मन का मीत मिला रे

तो मैंने उसको सेक्स के बारे में फिर से बताना शुरू किया… आज न तो उसमे कल जितनी शर्म थी और ना ही मदहोशी…
वो बड़ी तन्मयता से सुन रही थी, समझ रही थी…
फिर उसने मेरे हाथ अपने बोबों पर लगा दिए और खुद मेरे होंटो को चूसने लगी

प्यारी मिनी और उसका सरप्राइज-2

अन्तर्वासना के सभी पाठको को नमस्कार ! तीन-चार महीने कैसे निकले … जैसे रोकेट से चाँद पर पहुच गए, चार दिन में ही चार महीने पूरे हो गए… फिर अभी… [Continue Reading]

प्यारी मिनी और उसका सरप्राइज-1

अन्तर्वासना के सभी पाठको को नमस्कार ! एक बार फिर मैं आपके सामने अपनी एक बहुत ही हसीन आपबीती लेकर उपस्थित हूँ, आशा करता हूँ कि आप लोगों को पसंद… [Continue Reading]

वरदान

प्रेषक : मुन्नेराजा दुनिया की लगभग सभी जातियों में, सभी समाज में जब लड़के, लड़की सेक्स करने लायक हो जाते हैं तो उनकी शादी कर दी जाती है और ये… [Continue Reading]