कामिनी सक्सेना

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महकती कविता-2

On 2009-12-22 Category: नौकर-नौकरानी Tags:

वो स्नान करके बाहर आई, पूरी भीगी हुई थी। उसने तौलिये के लिये नजर दौड़ाई। अभी वो मात्र पेंटी में ही थी और गीली पेंटी उसके कोमल चूतड़ों से चिपकी हुई थी।

महकती कविता-1

रोहण के बन्द कमरे की पीछे वाली खिड़की से एक बार कविता ने रोहण को ब्ल्यू फ़िल्म देखते फिर मुठ्ठ मारते देख लिया था। वो भी जवान थी, उसके दिल के अरमान भी जाग उठे थे।

जीजू संग खेली होली-2

जीजा साली चुत चुदाई कहानी का पिछला भाग : जीजू संग खेली होली-1 सवेरे से ही मेरा मन बहुत खुश था। आज चुदना जो था। मैं किसी ना किसी बहाने जीजू के कमरे में आती जाती रही। मैंने आज बहुत ही तीखा मेकअप किया था। आंखो के किनारों को काजल से और सुन्दरता दे दी […]

जीजू संग खेली होली-1

मेरी उम्र 26 साल की हो गई, पर अभी तक मेरे लिये कोई भी लड़का पापा ने नहीं देखा। वो इस बात को समझने के लिये तैयार ही नहीं हैं कि अब मैं अब बड़ी हो गई हूँ और मेरी चूत में भी खुजली होती है। मेरी बहन की तो 22 वर्ष में ही शादी […]

कोई बचा ले मुझे-2

कोई बचा ले मुझे-1 विपिन घायल हो कर मेरे ऊपर चढ़ा जा रहा था. अपने आप को मेरे बदन पर सेट कर रहा था. मैंने मस्ती में अपनी आँखें मूंद ली थी. अन्ततः वो मेरी दोनों टांगों के मध्य फ़िट हो गया था. उसका भारी सा लण्ड मेरी चूत पर दबाव डालने लगा था. मेरी […]

कोई बचा ले मुझे-1

मैं सामाजिक कार्य में बहुत रुचि लेती हूँ, सभी लोग मेरी तारीफ़ भी करते हैं. मेरे पति भी मुझसे बहुत खुश रहते हैं, मुझे प्यार भी बहुत करते हैं. चुदाई में तो कभी भी कमी नहीं रखते हैं. पर हाँ उनका लण्ड दूसरों की अपेक्षा छोटा है, यानि राहुल, रोशन, गोवर्धन, गोविन्द के लण्ड से […]

खुल्लम-खुल्ला प्यार करेंगे-1

राज ने उसे खींच कर अपने से चिपका लिया और उसके अधर चूसने लगा। वो थोड़ा सा कसमसाई और अपने आप को छुड़ा लिया, अपने होंठों को पोंछती हुई वो मुसकराई।

मेरी रसीली जवानी

'दीदी, आप तो मेरी जान हो... कहो ना!' 'मुझे गाण्ड मरवाने का बहुत शौक है... प्लीज!' 'क्या बात है दीदी... गाण्ड और आपकी... सच में मजा आ जायेगा!'

ब्यूटी पार्लर में मसाज़ चुदाई

रीता शर्मा मेरी शादी हुये लगभग तीन साल गुजर चुके हैं। मेरे पति सुशील मुझसे बहुत प्यार करते हैं, एक प्राईवेट फ़र्म में काम करते हैं और उनका वेतन भी बहुत अच्छा है। हमने एक क्लब भी जोईन कर रखा है।। मेरे साथ की महिलाएं जो 20 से 50 वर्ष तक की थी, अपने आप […]

योग की अदायें- 2

On 2006-05-31 Category: गुरु घण्टाल Tags:

लेखक : ज़ो हन्टर आभा अब बेशर्मी से मुझसे लगभग रोज ही चुदाने लगी। उसे देख कर तो मुझे ऐसा लगने लगा कि उसे चुदाई की बेहद आवश्यकता थी। चुदाते समय मुझे लगता था कि वो जन्मों की प्यासी है। उसका व्यवहार अब मेरे प्रति और भी आसक्ति भरा हो गया था। मुझे जब भी […]

योग की अदायें- 1

On 2006-05-30 Category: गुरु घण्टाल Tags:

लेखक : जो हन्टर मैं योग का शिक्षक हूँ। मैंने योग के द्वारा कई व्याधियां दूर की हैं। यह बात ओर है कि मेरी कमजोरी मध्यम उम्र की औरतें रही है। कितनी ही बार मैं वासना का शिकार हो कर फ़िसल जाता हूँ, पर इसमे मेरा दोष कम होता है, महिलाओं का अधिक होता है। […]

दो नौकरानियों की मस्त चुदाई -2

'अंकल जी, हाय चूत मार दी रे, मेरी फ़ुद्दी चुद गई, आह्ह मेरा माल निकला रे , हरामजादी... मेरी चूत फ़ोड़ डाली रे...' और उसने अपनी चूत सिकोड़ ली। राधा झड़ने लगी, उसका पानी निकलने लग गया था।

दो नौकरानियों की मस्त चुदाई-1

मैंने धीरे से उसकी छोटी छोटी चूंचियों को सहलाना चालू कर दिया। कभी कभी उसके निपल भी उमेठ देता था। वो सिसकारी भरने लगी- अंकल, हाय और करो, हाय अंकल!!!

कमसिन जवानी

On 2006-03-09 Category: पड़ोसी Tags:

लेखिका : रीता शर्मा विजय और नीरा का घर आपस में लगा हुआ था। नीरा शादी-शुदा थी और विजय से लगभग दस साल बड़ी थी। नीरा दुबली पतली पर सुन्दर युवती थी। पर घर पर वो कपड़े पहनने के मामले में बहुत बेपरवाह थी। विजय नीरा के घर अक्सर आता जाता रहता था। उसे तो […]

एक शाम बरसात के नाम

On 2005-12-30 Category: पड़ोसी Tags:

लेखिका : कामिनी सक्सेना हम लोग जहां रहते हैं वो एक पुराना मुहल्ला है। पुराने टाईप के घर है, आपस में लगे हुए। लगभग सभी की छतें एक दूसरे से ऐसे लगी हुई थी कि कोई भी दूसरे की छत पर आ जा सकता था। मेरे पड़ोस में कॉलेज के तीन छात्रों ने एक कमरा […]

कॉल गर्ल का पहला कॉल

मेरी टांगें चौड़ी करके उसका चेहरा मेरी चूत पर झुक गया और वहाँ अपना मुँह लगा दिया। 'अरे ये क्या कर रहे हो... ये तो पेशाब की जगह है छी: हटो, जाने क्या कर रहे हो?'

घर की बात घर में

भाभी की सहेली कुछ दिनों के लिए घर पर आई हुई थी. भाभी और मेरे सम्बन्ध मधुर थे. जब भी भाभी की इच्छा होती थी वो, भैया के जाने के बाद मुझसे चुदवा लेती थी.

मजा और सजा

लेखक : जो हन्टर सहयोगी : कामिनी सक्सेना यह कहानी तीन भागों में है। मैं पुलिस स्टेशन से बाहर आया और अपनी मोटर साईकल उठा कर सीधे सुधीर के घर आ गया। अभी सवेरे के साढ़े आठ ही बजे थे…हमेशा की तरह सुधीर घर पर नहीं था। उसे शायद यह मालूम नहीं था कि आज […]

मजा या सजा

On 2005-08-23 Category: चुदाई की कहानी Tags:

लेखिका : कामिनी सक्सेना सहयोगी : जो हन्टर मैं उस समय कॉलेज में पढ़ती थी। मेरा एक बॉय-फ़्रेंड था सुधीर, जो मेरा क्लासमेट था। मेरे और उसके बीच सम्बंध तीन महीने से था। सुधीर एक छ्ह फ़ुट का खूबसूरत लड़का था। साफ़, गोरा रंग पर पढ़ने में कोई खास नहीं था, एक औसत विद्यार्थी था। […]

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