रंगबाज़

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दिल्ली का गांडू हरियाणा का लण्ड

विक्की हरियाणा के गाँव का एक साधारण जाट लड़का है, पड़ोस में दिल्ली से एक चिकना लड़का आया तो विक्की की निगाह में चढ़ गया. उसके अंदर उसे चोदने के अरमान जागने लगे।

भूत बंगला गांडू अड्डा-3

मैं थोड़ी देर तो दोनों हाथ दिवार पर टिकाये, झुका हुआ, कूंकता हुआ चुदवाता रहा, लेकिन फिर मुझसे रहा नहीं गया। मैंने फिर एक हाथ से अपनी गांड थाम ली।

भूत बंगला गांडू अड्डा-1

यह कहानी दो समलैंगिक लड़कों के सेक्स पर आधारित है। इसमें मैंने पहली बार सामूहिक यौन क्रीड़ा का प्रयोग किया है। अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर लिखियेगा। रंगबाज़

काला हीरा -4

अर्जुन ने विनीत को बीस मिनट तक वैसे ही चोदा फिर वो चरम सीमा पर पहुँच गया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। विनीत को ऐसा लगा जैसा अर्जुन का लण्ड उसके पेट में घुस जायेगा। अब बेचारे को ज़ोर का दर्द होने लगा- अर्जुन… प्लीज़ बस… करो… आआह्ह्ह्ह… अर्जुन ने उसके गिड़गिड़ाने के बीच […]

काला हीरा -3

अर्जुन ने उसे गले लगा लिया- अगर तुम लड़की होते तो तुम्हें उठा कर ले जाता… तुम्हारा चोदन कर देता… तुम्हें इतना चोदता कि तुम मुझसे प्रेग्नेंट हो जाते… फिर तुम हमेशा के लिए मेरे हो जाते। विनीत अर्जुन से कस कर लिपट गया- इसकी ज़रूरत ही नहीं पड़ती… मैं खुद ही तुम्हारे साथ भाग […]

काला हीरा -2

अब तक ट्रेन में भीड़ कम हो गई थी, लेकिन दोनों उसी जगह, हैंडरेल का सहारा लिए, खड़े हुए बतिया रहे थे। ‘मेरी भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।’ अर्जुन का तो मन था कि कह दे ‘तुम हो न मेरी गर्लफ्रेंड…’ थोड़ी ही देर में साकेत स्टेशन आ गया, दोनों को यहीं उतरना था। स्टेशन […]

काला हीरा -1

एक लड़का था, हट्टा-कट्टा, लम्बा चौड़ा, लम्बाई छः फुट चार इंच, 56 इंच चौड़ी छाती, विशालकाय मांसल भुजाएँ और जाँघें, छाती, जाँघों व हाथ-पाँव पर बाल, यानि डील-डौल लाखों में एक और नाम था अर्जुन यादव। लेकिन बेचारा एक चीज़ से मात खाता था- उसका रँग काला था। काला यानि तारकोल की तरह काला। रहने […]

मेरी गाण्ड का उद्घाटन समारोह

मित्रों को मेरा नमस्कार। आज मैं आपको अपनी आपबीती बताने जा रहा हूँ, जब मैं पहली बार चुदा था, यह कहानी सच्ची है लेकिन इसे मजेदार बनाने के लिए मैंने थोड़ा मिर्च-मसाला मिला दिया है। मेरा एक बॉयफ्रेंड हुआ करता था रजत ! रजत बड़ा बांका छोरा था- हट्टा-कट्टा, लम्बा चौड़ा। मैं उससे याहू के […]

पेशाबघर

रंगबाज़ आज मैं आप सबको सत्य घटना पर आधारित कहानी सुनाने जा रहा हूँ। बस इसे रोचक बनाने के लिए मैंने इसमें थोड़ा सा मिर्च-मसाला लगा दिया है। मुझे कुछ दिनों पहले पता चला कि हमारे शहर के मुख्य बस अड्डे के कोने में एक पुरुषों का शौचालय है जहाँ हमेशा समलैंगिक मर्द और लड़के […]

प्रचण्ड मुसण्ड लौड़ा-2

पिंकू अब ईशान आदेश देने लगा था और ईशान मानने भी लगा था। ट्रेवल एजेंसी के बाकी लोगों की तरह वो भी उसके लौड़े का गुलाम बन चुका था। पिंकू अपनी आँखें बंद किये, ईशान के बाल सहलाता, लण्ड चुसवाने का आनंद ले रहा था और ईशान भी अपनी आँखें बंद किये, दोनों हाथों से […]

प्रचण्ड मुसण्ड लौड़ा-1

समस्त पाठकगण को मेरा नमस्कार। आज आपको मैं एक ट्रेवल एजेंसी का किस्सा बताता हूँ। यह ट्रेवल एजेंसी हमारी माया नगरी मुम्बई के अँधेरी इलाके में थी। इस ट्रेवल एजेंसी की ख़ास बात यह थी कि इसे एक गे (समलैंगिक) उद्यमी ने शुरू किया था व इसके सारे कर्मचारी चपरासी से लेकर मालिक तक सब […]

योगेश का लौड़ा-2

मैं एक शाम घर में बैठा-बैठा बोर हो रहा था कि मुझे योगेश का एस एम एस आया। “क्या कर रहा है बे?” मैंने जवाब दिया कि मैं घर में खाली बैठा ऊब रहा हूँ। फिर उसका मैसेज आया- ‘यार, मेरा लण्ड चुसवाने का बहुत मन कर रहा है… क्या करूँ?’ बहुत बेबस था बेचारा […]

योगेश का लौड़ा

On 2013-03-21 Category: गे सेक्स स्टोरी Tags:

समस्त पाठकों मेरा नमस्कार। मैं आपके समक्ष नई कहानी लेकर फिर हाज़िर हूँ, इसे मैंने बहुत प्यार से आप सब के लिए लिखा है। इसके कहानी के सभी पात्र और घटनाएँ काल्पनिक हैं। यह बात तब की है जब मैं एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी करता था। मेरा एक सहकर्मी था, योगेश। पूरा नाम योगेश […]

चलो साथ साथ नहाते हैं

On 2013-01-02 Category: गे सेक्स स्टोरी Tags:

प्रेषक : रंगबाज़ समस्त पाठकों मेरा नमस्कार। प्रस्तुत है मेरी नई रचना, यह कहानी काल्पनिक है और मैंने इसे प्रथम पुरुष में लिखा है। मेरा नाम धनन्जय है, उम्र बाइस साल, रंग गहरा गेहुँआ है, लम्बाई पांच फुट ग्यारह इंच और शरीर सामान्य है। मैं वैसे इटावा, उत्तर प्रदेश रहने वाला हूँ, पिछले दस साल […]

वरुण की जवानी

On 2012-03-30 Category: गे सेक्स स्टोरी Tags:

इस कहानी के पात्र व घटनाएँ काल्पनिक हैं। मैं बहुत दिनों से उससे मिलना चाहता था, उससे मिलकर उसके रसीले होंठ चूसना चाहता था, उसकी चिकनी मुलायम गांड चाटना चाहता था, उसे घोड़ा बना कर चोदना चाहता था, उससे लिपट कर सोना चाहता था लेकिन वो था बहुत नखरीला, बिल्कुल लड़की की तरह। वैसे बौटम […]

घने जंगल में मंगल

यहाँ समलैंगिता बहुत थी। दूसरे यहाँ के जंगलों में एक कीड़ा पाया जाता था, जिसके काट लेने पर वैसे तो कोई नुकसान नहीं होता था, लेकिन इंसान के शरीर में हवस का सैलाब उमड़ आता था और उसकी हवस काबू के बाहर हो जाती थी, चाहे वो मर्द हो या औरत।

अच्छा, चल चूस दे..

कुछ साल पहले की बात है, मैं दिल्ली में बस से महिपालपुर से कनाट प्लेस जा रहा था, समय लगभग शाम के सात बजे रहा होगा, सर्दी होने की वजह से अँधेरा जल्दी हो गया था। धौला कुआँ में मेरे बगल एक लड़का आकर बैठ गया- लगभग 25 साल का रहा होगा, हट्टा कट्टा शरीर, […]

कॉल सेंटर की एक रात

इस कहानी के पात्र व घटनाएँ काल्पनिक हैं। निखिल ने अभी अभी पढ़ाई ख़त्म करके कॉल सेंटर की नौकरी शुरु की थी। यहाँ आकर वह बहुत उत्साहित था- कॉलेज जैसा माहौल, बढ़िया फर्नीचर, माडर्न साज सज्जा और उसके जैसे स्मार्ट और हैंडसम लड़के। वैसे भी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के दफ़्तरों में ऐसा माहौल होता ही है। […]

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