स्तन की आत्मकथा

स्तन नारी के सबसे आकर्षक अंग हैं वैसे तो प्रकृति ने इन्हें मूलतः शिशु के स्तनपान के लिए बनाया है पर वयस्क लोग भी इन्हें छूने, सहलाने और चूसने से बाज नहीं आते।

कुंवारी भोली–13

मैंने वे कपड़े पहन लिए। इतने महँगे कपड़े मैंने पहले नहीं पहने थे… मुलायम कपड़ा, बढ़िया सिलाई, शानदार रंग और बनावट। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। चाची ने मेरे… [Continue Reading]

कुंवारी भोली–12

शगन कुमार दरवाज़े पर महेश और उसके साथियों को देख कर मैं घबरा गई। वे पहले कभी मेरे घर नहीं आये थे। मैंने अपने होशोहवास पर काबू रखते हुए उन्हें… [Continue Reading]

कुंवारी भोली–11

शगन कुमार मैंने चुपचाप अपने छेद को 3-4 बार ढीला करने का अभ्यास कर लिया। “याद रखना… हम एक समय में छेद को एक-आध सेकंड के लिए ही ढीला कर… [Continue Reading]

कुंवारी भोली–10

शगन कुमार मुझे भोंपू के मुरझाये और तन्नाये… दोनों दशा के लंड अच्छे लगने लगे थे। मुरझाये पर दुलार आता था और तन्नाये से तन-मन में हूक सी उठती थी।… [Continue Reading]

कुंवारी भोली–9

शगन कुमार मुझे कुछ कहने की ज़रूरत नहीं थी। मैं खड़ी हो कर उससे लिपट गई। एक बार फिर मेरे नंगे बदन को उसके लिंग के छूने का अहसास नहीं… [Continue Reading]

कुंवारी भोली–8

शगन कुमार कोई 4-5 बार अपना दूध फेंकने के बाद भोंपू का लंड शिथिल हो गया और उसमें से वीर्य की बूँदें कुछ कुछ देर में टपक रही थी। उसने… [Continue Reading]

कुंवारी भोली–7

शगन कुमार रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी। हरदम नितेश या भोंपू के चेहरे और उनके साथ बिताये पल याद आ रहे थे। मेरे जीवन में एक बड़ा… [Continue Reading]

कुंवारी भोली–6

शगन कुमार मैं खाना गरम करने में लग गई। भोंपू के साथ बिताये पल मेरे दिमाग में घूम रहे थे। खाना खाने के बाद शीलू और गुंटू अपने स्कूल का… [Continue Reading]

कुंवारी भोली–5

शगन कुमार शायद उसे इसी की प्रतीक्षा थी… उसने धीरे धीरे सुपारे का दबाव बढ़ाना शुरू किया… उसकी आँखें बंद थीं जिस कारण सुपारा अपने निशाने से चूक रहा था… [Continue Reading]

कुंवारी भोली-4

शगन कुमार थोड़ी देर बाद भोंपू ने दोनों टांगों और पैरों की मालिश पूरी की और वह अपनी जगह बैठे बैठे घूम गया। मेरे पीछे के पूरे बदन पर तेल… [Continue Reading]

कुंवारी भोली-3

लेखक : शगन कुमार अब उसने मेरे ऊपर पड़ी हुई चादर मेरी कमर तक उघाड़ दी और उसे अपने घुटनों के नीचे दबा दिया। मैं डरे हुए खरगोश की तरह… [Continue Reading]

कुंवारी भोली -2

भोंपू को कुछ हो गया था… उसने आगे खिसक कर फिर संपर्क बना लिया और अपने लिंग को मेरे तलवे के साथ रगड़ने लगा। उसका चेहरा अकड़ने लगा था और… [Continue Reading]

कुंवारी भोली -1

बात उन दिनों की है जब इस देश में टीवी नहीं होता था ! इन्टरनेट और मोबाइल तो और भी बाद में आये थे। मैं उन दिनों जवानी की दहलीज… [Continue Reading]

योनि की आत्मकथा

लेखक : शगन कुमार मैं प्रगति की योनि हूँ ! प्रगति एक 36 साल की मध्यम-वर्गीय, कार्यरत महिला है जिसकी शादी को 15 साल हो चुके हैं और उसके एक… [Continue Reading]

सुहागरात की विधि -3

सुहागरात के समय लड़कीको संकोच होता है। वह आकांक्षा और आशंका से जूझ रही होती है। पुरुष को चाहिए कि वह उसे दिलासा दे, उसका साहस बढ़ाये तथा उसे आश्वस्त करे

सुहागरात की विधि -2

सम्भोग का उद्देश्य है… पुरुष के लिंग का स्त्री की योनि में प्रवेश और ज्यादा देर मैथुन करना। इसके लिए लिंग और योनि को सम्भोग के लिए तैयार होना चाहिए।

सुहागरात की विधि -1

इस लेख में कुँवारी लड़की के साथ पहली बार सम्पूर्ण सम्भोग की विधि बताई है। इसे हिन्दी में कौमार्य-भंग, योनिछेदन, सील तोड़ना व अंग्रेज़ी में Deflowering कहते हैं।

प्रगति का समर्पण-2

लेखक : शगन कुमार शालीन को रात को ठीक से नींद नहीं आई…। रह रह कर उसे प्रगति का चेहरा और बदन दिखाई देता ! उसे अपने संयम टूटने पर… [Continue Reading]

प्रगति का समर्पण-1

यह कहानी प्रगति का अतीत से आगे की कहानी है। पाठकों से अनुरोध है कि इसको पढ़ने से पहले प्रगति के पिताजी को मास्टरजी की नीयत पर शक हो चला… [Continue Reading]