जाड़े की रात मौसी के साथ

एक बार मुझे एक गाँव में दूर के रिश्ते में एक मौसी के घर रुकना पड़ा. वे उस रात घर में अकेली थी, उनकी कोई संतान नहीं थी और मौसा जी किसी दूसरे शहर में शादी में गए हुए थे. उस रात वहां जो कुछ हुआ, सही या गलत… मेरी इस एडल्ट कहानी में पढ़ें!

गाँव की भाभी की बुर चोद कर गर्भवती किया

मैं गांव गया तो पड़ोसी चाचा के घर रुकना पड़ा। चाचा की बहू खाना खिलाने लगी तो उनसे बात हुई और औलाद सुख के लिये वो अपनी बुर चुदवाने के लिये तैयार हो गई।