शरद सक्सेना

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सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-7

सलहज की चूत और गांड मैंने दो सप्ताह तक खूब पेली, अब उसके घर जाने का समय आ गया था, उसे छोड़ने गया तो एक रात हमने होटल में बिताई। होटल के कारनामे पढ़िए।

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-6

मैंने उसे कूल्हे फैलाने के लिये कहा, उसने अपने कूल्हे फैला लिए, मैंने पास पड़ी शीशी से तेल उसकी गांड में डाल दिया और अपने लंड पर मल लिया, उसकी गांड काफी चिकनी हो चुकी थी।

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-5

मेरी सलहज मुझ पर कुछ ज्यादा ही फ़िदा थी, वो मुझे खुश करने के लिये काफ़ी कुछ कर रही थी, सुबह सुबह उसने झांट के बाल साफ़ करके मुझे अपनी चूत दिखाई। कहानी का मजा लें।

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-4

मेरी सलहज पर मेरा नशा इस कदर छया हुआ था कि उसने अपना सब कुछ मुझे अर्पित कर दिया। मैंने उसकी गांड में उंगली की तो उसने मुझे गांड मारने की भी इजाजत दे दी।

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-3

अगले दिन साले साहब चले गए लेकिन सलहज कुछ दिन के लिए रुक गई। वो क्यों नहीं गई अपने पति के साथ? क्या मेरी बीवी बीमार थी इसलिये या कोई अन्य कारण था?

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-2

मेरा साला, सलहज मेरे घर आए हुए थे, मेरी बीवी बीमार थी तो सलहज ने पूरे घर का जिम्मा ले लिया। लेकिन मुझे उन दोनों की चूत चुदाई का नजारा मुझे देखने को मिल रहा था।

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-1

बीवी बीमार और ऊपर से बाकी चुतों का भी जैसे अकाल पड़ गया। ऐसे में साले और सलहज की चुत चुदाई देखने को मिल जाए तो हालत खराब होनी ही है। कहानी का मजा लें।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 53

कोलकाता के टूअर में अपने ससुर से चुद कर मेरे और मेरे परिवार के बीच एक नया रिश्ता जन्म ले चुका था, जो जब चाहता मुझे अपनी बीवी बना कर चोदता।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 52

मोहिनी ने अपनी स्कर्ट ऊपर की और अपनी जांघें फैलाते हुए बोली- आपने मैम की चूत का तो मजा ले लिया है सर, आईये अब मेरी इस चिकनी चूत को मजा दीजिये।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 51

मैंने सभी कपड़े उतारे, आधे घंटे तक ससुर जी ने मेरी मालिश की, फिर ससुर जी ने बाथरूम में मुझे अच्छी तरह से नहलाया। बीच बीच में उनकी उंगली मेरी चूत, गांड में जा रही थी।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 50

ब्रा उतार कर मोहिनी अपने मम्मों को जीवन के मुंह में डालकर उसे चूसाती रही। इधर मैंने जीवन की पैन्ट उतार कर उसको नंगा कर दिया और उसके लंड को अपने मुंह में भर लिया।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 49

मैंने अपनी स्कर्ट ऊपर उठाई और खड़ी खड़ी मूतने लगी। जीवन मेरे करीब आ गया, जब तक मैं मूतती रही तब तक वो मुझे देखता रहा, फिर वो मेरी चूत को सहलाने लगा, फिर उसी हथेली को चाटने लगा।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 48

ससुर जी से नंगे बदन की मालिश करवाई, फ़िर उनकी की और मैं ऑफ़िस के लिए तैयार हो गई। ऑफ़िस की गाड़ी मुझे ले गई। वहाँ देखा तो मेरा बॉस वही स्विमिंग पूल पर मिला जीवन था।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 47

पापा जी ने वेटर को सबसे गंदी ब्लू मूवी लाने को कहा। ब्लू फ़िल्म देखते हुए मैंने सोचा कि वेटर को भी ईनाम मिलना चाहिए तो पापा ने उसे बुला लिया। मैं पापा का लंड चूस रही थी।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 46

मुझे शरारत सूझी तो मैंने हल्के से पापा जी को देखा, वो मेरी तरफ नहीं देख रहे थे तो मैं मौके का फायदा उठाते हुए वेटर को दिखाते हुए अपनी चूत को खुजलाने लगी।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग- 45

रितेश बोला- यार, मेरे लंड की मेरी चूत रानी, तेरी चूत का क्या हाल चाल है? मैं पापा जी की बांहों में ही बिंदास बोली- बस तेरे लौड़े की याद आ रही है तो उसका पानी टप टप कर रहा है।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-44

ससुर जी का लम्बा मोटा लंड देख कर मेरी चूत ललचा गई और उनका लंड मांगने लगी। लेकिन ससुर बहू की आपस की शर्म और हिचक तो बाकी थी। कहानी पढ़ कर देखें कि मैंने कैसे ससुर जी को पटाया।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-43 HOT!

हावड़ा पहुँच कर हम होटल में गए, पापा जी सोफ़े पर, मैं बेड पर लेट गई, मेरा बुखार तेज हो रहा था। सुबह मेरी नींद खुली तो मेरी नजर बाथरूम में पेशाब कर रहे पापाजी पर पड़ी।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-42

चूत चुदाई की लम्बी कहानी के इस भाग में मेरे देवर ने मेरी मालिश की, झांटें साफ़ की, मुझे चोदा। फ़िर मैं ससुर के साथ कोलकाता की ट्रेन में बैठी तो मुझे ऑफ़िस में चुदाई याद आ गई।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-41

ग्रुप सेक्स का यह दो दिनों का खेल अब अपने अन्तिम पड़ाव पर है, सब औरतें किसी ना किसी मर्द को चुद कर, लंड चूस कर या गांड मरवा कर मज़ा दे रही थी। कहानी का मज़ा लें।

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