दिव्या गोआ

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सुनहरे पल

On 2006-10-12 Category: रिश्तों में चुदाई Tags:

प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा गोवा में लड़कियाँ जल्दी जवान हो जाती है। उसका मुख्य कारण है कि यहाँ सभी लोग मांस खाने शौकीन हैं। यहाँ पर तरह तरह की मछलियाँ, सूअर और बडे का मांस भी बहुत शौक से खाया जाता है। ये सब तामसी भोजन हैँ, इससे लड़कियाँ जल्दी बड़ी दिखने लग जाती है। […]

ये दिल मांगे मोर

On 2006-07-27 Category: रिश्तों में चुदाई Tags:

प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा मैं आज अपने मायके आ गई, सोचा कि कुछ समय अपने भाई और माता पिता के साथ गुजार लूँ। मेरी माँ और पिता एक सरकरी विभाग में काम करते हैं, भैया कॉलेज में पढ़ता है। आप जानते हैं ना चुदाई एक ऐसी चीज़ है जिसके बिना हम लड़कियाँ तो बिल्कुल नहीं […]

बाबा डर लगता है !

On 2005-12-03 Category: चुदाई की कहानी Tags:

लेखिका : दिव्या डिकोस्टा जब मैं जवान हुई तब मुझे भी और लड़कियों की तरह चुदवाने की इच्छा होती थी। पर हमारी सहेलियों में से एक के साथ प्रेग्नेन्सी का हादसा हो गया तब से मैं बहुत डर गई थी। वो पूरे कॉलेज में बदनाम हो गई थी और फिर उसने कॉलेज छोड़ दिया था। […]

बच गई मेरी नौकरी

On 2005-08-03 Category: ऑफिस सेक्स Tags:

लेखिका : दिव्या डिकोस्टा मैं किरण, तीस वर्ष की एक नर्स हूँ, सरकारी अस्पताल में काम करती हूँ। स्टाफ़ की कमी के कारण मुझे काफ़ी काम देखना पड़ता था। इन दिनों मेरी नाईट-शिफ़्ट चल रही थी। अचानक ही कोई वार्ड के बाहर दिखा। कोई जवान लड़का था। उसने अपना सामान दरवाजे के बाहर ही रख […]

तीसरी मंजिल

On 2005-04-10 Category: पड़ोसी Tags:

लेखिका – दिव्या डिकोस्टा मैं अभी सेकेण्ड ईयर बी एस सी में हूँ। मेरे पापा ने एक छात्र रवि को तीसरी मंज़िल पर एक कमरा किराये पर दे रखा था। ऊपर बस दो ही कमरे थे। एक खाली था और एक में रवि रहता था। दोनो कमरों के बीच एक खुली छत थी। मैं खाना […]

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