उमेश कुमावत

rss feed

सुहागरात की सच्ची कहानी

हम दोनों अब बेड पर लेट गए, दोनों कुछ भी नहीं बोल रहे थे। एक अजीब सी हलचल हो रही थी मन में, मुझे यह डर था कि वो बुरा न मान जाए या फिर मुझ से कोई गलती न हो जाए।

Scroll To Top