स्त्री-मन… एक पहेली-6

मेरी साली की जवान बेटी की कामुकता से भरपूर इस सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि यौन पूर्व कामक्रीड़ा के चलते उसकी कामवासना पूरे चरम पर थी, उसने मेरे होंठों पर एक चुम्बन जड़ा और अपने दोनों पैरों से मेरी कमर पर कैंची सी मार ली और लगी मेरी कमर अपनी ओर खींचने.

स्त्री-मन… एक पहेली-5

मेरी साली की जवान बेटी के चोदन की कामवासना से परिपूर्ण हॉट सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि वह मेरे घर में मेरे साथ अकेली मेरे बेड पर नग्न वक्ष है. मैं उसके बदन से खेल रहा हूँ और वो कामुकता के आवेग में अपने गर्म जिस्म को तोड़ मरोड़ रही है.

स्त्री-मन… एक पहेली-4

मेरी साली की जवान बेटी के साथ सेक्स की कामुकता भरी कहानी में पढ़ें कि मेरी भानजी मेरे घर में मेरे साथ अकेली है, रात हो चुकी है, वो मेरे बेडरूम में मेरे बेड पर है. हम दोनों की कामवासना अपने चरम पर है और दोनों एक दूसरे के गर्म जिस्म का मजा लेते हुए को वस्त्र विहीन कर रहे हैं.

स्त्री-मन… एक पहेली-3

मेरी साली की युवा बेटी के कुंवारे बदन को मैं एक बार भोग चुका था. अब डेढ़ साल बाद आज फिर वो अपने जिस्म को मुझे समर्पित कर रही है. आप भी इस रोमांटिक हिन्दी कहानी का मजा लें!

स्त्री-मन… एक पहेली-2

मेरी साली की युवा बेटी मेरे यहाँ रहने आ रही है. इस समय वो मेरे साथ कार में है. वो नज़र झुकाये, अपने दोनों हाथों में मेरा हाथ थामे ग्रीक की कोई देवी सी लग रही थी- आप मेरे जीवन के प्रथम-पुरुष हैं, मैं मन ही मन आप को पूजती हूँ और मेरे दिल में हमेशा आप की एक ऊंची और ख़ास जगह है और हमेशा रहेगी। इस के साथ ही यह भी सच है कि आप का और मेरा साथ किसी भी सूरत संभव नहीं. मेरी आप से विनती है कि जिसे मैंने अपने मन-मंदिर का देवता माना है वो देवता ही रहे.

स्त्री-मन… एक पहेली-1

मेरी पिछली कहानी ‘हसीन गुनाह की लज़्ज़त’ में आपने पढ़ा था कि कैसे मेरी साली की युवा बेटी हमारे साथ रहने आई और कैसे मेरे और उसके बीच सेक्स सम्बन्ध पल्लवित हुए! अब पढ़ें उससे आगे की कहानी!

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-5

प्रिया की योनि से कामरस अविरल बह रहा था, प्रिया रह-रह कर मुझे अपने ऊपर खींच रही थी जिससे यह बात साफ़ थी कि गर्म लोहे पर चोट करने का वक़्त आ गया था।

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-4

प्रिया पूर्णतः कँवारी थी और मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं था, जिंदगी में दोबारा ऐसी रात नहीं आनी थी। मैंने उंगली को प्रिया की योनि में गोल गोल घुमाना शुरू किया।

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-3

अगली रात पहल मेरी साली की बेटी ने की, मैं सो चुका था, उसने मेरे कान, चेहरे को छू कर मुझे जगाने की कोशिश की। मैं यही चाहता था। इस रात क्या हुआ?

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-2

अब मुझे रात का इन्तजार था कि कब मैं बैडरूम में सोने जाऊँ और कब मुझे भांजी के बदन का सामिप्य प्राप्त हो! आखिर वो पल भी आए और मेरा हाथ उसके बिस्तर पर था।

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-1

मेरी साली की बेटी की तो कच्ची उम्र थी पर मैं जो कर रहा था वो सामाजिक और नैतिक दृष्टि से गलत था लेकिन कहते हैं कि गुनाह की लज़्ज़त मेरा पीछा नहीं छोड़ रही थी।

आजकल का विवाहित जीवन

घर में जहाँ बीवी अकेली मिले, बीवी को घोड़ी बनाया, उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी योनि में लिंग डाला और धकाधक 4-6 धक्के मारे, अपना वीर्य स्खलित किया और चलते बने!