महेश कुमार चूत फाड़

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वासना का मस्त खेल-12

मैं अपनी भाभी को चोद रहा था तब मेरी दोनों भतीजी घर में ही थी. मैं उन दोनों को पहले ही चोद चुका था. भाभी और मेरी चुदाई का पता उन दोनों को लग गया था या नहीं?

वासना का मस्त खेल-11

भाभी को मैंने बांहों में जकड़ लिया, उनका चेहरा ही शर्म से लाल हो गया. मैं उन्हें बिस्तर पर गिराकर चूमने लगा. भाभी को मैंने कैसे चोदा और मजा दिया. पढ़ें इस कहानी में!

वासना का मस्त खेल-10

मैं अपनी दोनों भतीजी की चुदाई कर चुका था. एक लड़के को दो जवान चूत चोदने को मिल जाएँ तो और क्या चाहिए. लेकिन ऊपर वाले ने मेरे भाग्य में और क्या लिखा था?

वासना का मस्त खेल-9

अपनी बड़ी बहन की चुदाई देख कर छोटी वाली की कामुकता अपने चरम पर थी. वो मुझसे गुस्सा थी लेकिन अपनी वासना के कारण वो फ़टाफ़ट मुझसे चुदना चाह रही थी.

वासना का मस्त खेल-8

मैं अपनी बड़ी भतीजी को चोद रहा था और उसकी छोटी बहन खिड़की से हमारी चुदाई देख रही थी. बड़ी की चुदाई पूरी करने के बाद जब मैं छोटी वाली के पास गया तो ...

वासना का मस्त खेल-7

मेरी भतीजी ने अब शर्म छोड़ दी थी, वो खुल कर अपनी चूत चटवा कर सिसकारियां भर कर मजा ले रही थी. मेरा लंड उसके चहरे के पास था लेकिन... उसने मेरा लंड चूसा या नहीं?

वासना का मस्त खेल-6

मेरी बड़ी भतीजी बिस्तर पर थी और मैं उसके कपड़ों को उतार कर उसके बेदाग दूधिया बदन को देखता रह गया. यह सेक्स स्टोरी पढ़ कर देखें कि कैसे मैंने उसके सेक्सी जिस्म का भोग लगाया.

वासना का मस्त खेल-5

मैं अपनी छोटी भतीजी को चोद रहा था. उसकी कुंवारी चूत की सील टूट चुकी थी. अब चूत रस निकलने के कारण लंड सुगमता से अंदर बाहर हो रहा था. लेकिन उसकी बड़ी बहन...

वासना का मस्त खेल-4

मैंने अपने चचेरे भाई की बेटी की चूत को चूस कर उसे झड़वा दिया था. अब वो खुश दिख रही थी लेकिन साथ ही हल्की सी शर्म भी उसकी आंखों में दिखाई‌ दे रही थी. आगे क्या हुआ?

वासना का मस्त खेल-3

मैंने मेरी जवान भतीजी की चूचियाँ मसल कर उसकी वासना जगा दी थी. तभी तो वो खुद चलकर मेरे पास आयी थी. मुझे लगने लगा कि ये मुझसे चुदने के लिये ही आई है. क्या मैं सही सोच रहा था?

वासना का मस्त खेल-2

अब क्या होगा? मेरी पिटाई होने में अब तो बस प्रिया‌ के जवाब देने की‌‌ ही देर थी. मुझे मेरी पिटाई होना अब तय ही‌ लग रहा था. मैं विनती भरी नजरों से प्रिया को देख रहा‌ था. तभी प्रिया ने मेरी तरफ देखा … प्रिया के देखते ही डर के मारे अपने आप ही […]

वासना का मस्त खेल-1

एक‌ शादी में रात के अँधेरे में मैंने किसी‌ लड़की से सेक्स किया था. मगर मैं नहीं जान सका कि वो कौन‌ थी. उसके गले के लोकेट से मैंने कैसे उसे पहचाना? क्या सच में वो वही लड़की थी?

वो कौन थी-3

उसके ऊपर आकर मैंने अपने पैरों से ही धीरे धीरे उसके पैरों को फैला दिया और अपनी कमर के नीचे के हिस्से को उसकी दोनों जांघों के बीच कर लिया... मेरा उत्तेजित लिंग अब सीधा उसकी छोटी सी नंगी योनि पर लग गया।

वो कौन थी-2

चाचा की बेटी की शादी में गाँव में सर्दियों की रात में मैं रजाई लेकर सोया हुआ था कि मेरे साथ कोई लड़की सोई हुयी थी, उसके ऊपर रजाई नहीं थी. मैंने उसके ऊपर रजाई डाली तो वो मेरे पास आ गई. मेरी कामुकता जागने लगी.

वो कौन थी-1

मेरी चचेरी बहन की शादी में मैं गाँव गया. वहां बहुत सारी युवा लड़कियाँ आई हुई थी. मैं तो सोच रहा था कि भाभी या चचा की लड़की को चोदने का मौक़ा मिल जाएगा लेकिन मेरे साथ क्या हुआ? पढ़ें मेरी इस सेक्सी स्टोरी में!

बस के सफर से बिस्तर तक-4

मेरा आधा लंड ममता की चूत में समाया हुआ था और उनकी चुत से खून की धार बह रही‌ थी जिसका गर्म अहसास मुझे अपने लंड व जांघों के पास भी हो रहा था. "ओह... ये तो बिल्कुल कुंवारी हैं, इसलिये ही ये इतना भाव खा रही थी." मैंने अपने मन में सोचा.

बस के सफर से बिस्तर तक-3

मैं अब रुका नहीं और धीरे धीरे उनकी चुत को अपनी पूरी जीभ निकाल कर चाटना शुरू कर दिया‌ जिससे ममता जी की कमर अपने आप ही हरकत में आ गयी और वो अपनी कमर को ऊपर नीचे करने लगी।

बस के सफर से बिस्तर तक-2

भीड़ भरी बस में अपने भाई की साली के साथ उनके सेक्सी बदन का कुछ मजा लेने के बाद अब उनकी चुदाई करने की तमन्ना से मैं उनके समीप रहने लगा. मेरी एडल्ट स्टोरी पढ़ा कर देखें कि क्या मेरी तमन्ना पूरी हुई?

बस के सफर से बिस्तर तक-1

मेरी एडल्ट स्टोरी में पढ़े कि कैसे मैंने भाई की साली से सेक्स का मजा लिया. भाभी के गर्भवती होने से भैया ने अपनी साली को घर के काम में मदद के लिए बुलाया. भीड़ भारी बस में मैं और वो एक कोने में एक दूसरे से सटे खड़े थे.

मेरी अय्याशियाँ पिंकी के साथ-4

वो अब बिल्कुल शांत सी हो गई थी, मगर जैसे जैसे मेरी उंगलियाँ उसकी नन्ही योनि के साथ खेल रही थी वैसे वैसे उसके चेहरे की भाव-भंगिमायें भी लगातार बदल रही थी।

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