सुहागरात की सच्ची कहानी

हम दोनों अब बेड पर लेट गए, दोनों कुछ भी नहीं बोल रहे थे। एक अजीब सी हलचल हो रही थी मन में, मुझे यह डर था कि वो बुरा न मान जाए या फिर मुझ से कोई गलती न हो जाए।