वक़्त से पहले और किस्मत से ज्यादा-2

आपने मेरी कहानी का पहला भाग वक़्त से पहले और किस्मत से ज्यादा पढ़ा होगा। वो रात कैसे गुजर गई पता ही नहीं चला। कॉलेज के बाद पहली बार पूरी… [Continue Reading]

वक़्त से पहले और किस्मत से ज्यादा

प्रेषक : संजीव सिंह कहानी लगभग आठ वर्ष पुरानी है, मैं यूरोप में नौकरी करता था और जैसे किसी भी आम व्यक्ति की ज़िन्दगी में होता है, मेरे साथ भी… [Continue Reading]