डॉ. दलबीर सिंह

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सेक्स से वंचित शादीशुदा भाभी से दूसरी मुलाकात

कुछ समय पूर्व मैंने एक भाभी को सेक्स का सुख दिया था. एक दिन उसका फोन आ गया. वो मुझसे दोबारा मिलना चाहती थी.

यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -6

मैं एक उंगली उसकी चूत के पानी से गीली करके उसकी गुदा पर फेरने लगा, चूत का पानी बह कर उसकी गुदा के छेद पर आ चुका था तो मैंने उंगली को उसकी गांड में सरका दिया

यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध: लेखक की व्यथा

ऐसे पाठकों के दिमाग़ी दीवालिएपन पर तरस आता है क़ि अगर वो जगह जगह मुँह मारने वाली होती तो उसने पति के विदेश जाने के बाद 6 साल तक खुद पर काबू नहीं रखा होता।

यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -5

वो मेरे निप्पल सहलाने लगी। मैंने उसकी जांघों के जोड़ों को चाटना शुरू कर दिया, कभी हल्के दाँतों से काटता और कभी उसकी रेशम जैसी जांघों को चूसने लगता।

यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -4

लेटे लेटे आँख लग गई और शायद 10-12 मिनट बाद वो थोड़ी सी हिली जिससे मेरी खुमारी भी टूट गई। यह एक ऐसी खुमारी होती है जो दुनिया के किसी भी नशे में नहीं मिलती।

यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -3

सेक्स के लिए मैं तैयार हूँ, यह बात मैने उसे फ़ोन करके बता दी और हमने मिलने का समय तय कर लिया। वो मुझे अपने घर ले गई और अब उसकी नारी सुलभ लज्जा आड़े आ रही थी।

यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -2

मुझे काफ़ी टाइम हो चुका था किसी के साथ करे हुए पत्नी तो 7- 8 साल से ना के बराबर ही रूचि लेती थी, इसलिए मुझे भी सेक्स की भूख तो थी ही और बिना मेहनत के कोई खुद ही राज़ी हो जाए तो फिर तो क्या ही कहना।

यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -1

प्रिय पाठको, आप सब को मेरा प्यार भरा नमस्कार! मेरी कहानी तुझ को भुला ना पाऊँगा को आप सब लोगों ने बहुत सराहा और वो शायद उस महीने की सबसे लोकप्रिय कहानियों में से एक रही। बहुत सारे मेल और फ़ेसबुक फ़्रेंड रिक्वेस्ट भी आई उनमें से बहुत सारे लोग मेरे नेट फ्रेंड बन भी […]

तुझ को भुला ना पाऊँगा -5

On 2015-08-10 Category: जवान लड़की Tags:

उस रात दीपो ने सिर्फ मेरी औलाद के लिए मेरे साथ सेक्स किया. उसके जुड़वां बेटे हुए... लेकिन उसके बाद उसके और मेरे जीवन में वो वो हुआ जो भगवान करे किसी के साथ ना हो!

तुझ को भुला ना पाऊँगा -4

रात को मैं भाभी के घर गया और खाना खाकर एक कमरे में लेट गया। अभी झपकी लगी ही थी कि मुझे महसूस हुआ कि एक जनाना बदन मेरे पास है, मुझे सहला रहा है। 'दीपो?'

तुझ को भुला ना पाऊँगा -3

On 2015-08-07 Category: जवान लड़की Tags: रोमांस

वो बोली- मैं अगले महीने यहाँ रहने आ रही हूँ, और वो भी पूरे 2 महीने के लिए, और तुम्हारी वो तमन्ना मैं उस वक्त पूरी करूँगी और जिस दिन मैं तुम्हें बुलाऊंगी, तुम्हें आना पड़ेगा

तुझ को भुला ना पाऊँगा -2

On 2015-07-26 Category: जवान लड़की Tags: रोमांस

यह कहानी है सच्चे प्रेम की ! मुझे एक लड़की से प्यार हो गया, अपने घर वालों के हाथ रिश्ते की बात चलाई लेकिन जाती आड़े आ गई... उसकी शादी तय हो गई फिर भी हम मिले

तुझ को भुला ना पाऊँगा -1

On 2015-07-23 Category: जवान लड़की Tags: रोमांस

यह कहानी है सच्चे प्रेम की ! जो कहानी पढ़ने का शौक रखते हैं उनको यह कहानी अच्छी लगेगी पर जो सिर्फ़ सेक्स ही पढ़ने वालों को शायद उनको यह कहानीअच्छी ना लगे।

चूत की कसक

कथा रूपांतरण : डॉ. दलबीर सिंह प्रेषक : करण दोस्तो नमस्कार, मैं आपका दोस्त डॉ. दलबीर आपके सामने फिर से हाजिर हूँ। मेरी कहानियाँ पढ़ कर काफ़ी दोस्त बन रहे हैं और कहानियों को भी सराह रहे हैं, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। आपके विचारों से और सराहना और आलोचना से लेखक को आगे और […]

चुदक्कड़ आंटी से चुदाई-ट्रेनिंग

मेरी पड़ोसन आंटी ने मुझे कम्प्यूटर सीखने के बहाने अपने घर बुलाया. लेकिन आंटी सेक्स चाहती थी. कहानी में पढ़ें कि मैंने आंटी की चुदाई कैसे की.

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-5

अब माला के जिस्म पर तो एक धागा तक नहीं था और मेरे जिस्म पर पजामा था और मैं चाहता था किसी तरह से माला को गर्म कर दूँ क्योंकि औरत पूरी तरह से सहयोग सिर्फ तब ही करती है कि या तो वो सेक्स अभ्यस्त हो या फिर पूरी तरह से गर्म हो ! […]

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-4

दलबीर सिंह मैंने अपनी कहानी के पिछले भाग में लिखा था कि कैसे भाभी ने योजना बना कर मुझे माला की चूत दिलवाई और खुद भाभी ने भी मुझसे उस रात में दो बार चुदाई करवाई। उस रात बहुत बढ़िया नींद आई सुबह दिन निकलने से पहले मैंने और भाभी ने एक बार और चुदाई […]

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-3

दलबीर सिंह भाभी ने मुझे थोड़ा परे को ढकेला और मेरा अंडरवियर पकड़ कर नीचे की ओर खींच दिया। फिर बोलीं- बिट्टू, तू हुन्न अपना ‘पप्पू’ माला दी घुत्ती दे अंदर धुन्न दे ! हौली हौली धक्कीं ! ऐदा पह्ल्ली वार ए ! ऐन्ने अज्ज तक नी ऐ काम्म कित्ता ! (तू अब अपना पप्पू […]

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-2

दलबीर सिंह मैंने ट्यूब बुझा कर नाइट बल्ब जला दिया, और आकर मैं भी अपनी रजाई में घुस गया और आँखें बंद कर लीं। पर नींद का तो दूर-दूर तक पता नहीं था। मन ही मन मैं कुढ़ रहा था कि यह माला कहाँ दाल भात में मूसलचंद आन पड़ी। इस बात को वो ही […]

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-1

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा बिट्टू यानि कि दलबीर का नमस्कार, और साथ ही अन्तर्वासना डॉट कॉम के इस पटल का भी धन्यवाद जिसने हमारे जैसे लोगों की मन की पुरानी दबी हुई यादों को व्यक्त करने का मौका दिया। मेरी पहली कहानी आप लोगों ने पढ़ी और काफ़ी सारे मेल भी आए और […]

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