सिद्धार्थ वर्मा SV

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घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-7

आंटी बोली- मेरी जान, तुमने मुझे अपने जीवन का सबसे बढ़िया यौन आनंद एवं संतुष्टि दी है। आज तक तुम्हारे पापा के साथ सहवास में मुझे इतना मजा नहीं आया लेकिन तुमने तो मेरी योनि की खूब कसरत करवा दी।

घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-6

अगले दिन पापा के ऑफिस जाने के बाद मैंने कॉलेज से छुट्टी मारने की सोची और दस बजे के बाद अपने घर को बंद करके आंटी के दरवाज़े पर दस्तक दी जो कुछ की क्षणों के बाद उन्होंने खोला। उनको देख कर मैं स्तब्ध रह गया क्योंकि उस समय आंटी ने अपने शरीर को सिर्फ […]

घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-5

मैं आंटी के पीछे पीछे बाहर जा कर उनसे कहा- मुझे मालूम है कि आपके पास मेरे प्रश्नों का कोई उत्तर नहीं है क्योंकि मैं यह वीडियो के ऐसे दृश्य देखते ही समझ गया था कि आप मेरे पापा के साथ रंगरेलियाँ मनाती हो। अगर अंकल को इस बात का पता चल गया तो आपके […]

घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-4

मुझे अपने पापा और पड़ोस की आंटी के बीच सेक्स संबंधों के बारे में पता चला. मैं अपनी तरफ से इस समस्या को गंभीर मान कर इसके हल में लग गया.

घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-3

रात का खाना खा कर जब मैं सोने के लिए बिस्तर पर लेटा तब पापा फ़ोन पर किसी से बात कर रहे थे और उनकी बातों एवं चेहरे के हावभाव से मुझे अंदेशा हुआ कि वे ऋतु आंटी के साथ रात का कार्यक्रम तय कर रहे थे। मैं इस अवसर को गंवाना नहीं चाहता था […]

घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-2

मेरी पड़ोसन आंटी के साथ मेरे पापा के सेक्स सम्बन्ध थे. मैंने सबूत जुटाने के लिए किसी तरह से आंटी के बेडरूम में कैमरा लगा दिया और फिर मैंने आंटी को उनके पति से सेक्स करते देखा.

घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-1

यह हिंदी सेक्स कहानी है परायी नारी से मेरे पापा के संबंधों की, जिससे मेरे घर की सुख शान्ति को खतरा था. मैंने कैसे इस समस्या को हल किया, पापा और उन आंटी के सेक्स सम्बन्धों को कैसे तोड़ा, पढ़ें मेरी इस कामुक कहानी में!

कामवाली की मंझली बहू-3

माला ने एक हाथ से वह स्तन पकड़ रखा था जिस में से मैं दूध पी रहा था लेकिन उसका दूसरा हाथ मेरे लोअर के ऊपर से मेरे लिंग को सहला रहा था.

कामवाली की मंझली बहू-2

मैं उसकी जाँघों में डाल उसका भगांकुर सहलाने लगा तब वह उचक पड़ी. उसने तुरंत मेरे लिंग को अपने मुंह में भर लिया और अपनी योनि को मेरे मुंह के आगे कर दिया.

कामवाली की मंझली बहू-1

मेरी कामवाली कुछ दिन के लिए अपनी बहू को मेरे काम पर लगा गई. वो सुन्दर पतले गेहुँए रंग के सेक्सी शरीर वाली थी. कहानी पढ़ कर मजा लें!

जन्म-स्थली के दर्शन और बहन द्वारा हस्त-मैथुन

अपनी बहन और माँ के नंगे बदन को कैसे देखा, बहन की चूची कैसे चूसी और मेरी बहन ने मेरी मुठ मार कर मेरा पहला वीर्य पतन कैसे करवाया, ये सब इस कहानी में पढ़ें.

मेरी लवलीन कामुक है कामान्ध नहीं-2

मैंने ओट में हो बाथरूम में झाँका तो देखा कि खुले दरवाज़े से अनभिज्ञ नंगी लीना आँखें बंद किये एक हाथ से अपने स्तनों को, दूसरे हाथ से योनि की भगनासा सहला रही थी।

मेरी लवलीन कामुक है कामान्ध नहीं-1

मैंने अपनी पत्नी की कहानी अन्तर्वासना पर देखी तो परेशान हो गया कि मेरी बीवी सेक्स के लिए इतनी पागल तो नहीं है जितना उसने कहानी में लिखा है। वो सेक्सी तो है।

पत्नी के आदेश पर सासू माँ को दी यौन संतुष्टि-2

अपनी चुदासी मॉम की हालत देख कर मेरी बीवी ने मुझसे अनुरोध किया कि मैं उसकी मॉम यानि अपनी सास को चोद कर उन्हें यौनसुख प्रदान करूँ! क्या मैं यह कार्य कर पाया?

पत्नी के आदेश पर सासू माँ को दी यौन संतुष्टि-1

बेटी दामाद के उन्मुक्त सेक्स को देख कर अपने पति से असन्तुष्ट मां ने सभी बन्धन तोड़ते हुए अपनी बेटी से उसके पति के साथ सेक्स करने की इच्छा जाहिर की तो बेटी की क्या प्रतिक्रिया हुई? इस कहानी में पढ़िए!

वर्षों से प्यासी मार्था को मिली यौन संतुष्टि

यह कहानी है एक युवक और उसके पिता की दूसरी पत्नी के बीच यौन सम्बन्धों की… युवा पत्नी को वो कामसुख नहीं मिल पाया जिसकी कामना किसी भी युवती को होती है तो वो अपने पति के युवा पुत्र से अपनी अन्तर्वासना की तृप्ति करती है।

तृप्ति की वासना तृप्ति-3

लेखक : संजय शर्मा उर्फ़ संजू सम्पादक एवं प्रेषक : सिद्धार्थ वर्मा कहानी का पहला भाग: तृप्ति की वासना तृप्ति-1 कहानी का दूसरा भाग: तृप्ति की वासना तृप्ति-2 जब मैं वापिस कमरे में आया तो देखा कि मेरी गुमसुम चाची अपने कपड़े पहन रही थी। तब मैं उनके होंठों और गालों को चूम कर बैड […]

तृप्ति की वासना तृप्ति-2

लेखक : संजय शर्मा उर्फ़ संजू सम्पादक एवं प्रेषक : सिद्धार्थ वर्मा कहानी का पहला भाग: तृप्ति की वासना तृप्ति-1 नितिन ने 6-7 अत्यधिक तीव्र गति से धक्के मारे और चाची के साथ खुद भी झड़ गया तथा पस्त होकर उसके ऊपर ही लेट गया। इस सीधे प्रसारण की समाप्ति के होने तक मेरा हथियार […]

तृप्ति की वासना तृप्ति-1

लेखक : संजय शर्मा उर्फ़ संजू सम्पादक एवं प्रेषक : सिद्धार्थ वर्मा अन्तर्वासना के पाठको, आप सबको सिद्धार्थ वर्मा का अभिनन्दन। मैं उन सभी पाठकों का धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने मेरी दो रचनाएँ सम्पूर्ण काया मर्दन, सन्तुष्टि और वह मेरे बीज से माँ बनी पढ़ी और पसंद करके उनकी प्रशंसा एवं टिप्पणी करके मुझे और […]

वह मेरे बीज से माँ बनी

अन्तर्वासना के प्रिय पाठको, आप सब को मेरा नमस्कार ! मैं भारत की राजधानी दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के एक छोटे शहर में रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ और मुझे उस पर प्रकाशित कहानियाँ पढ़ना अच्छा लगता है। आज मैं अपने जीवन में घटने वाली एक सच्ची कहानी का […]

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