनों उसके वीर्य से गीले थे। मेरे हाथ उसकी पीठ को सहला रहे थे। मैंने सोचा कि कितने लड़के […]

एक कुंवारे लड़के के साथ-2

कहानी का पिछला भाग : एक कुंवारे लड़के के साथ-1 मैंने उसको पूछा- तुमने कभी चुदाई की है? उसने जवाब दिया नहीं। मैंने फिर उसको पूछा- कभी ऐसी पुस्तकें पढ़ते हुए किसी को चोदने की इच्छा नहीं हुई? तो वह बिल्कुल चुप रहा। तब मैंने उसको छेड़ते हुए कहा- मैं शर्त लगा सकती हूँ कि […]

एक कुंवारे लड़के के साथ-1

हालाँकि मैंने बहुत सारे लड़कों के साथ चुदाई की है परन्तु मैं हमेशा ही किसी कुंवारे लड़के से चुदने के सपने देखा करती थी, एक ऐसा लड़का जिसने कभी किसी लड़की को छुआ भी ना हो ! और एक दिन मुझे अपने सपनों का राजकुमार मिल ही गया, मनीष नाम था उसका ! कोई उन्नीस […]

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