नेहा वर्मा

rss feed

उल्टी गंगा: भाई बहन की चुदाई की ऑडियो सेक्स स्टोरी

मैंने उसे बताया- राहुल! मैंने तुम्हे रात को मुठ मारते देखा था। टी वी पर ब्ल्यु फ़िल्म चल रही थी। मैं तो बस तड़फ़ गई थी… ऐसा मोटा लण्ड देख कर…

जीजा साली गुपचुप चुदाई-2 ऑडियो सेक्स स्टोरी

जीजा साली की चूत चुदाई तो कर चुका था पर अब साली की गांड चुदाई की बारी थी. साली ने अपनी गांड में तेल लगा कर उंगली से गांड चुदाई के लिए तैयार की.

जीजा साली गुपचुप चुदाई-1 ऑडियो सेक्स स्टोरी

जीजा की नजर अपनी जवान साली पर थी और साली भी जीजा से चूत की चुदाई करवाना चाहती थी. तो देखो कि जीजा साली की चुदाई की तमन्ना कैसे पूरी हुई!

चूत पर चोदने वाले का नाम नहीं लिखा जाता-3

नेहा वर्मा दस मिनट बाद मैंने उनकी चूत में गरम-गरम रस डाल दिया और इस दौरान वो भी दोबारा झड गई थीं। मेरा लंड अभी तक उनकी चूत के अन्दर था, थोड़ी देर बाद हम अलग हुए। मैंने कहा- भाभी मन नहीं भरा है..! वो बोलीं- तो करते रहो। मैंने कहा- पहले तुम्हें इस लंड […]

चूत पर चोदने वाले का नाम नहीं लिखा जाता-2

नेहा वर्मा मैं चाय लेकर चुपचाप उसके पीछे खड़ी होकर देखने लगी। वो भी हॉट सेक्सी सीन्स का मज़ा ले रहा था। अचानक उसने देखा तो मैं पीछे थी, वो जैसे ही हड़बड़ी में पीछे घूमा, मैं चाय लेकर खड़ी थी, तो पूरी ट्रे मुझ पर ही उलट गई। चाय बहुत गर्म थी, तेज़ी से […]

चूत पर चोदने वाले का नाम नहीं लिखा जाता-1

नेहा वर्मा कुछ दिन पहले हमारे रिश्ते में एक शादी में हम सभी गए थे। बहुत सारे रिश्तेदार आए हुए थे। मैं भी बहुत उत्साह से इसमें शामिल हुई थी। मेरे रिश्ते का एक देवर शिशिर खूब जवान और खूबसूरत था, उससे मेरी खूब ठिठोली और मजाक चला करती थी, वो भी वहाँ आया हुआ […]

यह मधुर कसक-2

चम्पा को चोद लेने के बाद मेरे दिलो दिमाग पर अब गंगा मौसी छाने लगी थी। मेरी अश्लील हरकतों को गंगा भांप गई थी, वो मुझसे बचती रहती थी। पर मैं अपने दिल में मधुर कसक लिये उनके आसपास मण्डराता रहता था। वैसे गंगा मौसी मुझे अभी भी बहुत प्यार करती थी, बस मेरी हरकतों […]

यह मधुर कसक-1

On 2011-08-11 Category: पड़ोसी Tags:

उनकी गुलाबी आंखे ऊपर उठ कर मेरी तरफ़ घूरने लगी। उनके होंठ थरथरा उठे... उनकी आंखें अब बन्द होने लगी। मैंने धीरे से उनके लबों के पास आकर उन्हें चूम लिया।

समधन का फ़ेमिली प्लानिंग-2

On 2011-02-11 Category: कोई मिल गया Tags: गांड

अगले दिन भी मुझे रात में किसी के चलने आवाज आई। चाल से मैं समझ गई थी कि ये सुरेश ही थे। वे मेरे बिस्तर के पास आकर खड़े हो गये। खिड़की से आती रोशनी में मेरा उघड़ा बदन साफ़ नजर आ रहा था। मेरा पेटिकोट जांघों से ऊपर उठा हुआ था, ब्लाऊज के दो […]

समधन का फ़ेमिली प्लानिंग-1

मेरा नाम सोनाली, मैं कानपुर, उत्तर प्रदेश की हूँ। मेरी कहानी सच्ची है। मैं अन्तर्वासना को करीब दो वर्ष से पढ़ रही हूँ। मुझे भी लगा कि मैं अपनी दास्तान अपने अन्तर्वासना के पाठकों तक पहुचाऊं। मैं लेखिका नेहा वर्मा को अपनी कहानी भेज रही हूँ। मेरी शादी के बाद दो बच्चे पैदा हुए। उसके […]

कैसे कन्ट्रोल करूँ-2

कहानी का पिछ्ला भाग: कैसे कन्ट्रोल करूँ-1 अब तो जीजू मुझे किसी सेक्सी फ़िल्मी हीरो जैसे लगने लगे थे, वो तो मेरे लिये कामदेव की तरह हो चुके थे। दिन को भी मैंने अन्जाने में दो बार हाथ से चूत को घिस घिस कर, जीजू के नाम से अपना पानी निकाल दिया था। मेरी नजरें […]

कैसे कन्ट्रोल करूँ-1

जब से मुझे पर जवानी आई है, मन चुदने को करने लगा है, रंगीन सपने आने लगे हैं। हाय, मुझे पहले की तरह फिर से कोई ऊपर चढ़ कर चोद डाले। मेरी चूचियाँ मसल डाले…मेरे नरम नरम होंठों को चूस डाले। मैं जैसे ही मूतने जाती हूँ तो मूतने के अलावा मुझे वहाँ बड़ी नरमी […]

पतिव्रता नारी-2

On 2010-09-25 Category: ऑफिस सेक्स Tags:

लेखिका : नेहा वर्मा मैं बहुत देर तक उन दोनों के नंगे बदन को निहारती रही। मेरे दिल में उनसे लिपटने की इच्छा होने लगी,”उफ़्फ़ ! चुदवा लूँ क्या? भीतर तक चोद डालेंगे मुझे !!! शान्ति तो मिल जायेगी… दो दो लौड़े मिल जायेंगे।” “अरे नहीं ! किसी दूसरे से… फिर मेरी पत्नीव्रता धर्म का […]

पतिव्रता नारी-1

On 2010-09-24 Category: ऑफिस सेक्स Tags:

लेखिका : नेहा वर्मा मैं दिल्ली में एक ऑफ़िस में काम करती हूँ। मेरे पति और मेरी, हम दोनों की महनत से घर ठीक से चल जाता था। मेरे पति एक कनिष्ठ वैज्ञानिक थे। वे हमेशा कुछ ना कुछ करते ही रहते थे। मेरे पति की मेहनत आखिर रंग लाई, उनका पेपर आखिर पास हो […]

दिल की कशिश-2

कहानी का पहला भाग: दिल की कशिश-1 मेरे लेटते ही रोहन भी मेरी बगल में लेट गया। फिर उसने अपना सर नीचे किया और मेरी चूचियों में अपना चेहरा दबा कर करवट पर लेट गया। उफ़्फ़ ! इतना बड़ा लड़का… और मेरी चूचियों में सर घुसा कर… मैं भी प्यार से अभीभूत होने लगी। मैंने […]

उफ़्फ़ तूफ़ानी रात वे-2

लेखिका : नेहा वर्मा मुझे अब मालूम हो गया था कि राजू अब सरिता को नहीं बल्कि मुझे पसन्द करने लगा था। वो शाम को अपने गाँव जा रही थी पर राजू उसे छोड़ने नहीं गया था। मैंने उसे कुछ नहीं कहा। शाम को भोजन करके मेरे पति तो बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने बैठक में […]

उफ़्फ़ तूफ़ानी रात वे-1

लेखिका : नेहा वर्मा पटना की मेरी ई-मित्र शिखा जो 55 वर्ष की है, अपने जवानी के मधुर पलों को याद करते हुये कहती है कि वो दिन मेरी जवानी के सुनहरे दिन थे। जब मैं 22-23 वर्ष की थी। देवर भाभी के अन्तरंग रिश्तों को और आगे बढ़ाते हुये कहती है कि उन दिलकश […]

खेल खेल में भैया से चुदवाया

मुझे चुदाये हुए काफ़ी दिन हो गये थे। मेरा निशाना अब मेरा भाई था। अचानक ही वो मुझे सेक्सी लगने लगा था। घर पर पज़ामें में उसका झूलता लण्ड मुझे उसकी ओर आकर्षित करता था।

दिल अटका अटका सा-1

On 2010-03-12 Category: चुदाई की कहानी Tags:

लेखिका : कामिनी सक्सेना यह कहानी नेहा वर्मा की एक सच्ची कहानी है, जिसे उन्होंने मुझे लिखने को कहा है। यह एक साधारण सी कहानी है जो किसी की जिन्दगी में भी घट सकती है। बस मैं इसे सजा कर आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ। नेहा और सुनील पति पत्नी है। उनकी शादी हुये […]

मेघा की तड़प-4

नेहा वर्मा रात को दस बजे प्रकाश अदिति को लेकर घर आ गये थे। अदिति बहुत थकी हुई सी थी। आते ही वो पहले तो बैठक में बैठ गई और फिर मेघा के साथ ही दीवान पर आकर लेट गई। “मेघा वो वॉशिंग मशीन में पानी भर कर पावडर मिला देना, कपड़े बहुत सारे हैं।” […]

Scroll To Top