अभिराज

rss feed

Author's Website

चूत की आग से तड़पती रोजी

मेरे कहानी पढ़ने के बाद एक लड़की रोज़ी का ईमेल आया, धीरे-धीरे वो सेक्स चैट करने लगी। एक हफ़्ते बाद ही उसने अपनी चूत की आग बुझवाने मुझे दिल्ली बुला लिया।

कच्ची कली से फूल बनी शीतल

धीरे-धीरे वो मेरा साथ देने लगी और इस बार मैंने एक झटके से उसकी पैन्टी को निकाल फेंका.. आह्ह.. और मैंने क्या देखा.. एकदम चिकनी चूत... मेरी आँखों के सामने थी.. मानो एक अनखिली कली खिलने को तैयार हो।

पहले चूचे दिखाए फ़िर चूत चुदाई

मुझे लगा वो मुझे लाइन दे रही है.. तो मैं कैसे पीछे रह सकता हूँ। जब वो नहाने लगी.. तो मैं उसे देखने लगा। उसने भी चोरी-छुपे मुझे देख लिया और वो मुझे अपने चूचे दिखाते हुए उनको बार-बार रगड़ने लगी।

Scroll To Top