जय कुमार

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ना जाओ सैंया छुड़ा के बईंयाँ

पूजा ने अपनी नाईटी उतार कर एक तरफ फेंक दी, मेरी बाहों में आकर बैठ गई और मेरे होठों को चूमने लगी, मेरी शर्ट के बटन खोल कर मेरी शर्ट निकाल दी।

किसी की खुशी वो मेरी खुशी-2

जय कुमार हाय दोस्तो, मैं जय कुमार कालबॉय एक बार फिर से अपनी पिछली कहानी किसी की खुशी वो मेरी खुशी शालू के गर्भाधान के लिए मैंने उसके साथ सम्भोग किया तो उसके बाद शालू ने कहा- आपने तो मुझे जन्नत की सैर करा दी ! और मुझे क्या चाहिए था जय ! मैं अपने […]

किसी की खुशी वो मेरी खुशी

हाय दोस्तो, मै जय कुमार, काल-बाय, रंग साफ, कद कद 5 फीट 8 इन्च, एकदम से स्लिम, दिल्ली में रहता हूँ। एक बार फिर नई कहानी के साथ आया हूँ जो एक हकीकत है। मुझे एक दिन रणजीत ने कहा- यार जय ! आपके के लिये एक बहुत ही बढ़िया आफर है आप मेरे से […]

रास्ते में मिली एक हसीना-2

On 2007-08-12 Category: कोई मिल गया Tags:

लेखक : जय कुमार मैं कहने लगा- वन्दना, मुझे बहुत भूख लगी है ! वन्दना ने कहा- हाँ क्यो नहीं ! अभी दो मिनट में खाना लगाती हूँ। और फिर हम दोनो ने बैठकर खाना खाया। खाने खाने के बाद मैंने कहा- वन्दना जी आप इस घर में अकेली ही रहती हैं या फिर साथ […]

रास्ते में मिली एक हसीना-1

On 2007-08-11 Category: कोई मिल गया Tags:

लेखक : जय कुमार मैं जय कुमार कालबाय हूँ और एक बार फिर से नई कहानी लिख रहा हूँ जो एक हकीकत है, आप लोग मानो या ना मानो मुझको कोई फर्क नहीं पड़ता है। मेरा परिचय एक बार फिर : नाम जय, रंग साफ, कद 5 फीट 8 इन्च, एकदम से स्लिम, दिल्ली में […]

औरतों की यौन-भावनाएँ-2

On 2007-04-20 Category: कोई मिल गया Tags:

लेखक : जय कुमार प्रथम भाग से आगे कला झड़ गई और एक तरफ लुढ़क गई और मैं भी कला की बराबर में ही लेट गया क्योंकि मेरा काम तो ग्राहक को सन्तुष्ट करना था। मैंने राहत की सांस ली कि कला जी इतनी जल्दी सन्तुष्ट हो गई। मैं यही सोच रहा था कि 3-4 […]

औरतों की यौन-भावनाएँ-1

On 2007-04-19 Category: कोई मिल गया Tags:

लेखक : जय कुमार मैं जय कुमार, कालबॉय हूँ, रंग साफ, कद 5 फीट 8 इन्च एकदम से स्लिम, दिल्ली में रहता हूँ, एक बार फिर से एक नई कहानी लेकर हाजिर हूँ जो हकीकत है, आप लोग मानो या मानो ! एक कड़वा सच है जो मेरा भुगता हुआ है। कहानी पर आता हूँ […]

औरत की धधकती आग-2

On 2006-05-13 Category: कोई मिल गया Tags:

तो रूबी कहने लगी- इतना मजा पहली बार ले रही हूँ ! आज तक जिन्दगी में इतना मजा और तृप्ति मुझको कभी नहीं मिली ! मैं कहने लगा- रूबी, अब मैं चलता हूँ ! तो रूबी कहने लगी- अभी नहीं ! एक बार और हो जाये जय ! मैंने कहा- रूबी जी ! आपको खुश […]

औरत की धधकती आग-1

On 2006-05-12 Category: कोई मिल गया Tags:

हाय दोस्तो, मेरा नाम जय है और मैं एक काल बॉय हूँ। अन्तर्वासना डोट काम पर मेरी पहली कहानी औरत की चाहत प्रकाशित हुई, मेरी दिल को बड़ी ही खुशी हुई और पाठकों के बहुत सारे मेल मेरे पास आये जिनको पढ़कर बहुत ही ज्यादा खुशी मिली। मैं अपने हृदय से धन्यवाद करता हूँ कि […]

शादीशुदा औरत की चाहत

मेरी शादी को 6 साल हो गये, मुझे आज तक कभी भी वो शारिरिक सुख नहीं दे पाए हैं, वो इस काबिल ही नहीं हैं कि कुछ कर पायें! मैं बस अपनी प्यास ऐसे ही आज आपसे बुझवा रही हूँ।

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