सुशान्त सिंह

में एक २० साल का लड़का हूं। दिखने में भी अच्छा हूं। मेरी चुदाई हर कोई संतुष्ट हो जाता है।

माँ के मोटे चूचे और मेरी हवस

मैं नया-नया जवान हुआ था. एक दिन रात को मैंने माँ के चूचों को अधनंगा देख लिया. चूचे देखकर मेरी जवानी जाग उठी. मेरी ये हवस मुझे कहाँ तक ले गई? मेरी माँ ने मेरा साथ दिया या नहीं?

पूरी कहानी पढ़ें »

अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्य बनें

हर सप्ताह अपने मेल बॉक्स में मुफ्त में कहानी प्राप्त करें! निम्न बॉक्स में अपना इमेल आईडी लिखें, सहमति बॉक्स को टिक करें, फिर ‘सदस्य बनें’ बटन पर क्लिक करें !

* आपके द्वारा दी गयी जानकारी गोपनीय रहेगी, किसी से कभी साझा नहीं की जायेगी।

Scroll To Top