संस्कृति ठाकुर

मैं तो जवान हो गयी-2

अठारह बरस की होने पर मुझे मेरा बॉयफ्रेंड भी मिल गया. लेकिन जवानी के खेल से मैं एकदम अनजान थी. मेरा बॉयफ्रेंड कैसे मेरी कचिया जवानी से खेला? पढ़ें और मजा लें!

पूरी कहानी पढ़ें »

अजीब दास्ताँ है ये-4

पहली बार अपनी मुंह बोली बेटी की फुद्दी देखी. वैसे मैंने उसको भी आज पहली बार ही देखा था, तो उसकी हर चीज़ पहली बार ही देख रहा था। मैंने उसकी फुद्दी को छूकर देखा और …

पूरी कहानी पढ़ें »

अजीब दास्ताँ है ये-3

मैंने सबसे पहले उसके सर पर एक छोटा सा चुम्बन लिया जैसे कोई भी बाप अपनी बेटी का सर चूम लेता है। मगर मेरे चूमते ही और वो और कसमसा कर मेरी गोद में सिमट गई।

पूरी कहानी पढ़ें »

अजीब दास्ताँ है ये-2

नई जवान हुई लड़की के मन में सेक्स को लेकर काफी उत्सुकता होती है और पैंतालीस पचास साल का पुरुष भी 18 साल की लड़की को चोदना चाहेगा. जब मुझे ऎसी लड़की मिली तो मैंने क्या किया?

पूरी कहानी पढ़ें »

अजीब दास्ताँ है ये-1

मेरी दोस्ती अन्तर्वासना के जरिये अपनी बेटी की उम्र की लड़की से हुई. मैं नहीं समझ पा रहा था कि मैं उस किस नज़र से देखूँ; बाप की नज़र से या एक ठर्की मर्द की नज़र से।

पूरी कहानी पढ़ें »

अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्य बनें

हर सप्ताह अपने मेल बॉक्स में मुफ्त में कहानी प्राप्त करें! निम्न बॉक्स में अपना इमेल आईडी लिखें, सहमति बॉक्स को टिक करें, फिर ‘सदस्य बनें’ बटन पर क्लिक करें !

* आपके द्वारा दी गयी जानकारी गोपनीय रहेगी, किसी से कभी साझा नहीं की जायेगी।

Scroll To Top