संजय गुप्ता

दोस्त की बहन की जम के चुदाई मेरा नाम संजय हे मेरी हाइट 5 फीट 9 इन्च हे, मेरे लंड का साइज 8 इन्च लम्बा 3 इन्च मोटा हे, यह कहानि दो साल पहले की हे जब मे अपने दोस्त के साथ रहता था उसके घर मे उसका नाम राज हे, वइसे तो मेरा दोस्त कोइ काम नही करता हे, जमीनदार हे, उसकी एक बहन हे नाम हे उशा उसका फीगर कमाल का हे, 32" 28" 32 हे वो सादी सुदा हे उसकी एक लडकी थी जो गुजर गइ अबभी जब चलती हैतो अछो अछो का लन्ड सालामी देने लगता हे, जब वो मेरे सामने से गुजरती हे तो पेन्ट मे लन्ड लोहे की रोड बन जाता हे,जी करता हे पकड कर अभी चोद दु लेकीन बात नही बन पाता एक दीन राज कही काम से सुबह निकल गया वो साम तक नही अाने वाला था तो कपडे भी ज्यादा था धोने के लिए तो मेने उशा को फोन कर के बुलाया कपडा धोना हे वो बोली अाधे घंटे मे आती हु आधे घंटे बाद दरवाजे की घंटी बजी मेने दरवाजा खोला तो देखते ही रह गया सामने उसा खडी थी कया लग रही थी लाल साडी लाल चुडी मे क्या कयामत लग रही थी मेरा लन्ड टन से खडा हो गया पेंट मेसे साफ साफ नजर आ रहा था उशा ने पेंट मे खडे लन्ड को देख लिया उसने कहा राज काहा हे मे बोला जमीन के सीलसीले मे बाहर गया हे फीर उशा ने पुछा कबतक आएगा मेने काहा शाम तक अब वो अन्दर वाले कमरे मे जाके अपनी साडी नीकाल के तावेल लपेटा और सफेद मलमल का बिलोज मे कपडे लेके बातरूम मे चलि गइ और दरवाजा बंद कर दीया मेरा लोंडा सख्त खडा हो गया सौफे पर बैठ के मुठ्ठ मारने लगा तभी आवाज आइ संजय जो तुमने कपडे पहन रखे हे उसे नीकाल दो उसको भी धो देती हुं मे वही रूक गया मन मे काहा एक बार चुदवा ले मेही साफ कर देता हुं कपडो को तभी बातरूम से बाहर आइ पुरी गीली हो गइ थी उसकी चुच्ची साफ साफ दीख रही थी मे बार बार उसकी चुच्ची को देख रहा था मेरा बुरा हाल हो गया तभी मेने अपने कपडे उतारे और सिरफ टावल मे आ गया फीर उशा ने चाय बनाइ चाय पीते पीते उसकी तावल से उसका कछा साफ दीख रहा था उसने भी गौर कीया और बोली संजय कय्या देख रहे हो मेरी तो फट गई मेने काहा कुछ नही तो उसने काहा संजस तुम्हारी कोइ गर्लफरेन्ड हे मेने पुछा एसा कयो पुछ रही हो वो बोली एसे ही तो मेने एक मजाक कीया मेने काहा एक बात कहु बुरा तो नही मानोगी वो बोलि पहले बोलो मेने कहा नहि पहले परोमीस करो तो उशा ने कहा परोमीस तब मेने कहा तुम्हारी कछी दीखाई दे रही है वो तुरंत मेरे पीछे झाडु लेके दौडने लगी मेने काहा तुमने परोमीस कीया है अब दौडाते दौडाते मे बेड पे जा गीरा वोभी बेड पर आकर मुझसे उलझ गइ लडते लडते मेरा हाथ उसकी चुच्ची को टच हो जाता मेने उसको अपने बाहो मे दोबोच लिया उसकी सांसे गरम होने लगी मुझे एहसास हो रहा था धीरे धीरे मेने उसकी चुच्ची को दबाने लगा अब उसे धीरे धीरे मजा आने लगा चुच्ची को जोर जोर से दबाने लगा उलका टावेल निकल गया अब सीरफ कछी मे थी उसकी चुच्ची को जोर से दबा रहा था उसका मुह से मादक सी सीसकारियां निकल रही थी अ अ औ ह उसका बिलोज निकाल दीया अब सीरफ ब्रा मे क्या कयामत लग रही थी मे उसकी चुत मे हाथ डाल के दाने को मसलने लगा वोह...आह..आह..म.उ.उह.उ.उह संजय अब मत तडपावो डाल दो उपना कय्या अपना डाल दो अपना लन्ड मेरी चुत मे डाल दो मे अपना अंडरवेयर निकाला तो चीहुक गई कहने लगी इतना मोटा मेरी चुत फट जाएगी रानी घबरावो मत कुछ नही होगा मेने अपना लन्ड उसके मुह मे दीया तो वो नाकुर नुकुर करने लगी फीर मान गई दोस्तो कया बताउ उसका लन्ड चुसने का कय्या अन्दाज था जेसे अन्तर्वासना मे कहते है मैतो जन्नत मे था फीर उसको बेड पर लिटा दीया अपना लन्ड उसकी चुत पर सेट कीया और एक धक्का जोर का दीया आधा लन्ड उसकी चुत को फाडता हुआ अंदर घुस गया उसा जोर से चील्लाइ मेने उसके मुह पर हाथ रख लिया जीससे आवाज बाहर नही गई उसको थोडा दरद हुआ उसरी चुत टाइट थी अब थोडा सामान्य हुई मेने ढक्का लगाना चालु कीया पुरा का पुरा लन्ड उसकी चुत मे उतार दीया वो मदहोश सी हो गइ मेरा 8 इंच का लन्ड पुरा का पुरा उसकी चुत मे समागया अब ढक्का पे ढक्का लगाना चालु कीया वो संजय म, म..म .म..र. ग.ग.ई .ई .ई .आ ..आ ..आ ऊ ..ऊ ...ऊ. .ऊ .. ऊ . .चो .. वो ..वो.. वो ..दो ..अ..उ .. उ .. उ .. र जो .. र ..र .. से .. उ .. उ .. उ .. उ मे जोर जोर से चोद रहा था वो अगडाइयाँ ले रही थी उसका पानी नकल गया वो निढाल हो गई अभी मेरा नही निकला था मे उसे चोदे जा रहा था फीर उसको जोस आया अब जोर जोर से चुदाई चालु था एक बार फीर उशा झड गई चुदाई की रफतार मेने बढा दी जोर जोर से चोद रहा था थोडी देर के बाद फीर उशा को जोस आया मेरे ढक्को का जबाब ढक्को से दे रही थी 30 मीनट की चुदाई के बाद अब मेरा निकलने वाला था उशा को बोला मेरा निकलने वाला हे उशा ने काहा मेरी चुत मे गीरा दो दो चार ढक्को को बाद उसकी चुत मे झड गया और एक दुसरे को चुमते चुमते सो गए जब आंख खुलि तो साम के चार बज रहे थे मेने एक बार फीर उशा को चोदा उसके बाद वो कपडे धोए फीर साथ साथ नहाया नहाते समय एक बार फीर चोदा ये थी मेरी कहानि कैसी लगी आप अपना जबाब जरूर दीजीए [email protected]

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दोस्त की दीदी ने मुझे पटा कर चूत चुदाई

मैं एक घर में पेईंग गेस्ट रहता था तो घर का मालिक मेरा दोस्त बन गया था क्योंकि हम दोनों हमउम्र थे. मेरे दोस्त की दीदी के पति उन्हें छोड़ कर कहीं चले गए थे. उन दीदी ने मुझसे कैसे पटाया और अपनी प्यास बुझाई... पढ़ें इस कहानी में!

दोस्त की बहन की जम के चुदाई

दौड़ते-दौड़ते मैं बिस्तर पर जा गिरा.. वो भी बिस्तर पर आकर मुझसे उलझ गई। लड़ते-लड़ते मेरा हाथ उसकी चूची को टच हो जाता.. मैंने उसको अपने बांहों में दबोच लिया।

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