जीत शर्मा

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मेरी मुनिया उसका पप्पू-2

On 2011-01-02 Category: चुदाई की कहानी Tags:

लेखक : जीत शर्मा वो अचानक बेड से उठा और कमरे से बाहर जाने लगा। मैंने सोचा शायद मज़ाक कर रहा है। अभी वापस आकर मुझे अपने आगोश में ले लेगा। मैं इसी तरह बेड पर पड़ी रही। एक हाथ से अपने बूब्स मसल रही थी और एक हाथ से अपनी पेंटी के ऊपर से […]

मेरी मुनिया उसका पप्पू-1

On 2011-01-01 Category: चुदाई की कहानी Tags:

लेखक : जीत शर्मा दोस्तो ! यह कथा मेरी कहानियों की एक पाठिका सिमरन कौर की है जिसकी अगले महीने शादी होने वाली है। उसने अपनी एक समस्या के बारे में मेरी सलाह माँगी है। मैंने इस सम्बन्ध में अपने मित्र प्रेम गुरु से चर्चा की थी, उन्होंने मुझे समझाया कि आजकल के पाठक बहुत […]

दिल्ली से चण्डीगढ़

On 2010-11-15 Category: कोई मिल गया Tags:

मैं जीत शर्मा फिर से आपके सामने एक कहानी ले कर आया हूँ। यह कहानी मुझे मेरी एक महिला मित्र ने भेजी है, उम्मीद है कि आप सबको पसंद आएगी। तो दोस्तो कहानी पेश है मेरी दोस्त की जुबानी। मैं शिप्रा हूँ, दिल्ली में एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में काम करती हूँ। अपने काम के सिलसिले […]

आरती की आरती

On 2010-10-11 Category: कोई मिल गया Tags:

दोस्तो, मेरा नाम जीत है। बात उस समय की है जब मैं इस कंपनी में नया नया आया था। काम का बोझ ज्यादा था, या यूँ कहो कि नई नई नौकरी थी सो लगभग रोज़ ही शाम को लेट हो जाया करता था। ऑफिस आने जाने के लिए मैंने मोटर साइकिल रखा था। उस दिन […]

एक दूनी दो-2

On 2008-06-19 Category: गुरु घण्टाल Tags: गांड

मैंने अपने एक हाथ से उसके नितम्ब को चौड़ा किये रखा और दूसरे हाथ से अपने लण्ड को पकड़ कर गाण्ड के छेद पर लगाया और फिर से होले से धक्का लगाया।

एक दूनी दो-1

मास्टरनी की चुदाई के दौरान एक बार मैंने उसकी गाण्ड के छेद से भी छेड़खानी कर डाली थी तो उसने मुझे कहा था कि अभी मैं इस छेद को ना छेड़ूँ, बाद में वह मुझे इसका मज़ा भी देगी।

इब तो बाड़ दे-2

On 2006-11-15 Category: गुरु घण्टाल Tags:

प्रेम गुरु द्बारा संपादित एवं संशोधित लेखक: जीत शर्मा दिलवाला इब तो बाड़ दे का पहला भाग यहाँ है। दोस्तों ! सबसे पहले मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहूँगा कि आपने मेरी पिछली कहानी “इब तो बाड़ दे” का पहला भाग बहुत पसंद किया । मैंने उस कहानी में आपको बताया था कि कैसे […]

अंजलि की प्यास

हेल्लो दोस्तो मैं जीत शर्मा दिलवाला एक बार फिर हाजिर हूँ अपनी सच्ची दास्ताँ ले कर। मेरी पिछली कहानी को पढ़ कर मुझे काफी सराहना मिली मैं उसके लिए धन्यवाद करता हूँ। आज मैं आपको अपनी जिन्दगी की एक और सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ। आज से दो साल पहले मेरे ऑफिस में अंजलि […]

रीना और उसकी सहेली संजना

On 2005-12-20 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : जीत शर्मा मैं जीतू दिल्ली से एक बार फिर आपकी सेवा में हाज़िर हूँ। मेरी पिछली कहानी “रीना को सन्तुष्ट किया” को पढ़कर मुझे काफी लोगों ने मेल किया, उसके लिए मैं आप सबका आभारी हूँ। दोस्तो, आज मैं आपको अपनी एक और कहानी बताने जा रहा हूँ। जैसा कि मैंने अपनी पिछली […]

रीना को संतुष्ट किया

On 2005-06-08 Category: कोई मिल गया Tags:

हेल्लो दोस्तो ! मैं जीतू एक बार फ़िर हाज़िर हूँ अपना अनुभव लेकर ! यह आज से एक साल पुरानी बात है, मुझे चेटिंग करने का बहुत शोक है और मैं चेटिंग पर लड़कियों और शादीशुदा औरतों से सेक्स की बातें किया करता था। उनको चेट के जरिये चोदा करता था, मजा आता था इस […]

मंजू की चूत चुदाई

मेरा पाँव अचानक मंजू के हाथ पर लगा। मैंने अपना पांव हटा लिया तो वो मेरी तरफ़ देखने लगी जैसे कह रही हो कि क्योँ हटा लिया। मैं मुस्करा दिया और दूसरी तरफ़ देखने लगा कि कहीं किसी का ध्यान मेरी तरफ़ तो नहीं, पर किसी ने नहीं देखा।

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