निशान्त कुमार

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एक ख्वाहिश

बदन में सिहरन सी हो रही थी जिसे मैं महसूस कर सकता था। उसकी आँखें अब बंद सी हो रही थी... उसकी स्कर्ट घुटनों से थोड़ी ज्यादा ऊपर हो गई थी, अपने हाथों से मैंने उसका स्पर्श किया और अपने होंठ उसकी जांघों पर टिका दिए।

प्रेम अध्याय की शुरुआत-3

On 2012-05-08 Category: कोई मिल गया Tags:

अब शुरुआत हुई एक हसीन सफ़र की। एक हसीन शाम की मेरी जिंदगी की.. ! मेरी अब तक की सबसे खुशनुमा स्मृतियों की ! जिसकी याद से ही अलग सी गुदगुदी, सिहरन दौड़ जाती है दिल में ! मैं ड्राइविंग सीट पर था और पारो मेरे साथ बैठी थी। करीब सौ किलोमीटर का सफ़र था […]

प्रेम अध्याय की शुरुआत-2

On 2012-05-07 Category: कोई मिल गया Tags:

वो मुझसे कस के लिपट गई, उसके आंसुओं की बूंदें मुझे मेरे गाल पर महसूस हो रही थी.. एक नए एहसास के लिए मैं तैयार था, मैंने उसके होठों को अपने होठों से मिला लिया, आज शायद मैं उतना बेसब्र नहीं हो रहा था, आराम से उसके निचले होठों को अपने जुबान से तराश रहा […]

प्रेम अध्याय की शुरुआत-1

On 2012-05-06 Category: कोई मिल गया Tags:

हम बचपन से ही एक बात हमेशा सुनते आये हैं.. जीवन एक नदी की धारा की तरह है जिसने कभी रूकना नहीं जाना.. उस नदी की एक बूंद जिसका सफ़र कहीं पहाड़ियों की चोटी से शुरू होता है और अंत में न जाने कितने ही अवरोधों को पार करते हुए कितने ही खूबसूरत जन्नत सरीखे […]

प्यार का सफ़र-2

मैंने उससे पूछा- इतनी लड़कियाँ तेरे संपर्क में आई कैसे? उसने कहा- यूँ तो हर शहर में ही लड़कियाँ ऐसे पेशे में होती हैं, पर वहाँ इन्हें पैसे भी कम मिलते हैं और बदनामी का खतरा सबसे ज्यादा होता है। मैंने शुरू में चार लड़कियाँ महीने की तनख्वाह पर रखी थी, धीरे धीरे वो ही […]

प्यार का सफ़र-1

सच कहते हैं लोग कि आज की दुनिया में अगर एहमियत है तो बस पैसों की ! ज़ज्बात, इंसानियत और प्रेम हवस और पैसों की आग में झुलस चुका है। नहीं तो इश्क यू बाज़ार में बिकता नहीं… और हुस्न ऐसे सरेआम नीलाम न होता, उसकी बोलियाँ न लगाई जाती, उसकी आबरू को ऐसे बेपर्दा […]

मेरे सच्चे प्यार की तलाश

On 2012-01-07 Category: कोई मिल गया Tags:

जिस्म सिर्फ जिस्म की भूख जानता है प्यार करना जिस्म की आदत नहीं ! एक से जी भर जाए तो दूसरी अँधेरी राहों में जिस्म की तलाश करता ही रहता है। यह कहानी है जज्बातों की, यह कहानी है उम्मीदों की, और यह कहानी है सच्चे प्यार की तलाश की… बात उस वक़्त की है […]

एक व्याख्या प्रेम की…-2

On 2011-12-16 Category: कोई मिल गया Tags:

लेखक : निशांत कुमार मैं अपने स्वप्न से जागा और जाकर अपने कपड़े बदल लिए। तभी एक कॉल आया, मैंने बात की तो सामने आकाश था। वो अपने घर का पता बताने लगा। मेरी हवस की भूख अभी शांत हो चुकी थी तो मैं उसे मना करने लगा। वो बहुत जोर देने लगा, कहने लगा […]

एक व्याख्या प्रेम की…-1

On 2011-12-15 Category: कोई मिल गया Tags: रोमांस

लेखक : निशांत कुमार वासना और प्रेम एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। प्रेम का सुख मिल जाए तो वासना मनुष्य के नियंत्रण में हो जाती है और जिस्म का सुख मिल जाए तो प्रेम पीछे छूटने लगता है। मैं जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो इन्ही दो शब्दों के बीच है, वासना […]

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